:

Tuesday, November 16, 2010

ये मजहब का धुवाँ उठा कहाँ से - एक रचना

दोस्तों ,

           " ये रचना मैंने उन दिनों लिखी थी जब अयोध्या विवाद खड़ा था कोर्ट में ...आज इसे आपके सामने रख रहा हु ...गलतियाँ भी होगी इस रचना में मग़र अगर आपको पसंद आये तो इसे मै अपनी खुश किस्मती सम्जुन्गा क्यों की इस रचना को आप पढ़ना जरूर मग़र इस रचना के पीछे छिपी मेरी भावना को भी देखना ..इस रचना को मेरे दोस्त ने " कॉपी राईट " भी करवाई है ..अगर कोई गलती या कमी हो इस रचना में तो मुझे जरूर बताना ."

आपका अपना ,
तुलसिभाई ,

" ये मजहब का धुवाँ उठा कहाँ से ,

जिसने राम और रहीम को बदनाम किया ,

                     जगत के पालनहार ने कभी कुछ माँगा नहीं ,

                     हमने बिना मांगे ही उसे कोर्ट का कठहरा दिया ,

                     ये मजहब का धुवाँ उठा कहाँ से |

मंदिर में भी दीपक है ,

दरगाह में भी दीपक है ,

रंग दीपक की ज्योति का एक ही है ,

फिर ये मजहब का धुवाँ उठा कहाँ से |

                          है रहीम के दिल में राम ,

                         है राम के दिल में रहीम ,

                         फिर भी नहीं है इन्सानों के दिल में राम रहीम ,

                         ये मजहब का धुवाँ उठा कहाँ से | "
  

Monday, November 8, 2010

" हिजड़े ने जीता लोगों का दिल |"

             " मै इलेक्शन जीतु या हारू ..वादा करती हु, की आपकी इस परेशानी को मै दूर करुँगी |" ये अल्फाज़ थे "वासंती दे" नामक एक किन्नर { हिजड़ा } के , और उसने वादा पुरा किया भी ,आखिर क्या था वो वादा ? ..आइये देखते है |"

             " जब देश के बड़े बड़े नेता उनके द्वारा इलेक्शन के वक़्त किये गए वादों को भूल जाते है तब यहाँ " वासंती दे" ने एक मिसाल कायम की है की नेता को अपने वादे याद रखने चाहिए , खम्भालिया { जामनगर }के नगर निकाय चुनाव वार्ड नंबर ५ के अपक्ष उम्मेदवार " वासंती दे " जो स्त्री अनामत सिट से चुनाव जीती थी और वहां पे वार्ड नंबर ५ में ४०० मीटर का रास्ता बहुत ही ख़राब था ..ऐसा ख़राब की वहां पे पैदल चलाना भी मुस्किल हो जाता था और ये हालत पिछले ३० साल से थी |"

            " जब पैदल चलना ही मुस्किल हो जाता हो वहां पे गाडियों की क्या बात करे , सहर में सब जगह पे अच्छे रोड बन गए थे मग़र नेताओं को वार्ड नंबर ५ के रस्ते की जब बात आती तो उसको टाल दिया जाता था सरकारी ग्रांट का इंतज़ार करना भी "वासंती दे " ने मुनासिब नहीं समजा और लोगों को अपील की मदद करने की और कहा की आओ हम अपना काम खुद करे और बनाये एक " सीमेंट रोड " लोगों ने पैसे से लेकर काम में भी हाथ बटोरना चालू किया है ...और हैरत अंगेज़ बात ये थी की खुद " वासंती दे " हाथ में औजार लेकर... सर पे सीमेंट उठा कर महेनत कर रही है |"

             " जो काम हमारे मर्द नेता नहीं कर सकते है वो काम इस हिजड़े ने कर दिखाया और इसीको ही शायद सच्चा नेता कहा जाता है , रोड का ३० साल पुराना प्रश्न चुटकियों में जनता का साथ लेकर सुल्जाने वाले इस "वासंती दे " को आज वहां की पब्लिक शाबासी दे रही है |"

             " हमारे नेता को जब भ्रस्टाचार से फुर्सत नहीं है तब इस किन्नर { हिजड़े } ने एक मिसाल खड़ी कर दी है ..काश ! हमारे देश के नेता इस हिजड़े से कुछ सीखे सिर्फ वादे करने नहीं चाहिए बल्कि उसे निभाने भी चाहिए फिर देखो जिस तरह वार्ड नंबर ५ के लोग जात महेनत कर रहे है उसी तरह इस देश की जनता भी आपको साथ देगी ...मग़र पहले इस " वासंती दे " किन्नर से कुछ सिखलो|"

            " इस देश में अब "हिजड़ा" किसको कहे ..."मर्द नेता" को या फिर " वासंती दे" को.....साबास "वासंती दे" ..साबाश |   " 

 

Thursday, October 28, 2010

सच बोलने की सजा रवि श्रीवास्तव को मिली - २०० करोड़ का घोटाला

                                                  " H.P.C.L " में २०० करोड़ का घोटाला "
   
          " सच बोलना मना है ,सच बोलने की आपको बहुत ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है इस देश में ..और भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाना तो इस देश में बहुत ही बड़ा जुर्म माना जाता है और ये जुर्म कर बैठे थे H.P.C.L के रवि श्रीवास्तव ,जिनको बहुत ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है |"

                                    "श्री रवि श्रीवास्तव को निकला गया नोकरी से "

             आइये जानते है की २०० करोड़ का घोटाला क्या था और कैसे हुवा ?

            * २०० करोड़ के " मार्कर " घोटाले के खिलाफ आवाज़ उठानेवाले रवि श्रीवास्तव "H.P.C.L " कंपनी में "सिनिअर ऑफिसर  मेनेजर " के पद पर कार्य कर रहे थे |देश भर में हो रही तेल मिलावट रोकने के लिए " मार्कर " का इस्तेमाल किया जाता है ..और इस " मार्कर " का ठेका दिया गया था " औथेंटिकस"  नामकी एक विदेशी कंपनी को मग़र हैरतअंगेज बात ये है की अगर सरकार को २ रुपये वाला बोलपेन खरीदना हो तो भी उसका टेंडर याने ठेका दिया जाता है मग़र यहाँ २०० करोड़ का ठेका दिया गया बिना कोई टेंडर के और ये ठेका दिया गया था भारतीय एजंट " s .g .s " द्वारा ..बिना टेंडर के इस ठेके के खिलाफ जब "रवि श्रीवास्तव" और उनके सहयोगी "अशोक सिंह "द्वारा आवाज़ उठाई गई तब से सुरु हुवा परेशानियों का दौर सच्चाई के इन पुजारियों के लिए |"

             * बाज़ार में हो रहे तेल मिलावट को रोकने के लिए सरकार ने "s.g.s " द्वारा " औथेंटिक्स" को दिया ठेका २०० करोड़ का मग़र " R.T.I " को  IOC और दूसरी और एक तेल कंपनी से पता चला की "SGS " लोगो को हमदर्दी दिखाकर गुमराह कर रही है |"

              * १२ मई २००८ के दिन रवि श्रीवास्तव और अशोक सिंह ने " रीजीनल डायरेकटर ऑफ़ सीबीआई " को लिखित शिकायत  दर्ज की मग़र जैसे ही सिकायत दर्ज करवाई "रवि श्रीवास्तव" और उनके सहयोगी "अशोक सिंह" को मिलने लगी धमकियाँ ..यही काफी नहीं था की " अशोक सिंह को शिकायत दर्ज करवाने के ४ दिन में ही नौकरी से निकला गया और " रवि श्रीवास्तव " को दी गई २ चार्जशीट ..रवि श्रीवास्तव के खिलाफ यही से सुरु हुवा बुरा सलूक , सबसे पहले तो उनके आसीसटेंट को हटा दिया गया फिर ये कम था की सच्चाई के इस पुजारी को भरे बारिश में घर से बहार निकाला गया ..फ़ोन पर मिलती धमकियाँ और लगातार परेशानी के साथ घर से बाहर |"

                * आपकी शिकायत सामान्य है हम आपको मदद नहीं कर सकते |
                           
                              " जब रवि श्रीवास्तव ने तंग आकर " CBC " को ६ जून ,२१ और २२ जुलाई को पत्र लिखकर हर घटना के बारे में तथा उनको मिलती धमकियों के बारे में जानकारी देकर जब सुरक्षा मांगी तब देश की सबसे अहेम "CBC " ने सच्चाई के इस पुजारी को साथ नहीं दिया और उप्पर से कहा की " आपकी शिकायत सामान्य है हम आपको मदद नहीं कर सकते ". ,,२०० करोड़ के घोटाले को शायद भ्रस्टाचारी लोग सामान्य समजते होंगे मग़र शायद देश की जनता और रवि श्रीवास्तव जैसे सच्चाई के पुजारी नहीं |" 

         * आइये जाने " मार्कर " का इस्तेमाल और " मार्कर " क्या है ?

                         " सरकार की अपनी एजेंसी "N.C.E.R " ने पाया की  ३८.६ % केरोसिन तेल मिलावट के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो उन्हें ,ऐसे मिलावट मिलावटखोरों को पकड़ने के लिए " मार्कर " का इस्तेमाल करना पड़ता है " मार्कर " को केरोसिन में मिलाया  जाता है सरकारी डेपो में और अगर कोई पेट्रोलपम्प वाले इस केरोसिन को पेट्रोल या डीज़ल  में मिलाते है और सरकारी अधिकारियों के दस्ते को पम्प पर तेल में " मार्कर " का प्रमाण मिलता है तो उस के खिलाफ कार्यवाही की जाती है और प्रमाणित होता है की,ये मिलावटखोर है |"
                          " १६ जून ०८ को मुंबई में एक जनहित याचिका दाखल की गई थी जिसकी सुनवाई २३ अक्टूबर ०८ को हुई थी और अदालत ने "सीबीआई " को जाँच के आदेश दिए थे और "सीबीआई" के जाँच के अनुसार "सीबीआई" ने " श्री रवि श्रीवास्तव और अशोक सिंह "की   सिकायत को सही करार दिया था इसका मतलब हुवा की घोटाला हुवा था ... मग़र जब सिकायत सही थी तो आखिर नौकरी क्यों गई ? "

               " नौकरी से क्यों और कैसे हटाया सच्चाई के इस पुजारी को |"

                           " विजाग में २८-०४-०८ को " आल इंडिया सेंट्रल एक्सेकटिव " की मीटिंग हुई थी, और हैरानी की बात तो ये थी की जिस सख्श ने "hpcl " को २ साल पहले छोड़ दिया था उसीको डायरेक्ट प्रमोशन देते हुवे " HLNCOL " के सीईओ के रूप में घोषित किया गया था , और वो सख्श का नाम था "संजय ग्रोवर" और इस बात का विरोध श्री रवि श्रीवास्तव और अशोक सिंह ने किया था ...यही पुराणी बातों को लेकर इन सच्चाई के पुजारीयों को निकाला गया था नौकरी से |"

         " क्या HPCL का ये कदम सही था ? क्या अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाकर रवि श्रीवस्तव ने कोई गुनाह किया था ? "
         " दोस्तों , आज भी देश को ऐसे सच्चे और इमानदार "रवि श्रीवास्तव" की जरूरत है वर्ना इस देश को भ्रस्टाचार
नामक दानव खा जायेगा |

  plz visit here for RAVI SRIVASTAV 'S interview  on T.V :

                     http://www.youtube.com/watch?v=EVgyG3Cq0m4&feature=player_embedded

आओ हम सब भारतीय सच्चाई के इस पुजारी का साथ दे
   

Friday, October 15, 2010

सोनिया गाँधी की सभा के लिए हो रही है पठानी वसूली |"

      * कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी की सभा के लिए हो रही है पठानी वसूली |

      * महाराष्ट्र  के नागपुर में आयोजित एक पत्रकार परिषद् में बात करते दो कांग्रेसी नेता पकडे गए कैमरा में |"

      * मुख्यमंत्री के पास से २ करोड़ और मंत्री दल के पास से १० - १० लाख |

     * महाराष्ट्र के वर्धा में  १५तारीख , को आयोजित सोनिया की सभा के लिए लिए जा रहे है रुपये |

                                           "  चलो सेवाग्राम मंत्र तले वर्धा में आयोजित सोनिया की सभा को सफल बनाने के लिए हो रही है ये वसूली इस बात का जिक्र महाराष्ट्र के दो दिग्गज नेता जब आपस में बातों में तल्लीन थे तब वो भूल गए थे  की पत्रकारों को दिए गए माइक चालू है और वो सब उनकी बातचित सुन रहे है , और कर रहे है कैमरा में कैद  |"
                                     " कांग्रेस प्रदेसअध्यक्ष माणिकराव ठाकरे और पूर्व मंत्री सतीश चतुर्वेदी की बात हो रही थी की ११ कैबिनेट मंत्रीयों से  पहले ३० - ३० लाख रुपये लेनेवाले थे मग़र मंत्रीयों ने मना करने पर १० लाख तय हुवे है और मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण देंगे २ करोड़ रुपये उनकी ये बातचीत साफ़ तौर से विडियो में हो रही थी कैद और सब सुन रहे थे इन भ्रष्ट नेताओं का एक और खेल |"
                                      " ये वसूली हो रही थी सिर्फ और सिर्फ सोनिया गाँधी की सभा को कामयाब बनाने के लिए जहाँ १ करोड़ ५० लाख रुपये के कांग्रेस के झंडे लहरानेवाले है और इन झंडों का आर्डर भी दे दिया गया है  और बन भी गए है | "

                                 " क्या कोई इन नेताओं को पूछेगा की आप के पास इतने रुपये आये कहाँ से जबकि चुनाव के वक़्त आप अपनी प्रोपर्टी कम दिखा कर गरीब बन जाते हो और चुनाव के बाद ...... ? या फिर कांग्रेस पैसे दे कर सोनिया की सभा में लोगों को लानेवाली थी ?   "

            

Thursday, October 7, 2010

राहुल गाँधी याने .. सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली |

               " संघ परिवार को कौन नहीं जानता ? ..ये वो परिवार है जिसे..कुर्सी या सत्ता की लालच नहीं मग़र शायद राहुल गाँधी को ये बात पता नहीं है ...अरे भाई कोई तो समजाव इस " युवराज " को ..|"
               " आम आदमी को महेंगाई की चक्की में पिसती हुई सरकार के " युवराज " को शायद पहले अपनी सरकार के भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही करनी चाहिए ..क्यों की इसी में जनता की भलाई है .ये बात राहुल न भूले तो अच्छा होगा ... शरद पवार जैसे हरामी नेता को सर पे चढ़ाकर बैठानेवाले और शरद पवार से डरने वाली कांग्रेस की सरकार को पहले ये सोचना चाहिए की जनता की भलाई किस्मे है ? आम आदमी को पिशने में है या फिर पवार जैसे कमीने "महेंगाई के जन्मदाता नेता" की रक्षा करने में |"
               " राहुल बाबा शायद आप " युवराज " बनने के काबिल नहीं ..ये तो हमारा नसीब ख़राब है की आपको मिडिया ने " युवराज " बना दिया, क्यों की " युवराज " कभी बिना सोचे बोलता नहीं सायद आप भारत की संस्कृति को नहीं समज sake है वर्ना ऐसी घटिया बात नहीं करते की " सिम्मी और आरएसएस में कोई फर्क नहीं " |"
               " और कितने विवाद देंगी आपकी निकम्मी सरकार और क्या दिया है कांग्रेस की सरकार ने.. बड़ी उम्मीद थी हमे कांग्रेस सरकार से मग़र आपने तो ..

* महेंगाई 
* भ्रस्टाचार 
* वन्देमातरम विवाद 
* भगवे रंग का विवाद 
* तेलंगाना 
* गेहूं से भरे सड़ते हुवे गोदाम
 "आम आदमी" ये ख़िताब जनता को
* शरद पवार जैसा निकम्मा नेता जो भ्रस्टाचार के ढेर पे खड़ा है 
* सुरेश कलमाड़ी - भ्रस्टाचार का लम्बी रेस का घोडा
     
                 " ऐसा तो बहुत कुछ है .. ये वही आम आदमी है जिनके पास आप जैसे " युवराज " भीख मांगने आते है ये याद रखना और हो सके तो भारत की संस्कृति का अध्ययन करो तो अच्छा रहेगा |"
                 " क्या कभी कोई जगह  "आर एस एस "ने देश की सेवा करने में कसर रखी है ? आपके दादा जवाहरलाल नेहरु जी की किताबे पड़ी हो तो महेरबानी करके  उसे पड़ लीजियेगा आपको पता चल जायेगा की संघ परिवार क्या है ? "
                 " जो खुद सीसे  के मकान में रहते है ,वो दूसरों के मकान पर पथ्हर फेंका नहीं करते ..पहले अपनी सरकार के शरद पवार , कलमाड़ी जैसे भ्रष्ट  नेता के खिलाफ कोई कार्यवाही करो ..इन हरामी को अपने पीछे  मत छुपाओ और इनकी सच्चाई जनता के सामने लाओ |"

                " भारतवासीयों का दिल बहुत ही बड़ा है , अयोध्या में राम जीते या रहीम, कोई फर्क नहीं पड़ता क्यों की जीत इंसानियत की हुई है ...कोर्ट का फैसला चाहे कुछ भी आया हो फिर भी मिलजुलकर रहती है इस देश की जनता ..ये है हमारे देश की संस्कृति ... आतंकी को सजा न देनेवाली आपकी सरकार हमारे सर पर " कसाब " जैसे आतंकी को बिठाती है उसका क्या ? ..क्या वो आपकी सरकार का महेमान है या फिर इस देश की जनता का ?..उसकी फाइल क्यों गोल गोल घूम रही है ..जरा उस फाइल को आराम से खोलना " युवराज " ,क्यों की उस फाइल में दबी उन मासूमों की चीखे ...उन चीखो को और दर्द न हो ..ये चीखे न हिन्दू की है ....न मुसलमान की चीखे है ... ये चीखे है तो मेरे प्यारे भारतवासीयों की है ...|"
                " इतना करना " युवराज " फिर तुम्हे पता चलेगा की " संघ " की भावना क्या होती है और भारत की संस्कृति क्या होती है ?  "
                " एक बात याद रखना, जनता ..ये आम आदमी ..बेवकूफ नहीं है ..ये जनता अच्छे अच्छे बड़े "युवराज " को आम आदमी बना भी सकती है |"
                 " सिम्मी और संघ परिवार के विचारधारा में बहुत फर्क है राहुल बाबा ..कभी गौर करना और आराम से सोचना ..और हाँ ...तुम युवराज हो तो जरा "युवराज" का क्या फर्ज होता है वो भी हो सके तो जानो .." युवराज का फर्ज होता है जनता का दर्द जानकर जनता की मदद करना ..न ही भ्रष्ट मंत्रीयों को बचाना |"


                     

Saturday, October 2, 2010

गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }

                         " गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }"


                       " हमारे "राष्ट्रपिता गाँधीजी" को भला कौन भूल सकता है...न हम भूलेंगे उन्हें ..न विदेशी लोग भुलेंगे उन्हें |"
                       " आइये जाने,कुछ ऐसी बातों को जिसे बहुत ही कम लोग जानते है ..|"
       * "गाँधीजी ने कुल १७ बार किया था उपवाश नामक उनके हथियार का प्रयोग जिसमे करते थे वो अनाज का त्याग | १७ बार में से १६ बार अंग्रेजों के खिलाफ और १ बार किया था प्रयोग  "भारत सरकार" के सामने वो दिन था १३ जनवरी १९४८ और ये उपवाश था "पाकिस्तान " के लिए और सरकार को चेतावनी दी थी की " पाकिस्तान " को तय किये गए मुताबिक ५५ करोड़  रुपये आज ही  के दिन में ११:५५ से पहेले दिए जाये |"

            * "गाँधीजी" को बेटी नहीं थी जिसका उन्हें अफसोश रहा था |
                                   *  " गाँधीजी" के ४ बेटे थे जिनका नाम था ," हरिलाल , मणिलाल ,रामदास ,और देवदास "और  उनके दो बेटे "रसिकलाल" और "शांतिलाल" बचपन में ही चल बसे थे |"
                
            * फिलहाल "गांधीजी" के परिवार के १३६ सदस्य है , जो अलग अलग ६ देशो में रहते है |  इन में से १२ डॉक्टर है ,१२ प्रोफेसर है ,५ इंजीनीयर है ,४ वकील है ,३ पत्रकार है,२ सायंटिस्ट और १ सी .ए है |जो रहते है अलग अलग देशो में ....दक्षिण आफ्रिका ,अमरीका ,इंग्लैंड ,ऑस्ट्रेलिया , कैनेडा |"
                                               * गांधी परिवार कभी एक साथ नहीं मिला ..मतलब की पुरे के पुरे सभ्य, ३६ साल पहले गोपाल कृष्ण गाँधी की शादी में और आखिर में मुंबई में २००८ में गाँधीजी के अस्थि विसर्जन  के वक़्त ११ सभ्य आये थे |"
            * १३६ सदस्य में से १२० सदस्य आज भी जीवित है  |"

" आओ जाने "गाँधीजी" की कुछ ऐसी बातें जो किताबों में बंद है आज भी |"

               * "गाँधीजी" की  मौत वक़्त उनका वजन था सिर्फ ४९ किलो और उनकी अंतिम क्रिया करने के ६०० किलो सुखड ,१६० किलो घी ,८० किलो धुप ,४० किलो नारियेल ,और १५ किलो  कपूर का उपयोग किया गया था |

            * गाँधीजी ने भारत की जेल में २०८९ दिन और विदेशों की जेल में २४९ दिन काटे थे |
           *  शादी के २३ साल बाद "गाँधीजी" ने " ब्रमचर्य" व्रत का पालन करना चालू किया था  |
           * राजकोट और "गाँधीजी" का रिश्ता पुराना है..आज भी यहाँ "गाँधीजी" की कई यादें छुपी है |
                   * अगर ख़त लिखनेवाला बुजुर्ग हो ..या फिर माननीय हो तो वो ख़त के आखिर में लिखता है " ढेरो आशीष "..मग़र " गाँधीजी " लिखते थे " मोहनदास का दंडवत " |"

     *  " गाँधीजी और दुनिया "
                      * १९५२ में समाचार संस्था "बी.बी.सी." ने गाँधीजी के साथ रहे चुके लोगो का शोर्ट इंटरवीऊ का कार्यक्रम तैयार किया था ..जो प्रोग्राम बनाने में "बी.बी.सी." को लगे थे ३ साल ..जिसका   रेकॉर्डिंग २७ घंटे का था और जिसमे ७८  टेप इस्तेमाल की गई थी जिसकी लम्बाई २५  किलोमीटर थी और इस कार्यक्रम का एडिटिंग ९० घंटे तक चला था ..जो की एक विश्व  रिकॉर्ड है की किसी एक व्यक्ति के लिए इतना बड़ा प्रोग्राम "बी.बी.सी" ने बनाया हो |

                                       * मशहूर " फोर्ड कार " निर्माता "हेनरी फोर्ड" को "गाँधीजी" ने भेट स्वरुप दिया हुवा रेडिओ आज  भी " फोर्ड कार " की ऑफिस में मौजूद है |"

   " अरे ऐसी बाते तो बहुत ही है हमारे "बापू " की मग़र क्या करे वक़्त कम है मेरे पास फिर भी एक बात कहेता हु .."

                                  " गाँधीजी ने भारत की गरीबी देखकर ३ घंटे में धोती पहेनली थी क्यों की वे
" बापू " थे ...और आज के नेता गरीबों की धोती से अपने कपडे सिलवाते है क्यों की ये नेता है .." बापू " नहीं |"
                            " गाँधीजी , देश तुम्हे सलाम करता है |

                            आज भी इस देश को तुम्हारी जरूरत है |"  

                    अगर आप सच्चे भारतवासी  है और सच्चे दिल से " गाँधीजी " को चाहते है तो यहाँ जाये ये विज्ञापण आज भी नंबर १ है तो सिर्फ गाँधीजी की वजह से देखो विदेशी कितने चाहते है हमारे " बापू " को ..महेरबानी करके ये देखना जरूर ..आपकी आँख भी अस्कों से भर जाएगी ......

                    http://www.youtube.com/watch?v=EUsbjaMIsdQ

                   फिर आप भी कहोगे की " बापु " ध ग्रेट


नोट : इस पोस्ट की कुछ बाते गुजरात समाचार से ली गई है |

Thursday, September 30, 2010

१५२८ से ३० सप्टेबर २०१० का इतिहास - बाबरी मस्जिद,रामजन्म भूमि |

          राम जन्मभूमि,बाबरी मस्जिद का सच तारीखों के साथ आखिर क्या हुवा था वहां ?
"राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद" भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण फैसला होनेवाला है |"
                                                   आइये जाने इसका सच |"
                             * १३० x ९० फीट की जमीं के लिए है ये विवाद |
* १५२८ की साल में मुग़ल सम्राट बाबर ने बनायीं थी मस्जिद, जिसे हिन्दू  राम जन्म भूमि मानते 
   है और मंदिर से पहले वहां था मंदिर ऐसा हिन्दूओं का दावा है|"

* १८५३ में वहां हुवा था पहली बार कौमवाद |

* १८५९ में अंग्रेजों ने खड़ी की एक दीवाल और कहा की अंदर मुस्लिम लोग इबादत करेंगे और बहार
   हिन्दू लोग प्राथना और रख दी नीव  हिन्दू और मुस्लिमभाईयोँ के बिच कोमवाद की |

* १८८५ में संत रघुविरदास ने कुछ हिस्सों पर बांधकाम करने के लिए मांगी परमिसन पर फैजाबाद 
  जिल्ला कोर्ट ने किया मना |

* १९४९ में विवादित स्थल पर याने मस्जिद के अंदर मूर्ति देखने मिली ..जिसका मुस्लिमभाईयोँ  ने 
   विरोध किया था आखिरकार कोर्ट ने वहां पर ताला मार दिया था |

* १९५० जनवरी १८ के दिन गोपाल सिंह ने रामजन्म भूमि पर मूर्ति पूजा करने का हक़ है ऐसा कहते 
   केस दाखिल किया और ये था वो पहेला केस |

* १९५० अप्रैल २४ के दिन "उतरप्रदेश" सरकार ने " इनजकसन आर्डर "के सामने अपील की |

* १९५० रामचंद्र परम हंस ने किया दूसरा केस ..मग़र उन्होंने बाद में वापिस खिंच लिया   |

* १९५९ में " निर्मोही अखाडा " ने किया तीसरा केस |

* १९६१ दिसम्बर १८ के दिन " उ.प सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ वक्कफ़ " ने मस्जिद और उसके इर्दगिर्द की 
   जमीं के लिए कोर्ट से मांगी सहायता उनका कहेना था की ये हमारी है |"

* १९८६ में जिल्ला न्यायाधीश ने हरिशंकर दुबे की अर्जी पर गौर करते हुवे मस्जिद के दरवाजे 
   दर्शन के लिए खोल दिए |"

* १९८९ में भगवान राम के नाम से विश्व हिन्दू परिषद् के " पूर्व उपप्रमुख देवकी नंदन अग्रवाल " 
   अलाहाबाद लखनऊ बेंच के सामने दाखिल किया एक और केस |

* १९८९ अक्टूबर २३ के दिन फैजाबाद कोर्ट में पड़े बिना सुनवाई के केसों को किया हाई कोर्ट में 
   ट्रांसफर |

* १९८९ विश्व हिन्दू परिषद् ने राम मंदिर के लिए किया मुहूर्त... विवादस्पद जमीं के पास  |" 

* १९९० में विश्व हिन्दू परिषद् के स्वयं सेवकों ने मस्जिद के कुछ हिस्सों को पहुँचाया नुक्सान ,
   प्रंतप्रधान चन्द्रशेखर के द्वारा इस विवाद को सुल्जाने के प्रयाश किये गए मग़र नाकामयाब रहे |

* १९९२ दिसम्बर ६ के दिन विवादास्पद मस्जिद को तोड़ गिराया भारतीय जनता पार्टी ,शिवसेना ,
   और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्त्ताओ के द्वारा |

* १९९२ दिसम्बर १६ के दिन इस घटना की जांच करने के लिए " लिबरहान पंच " की नियुक्ति की |

* २००२ में हाई कोर्ट ने " आर्कियोलोजी सर्वे ऑफ़ इंडिया " को ये कहकर आदेश दिए की "क्या मस्जिद 
   के नीचे पहले मंदिर था या नहीं ?  "

* २००३ जनवरी में " आर्कियोलोजी सर्वे ऑफ़ इंडिया" हाईकोर्ट के हुक्म का अमल करते हुवे विवादित 
   मस्जिद स्थल पर खोदकाम चालू किया |"

* २००३ अगस्त में मस्जिद के नीचे मंदिर था ऐसा सर्वे में पता चला |

* २००९ जून में " लिबरहान पंच " ने अपनी रिपोर्ट दी |

* २०१० जुलाई २६ के दिन लखनऊ हाईकोर्ट बेंच ने कहा ..२४ सप्टेबर को होगा फैसला  |

* २०१० सप्टेबर २३ के दिन हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ त्रिपाठी सुप्रीम कोर्ट में गए |

* २०१० सप्टेबर २८ के दिन सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपाठी की अर्जी ठुकरा दी |

* २०१० सप्टेबर ३० के दिन अलाहाबाद हाईकोर्ट ३:३० मिनिट पर देगी फैसला ..भारत के इतिहास 
   का सबसे महत्वपूर्ण फैसला ... 

    क्या होगा ३० - ३ : ३० का नया  इतिहास ?

फैसला चाहे जो भी हो ...शांतिपूर्वक हम इस फैसले का स्वागत करे और याद रखो हमे किसी के खून से इतिहास नहीं लिखना है ,हमे हमारी कानून व्यवस्था पर विश्वाश रखकर उसका सन्मान करना चाहिए, हमारी कौमी एकता को तोड़ने के लिए कोई हमे उकसाए तो एक बात याद रखना की "इतिहास अक्सर हम लोग ही बनाते है .क्यों किसी के खून से भरा इतिहास बनाये ? "..पाकिस्तान स्थित आतंकी संस्थाये हमारी एकता को तोड़ने की कोशिश करेंगी मग़र हमे हमारे भाईचारे को भूलना नहीं चाहिए ...आओ ये वक़्त है हमारे भाईचारे से एक नया इतिहास बनाने का, आओ हम सब भारतवासी मिलकर बनाये एक नया इतिहास और सबक सिखाये अपने पडोसी मुल्क को |"
                 " एक दुसरे को मार कर कुछ मिलने wala नहीं है, अरे इस तरह से हम अपनों को गवां बैठेंगे ..आओ हिन्दू ..मुस्लिम हम सब एक दुसरे के गले मिलकर कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करे और बनाये नया इतिहास ..जिस इतिहास पर हमारी आनेवाली नस्ल भी गर्व कर सके |"
                    
                   " इतिहास आपके भाईचारे का इंतज़ार कर रहा है ..तो क्या आप नहीं बनायेंगे इतिहास ?...चलो लिखते है भाईचारे का नया इतिहास ...........|"    

thanx akila             

Wednesday, September 29, 2010

राम रहीम सट्टा बाज़ार में - अयोध्या फैसला |

* राम-रहीम दोनो खड़े है जुए के मैदान में |
* ३००० करोड़ से भी ज्यादा का खेला गया है जुआ |
* सट्टा बाज़ार के खिलाडीयों  ने लगायें  ३००० करोड़ के दांव |
                                                    
                                 " सट्टा बाज़ार में पहेले खेला करते थे बारिश पर ..क्रिकेट पर ,और ऐसी कई बातों पर जुआ ..मग़र ये पहेली बार हो रहा है की मजहब के नाम पर ..इश्वर के नाम पर जुआ खेला जाये ...वो भी ३००० करोड़ से अधिक |"
                                 " दुखद है की,जब देश ऐसी विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहा है तब उस पर खेला जा रहा है इतने बड़े पैमाने पर जुआ ...और  ये जुआरी लोग राम और रहीम के नाम पर सेक रहे है अपने घर की रोटियां और छोड़ डी है इंसानियत इन्होने, कौन कहेता है की हम इंसान राम रहीम से डरते है ? ..पहले हमने उनको कानून के कठहरे में खड़ा किया और बाकि रहा तो आज सट्टा बाज़ार में |"
                              

Friday, September 24, 2010

"खेल जगत के माफिया "- सुरेश कलमाड़ी



                     * शंका के घेरे में है कॉमनवेल्थ गेम्स  |
                     * सुरेश कलमाड़ी शंका के दायरे में |
                     * "खेल जगत के माफिया " - पूर्व भारतीय होकी  कप्तान ने लगाया था आरोप |

                              "शुरू से ही विवाद के घेरे में रही "कॉमनवेल्थ गेम्स" आज हमे,पुरे विश्व में बदनाम कर रही है और इस बदनामी का श्रेय जाता है पूना के जाने माने नेता "सुरेश कलमाड़ी" को |"
                              " बंकिंगहम पेलेश से २९ अक्टूबर ०९  को निकली कॉमनवेल्थ गेम्स की बेटन ५४ देशो में से गुजरती हुई ३ अक्टूबर २०१० के दिन दिल्ली आएगी जिसका वजन है १.९०० ग्राम ..जो बेटन हमारे देश के लिए शान थी आज वही देश के लिए कलंक बन गई है, जिस गेम का हमे बे सबरी से इंतज़ार था उसी गेम के लिए बन रहे स्टेडीयम के काम में हो रहा था घोटाला ..जिस की मजबूती पर उठाये गए थे कई सवाल |"
                              " कॉमन वेल्थ गेम्स का ओफिसिअल बजेट था ११,४९४ करोड़ जो की मेलबोर्न २००६ से था दुगना ..मग़र भ्रष्टाचार  की बुनियाद पर खड़ा था कॉमनवेल्थ ..यहाँ पर जरूर भ्रष्टाचार  हुवा है क्यों की आग लगती है वही से धुंवा निकलता है और ये आग है भारत देश के आमआदमीयों के विश्वास की जिसकी चिता जलाई है सुरेश कलमाड़ी ने ,ये आग है देश के उन आमआदमी यों की जेब से जाने वाले ११,४९४ करोड़  की  जो जायेंगे हम लोगो की जेब से और उसीसे भर रहे है कॉमनवेल्थ गेम्स के अधिकारी अपने घर |"
                            " आखिर सच्चाई क्या है ? क्यों भारत के होकी टीम के पूर्व कप्तान परगतसिंग ने कहा था सुरेश कलमाड़ी को "खेल जगत का माफिया "?,जनता को इन सवालों के जवाब सोचने चाहिए क्यों की उन्ही की जेब से जायेगा इन भ्रष्टाचारियोँ  के घर पैसा ....अब आप ही सोचो क्या कर रहे है ये नेता ? "
                              " विश्व के मशहूर नामी खिलाडी जिनका खेल देखने हम तड़प रहे थे आज भाग रहे है ..या, आने से इंकार कर रहे है  और जो आये है वो कहेते है की सुविधा नहीं मिल रही है उन्हें ...इतना खर्चा करने के बावजूद भी ऐसा क्यों ?"            

Thursday, September 23, 2010

खर्चे का हिसाब..जनता की अदालत में पेश करती हुई सरकार याने राजकोट महानगरपालिका |

* राजकोट महानगरपालिका ने पहुँचाया हर घर में अपने ५ साल के शासन का हिसाब |
* राजकोट के सभी वार्ड में दी गई ..पुरे हिसाब की किताब |
* नरेन्द्र मोदी ने किया जनता को उनके पीछे किये गए खर्चे से वाकेफ|
* सन २००६ से २००९  तक का दिया हिसाब |
* जिसमे था गटर से लेकर ...पाइप और रस्ते के पीछे किये गए खर्चे और हर बड़ी से लेकर छोटी चीजों का खर्चा |
* जो लोगो के सामने ..उनके वार्ड में हुवा था |
* एक बार फिर से स्वच्छ ..नेतागिरी का दिया परिचय |
* जिससे बंद होगी हर कार्पोरेटर की मनमानी..काम करना पड़ेगा जनता का |

                      " एक बार फिर से राजकोट महानगर पालिका ने दिया अपने पारदर्शक नेतृत्व का परिचय ..और किया राजकोट की जनता को उनके पीछे किये गए हर वो छोटे बड़े खर्चे से वाकिफ ..जो शायद आजतक आपने न कही सुना होगा और न ही कही देखा होगा ..अगर आपको नेता बनना है तो आपको लोगो के काम करने पड़ेंगे क्यों की आप पर जनता ने किया है विश्वास ..ये सब्द थे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के आज से कुछ साल पहेले ..जिसकी वजह से आज राजकोट की जनता जानती है की उनके लिए महानगरपालिका ने क्या काम किया है ? और कितना खर्चा किया है उनके पीछे ?   "
            " यहाँ सवाल ये है की क्या ये सच्चा हिसाब है ? तो ...हाँ, क्यों की ये सारा खर्चा जनता के सामने उनके घर के सामने ही हुवा है ..और अगर थोडा बहुत गलत हिसाब है तो भी परवाह नहीं क्यों की ..ये पहेली बार हुवा है की जनता को उनके पीछे हुवे खर्चे की जानकारी सरकार उनके घर आकर दे रही है ...क्या इतना काफी नहीं है ? "
          " और शायद आपने भी ऐसा कही देखा नहीं होगा की अपने ही चुने हुवे नेता ...हमारे घर आकर हमे उनके कामो का हिसाब दे  ..क्या ये मुमकिन है ? क्या आपके वहां भी ऐसा होता है ? अगर नहीं तो फिर ..खुश नसीब है राजकोट और गुजरात की जनता जिन्हें ये हिसाब मिल रहा है |गटर से लेकर पाइप लाइन ..रोड ..और ऐसे कई खर्चे का हिसाब एक किताब के रूप में जनता की अदालत में पेश करती हुई सरकार याने राजकोट महानगर पालिका ...और ऐसा ही होना चाहिए हर एक गाँव ..सहर और पुरे देश में ..ताकि जनता जान सके की उनके चुने हुवे नेता ने ५ साल में उनके लिए किया क्या ?"
          " काश ऐसा ही पुरे देश में हो जाये जैसा राजकोट { गुजरात } में हुवा है ..आप क्या चाहते है अगर ऐसा हो जाये तो ...........................?

          " दी हुई तस्वीरें उन्ही किताबों की है ..जो लोगों के घर पहुंचाई गई थी |"

Wednesday, September 22, 2010

भारतीय रेलवे अब बन गई है " यमदूत " |

                
                                    भारतीय रेलवे अब बन गई है " यमदूत " |
             * क्या भारत में रेल्वे सफ़र सुरक्षित नहीं है ?
             * मध्यप्रदेश के बदरवास स्टेशन पर गुड्स रेल ..पेसेंजर रेल्वे से टकराई |
             * २३ की मौत और लगभग ५० घायल |
             * नसे में धुत था स्टेशन मास्टर, जिसके ऑफिस में से बरामद हुई शराब की बोतल |
             * दोष किसको दे " सरकार " या " रेल्वे अधिकारी " को  |

                  " सुरक्षित और आरामदायक सफ़र के लिए प्रख्यात हमारी " रेल्वे" आज हो रही है बदनाम और बन रही है मासूमो के लिए " यमदूत " |"
                  " बार बार हो रहे रेल्वे हादसों से शायद हमारी सरकार ने कुछ सिखा ही नहीं है और उसका नतीजा हमारे सामने आज पड़ा है ,कभी गलत सिग्नल की वजह से तो कभी ऐसे शराबी स्टेशन मास्टर की वजह से ..हादसों का सिलसिला चालू ही है ..आखिर क्यों हमारी सरकार कोई कड़क कानून हमारे रेल्वे अधिकारीयों के लिए नहीं बना रही ? ..ये कानून बनाना तो दूर की बात मग़र हमारी सरकार जहाँ २ रेल्वे ट्रैक  है वहां न जाने कितनी रेल्वे बढा देती है .क्यों ? तो सिर्फ ..लोगो को खुश करने के लिए ...रेल्वे बढाने की जगह अगर रेल्वे ट्रैक बढा दे सरकार तो ऐसे हादसों पर रोक लगा सकती है  हमारी सरकार ..मग़र ऐसा नहीं होता है और सारी जिम्मेदारी सरकार उन " रेल्वे अधिकारीयों " पर ठोक देती है और जनता के दर्द पर मृतक के नाम चंद रुपये की बारिश कर देती है ..जैसे यहाँ आज हुवा है ..इस हादसे में जान गवानेवालों को सरकार ने ५ लाख रुपये और जख्मी को ५०००० रुपये और गंभीर रूप से घायलओं को १००००० रुपये देने की घोषणा कर दी ..क्या पैसे देने से ही जनता का दर्द और सारी परेशानी ख़त्म हो जाएगी |"


             "  शायद  सरकार की नीती कुछ अलग है ..१ ट्रैक और ५ ट्रेन नहीं मग़र ....ट्रैक बढाओ,नहीं तो ऐसे हादसों में मरते है मासूम लोग जिनका आनद बदल जाता है चीखों में ..उन सहायता के पैसों का हम क्या करे हमने तो हमारे अपने खो दिए है ......






                                                                                                                                                                             

Tuesday, September 21, 2010

TEZ NEWS में छा गई मेरी पोस्ट आपने पढ़ी क्या ?

you can read this post on  http://teznews.com/home/news/1331
                                                         
                                                   http://teznews.com/

             ६० साल बाद ६५% मुस्लिम भाईयों ने दिया मोदी को समर्थन...कांग्रेस हारी


                               * कठलाल{गुजरात} में ६० साल बाद कांग्रेस हारी |
                              
                              * ६५% मुस्लिम भाईयों ने दिया मोदी को समर्थन

                              * कांग्रेस के द्वारा फैलाये गए गलत अफावओं का उल्टा असर

                              * कठलाल ने भी अपनाया सच्चे विकास को

पढ़िए ...... क्यों दिया मुस्लिम भाईयोँ ने नरेन्द्र मोदी का साथ ?

............... अगर नरेन्द्र मोदी ख़राब होते तो क्यों देते मुस्लमान भाई साथ ?

------------आखिर सच क्या है ?

-----------क्या वाकई में "सी.बी.आई" का हो रहा है दुरुपयोग ?                

                                  इन सारे सवालों का जवाब जानने के लिए  
     
                        read more on : http://teznews.com/home/news/1331

                                http://teznews.com/







Sunday, September 19, 2010

६० साल बाद ६५% मुस्लिम भाईयों ने दिया मोदी को समर्थन...कांग्रेस हारी |

* कठलाल{गुजरात} में ६० साल बाद कांग्रेस हारी |
* ६५% मुस्लिम भाईयों ने दिया मोदी को समर्थन |
* कांग्रेस के द्वारा फैलाये गए गलत अफावओं का उल्टा असर |
* कठलाल ने भी अपनाया सच्चे विकास को |
                           " गलत अफवाओं का शिकार अक्सर वही होते है जो गुजरात से दूर बैठे है अक्सर उनको ही लगता है की गुजरात के "मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी" ख़राब है ,मग़र सोचो अगर नरेन्द्र मोदी ख़राब होते तो क्यों ये परिणाम आता ? क्यों ६५% मुस्लिम भाई उनको वोट देते ? कठलाल का परिणाम तो यही कहेता है ......२१५४७ वोटो से करारी शिकस्त खानी पड़ी कांग्रेस को १३/०९/२०१० के चुनाव में दोस्तों |"
                           " सी.बी.आई " का गुजरात में गलत इस्तेमाल हो रहा है ये गुजरात की जनता जानती है..इसी liye "जसदन" में भी कांग्रेस को सालो बाद अभी अभी ही हराया था | "इशरत जहाँ" एक  आतंकी थी ये आतंकी हेडली के बयां से साबित हो चूका है ,सोहराबुद्दीन एक आतंकी था ऐसा कई राज्यों की पुलिश और स्वयं केंद्र सरकार बता चुकी थी फिर भी कांग्रेस कहेती है ये नकली एन्कोउन्टर था ...तो क्या करे इनको भी पकड़ कर " कसाब और अफ़ज़ल "जैसे पुरे देश पर बोज बनाये |"
                           " हमारी कम नसीबी है की हजारों के घर उजाड़नेवाले  को ये हमारे नेता  हमारे सर पर अपना कीमती महेमान बनाकर बिठाते है जिसने हजारों माँ के बेटे छीन लिए हो ..वैसे आतंकी को हम महेमान क्यों बनाये ..अगर उन आतंकी को पुलिश एन्कोउन्टर कर के मारती है तो क्या बुराई है जबकि हमारे पास उनके खिलाफ सबूत है की वो आतंकी है हम इन नेताओ के आगे कुछ नहीं कर सकते  ,,कुछ नेता अच्छे आते है तो उन्हें बुरा साबित करने की कोशिश होती है ...मग़र ये गुजरात की जनता है ...जो जानती है की सच्चाई क्या है किसको वोट देना है किसको नहीं ...देखओ दोस्तों ये रहा दूसरा परिणाम कठलाल के रूप में |"
                           " कांग्रेस कहेती है की गुजरात में मुसलमान भाई सुरक्षित नहीं है तो भला सोचो क्यों कठलाल के ६५% मुसलमान भाई ने नरेन्द्र मोदी को ही अपना मुख्यमंत्री देखना चाहा है ? क्यों ?"
                          " आज के दिन नरेन्द्र मोदी भगवे रंग का कुरता पहेनकर ही आये थे मग़र ६५% मुस्लिम भाईयों ने ये नहीं पुछा की ये रंग तो आतंक का है ,वन्देमातरम पर विवाद छेडा कांग्रेस ने ..अब कहेती है की भगवा रंग आतंक का है, ये नया विवाद... मग़र फायदा क्या ?..हमारे देश प्रेमी मुसलमान भाईयों ने ही कांग्रेस के मुंह पर करारा तमाचा मारा की "कांग्रेस अब बस करो अफवाये फैलाना ..कभी तो सच बोला करो , अब तो हद हो गई |"
                         " दोस्तों गुजरात में एक बार आकर देखो तो सही ..प्रगति किसको कहेते है ? ..बिजली से लेकर ..रस्ते ...अस्पताल ...सब कुछ एक बार आओ और देखो नरेन्द्र मोदी का शाशन और देखो की क्यों हम हिन्दू मुस्लिम भाई उन्हें चाहते है ..दूर बैठकर अफवा सुनकर फैसला मत करो.. आओ और देखकर फैसला करो की नरेन्द्र मोदी सच्चे है या कांग्रेस |"
                           " गुजरात की जनता ने फैसला दिया था ..आज कठलाल के ६५% मुस्लिम भाईयों ने भी फैसला दिया है ..अब आपकी बारी है ..आप क्या सोचते है नरेन्द्र मोदी सही या गलत ? "
                          जसदन के बाद कठलाल जाग गया है   


Tuesday, August 24, 2010

" कामसूत्र और इन्टरनेट "

" कामसूत्र की  किताब में डूबती हुई दुनियाँ को देखकर मै हैरान नहीं हु ,क्यों
की आजकल ज्यादातर लोगों को मैंने सेक्स के पीछे भागते देखा है | "
"कुछ लोग मेरी तरह चिल्लाते है की हमारी संस्कृति का नैतिक पतन हो रहा है और कुछ लोग दोष देते है इन्टरनेट और "इडीयट बॉक्स " याने "टी.वी" को ..मग़र क्या ये सही है ?"
" चलो बात करते है उन लोगों की, जो इन्टरनेट को दोष देते है | ... मेरी नजर से ये लोगों का समूह वो जमात है जो सिर्फ बुरी चींजे और बुरे चित्र देखते है क्यों की ये लोगों को इन्टरनेट की अच्छाई देखने का वक़्त ही नहीं मिलता है| ..कम कपड़ों में सुंदर सजी लड़की को किसी पराये मर्द के साथ अपनी रात रंगीन करते देखकर खुद उत्तेजित होने वाले ये लोग भला इन्टरनेट की अच्छाई और हमारी संस्कृति के बारे में क्या जाने जो खुद बुरे चित्र देखकर उत्तेजित होते हो ..जिनके मन इन्टरनेट सिर्फ ऐसे फोटो या विडियो देखने के लिए हो वो भला क्या जाने उसकी अच्छाई  ..ऐसे लोग अक्सर चिल्लाते है की इन्टरनेट से ही हमारी संस्कृति और हमारे बच्चे बिगड़ रहे है ...ऐसी सूफियानी बात करने वाले समूह से मै एक ही बात कहूँगा की ..............
" पहले तू सुधर भाई ....... और इन्टरनेट की अच्छाई देखने की कोशिश  कर |"

" मानता हु मै की इन्टरनेट में आजकल ऐसी क्लिप की भरमार है जो आपको बुरे संस्कार देती है मग़र एक बात याद रखना की कंप्यूटर के "की बोर्ड " पर आपकी ही उंगलियाँ चलती है फिर क्यों ऐसी वेबसाइट के वर्ड  को टाइप करते हो भाई और व्यर्थ ही चिल्लाते हो की इन्टरनेट ख़राब है ..इन्टरनेट की अच्छाई भी तो देखो यार |"  

Sunday, July 11, 2010

"बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई "

बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई ,
तेरे कांपते होठो पर थिरकती,
बूंद बारिश की मुझे याद आ गई,
मुझे देखकर तू जो शर्मा गई
बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |

बारिश की बूंद को हाथ में समेटकर
तुने कहा था " फिर मिलेंगे "
मै आज भी ढूंढ़ रहा हु तुम्हे ,
बारिश की हर बूंद में,
बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |

Sunday, June 20, 2010

"इसकी आँखों पर से पट्टी उतारनी है ..कोशिश तो करो |"

" है कोई, माई का लाल जो इसकी आँखों पर से ये पट्टी हटा सके ताकि ये देख सके की "न्याय" क्या होता है , क्या गुजरती है उन लोगो पर जो हादसे का शिकार होते है ..ये भला ,ये क्या जाने ...अंधी है फिर भी न्याय की देवी कहेलाती है ..काश ......ये देख सकती तो भोपालवासियों पर यु अन्याय नहीं होता ..सायद ये भी नेता लोगो की तरह बिक गयी है ..जो सिर्फ सौदा करना जानते है ..सायद इसके तराजू में भी किसीने पैसा फेंका होगा "
" कोई कहेगा की न्याय मिल रहा है तो वो गलत है क्यों की ? यहाँ पर फांसी की सजा सुनाई तो जाती है मग़र उसका अमल नहीं होता है और वो अपराधी को हमारा महेमान बनाकर हमारे सर पर बैठाया जाता है ,ये है हमारा कानून ..सायद हमारे राष्ट्रपति के पास वक़्त नहीं है ..मै कहेता हु की क्यों ऐसे खूखार अपराधी के लिए दया दिखाई जाये ? क्यों ? "
" छोड़ो भी हमारा कानून ही कुछ ऐसा है ...इस में बदलाव जरूरी है मग़र करते नहीं है, क्यों की बदलाव करने से फसेंगे तो नेता ही न "
" हम" अंडरसन" का बाल भी बांका नहीं कर सकते और नहीं हमारा कानून क्यों की "अंडरसन "को भागनेवाले भी यही नेता लोग ही थे ..जो "हमारे और देश के कानून" के रखवाले बनकर बैठे है देखते जाओ ये मामला भी दब जायेगा या फिर तारीख पे तारीख ......"
" अब बताओ, क्या इसकी { कानून } आँख से पट्टी उतरने का समय आगया है या नहीं ? सोच के बताना ..आज भोपाल वासियों पर अन्याय हुवा है , कल मुज पे ...या आप पर भी हो सकता है "

Friday, May 21, 2010

"इंडिया" में "इंडियन" कोई ना मिला |"

" एक छोटी सी बोध कथा आपके सामने रख रहा हु मै आज ..जो की वास्तविकता है आज हमारे देश की ..दिखने में एक जुट रहनेवाले हम लोग दरअसल एकता का मतलब ही भूल गए है ..अंग्रेज के खिलाफ एक जुट होकर लड़ने वाले हम आज वक़्त के साथ साथ एकता का मतलब ही भूल गए है "
एक अमेरिकेन इंडिया की सैर करने आया था ..उसने इंडिया का हर कोना देखा ...हर जगह देखि ..और खुश होकर वापस अमेरिका गया ..उसने अमेरिका जाते ही एक शानदार "पार्टी " दी
पार्टी में ...........
दोस्त : यार तुने इंडिया में क्या क्या देखा ?
वो : इंडिया ..ओह ..इंडिया ..बहुत कुछ है इंडिया में देखने जैसा ...हर जगह दिल जीत लेती है .
जैसे .....अजंता एलोरा गुफा , ताज महेल ,चारमीनार , और बहुत कुछ देखा
दोस्त : कैसा लगा इंडिया ?
वो : यार इंडिया की बात मत पुछो ..वहां से सिर्फ मेरा शरीर ही अमेरिका आया है ..मग़र दिल तो
इंडिया में ही रहे गया है ...........मग़र यारमुझे इंडिया वापस एक बार जाना है क्यों की .......
" गुजराती मिला, कन्नड़ मिला, तमिल मिला ,बंगाली मिला ,यू पी वाला मिला ,
ऍम पी वाला मिला ..ये सब मीले यार मग़र कोई इंडियन नहीं मिला "

क्यों हम प्रांतवाद को चिपक कर बैठे है ..आओ मिलकर कहे "मै भारतीय हु "

Monday, May 10, 2010

" क्यु हर गाली में मेरा जिक्र करते हो ..मैंने तुम्हे जन्म दिया है |"

" समाज ने दिए दर्द के सहारे जी रही हु ,
जिसको मैंने जन्म दिया उसी से गालियाँ खा रही हु ,
क्यु हर गाली में मेरा जिक्र करते हो ,
मेरा कसूर क्या यही है की, मैंने तुम्हे जन्म दिया ?
आज भी भरे बाज़ार में मेरी आबरू लुट रही है "

" क्या ये सच है ? ...जी हाँ यही कडवा सच है की हम लोग अक्सर हमारी निजी लड़ाई में भी एक दुसरे की माँ के नाम की गालियाँ बोलते है और धजियाँ उड़ाते है जन्म देनेवाली माँ की आबरू की ..हम लोग भूल जाते है की माँ चाहे किसी की भी हो माँ ..माँ होती है ..और बस गन्दी गालियों की बरसात करते है एक दुसरे पर "
" कभी कभी मैंने देखा है की ,ऐसे इंसान भी है जो मजाक मजाक में माँ के नाम की गालियाँ देते है ..तेरे माँ की ....ये सब्द इन लोगो के लिए मामूली बन गया है ..मग़र क्या ये सही है ?"
" जिस औरत ने हमे जन्म दिया ,उसको हमने क्या दिया ..चन्द गंदे सब्द ...क्या हम इस गंदे सब्द को हमारी जिन्दगी से नहीं निकाल सकते ?..गालियाँ भी अजीब है सायद गालियाँ और माँ -बहेन का रिश्ता पुराना लगता है समाज को लगे इस दूषण से हम कैसे बचे ये सोचो और हो सके तो गालियाँ देने से दूर रहेकर ही हम " माँ " के प्रति अपना भाव प्रकट कर सकेंगे "
" मधर डे" के दिन मैंने हर ब्लॉग पर माँ पर लिखी गयी रचना पढ़ी मग़र कही पर दिल नहीं लगा ..क्यु की माँ के प्रति रचना या आलेख लिखने से माँ खुश नहीं होगी माँ से जाकर कहेना की माँ मैंने आज कोई रचना आपके नाम नहीं लिखी है मग़र आज मै ये वादा करता हु की किसी को कभी किसी की माँ या बहेन के नाम की गालियाँ नहीं दूंगा ...वादा रहा दोस्तों माँ बहुत ही खुश हो जाएगी और यही सच्चा प्यार माँ के प्रति होगा "
" आओ दोस्तों समाज की इस दूषण को हम मिटाए और पहेल करे " माँ " के प्रति सच्चा प्यार जताने की "

Wednesday, April 28, 2010

" कुत्ते की दुम सीधी होगी तभी हम सुधरेंगे ...|"

" कुत्ते की दुम अगर आप से सीधी नहीं हो पा रही, तो भला हमे कैसे सीधे करोंगे आप ? क्यों की कुत्ते में और नेता में कोई फर्क नहीं ..साले हड्डी तक नहीं छोड़ते "
" "कांग्रेस" हो या "बी .जे .पी "किसी ने इस देश को नहीं छोड़ा ..आप खुद देखिये इन तस्वीरों को ..ये आज बोलने लगी है की सच्चाई क्या है ?..कोई हिन्दू मुसलमान के नाम पर लड़वाता है तो कोई ..प्रांतवाद के नाम पर ..और हम बेवकूफ लड़ते है ..और अपने ही भाई या पडोशी का गला काटने पर दौड़ते है ..और बदले में मिलता क्या है ? ..ये ..कमरतोड़ महेंगाई , लड़ो ..लड़ो और लड़ो क्यों की ये नेता लोग जानते है की ये अब सुरविरो का देश नहीं बल्कि बुजदिलो का देश बन गया है ..यहाँ पर कोई अन्याय के खिलाफ आवाज़ नहीं उठाता ..वोटिंग करते वक़्त ये बात मत सोचना सिर्फ बटन दबाना..और किसी एक पार्टी का झंडा लेकर निकल पड़ना "
" हम सब जानते है की हमने जिसको चुन कर दिया है वो ५ साल तक दिखाई नहीं देता है ,हमारे प्रश्नों का निवारण नहीं होता है ..फिर भी हम पढ़े लिखे लोग उन जनता के सेवक को कुछ पूछते ही नहीं ..आपसे अगर मैंने ५०० रूपए लिए रहेंगे तो आप मुझे वक़्त आने पर वो पैसे लौटाने को कहोगे मग़र कोई नेता आपके देश के ५०० करोड़ खा जाता है तो आप उसे पूछते ही नहीं ..इसे क्या कहोगे ?..बेवकूफी ..समजदारी ...या नादानी ?..अरे हम जैसे पढ़े लिखे लोग जब अपनी देश के प्रति जिम्मेदारी भूल रहे है तभी तो ये नेता लोग नंगा नाच ..नाच रहे है वर्ना उनकी क्या मजाल थी की हमारे देश को इस तरह लुट सके "
" आप खुद ही देखिये इन तस्वीरों को ..देखिये किसने हमे क्या दिया है ?..हमने तो सिर्फ एक वोट दिया था इन कमीनो ने बहुत कुछ दर्द नाक दिया है पहले महेंगाई बढाओ ... जैसे चुनाव नजदीक आये ..सभी अत्यावश्यक चीजो के दाम में गिरावट करके हम दर्दी जीतलो ..सत्ता आपकी होगी यही मंत्र हो गया है इन लोगो का ..क्यों की ये जानते है की भारत की जनता भोली है "
" भारत के लोग कभी अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाते ही नहीं है ..ये बात भी वो जानते है सायद इसी लिए ही कुत्ते की दुम और इन नेता में कोई फर्क नहीं क्यों की कुत्ता भी अपने मालिक के आगे पूंछ पटपटाता है जैसे हम भी तो इस भारत के मालिक है ..फर्क इतना है की कुत्ता पाने मालिक के samne पूंछ पटपटाता है और ये नेता लोग हमारे सामने ..दोनों में मालिक हम ही है "

"जियो ..जियो अपनी अपनी तरह से ..मग़र एक बात मेरी हो सके तो याद रखना, जब तक हम लोग नहीं जागेंगे अपनी नींद में से तब तक ऐसा ही होता रहेगा ..कही कोई मस्जिद टूटेगी ..तो कही कोई ...और तेलंगाना होगा ..तो कही बिजली नहीं होगी "
" यु ही लुटते रहेंगे हम अपने नेताओ से आखिर कब तक चुप रहेंगे हम ? ..घर में से एक छोटी सी चीज चुराने वाले को हम पीट सकते है मग़र हम अपने सही मायने में घर कहे जाने वाले देश को लुटनेवाले ..हमारे नेता लोगों को हम पूछ भी नहीं सकते की आप ये कर क्या रहे हो ? "
" क्या इसी को मेरा भारत महान कहते है ?क्या इस देश को, आपके घर को लुटता हुवा आप देख सकते है ?"
"अपने देश को हमारी आँखों के सामने लुटता हम देख रहे है ,तो क्या हम आवाज़ तक नहीं उठा सकते ? भाई मै बुजदिल नहीं हु ..मेरे दिल ने कहा सही है ..सो मैंने लिख दिया ..अब देख ते है इस सच्चाई को गलत कहने वाले कितने है ..ये तस्वीरें जरूर देखना ..ये बेजान तस्वीरें आज बोलने लगी है "
" आओ हम मिलकर अपने देश को बचाए ..अपने अधिकार का उपयोग करे "
ध्यान दे :
" जाग्रति अभियान" अंतर्गत ये पोस्ट देश के सही प्रेमी और पढ़े लिखे वर्ग एवं बुद्धि जीवी वर्ग को समर्पित करता हु "

Sunday, April 25, 2010

शायरी - " लैला तो मिली, मग़र मै मजनु बन न सका |"


"ये शायरी उन लोगो के नाम जो किसी के प्यार में डुबे हुवे है , ये प्यार भी अजीब है .. न जाने कितने रंग है इसके ...कभी कोई प्यार में हँसता है, तो कभी कोई रोता है ..दिल की सुननेवाले अक्सर क्यों रोते है ? "



"कहते है दर्द और जुदाई का दूसरा नाम याने "प्यार" ..."महोब्बत" है ..लाख कठनाइयां हो ने के बावजूद भी प्यार का दर्द क्यों मीठा होता है यारो ?..प्यार करनेवाला हर कोई "लैला मजनू" बन नहीं सकता ..कभी कभी ऐसा भी होता है "लैला तो बन जाती है ...मगर मजनू नहीं बन सकता "


" लैला तो मिली, मगर मै मजनु बन ना सका ,


वो मेरे प्यार में " फ़ना "हो गई ,


मगर मै ,


उसके प्यार में "मिट" भी न सका ,


लैला तो मिली ,मगर मै मजनु बन ना सका "

Friday, April 23, 2010

" दर्द और मुस्कुराहट "


"लोग कहते है ,


"दर्द" में भी तुम कैसे "मुस्कुराते" हो ?


मैंने कहा ,


ये "दर्द" से ही पुछो


"मुस्कुराना "मैंने "दर्द" से ही सिखा है

Tuesday, April 20, 2010

"ख़त ,कफ़न, कासिद ..और तेरा इंतज़ार |"





" तेरे ख़त का इंतज़ार करते करते ,



बीत गया हर लम्हा ,



तेरा "ख़त" आया , कम्बक्त "कासिद" आया ,



ये " कफ़न" जाने कहाँ से आया ,



आज भी ओढ़े सोया हु " कफ़न" ,



ख़त के इंतज़ार में |"

Sunday, April 18, 2010

"बंजर ख्वाबो की दुनिया में ,फूलों की सेज सजा रहा हु"

" बंजर ख़्वाबों की दुनिया में ,फूलों की सेज सजा रहा हु ,
जिन्दगी के आईने पर पड़ी धुल ,साफ़ करने की कोशिश कर रहा हु ,
मौत आने से पहले ए - बेवफा ,
बहते अश्क में, तुजे ढूंढने की कोशिश कर रहा हु "

Wednesday, April 14, 2010

क्या इस देश में जवानों का खून बहुत सस्ता है ?

" शायद इस देश में जवानों का खून बहुत सस्ता है ,आतंकवाद और नक्शलवाद के खिलाफ लड़ने वाले इन बहादुर जवानों के हाथों में बन्दुक तो है मगर आर्डर नहीं है |नक्शलवादी और आतंकवादियों की गोली सीने में खा कर देश के लिए जान देनेवाले " जवान " और "एस.आर.पी" के लिए सरकार के पास सिर्फ दुःख भरे अल्फाज़ है ,मगर कोई ठोश कदम नहीं है |"

" कहा जाता है की भारत याने " सोने की चिड़ियाँ "है , मगर जरा देखो इस देश को नोच नौच कर खानेवाले अपने राजनेता के पास आतंकवाद और नक्शल्वाद से निपटने के लिए शायद वक़्त नहीं है ...सिर्फ इसीलिए ही हम " हेडली ,राणा,मुंबई हमलावेर और ये नक्शलवाद का हम बाल भी बांका नहीं कर सकते है |"

" हमारे राजनेताओं को डर है ,अमरीका का | ये वही अमरीका है जिसने अमरीका से दूर इराक पर हमला बोल दिया था ...और उस हमले की वजह हम सब अच्छी तरह जानते है |अमरीका अपने देश के गुन्हेगारोँ को कभी छोडता नहीं है और भारत को शांति पूर्वक मसला हल करने को क्यों कहेता है ?एक अमेरिकेन नागरिक के हत्या के जुर्म में अमेरिका " आतंकवादियों को नहीं छोडता है और उस पर कड़ी से कड़ी सजा भरी कार्यवाही आरंम्भ करता है ....तो फिर हमारे देश में शेंकडो भारतीय नागरिकों की मौत होती है " आतंकवाद" से उसका क्या करैं ? अमरीका का एक आदमी " आतंकवाद " का भोग बनता है तो आतंकी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करता है अमेरिका तो फिर ऐसे मक्कार अमरीका का हम क्यों सुने ? क्या अमेरिका पुरे विश्व का कोतवाल है ?"

"पोखरण परीक्षण" के बाद अमेरिका ने हम पर प्रतिबन्ध लादे थे मगर इस प्रतिबन्ध का फायदा भारत को ही हुवा था और नुकशान हुवा था अमेरिका का ...जब ये बात उन्हें पता चली तो उन्होंने भारत पर से प्रतिबन्ध उठा लिए , ये बात से एक बात साबित होती है की हमें अमेरिका की जरुरत नहीं है मगर अमेरिका को हमारी जरुरत है| जब भारतसे बात करता है अमेरिका तब," पाकिस्तान को कोई मदद नहीं करेंगे हम" ,ये बात बार बार दोहरा कर कहते है की " पाकिस्तान आतंकवाद और पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंप बंध करे इस विधान के कुछ ही दिनों के बाद अमेरिका पाकिस्तान से शस्त्रों का सौदा करता है ,ये तो अब आम बात बन गयी है और ये बात हमारे नेता लोग भी जानते है मगर डरपोक कही के ..अमेरिका के मुहँ पर ये बात नहीं कर सकते है की "आतंकवाद की वजह से हजारों की संख्या में मरने वाले लोग हमारे भारतवाशी है ..अब बहुत हो गया |"

"खैर ...बात हो रही थी आतंकी और नक्ष्लवाद की ..अभी कुछ दिन पहले जब नक्ष्लवादियों ने कुछ लोगो को मार गिराया तब ..भारत के मिनिस्टर "पी .चिदम्बरम " ने कहा था की " मै उनसे वार्तालाप करूँगा "..भैया ...आप वार्तालाप की बात करते रहो और नक्शली आपके वार्ता लाप के टेबल पर ..लाशों का ढेर लगाते रहेंगे क्यों की नक्शली लातों के भुत है बातों से नहीं मानेंगे " और भेज दिए हमारे वीर " एश आर पी " जवानों के लाशों के ढेर ..लो करो "वार्तालाप"|"

" विरोध करने के और भी तरीके है ..अगर ये बात समजाने से भी नहीं समजते है नक्शली तो महेरबानी करके नक्शली को "एल.टी. टी . " बन ने मत दो , इस देश के जवानों का खून इतना सस्ता नहीं है ये उन्हें दिखा दो |"

" और हाँ ,इस देश में फैशन है और आगे से चली आती है की " पहले मिनिस्टर बनो ...फिर सिर्फ रिश्वत खाओ .....और जब देश में कोई बड़ा हाशा बन जाये तो, उस हाशे की सारी जिम्मेदारी अपने सर पर लेकर हीरो बन जाओ , क्यों की ये नेता लोग जानते है की यहाँ पर ऐसा कानून नहीं है इस देश में की कोई उन्हें पुछ सके की ऐसी गलती हुई कैसे की हजारों की जान गयी ...या सेंकडो की जान गयी |"

" शायद इस देश में जवानों का खून बहुत ही सस्ता है..... "