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Saturday, October 2, 2010

गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }

                         " गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }"


                       " हमारे "राष्ट्रपिता गाँधीजी" को भला कौन भूल सकता है...न हम भूलेंगे उन्हें ..न विदेशी लोग भुलेंगे उन्हें |"
                       " आइये जाने,कुछ ऐसी बातों को जिसे बहुत ही कम लोग जानते है ..|"
       * "गाँधीजी ने कुल १७ बार किया था उपवाश नामक उनके हथियार का प्रयोग जिसमे करते थे वो अनाज का त्याग | १७ बार में से १६ बार अंग्रेजों के खिलाफ और १ बार किया था प्रयोग  "भारत सरकार" के सामने वो दिन था १३ जनवरी १९४८ और ये उपवाश था "पाकिस्तान " के लिए और सरकार को चेतावनी दी थी की " पाकिस्तान " को तय किये गए मुताबिक ५५ करोड़  रुपये आज ही  के दिन में ११:५५ से पहेले दिए जाये |"

            * "गाँधीजी" को बेटी नहीं थी जिसका उन्हें अफसोश रहा था |
                                   *  " गाँधीजी" के ४ बेटे थे जिनका नाम था ," हरिलाल , मणिलाल ,रामदास ,और देवदास "और  उनके दो बेटे "रसिकलाल" और "शांतिलाल" बचपन में ही चल बसे थे |"
                
            * फिलहाल "गांधीजी" के परिवार के १३६ सदस्य है , जो अलग अलग ६ देशो में रहते है |  इन में से १२ डॉक्टर है ,१२ प्रोफेसर है ,५ इंजीनीयर है ,४ वकील है ,३ पत्रकार है,२ सायंटिस्ट और १ सी .ए है |जो रहते है अलग अलग देशो में ....दक्षिण आफ्रिका ,अमरीका ,इंग्लैंड ,ऑस्ट्रेलिया , कैनेडा |"
                                               * गांधी परिवार कभी एक साथ नहीं मिला ..मतलब की पुरे के पुरे सभ्य, ३६ साल पहले गोपाल कृष्ण गाँधी की शादी में और आखिर में मुंबई में २००८ में गाँधीजी के अस्थि विसर्जन  के वक़्त ११ सभ्य आये थे |"
            * १३६ सदस्य में से १२० सदस्य आज भी जीवित है  |"

" आओ जाने "गाँधीजी" की कुछ ऐसी बातें जो किताबों में बंद है आज भी |"

               * "गाँधीजी" की  मौत वक़्त उनका वजन था सिर्फ ४९ किलो और उनकी अंतिम क्रिया करने के ६०० किलो सुखड ,१६० किलो घी ,८० किलो धुप ,४० किलो नारियेल ,और १५ किलो  कपूर का उपयोग किया गया था |

            * गाँधीजी ने भारत की जेल में २०८९ दिन और विदेशों की जेल में २४९ दिन काटे थे |
           *  शादी के २३ साल बाद "गाँधीजी" ने " ब्रमचर्य" व्रत का पालन करना चालू किया था  |
           * राजकोट और "गाँधीजी" का रिश्ता पुराना है..आज भी यहाँ "गाँधीजी" की कई यादें छुपी है |
                   * अगर ख़त लिखनेवाला बुजुर्ग हो ..या फिर माननीय हो तो वो ख़त के आखिर में लिखता है " ढेरो आशीष "..मग़र " गाँधीजी " लिखते थे " मोहनदास का दंडवत " |"

     *  " गाँधीजी और दुनिया "
                      * १९५२ में समाचार संस्था "बी.बी.सी." ने गाँधीजी के साथ रहे चुके लोगो का शोर्ट इंटरवीऊ का कार्यक्रम तैयार किया था ..जो प्रोग्राम बनाने में "बी.बी.सी." को लगे थे ३ साल ..जिसका   रेकॉर्डिंग २७ घंटे का था और जिसमे ७८  टेप इस्तेमाल की गई थी जिसकी लम्बाई २५  किलोमीटर थी और इस कार्यक्रम का एडिटिंग ९० घंटे तक चला था ..जो की एक विश्व  रिकॉर्ड है की किसी एक व्यक्ति के लिए इतना बड़ा प्रोग्राम "बी.बी.सी" ने बनाया हो |

                                       * मशहूर " फोर्ड कार " निर्माता "हेनरी फोर्ड" को "गाँधीजी" ने भेट स्वरुप दिया हुवा रेडिओ आज  भी " फोर्ड कार " की ऑफिस में मौजूद है |"

   " अरे ऐसी बाते तो बहुत ही है हमारे "बापू " की मग़र क्या करे वक़्त कम है मेरे पास फिर भी एक बात कहेता हु .."

                                  " गाँधीजी ने भारत की गरीबी देखकर ३ घंटे में धोती पहेनली थी क्यों की वे
" बापू " थे ...और आज के नेता गरीबों की धोती से अपने कपडे सिलवाते है क्यों की ये नेता है .." बापू " नहीं |"
                            " गाँधीजी , देश तुम्हे सलाम करता है |

                            आज भी इस देश को तुम्हारी जरूरत है |"  

                    अगर आप सच्चे भारतवासी  है और सच्चे दिल से " गाँधीजी " को चाहते है तो यहाँ जाये ये विज्ञापण आज भी नंबर १ है तो सिर्फ गाँधीजी की वजह से देखो विदेशी कितने चाहते है हमारे " बापू " को ..महेरबानी करके ये देखना जरूर ..आपकी आँख भी अस्कों से भर जाएगी ......

                    http://www.youtube.com/watch?v=EUsbjaMIsdQ

                   फिर आप भी कहोगे की " बापु " ध ग्रेट


नोट : इस पोस्ट की कुछ बाते गुजरात समाचार से ली गई है |

7 comments:

  1. बहुत बढ़िया .
    कृपया इसे भी पढ़े -http://www.ashokbajaj.com/2010/10/blog-post_03.html

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  2. जय जवान ! जय किसान ! लाल बहादुर शास्त्री अमर रहें | जिस गाँधी का असर उनके अपने बेटों पर नही पड़ा, उनकी नाजायज औलादों (कांग्रेस) पर नही पड़ा, उसका असर आम भारतीय जनता पर क्या पड़ेगा .......यह साफ दिखता है |
    रत्नेश त्रिपाठी

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  3. Ahinsa ke naam per, desh ko hizda bana diya aur apni santaan keh kar desh ko gandhi parivaar naam ka bojh de gaye...gandhi ji..
    Desh ke do hisse kara diye..jo mukal, turk bhi nahi kar sake the...
    Mulmano ke masiha..ban kar aaj bhi desh per raaj kar rahe hai.."gandhi ji"...
    Dhanya hai "Gandhi ji"....

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आओ रायता फैलाते है

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