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Sunday, July 11, 2010

"बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई "

बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई ,
तेरे कांपते होठो पर थिरकती,
बूंद बारिश की मुझे याद आ गई,
मुझे देखकर तू जो शर्मा गई
बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |

बारिश की बूंद को हाथ में समेटकर
तुने कहा था " फिर मिलेंगे "
मै आज भी ढूंढ़ रहा हु तुम्हे ,
बारिश की हर बूंद में,
बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |

14 comments:

  1. अच्‍छे भाव .. सुंदर अभिव्‍यक्ति !!

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  2. बेहद शानदार.. दिल को छू गई..

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  3. बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई ....
    -
    -
    kya baat hai
    bahut sundar rachna
    aatmsaat karne waale bhaav
    bahut achha laha
    -
    -
    aabhaar
    shubh kamnayen

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  4. dhanyawad ...sangeetaji..abyajaur prakash sir"

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

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  5. बहुत सुन्दर रचना

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  6. Dhoondh raha hun baarish ki boondon mein tujhe ...
    Bahut achee panktiya hain .... lajawaab rachna ..

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  7. बहुत अच्छी रचना है ....आभार !!

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  8. बारिश की बूंद को हाथ में समेटकर
    तुने कहा था " फिर मिलेंगे "
    मै आज भी ढूंढ़ रहा हु तुम्हे ,
    बारिश की हर बूंद में,
    बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई

    वाह...क्या खूब कहा है...बेहतरीन रचना...
    नीरज

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  9. बहुत ही सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ आपने लाजवाब रचना लिखा है! उम्दा प्रस्तुती!

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  10. बारिश की बूंद को हाथ में समेटकर
    तुने कहा था " फिर मिलेंगे "
    मै आज भी ढूंढ़ रहा हु तुम्हे ,
    बारिश की हर बूंद में,
    बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |

    bahut hi khoobsurat...

    mere news blog par bhi aapka sawagat hai..
    Banned Area News : Plane crash kills two in US

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