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Thursday, October 7, 2010

राहुल गाँधी याने .. सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली |

               " संघ परिवार को कौन नहीं जानता ? ..ये वो परिवार है जिसे..कुर्सी या सत्ता की लालच नहीं मग़र शायद राहुल गाँधी को ये बात पता नहीं है ...अरे भाई कोई तो समजाव इस " युवराज " को ..|"
               " आम आदमी को महेंगाई की चक्की में पिसती हुई सरकार के " युवराज " को शायद पहले अपनी सरकार के भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही करनी चाहिए ..क्यों की इसी में जनता की भलाई है .ये बात राहुल न भूले तो अच्छा होगा ... शरद पवार जैसे हरामी नेता को सर पे चढ़ाकर बैठानेवाले और शरद पवार से डरने वाली कांग्रेस की सरकार को पहले ये सोचना चाहिए की जनता की भलाई किस्मे है ? आम आदमी को पिशने में है या फिर पवार जैसे कमीने "महेंगाई के जन्मदाता नेता" की रक्षा करने में |"
               " राहुल बाबा शायद आप " युवराज " बनने के काबिल नहीं ..ये तो हमारा नसीब ख़राब है की आपको मिडिया ने " युवराज " बना दिया, क्यों की " युवराज " कभी बिना सोचे बोलता नहीं सायद आप भारत की संस्कृति को नहीं समज sake है वर्ना ऐसी घटिया बात नहीं करते की " सिम्मी और आरएसएस में कोई फर्क नहीं " |"
               " और कितने विवाद देंगी आपकी निकम्मी सरकार और क्या दिया है कांग्रेस की सरकार ने.. बड़ी उम्मीद थी हमे कांग्रेस सरकार से मग़र आपने तो ..

* महेंगाई 
* भ्रस्टाचार 
* वन्देमातरम विवाद 
* भगवे रंग का विवाद 
* तेलंगाना 
* गेहूं से भरे सड़ते हुवे गोदाम
 "आम आदमी" ये ख़िताब जनता को
* शरद पवार जैसा निकम्मा नेता जो भ्रस्टाचार के ढेर पे खड़ा है 
* सुरेश कलमाड़ी - भ्रस्टाचार का लम्बी रेस का घोडा
     
                 " ऐसा तो बहुत कुछ है .. ये वही आम आदमी है जिनके पास आप जैसे " युवराज " भीख मांगने आते है ये याद रखना और हो सके तो भारत की संस्कृति का अध्ययन करो तो अच्छा रहेगा |"
                 " क्या कभी कोई जगह  "आर एस एस "ने देश की सेवा करने में कसर रखी है ? आपके दादा जवाहरलाल नेहरु जी की किताबे पड़ी हो तो महेरबानी करके  उसे पड़ लीजियेगा आपको पता चल जायेगा की संघ परिवार क्या है ? "
                 " जो खुद सीसे  के मकान में रहते है ,वो दूसरों के मकान पर पथ्हर फेंका नहीं करते ..पहले अपनी सरकार के शरद पवार , कलमाड़ी जैसे भ्रष्ट  नेता के खिलाफ कोई कार्यवाही करो ..इन हरामी को अपने पीछे  मत छुपाओ और इनकी सच्चाई जनता के सामने लाओ |"

                " भारतवासीयों का दिल बहुत ही बड़ा है , अयोध्या में राम जीते या रहीम, कोई फर्क नहीं पड़ता क्यों की जीत इंसानियत की हुई है ...कोर्ट का फैसला चाहे कुछ भी आया हो फिर भी मिलजुलकर रहती है इस देश की जनता ..ये है हमारे देश की संस्कृति ... आतंकी को सजा न देनेवाली आपकी सरकार हमारे सर पर " कसाब " जैसे आतंकी को बिठाती है उसका क्या ? ..क्या वो आपकी सरकार का महेमान है या फिर इस देश की जनता का ?..उसकी फाइल क्यों गोल गोल घूम रही है ..जरा उस फाइल को आराम से खोलना " युवराज " ,क्यों की उस फाइल में दबी उन मासूमों की चीखे ...उन चीखो को और दर्द न हो ..ये चीखे न हिन्दू की है ....न मुसलमान की चीखे है ... ये चीखे है तो मेरे प्यारे भारतवासीयों की है ...|"
                " इतना करना " युवराज " फिर तुम्हे पता चलेगा की " संघ " की भावना क्या होती है और भारत की संस्कृति क्या होती है ?  "
                " एक बात याद रखना, जनता ..ये आम आदमी ..बेवकूफ नहीं है ..ये जनता अच्छे अच्छे बड़े "युवराज " को आम आदमी बना भी सकती है |"
                 " सिम्मी और संघ परिवार के विचारधारा में बहुत फर्क है राहुल बाबा ..कभी गौर करना और आराम से सोचना ..और हाँ ...तुम युवराज हो तो जरा "युवराज" का क्या फर्ज होता है वो भी हो सके तो जानो .." युवराज का फर्ज होता है जनता का दर्द जानकर जनता की मदद करना ..न ही भ्रष्ट मंत्रीयों को बचाना |"


                     

16 comments:

  1. विचारोत्तेजक.

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  2. http://loksangharsha.blogspot.com/2010/10/blog-post_06.html


    http://loksangharsha.blogspot.com/2010/10/blog-post_1100.html

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  3. सोचने पर विवश करती है आपकी पोस्ट

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  4. युवा नेता कहलाने वाले राहुल ... कांग्रेस के नाम पर सत्ता के सुख पाने वाले नेता को क्या पता ज़मीन किसे कहते हैं ....
    पर कसूर इनका नही देश की जनता का है जो ६३ साल में भी कोई सबक नही ले पाई है .... पहले अँग्रेज़ अब गाँधी परिवार की गुलामी करती है ....

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  5. इमर्जन्सी के समय क्या राहुल की दादी ने संघ परिवार को कम संत्रास दिया है? आखिर युवराज, गद्दी का लायक वारिस यही कहेगा न जो अपने पूर्वजो से सीखता आया है ?? Simmi ने देश को आतंकवादी दिए है, संघ परिवार ने देश को, हिन्दू को स्वाभिमान दिया है. स्वाभिमान किसे कहते है ये अभिमानी नहीं समझ सकते. इन्हें सत्ता के उजाले ने अंधा कर रखा है. संघ की विचारधारा संघ को आदरणीय बनती है तो simmi की विचारधारा स्वयं को घृणास्पद बनाती है. संघ राष्ट्रिय स्वाभिमान का प्रतिक है. संघ वो शक्ति है जिसने हिन्दू को धैर्य प्रदान किया है. संघ परिवार ने जो देशहित में किया है क्या वो simi जैसा आंतकवादी संघटन कर पाया है? अरे,, मुर्ख खुलेआम simi को गाली नहीं दे सकता तो संघ के कंधे पर बन्दुक रखकर मत चला. संघ देश का अतीत है, उज्जवल भविष्य है, इसका सम्मान करो. अगर इस देश को अपना समझते हो तो इस देश की सभ्यता से प्यार करो. देश के युवा वर्ग के सामने " हिंद देश का बिगड़ा हुआ राजकुमार " मत बनो.
    आम आदमी अपनी ताकत भूल बैठा है, इसीलिए तुम्हे सर पर रखकर नाच रहा है, जब याददाश्त वापस आएगी तो क्या होगा? क्या हमें अगले चुनावों में वापस इन लोगो को गद्दी पर बिठाना है? क्या हम अब भी नहीं जागे? क्या अब भी हमारे पास ज्यादा का पैसा है जो इनके भ्रष्टाचार पर खर्च करना है ??? जागो ग्राहक जागो.
    अत्यंत वैचारिक लेख है. तुलसी भाई तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है.

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  6. sir, excellent. par aaj position yeh hai ki sabke apne apne blog hai aur hum result nahi la pate ha hi apne dwara likha sabtak pahucha sakte hai

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  7. your head note is excellent.. keep it up.. agle kranti ke aap ek ahm senik ho

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  8. इस बयान और तुलना से पता चलता है कि राहुल अभी बहुत अपरिवक्व है। आपकी पोस्ट उनके मानसिक स्तर पर करारा जवाब है।

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  9. हेडर बहुत बढ़िया लगा और साथ में उम्दा पोस्ट! बधाई!

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  10. युवराज की तस्वीर बढिया लगी। आपको जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई।

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  11. आपको जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई।

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  12. सर्वप्रथम आपको आपके जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई ...... बहुत अच्छी बातो का उल्लेख किया आपने गाँधी परिवार (इंदिरा गाँधी ) या ये कहे की नेहरू के वन्सजो वारिसो ने कभी भी हिंदुस्तान के हितो के लिए कोई भी कार्य नहीं किया हमेसा अपनी स्वार्थ सीधी और सत्ता में बने रहने के लिए इस देस को और इस देस के नागरिको को छला है जवाहरलाल नेहरु ने कश्मीर मुद्दे को अपने समय में इतना विवादित बना दिया की आज वह भारत का अभिन्न अंग है इसका प्रमाण पत्र देने की आवस्यकता भारत को पद रही है !इंदिरा गाँधी ने अपने समय में पंजाब में आतंकवाद को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी! राजीव गाँधी ने अपनी माँ की मौत का बदला लेने के लिए तीन दिनों तक लगातार इस देस में निर्दोष व् देशभक्त सिक्खों का कत्ले आम करवाया और आज राहुल गाँधी क्या उन्हें नहीं दिखता जब कश्मीर का मुख्यमंत्री विधानसभा के सत्र में खुले आम कहता है की कश्मीर का भारत में विलय नहीं हुआ है वह तो कुछ शर्तो के साथ भारत के साथ रह रहा है जब कश्मीर में खुले आम देसद्रोहियो द्वारा भारत का झंडा जलाया जाता है और तो और पाकिस्तान का झंडा लिए देशद्रोही जब कश्मीर की गलियों में निकलते है और पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगते हुए सेना के जवानो पर पथराव करते है ऐसे में यदि हमारे सैनिक उन्हें गिरफ्तार करते है तो सोनिया गाँधी की सरकार उन देश द्रोहियों को छोड़ने का फरमान जारी करती है! मेरा आपसे निवेदन है कृपया राहुल गाँधी को यूवराज न कहे क्योकि हमारे देश में राजसी परम्परा समाप्त हो चुकी है और घोषित रूप से राहुल गाँधी के परिवार का कोई भी सदस्य सरकार में मंत्री भी नहीं है मिडिया कहती है तो कहने दो क्योकि मिडिया तो बिकाऊ है

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  13. " amar jeet sir aapka kahena sahi hai ..."

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  14. एक बाहरी की सोच में अन्तर तो होगा ही..

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  15. राहुल राजनीतिक व्यसाय का उत्तराधिकारी अपने को समझते हैं.इस परिवार की यही परम्परा रही है.राजीव ने इससे हटकर कुछ करने की कोशिश की थी. सफलता नहीं मिली.

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आओ रायता फैलाते है

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