:

Sunday, January 29, 2012

जुता चालीसा ( पढ़ेगा वो हसेगा,नहीं पढ़ेगा वो पछतायेगा )



बड़ा ही कमाल का है ये जूता

"हर दर्द की दवा है ये जुता ,

सब कुछ छीन लिया तुमने ,
बस
यही एक बचा है जुता

सब कुछ खाया देश का ये रहे गया था जुता,
आज तुम्हे भी मिल गया ये जुता ,
बड़ा ही कमाल का है ये जूता "

"एक जुते से हल्ला क्यों है भाई ?
अभी २४० करोड़ जुते बाकी है भाई ,
देश की तस्वीर बदलनेवाले नेताओ सुधर जाओ
वर्ना आपकी तस्वीर बदल देगा ये जुता "

"गरीबो के पैर का रक्षक है ये जुता,
गरीबो की गरीबी का दर्शन है ये जुता,
पड़े अगर गाल पर तो प्रदर्शन है ये जुता,
जिसने भी खाया वो बोला " हाय रे किस्मत फुटा |"
कमाल का है ये जुता ,

भिखारी के पैर का है ये जुता ,
आनेवाली क्रांति का संकेत है जुता,
"भ्रष्टचूर्ण" से भी ताकतवर है ये "जुताचूर्ण "
बड़ा कमाल का है ये जुता ,

तुमने देश का सीमेंट ,स्टेडियम ,पेपर ,घासचारा खाया
आज ये गरमागरम जुता भी खाया ,

पूछते है ...
फूलो के हार के बदले ये जुता कहाँ से आया
जनता को जिसने भी सताया
जनता ने उसको जुता सदैव बताया ,

पूछते है ...
कौन सी थी ब्रांड जुते की ,
जाकर देखो नेता के गाल पर " चमचमाती सी ब्रांड " कौनसी थी
निशान आज भी छपा है गालो पर जुते का ,

कौभांडी पर जुते पड़ने पर "गजनी" बन जाते है ,
ये जूतों की माया है जो असर छोड़ जाती है ,
पड़ा उसी पर जुता,
जिसने है देश को लुटा,
कमाल का है जुता |

पैरो को काँटों से बचाते है ये जुते ,
वक़्त आने पर सशत्र भी बन जाते है जुते,

इन्तेजार करो ,
ये माया है जूतों की ...
बारी आएगी देश के सभी कपूतो की,

सागर मन में उथल पुथल क्यु है ?
जुता तेरे साथ है तो गम क्यु है ?

जुते का महत्त्व रामायण में भी था और आज भी है ,
फर्क इतना है की तब भरत थे ,आज जनता है ,
पूजा और सशत्र कमाल है मगर जुता तो वही है ,
बड़ा ही कमाल का है ये जुता |

झूठे वादों पर प्रहार है ये जुता
सफ़ेद लिबास में बैठे पाखंडी
बन जाते है शिखंडी ,
बड़ा ही कमाल का है ये जुता |

मुश्किल डगर में सागर काम आता है ये जुता
क्यु की ?
ये अमिताभ की तरह नहीं
बल्कि
रजनीकांत की तरह मारता है जुता |

सांसदों की तानाशाही पर पड़ा लोकशाही का जुता ,
क्या करे ....
जनता के पास यही बचा है आज बस यही एक जुता ,
बड़ा ही कमाल का है ये जुता ,

याद रखे :

" शांति प्रिय देश में ये क्या हो रहा है ? जो जनता बरसो से अन्याय और नेता के द्वारा किये जानेवाले हर भ्रस्टाचार को सहेति थी आज वो इस मोड़ पर पहुँच चुकी है जहाँ से आनेवाली क्रांति की बू आ रही है ..भारत की जनता में क्रांति की झलक साफ़ दिखाई दे रही मगर इस बार क्रांति हुई तो नेता के लिए ये बहुत ही बड़ी खतरे की घंटी बन सकती है और देश में एक ऐसा बदलाव आएगा जो ना ही कभी किसीने सोचा होगा |


" कुछ लोग कहे रहे है की जो हो रहा है उसे होने दो और जो "राज" कर रहा है उसे "राज" करने दो ..मगर क्या ऐसा कहनेवालो ने देश के गरीबो की हालत देखी क्या ? ..क्या कभी देखा है की गरीब के घर में चूल्हा जलता है की नहीं ?....देश को सारे आम लुटाने वालो को हम राज कैसे करने दे ? ...अगर इस वक़्त देश को लूटनेवालो को जनता सजा देगी तो यक़ीनन ही सत्ता में आनेवाली कोई भी पार्टी हो वो जनता जनार्दन के हित के बारे में जरूर सोचेगी क्यु वो पार्टी भी सोचेगी की उनके पहले जो सरकार थी उस सरकार का जनता ने क्या हाल किया था और ये भी जरूर सोचेगी की जनता भ्रस्टाचार और भ्रस्ताचारियो को कभी माफ़ नहीं करती है इसलिए भ्रस्टाचार पर जरूर ही कमी आएगी ही ..कोई तुम्हे लुट रहा है और उन्हें लुटने ही देते रहे तो आपके पास क्या बचेगा ..? "

" अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना हर मजहब में लिखा है तो क्या,आपके नेता आप पर ..जनता पर जो अन्याय कर रहे है उसके खिलाफ आवाज़ उठाना गलत है ? बदलाव तो लाओ थोडा तो बदलाव इन नेता की नीतियों में भी जरूर आयेगा ..क्यु की जनता जनार्दन के तेवर अब सरकार भी जान चुकी है ...सोचो समजो और अपना कीमती वोट ..किसी योग्य उम्मेदवार को ही दो ..जो जनता के हित में काम कर सकता हो ....|"

इस ब्लॉग में ये भी पढ़े :
" तस्वीरे बोलती है : दो झंडे दो संविधान "

" नरेन्द्र मोदी तो बदमाश है ( बिना पढ़े कोई ना बोले ) "

:::
::
:

5 comments:

  1. जूता चालीसा लिख रहे हैं
    और चप्‍पल का चित्र दिखला रहे हैं
    मिलीभगत कैसे की जाती है
    इसे साफ दर्शा रहे हैं।

    ReplyDelete
    Replies
    1. ha ha ha ..avinash sir ..ye bhi aapke pass se hi sikha hu ...:))

      Delete
  2. Welcome to www.funandlearns.com

    You are welcome to Fun and Learns Blog Aggregator. It is the fastest and latest way to Ping your blog, site or RSS Feed and gain traffic and exposure in real-time. It is a network of world's best blogs and bloggers. We request you please register here and submit your precious blog in this Blog Aggregator.

    Add your blog now!

    Thank you
    Fun and Learns Team
    www.funandlearns.com

    ReplyDelete
  3. वाह वाह गज्जबे जुत्ता चालीसा रचे हैं तुलसीभाई ,बहुत खूब

    ReplyDelete
    Replies
    1. ajay sir ...bahut hi khushi hui aapko yahan dekha to ..ek koshish ki hai maine RACHANA likhane ki jo sayad mere swabhav ke khilaaf hai ...ha ha ha tahe dil se sukriya ajay sir

      Delete

Stop Terrorism and be a human

Note: Only a member of this blog may post a comment.