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Wednesday, March 16, 2011

रिश्वत ..रिश्वत और बस्स रिश्वत |


 " इस रिश्वत की दुनिया मे, बच्चे का जन्म होते ही रिश्वत की शुरुवात होती है, और जब वो बच्चा बुजुर्ग होकर मरता है तब भी रिश्वत का साथ तो होता ही है ,इस रिश्वत की दुनिया मे आप कोई भी काम करने जाओ आप से पहले रिश्वत वहां पहुँच जाती है ,है न कमाल की बीमारी जो हर जगह फैली हुई है यहाँ तक की जन्म के प्रमाण पत्र मे भी रिश्वत और मृत्यु के प्रमाण पत्र मे भी रिश्वत|"

* रिश्वत ने कर दिया " प्रजा तंत्र को खोखला | 
                                                      " रिश्वत नामकी गंदगी से आप जितना भी भागना चाहो भागो मगर ये
बीमारी आपका पीछा नहीं छोडती है क्यों की हम भारतवासीयोने रिश्वत की बीमारी को अपनी जिन्दगी मे  बुन लिया है और इस बीमारी के हम लोग आधीन हो गए है ..रिश्वत प्रथा ..आपको ऐसे भी लोग मिलेंगे जो रिश्वत के बारे मे यही कहेंगे की भाई प्रजातंत्र मे ऐसा होता ही है , मगर सच्चाई ये है की इस रिश्वत ने दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र को ही खोखला कर दिया है और ये बात को दुनिया के सामने साबित कर दिखाया की अगर "आप मे इस देश के अधिकारीयों को रिश्वत देने की क्षमता  है तो आप ... भारत देश मे कुछ भी कर सकते हो ..आपका नामुमकिन काम भी, मुमकिन हो जायेगा क्यों की इस देश मे इमान से भी कई ज्यादा बड़ी है रिश्वत |"

* दिखावा बंध करो |
          " लगे रहो मुन्नाभाई " फिल्म मे एक बुजुर्ग जब रजिस्टार के सामने रिश्वत के खिलाफ अपने एक एक कपडे उतारता है तो उस बुजुर्ग के समर्थन मे हर कोई सीटी और तालियाँ बजाता है और ये दिखावा करता है की हम भी यार रिश्वत के खिलाफ है मगर वही इन्सान फिल्म पूरी होने के बाद वापस खुद रिश्वत की दुनिया मे " रिश्वत " लेता और देता है ,क्यों की जिंदगी का हिस्सा है रिश्वत जब हम लोगों के दिमाग मे यही है की बस्स रिश्वत देने से ही काम होगा तो फिर रिश्वत का विरोध करने की बात तो दूर रही | हम सिर्फ उस हारते हुवे रजिस्टार को देखकर खुश होने वालो मे से एक है ..क्यों की हम मे वो बुजुर्ग बनने की हिमत नहीं है और यही आज की सच्चाई है |"

"रिश्वत लेना और देना कोईअपनी माँ के पेट से सीखकर नहीं आते ...मगर हम लोग ही सिखाते है  उन्हें रिश्वत " लेना " और "देना " ..हर कोई अपने बच्चो को सिखाता है की सच बोलना चाहिए ..झूठ का विरोध करना चाहिए ..सच का साथ देना चाहिए तो फिर अगर आप सच्चे है तो ये रिश्वत क्यों देते है ? या बच्चो के सामने सिर्फ दिखावा है हमारा ,हमारे ही बच्चे कल बड़े हो जायेंगे और जब हम से इ पूछेंगे की " आपने तो हमे सच का साथ देना सिखाया था ...झूठ का विरोध करना सिखाया था ..फिर आप खुद क्यों झूठ की बुनियाद पैर खड़े है ? ...तो सायद इस बात का जवाब हमारे पास नहीं होगा ..क्यों की आनेवाली पीढ़ी बहुत ही तेज़ है ,अगर आपके पास जवाब है और आप अपने बच्चो को गलत सिखा रहे हो तो फिर सायद मेरा कहेना आपको उचित भी न लगे |"

   " इस रिश्वत की प्रथा को अगर रोकना है और हमारे बच्चे हमे ही अपना आदर्श माने ऐसा करना है तो हम पहले खुद इस बात का विरोध करे और इस रिश्वत की बीमारी से दूर रहेकर इस के खिलाफ खुद से ही जंग की सुरुवात करे |"

" इस रिश्वत ने देश का ...आपका ...और आपके बच्चो का भविष्य ही बिगाड़ दिया है ..सो जागो .और रिश्वत के खिलाफ हो जाओ ..अगर अपने आप में विस्वास है की आप सच्चे है ..|"

कृपया  :

       " ये पोस्ट "जनजाग्रति अभियानतले" प्रकाशित की है |"


22 comments:

  1. स्टैण्ड पर दो रुपये की जगह तीन लिये जाते हैं, आप पचास रुपये खर्च कर शिकायत करते हैं, नतीजा सिफर. उसने सौ प्रतिशत लूटा, आपको क्या मिला. जेब से पचास और निकले.

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  2. " shriman bhartiy nagrik ji , bhai mai to kisi ko kuch deta nahi hu.... to paise jaane ka sawal hi nahi uthata .. kyu ki muje apne aap per bhrosha hai ki mai saccha hu "

    " aur ye jo maine likha hai na vo aaj ki sacchai to hai ..aap dekho aap ko charo aur yahi baat dikhai degi jo maine yahan likhi hai ."

    aapka bahut bahut sukriya ki aapki bahumuly comment muje mili ..aur ye post maine jan jagruti ke liye hi lagai hai ..thanx

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  3. यह जागृति तो आने ही होगी एक दिन...

    सार्थक पहल.

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  4. भारतीय नागरिक - Indian Citizen :-->सबसे पहले तो मै आपसे एक सवाल पूंछना चाहूँगा की आप आज तक उपभोक्ता फोरम की सीढियों पर कितनी बार चढ़े हैं ... आपने आज तक कितनी बार शिकायत करने के लिए दिल से कोई जतन किया है

    आज समय बदल रहा है और हमारी व्यस्थाओ में भी बदलाव आ रहा है.. ये बदलाव एक दिन में नहीं आएगा लेकिन ये बदल रहा है और हमें जल्दी ही एक नया भारत देखने को मिलेगा


    रही बात रिश्वत की तो उसके जिम्मेदार कही ना कही तो हम ही है... अगर कोई कहता है आपका काम जल्दी करा दूंगा तो लोग रिश्वत दे देते हैं ये सोच कर की २०-५- यहाँ दे कर ३ घंटे बचा लूँगा जिसमे मेरी आधे दिन की तन्खवाह नहीं कटेगी.... एक आम हिन्दुस्तानी का ये सोचना एक हद तक गलत भी नहीं है लेकिन इसे सही करार देने की क्षमता मुझ जैसे ना समझ में तो नहीं है

    बदलाव के लिए जो हमें करना है वो ये होना चाहिए की सरकारी दफ्तरों में समय से काम हो इस बात की मांग करे, अगर नीचे के अधिकारी ना सुने तो ऊपर शिकायत करे और वह भी ना सुने तो अखबार में छपवा दे और तब भी बात ना बने तो एक सत्याग्रह आन्दोलन शुरू कर दें... और ये सब किसी बड़े स्तर पर नहीं हर छोटे स्तर पर करने की जरूरत है सत्याग्रह के लिए २००० लोगो की भीड़ नहीं मत ५ लोगो का समूह भी काफी हो सकता है
    मेरे इस मत से जो भी राजी है मेरे दिमाग में कुछ बाते हैं जो मै उनके साथ बाँट कर उनके विचार जानना चाहूँगा

    अंत में सिर्फ यही लिखूंगा की ऐसा नहीं है की मैंने कभी रिश्वत नहीं दी लेकिन आब कोशिश करता हूँ की मै इस गन्दगी में और इजाफा ना करू

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  5. smallbooter जी आपने बहुत ही सही कहा है की पहले हमें ही इस बुराई को रोकने के लिए पहल करनी होगी क्यूंकि दुनिया के हर किसी बललाव की पहल हमारे अपने से शुरू होती है इसीलिए हमारे लिए ये मायने नहीं रखता की दुनिया नहीं बदलेगी बस हमें तो सिर्फ अपने को बदलना है धीरे धीरे दुनिया बदला जाएगी, और किसी शयर ने कहा भी तो है की जो बदलाव आप बाहर देखना चाहते हैं उसे पहले अपने अंदर लाओ बाहार का नजारा अपने आप बदलेगा तो ये बुराई तो में आज के बाद दोबारा करने वाला नहीं हूँ में भी आप व् सच्चाई जी के साथ हूँ कृपया जारी रखियेगा ,....वैसे में आपका ये लेख अपने ब्लॉग पर दे रहा हूँ कृपया एतराज मत करना..
    www.krantikarideshsevak.blogspot.com

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  6. बहुत ही प्रभावशाली ठंग से प्रस्तुत की गई सार्थक पोस्ट ....आभार

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  7. " smallbooter ji, aur krantikari ji ,aapki baat se 100% sahemat hu pahel hume hi karni hogi,agar ye pratha ko rokana hai ..agar hum sacche hai , amallbooterji aapne to dil jeet liya yahi ummid thi aur sahi dhanga se hi aapne sarthak kaha hai ..hume uppari adhikari ..ya fir akhbar ..ka sahara lena hi chahiye aur is pratha ko badh karna hi chahiye "

    -eksacchai

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  8. मुझे जहान तक लगता है जिस हद तक जनता खुद भ्रस्ट होगी...उसी का प्रतिशत सेना में, राजनीति में, न्यायिक व्यवस्था या फिर प्रशासनिक व्यवस्था में दिखाई देता है... हमें खुद को इमानदार बनाना होगा... उपरी परिदृश्य भी तुरंत बदला नज़र आने लगेगा...

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  9. " anjul vahi to kahe rahe hai ki jab hum kahenge ..no coruption ...tabhi ye bimari dur hogi ...aur aapka kahena bhi sahi hai ki tabhi badlav najar aayega"

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  10. smallbooter ji ki comment ko plz avasya padhe

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  11. हमने तो आज तक ना रिश्वत ली है न दी है। और आगे भी ये सिलसिला चलता रहेगा। शुभकामनायें।

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  12. तुलसी भाई जी
    प्रयास करने से ही सफलता मिलती है..और अच्छे काम के लिए तो जी तोर प्रयास करनी होती है और कुर्वानियाँ भी देनी परती है तब जाकर सफलता मिलती है......भ्रष्टाचार की लड़ाई में एक आम आदमी आज योद्धा है और पूरे देश की सरकार और सरकारी खजाने की ताकत उस आदमी का विरोधी ....ये बात सबसे खतरनाक है एक आम आदमी के लिए ......

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  13. जो लोग बिना कोशिश किये इस पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं कि कुछ नहीं होगा...उनका वास्तव में कुछ नहीं हो सकता.....

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  14. बात आपकी सच है किन्तु प्रेक्टिकल में वही "बचा लूंगा' वाली प्राब्लम है.

    ब्लागराग : क्या मैं खुश हो सकता हूँ ?

    अरे... रे... आकस्मिक आक्रमण होली का !

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  15. " shushil sir," bacha lunga" wali problem hi to khatm karni hai is ko khatm karne ke liye hume aise abiyan chedne hi padenge "

    ----- eksacchai { AAWAZ }

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  16. shekar aapki baat se sahemat hai hum ye purvagrah hi khatm karna hai hume

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  17. " honesty project sir , aapki baat sahi hai aaj ek aam aadmi ko hi yoddha ban na padega aur jagana padega varna is desh ko noch noch ke kha rahe hai ..neta se lekar sab adhikari "

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  18. भाई जो लोग रिश्‍वत नहीं देते है| वे लोग देश की अदालतों में कैसों की संख्‍या बडा रहे और स्‍वयं का व देश पैसा बर्बाद कर रहे है| अदालतों में विचाराधिन कैसों की संख्‍या कम करने का एक मात्र तरका है रिश्‍वत देकर अपना काम कराओं

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  19. " ye post ko aap www.krantikarideshsevak.blogspot.com is jagah per bhi padh sakte hai "

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  20. अब मेरा कौन सहारा... अब मेरा कौन सहारा :)

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  21. रिश्वत हमारे समाज में अब केंसर की तरह फैल गया है ... और मर्ज बढ़ता जा रहा है ...
    बहुत बहुत मुबारक हो रंगों का त्योहार ...

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  22. बहुत बढ़िया लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!
    आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!

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आओ रायता फैलाते है

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