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Tuesday, June 7, 2011

" गब्बर अच्छा मगर ये सरकार नहीं |"

                                      
 " चुनाव ..चंदा ..कालाधन ... और कसाब |"
                                          " करोड़ों का चुनाव चंदा लेकर आम आदमियों के खून चूसना अगर गुनाह नहीं है तो फिर देश का काला धन वापसलाने के लिए लड़नेवाले "बाबा रामदेव जी" अगर चंदा लेते है तो वो गुनाह क्यों ? कम से कम "बाबा रामदेवजी " देश के आम आदमियों का खून चूस कर विदेशों की बैंक में जमा किये गए काले धन को भारत में वापसलाने के लिए लड़ तो रहे है ...न ही किसी नेता की तरह गरीबों का खून चूसने का काम कर रहे है, पिछले ६५ साल का इतिहाश गवाह है की इस सरकार ने हमारे साथ क्या किया है ..और पिछले दो साल में तो ये सरकार ने तमाम हदे पर कर दी है और उसकी हैवानियत भी देखों की इस सरकार ने सत्याग्रह कर रही महिलाओं को भी नहीं छोड़ा | क्या भ्रस्ताचार करनेवालों के खिलाफ बोलना भी मना है ? अगर ये गुनाह है तो फिर अजमल कसब , अफ़ज़ल गुरु जैसे आतंकीयों को पालना भी तो सरकार का गुनाह है |"


                       " दिगविजय सिंह को क्या कहा जाये गुनेहगार या बेगुनाह ? "
                                  " देश की गरिमा को लांछन लगानेवाले और अनाप सनाप बोलनेवाले दिग्विजय सिंह अगर सरकार की नजर में बेगुनाह है तो फिर आम आदमियों के लिए लड़नेवाले बाबा रामदेव गुनेहगार क्यों ? अगर सरकार कहेती है की बाबा रामदेव उत्तेजक भाषण दे रहे थे इस लिए कार्यवाही की गयी तो फिर सरकार के दिग्विजय सिंह जब उत्तेजक बात करते है तब उनके खिलाफ क्यों कोई एक्शन नहीं और सुन ले सरकार की बाबा रामदेव जी उत्तेजक बात नहीं कर रहे थे मगर वो सच्चाई बता रहे थे की "वो जो काला धन विदेशों की बैंक में पड़ा है वो सब आप का याने भारतवासियों का है " और ये सच्चाई सिर्फ आपको याने सरकार को ही कडवी क्यों लगती है ? दिग्विजय सिंह पर आप काबू नहीं रख पते है और बात कर रहे है बाबा रामदेव जी की कल को दिग्विजय सिंह कहे की अजमल कसब जी , अफ़ज़ल गुरु जी  तो सोचो जब इन आतंकियों के हमले में जिन भारतीय भाई बहेनोँ ने अपना बाप , अपनी माँ, अपना बेटा गवाया होगा उसके दिल पर क्या बीतेगी |"

          * आज भी भारत में नारी पर होता है जुल्म | 
                                                      " सरकार एक तरफ बेटी बचाओ योजना चला रही है तो दूसरी तरफ रात के अँधेरे में सोई हुई बहु बेटियों पर लाठियां बरसा रही है ये सरकार , सरकार को अगर ये आन्दोलन कुचलना ही था तो आन्दोलन की पूर्व रात्री ही क्यों चुनी ? कीया ये कार्यवाही वो दिन में नहीं कर सकते थे ..कहाँ गए वो सब नारी संघठन , और कहाँ गया " मानव अधिकार पंच " आपके सामने ही तो सरकार ने ये गुनाह किया है औरतों को भी पीटा गया है और आधी रात में सोये हुवे लोगों पर किया है लाठी चार्ज ,क्या ये गुनाह नहीं है क्या ?

         
                  * जनरल डायर का दूसरा रूप है ये सरकार |
                                                                            " सही है ये क्यों की डायर ने भी ऐसा ही किया था , जो आज सरकार ने किया है फर्क इतना है की डायर अंग्रेज था और हिंदुस्तानियों को बनाया था निशाना ...और ..ये सरकार हिंदुस्तान की है और हिंदुस्तानियों को बना रही है निशाना ,इसी लिए तो कहेता हु की गब्बर अच्छा मगर ये सरकार नहीं |"

                   
चित्र गूगल से लिए गए है
 

22 comments:

  1. सेम
    सेम
    सेम
    सेम
    सेम
    सेम

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  2. अफसोसजनक घटनाक्रम!!!

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  3. अच्छी बात है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग ने घटना का संज्ञान लिया...

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  4. निंदनीय और शमिन्दा है हम भारतवासी.....

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  5. घटना जरूर निन्द नीय है लेकिन छुपे हुये मुखौटे भी सामने आना जरूरी \ सब शीशे के घरों मे बैठे हैं और जनता का तमाशा बना रहे हैम।

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  6. बहुत ही शर्मनाक, निंदनीय और अफसोसजनक घटना है!

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  7. एकदम सीधी स्पष्ट बात कह दी आपने तुलसीभाई । और क्या खरी खरी सुनाई है सहमत आपसे पूर्णत: सहमत

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  8. निर्मला जी , सही कहा आपने वो खुद ही शीशे के मकान में जो बैठे है और कर रहे है जनता को परेशां ..मग़र अब वो दिन दूर नहीं जब जनता जनार्दन करेगी न्याय ..अब तो सारी हदे पर कर दी है इस सरकार ने ..अजमल कसाब और इस सरकार में लगता है अब कोई फर्क नहीं रहा

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  9. निर्मला जी , सही कहा आपने वो खुद ही शीशे के मकान में जो बैठे है और कर रहे है जनता को परेशां ..मग़र अब वो दिन दूर नहीं जब जनता जनार्दन करेगी न्याय ..अब तो सारी हदे पर कर दी है इस सरकार ने ..अजमल कसाब और इस सरकार में लगता है अब कोई फर्क नहीं रहा

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  10. अजय भाई ..तहे दिल से सुक्रिया ..क्या करू आज के हालात ही कुछ ऐसे है की अब अगर हम सोये रहे तो ये सरकार हमार्रा कफन भी बेच देगी

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  11. अरुण सर ..सिर्फ सेम सेम ..कहने से काम नहीं बनेगा अब हर एक भारतवासी को आगे आने का वक़्त आ चूका है

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  12. बबली जी , अफसोश जनक और शर्म जनक है ये घटना ये बात सही है मग़र बहेन अब वक़्त आ गया है की इस सरकार को दिखा दे जनता की ताकत

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  13. मयंक सर आप से पूर्ण ता सहेमत हु मै

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  14. समीर सर ..गुरुदेव .... यही घटना क्रम को तोड़ने का अब शायद वक़्त आ गया है ...अभी नहीं तो कभी नहीं

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  15. भारती नागरिक सर , सिर्फ सुप्रीम कोर्ट और मानव अधिकार वालों से ही क्या काम बनेगा ...हमने पहले भी देखा है की कानून का गलत इस्तेमाल करने में माहिर है ये सरकार ...क्या अब ये वक़्त नहीं है की हम कुम्भकर्ण की नींद में से जागे

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  16. दुर्भाग्यपूर्ण...निंदनीय...

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  17. " ranajna ji , aap se sahemat hu mai "

    sukriya aapka

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  18. " kase kahun ? ji sahi kaha ye ghatana afsos janak thi aur hai "

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  19. digi raja sonia k paltu kute hai... itelien made..

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  20. sumant singh ji aap se mai sahemat hu

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