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Wednesday, June 8, 2011

" कसाब को बिरयानी ,बाबा को डंडा, ये है नेता का फंडा |"

" कसाब को बिरयानी ,बाबा को डंडा, ये है नेता का फंडा |"

                                           " अगर आपको एके ४७ चलाना नहीं आता है ..अगर आपको बेगुनाह की जान लेना नहीं आता है और सिर्फ भ्रस्ताचार के खिलाफ बोलना ही आपको आता है तो सावधान ये सरकार आपके उप्पर भी बरसायेगी डंडे, रामलीला मैदान इस बात का सबूत है आपके सामने और दूसरा सबूत है " अजमल कसाब " जिसे चलानी आती है "एके ४७ " और आता है हजारों बेगुनाहों को मारना ,सबूत है मुंबई और आज भ्रस्ताचार के खिलाफ बोलनेवाले " बाबा रामदेव जी " पर आधी रात को लाठियां बरसानेवाली सरकार कई बेगुनाह को  मारनेवाले "अजमल कसाब "को इस देश का जमाईराजा बनाकर उसे खिला रही है " बिरयानी " याने देश का सबसे महँगा महेमान बनाकर रखा है |"  

                                " सरकार भूल रही है की जब जनता जनार्दन न्याय करने पर तुलेगी तो सरकार " मिस्त्र " की क्रांति को भी भूल जाएगी ऐसी क्रांति होगी और फटे जूतों से होगा इन हरामी नेताओं का स्वागत हर गली ...हर नुक्कड़ पर| बहुत बेवकूफ बनाया सरकार ने जनता को, अब बारी आई है जनता की, ये उस देश की जनता है जिस देश की मिटटी में जन्म लिया था " सुभाष चन्द्र बोस , भगत सिंह , शिवाजी महाराज और झाँसी की रानी ने " ..भूलो मत आज भी अगर वक़्त का तकाजा कहेगा तो हर घर से एक झाँसी की रानी आएगी और एक भगत सिंह | "

* बिरयानी ..डंडा और काला धन |
                                " कितने दिन तक आप सच्चाई को जनता से छुपा कर रखेंगे ? आपके हर एक घोटाले से पब्लिक वाकेफ है और आपकी झूठ बोलने की आदत से परेशान भी है चिंता मत करो ...कसाब को जो आप रोज " बिरयानी " खिला रहे हो न, ये भी सब को पता है और जो खेल आपने रामलीला मैदान में खेला है " डंडे " का तो वो भी जनता को पता है ..मगर ये डंडा सरकार ने सिर्फ अनसन पर आये हुवे लोगों पर ही नहीं इस्तेमाल किया है मगर देश की जनता पर हुवा है इस्तेमाल, क्या दोष था उनका ? तो यही न की आप सब भ्रस्त नेता का काला धन विदेशों में पड़ा है उसे वापस लेन की मांग कर रहे थे ये लोग | "

 * काले धन के मुद्दे को दबाया डंडे से " वाह रे सरकार " |
                               " ये मुद्दा गलत नहीं था और न ही है , और न रहेगा .. गलत तो ये सरकार थी, जो गुंडा गर्दी पर उतर आई है जिसे " लोकशाही " नहीं मगर " तानाशाही " कहते है ,क्या अपने आप को हिटलर समजती है सरकार ? अगर समजती है तो फिर ये पता होना चाहिए की उसने भी की थी आत्महत्या और सरकार का " डंडे वाला " कदम भी साबित होगा "सरकार की आत्महत्या" के बराबर |"

* "अन्ना हजारे जी" और "बाबा रामदेव जी " गलत नहीं है |
                              " क्यों की जनता जानती है की ये दोनों हमारे लिए ..इस देश के लिए लड़ रहे है " जन लोकपाल" का मुद्दा भी सही था और " सही था " काले धन " का मुद्दा ..गलत थी और है सरकार , दिग्विजय सिंह , कपिल सिम्बल , मनमोहन जी आपको पता नहीं है की जनता का गुस्सा फिलहाल कितना है जिस दिन सत्ता से दूर हो जाओ गे और आम आदमी बनोगे उस दिन ये जनता तुम्हे गल्ली में और दिल्ली में .. जूतों से मारेगी ये बात तो तय है ..आपको जीतनी भी बिरयानी " कसाब " को खिलानी हो खिलाइए मगर कभी " बाबा रामदेव " और " अन्ना हजारे जी " पर डंडे का प्रयोग भूलकर भी न करना वर्ना ये जनता आप पर "डंडे" के बदले सड़े हुवे "अंडे " और सड़े हुवे "जूतों " का प्रयोग करेगी |"

 

35 comments:

  1. समय आ गया है,अब जनता जुतियायेगी उनको.और इसकी शुरुआत भी हो गई है.दमदारी से लिखा आपने,बधाई.

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  2. मुद्दे अहम हैं..ये आग सुलगना चाहिये.

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  3. अनिल सर ..आप से सहेमत हु मै ..बिलकुल वक़्त आ गया है और जनता अब जुटे ही मारेगी इनको इस में कोई भी शक नहीं है

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  4. समीर सर सही कहा आपने मुद्दे अहेम है और ये आग सुलाग्नी ही चाहिए ..बरसो से लुटते आ रहे है हमे

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  5. बेशक ..ये है लोकतंत्र का घिनोअना रूप ..जिसे आप तानाशाही कहे सकते है

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  6. wah tulsi bhai bahut sateek post hai badhaai

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  7. sir maine vahi likha hai jo sarkar ne aaj tak kiya hai :)

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  8. बहुत ही विचानीय मुद्दा है ... आतंकवादी को सुविधाएँ और एक स्वतंत्र देश के नागरिक को डंडा ....बेइंसाफी है ...

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  9. राम राम जी,

    सरकार की तो जितनी भी निंदा की जाए कम है!जिस सरकार में ओसामा को भी "जी" के सम्भोदन के साथ बुलाने वाले हो,भ्रष्टाचारियो को बचाने के लिए संतो तक पर प्रहार करने वाले हो उस सरकार के राज में जीने से बड़ी गुलामी कोई नहीं हो सकती और ये लोकतंत्र पर काले धब्बे जैसा ही तो है!आपने बिलकुल सही लिखा है.....

    अब समय है हमें अपने विवेक का प्रयोग करते हुए ठीक और गलत में फर्क कर के सही आदमी चुनने का!

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  10. blkul sahi likha hai bhai!
    ---devendra gautam

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  11. " राम राम जी .. सही कहा ये सरकार अब संतों को भी नहीं छोड़ रही है बेशर्मी की भी हद होती है क्या लोकतंत्र में कोई इनके भ्रस्ताच्र के खिलाफ आवाज़ भी ना उठाये और क्या गलत कहा था बाबा रामदेव जी ने की काला धन वापस लाओ यही ना ..तो इस में कौन सा गुनाह किया है इन्होने ?..सरकार के सामने आज जो भी बोल रहा है उसे सरकार एक या दुसरे तरीके से फसा रही है क्या ये अच्छी बात है ...आपसे मै पूरी तरह सहेमत हु |

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  12. देवेन्द्र सर आपका तहे दिल से सुक्रिया

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  13. महेंद्र सर सही कहा आपने ये मुद्दा बहुत ही विचारणीय है

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  14. roshani sahu @ facebook
    tulsi bhai badiya post hai. aapne to sara kuch yahan kah diya ab kahne ko kuch baki na raha. Badhai :)

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  15. तुलसीभाई , चिंगारी सुलग चुकी है और इसे हवा देने वाले भी अपना काम बखूबी कर रहे हैं अब हमारा ये कर्तव्य बनता है कि उनका पुरज़ोर समर्थन इस रूप में करें कि वो सरकार और उससे जुडे हर भ्रष्टाचार के खिलाफ़ इतनी मजबूती से खडे हो सकें कि न सिर्फ़ भ्रष्टाचार बल्कि सरकार भी तिनके की तरह उड जाए । शुभकामनाएं तुलसीभाई लिखते रहिए ऐसे कि आग में पेट्रोल बन जाए वो ..

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  16. गत दिनों सुब्रमनियम स्वामी ने आरोप लगाया था की सोनिया जी का स्विस बैंकों में एक लाख करोड़ जमा है. राज माता या राज कुमार पर उंगली उठाने वालों पर दिग्गी मियां जैसे 'पालतू ' फ़ौरन टूट पड़ते हैं मगर सभी को सांप सूंघ गया है. -कांग्रस ने भी इस अरोप का खंडन नहीं किया ?

    अन्ना और रामदेव चोरों से आस लगाए बैठे हैं की वे खुद ब खुद अपने गले में रस्सी डाल कर लटक जायेंगे. ये भोले ही नहीं बेवकूफी की हद तक भोले हैं. सिब्बल जैसे शातिरों के आगे इनकी एक नहीं चलने वाली. - जब तक जनता इन्हें सबक नहीं सिखाती ? आज देश के ५४% लोग भ्रष्टाचार को अपनी नियति मान चुके हैं ...utishthkountey

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  17. अजय कुमार झा जी ,आपकी लेखनी में आंच है ,प्रासंगिकता है ,चेतावनी है ,फटकार है ,ललकार है .सह -भावित हम सभी ब्लोगिये हैं आपके भाव -अनुभाव के .

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  18. चाटुकार चमचे करें ,नेता की जयकार ,
    चलती कारों में हुई ,देश की इज्ज़त तार .
    छप रहे अखबार में ,समाचार सह बार ,
    कुर्सी वर्दी मिल गए भली करे करतार ।
    बाबा को पहना दीनि ,कल जिसने सलवार ,
    अब तो बनने से रही ,वह काफिर सरकार ।
    है कैसा यह लोकतंत्र ,है कैसी सरकार ,
    चोर उचक्के सब हुए ,घर के पहरे -दार ,
    संसद में होने लगा यह कैसा व्यापार ,
    आंधी में उड़ने लगे नोटों के अम्बार ।
    मध्य रात पिटने लगे ,बाल वृद्ध लाचार ,
    मोहर लगी थी हाथ पर ,हाथ करे अब वार ।
    और जोर से बोल लो उनकी जय -जय कार ,
    सरे आम लुटने लगे इज्ज़त ,कौम परिवार ,
    जब से पीज़ा पाश्ता ,हुए मूल आहार ,
    इटली से चलने लगा ,सारा कारोबार ।
    वीरेंद्र शर्मा (वीरुभाई ).,डॉ .नन्द लाल मेहता .

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  19. दर-असल जनता के दिमाग में भर दिया गया है कि भ्रष्टाचार दूर ही नहीं हो सकता..

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  20. अजय भाई से सहेमत हु अब चिंगारी भड़क चुकी है और रही बात भ्रस्टाचार की तो अगर जनता जनार्दन चाहेगी तो भ्रस्ताच्र ही नहीं बल्कि ऐसी भ्रष्ट सरकार को भी उखेड कर फैंक देगी

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  21. गाँधी साहब ... जनता सिखाएगी इन्हें सबक अब वो जग रही है धीरे धीरे

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  22. करारी रचना के लिए तहे दिल से सुक्रिया आपका विरुभाई

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  23. भारतीय नागरिक सर , ये जो भूषा जनता के दिमाग में भरा है अब धीरे धीरे निकल रहा है जनता अब जाग रही है ..और जनता को अब जागना ही पड़ेगा

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  24. बहुत सार्थक रचना .....बस दियासलाई की दरकार है...

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  25. अभी तो पहली झांकी हैं, सोनिया गाँधी बाकि हैं.

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  26. सच्चाई को आपने बड़े ही सुन्दरता से प्रस्तुत किया है! सटीक और सार्थक पोस्ट!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com

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  27. सब बातों का हिसाब हो जायेगा वक्त आने पर ... अभी सरकार अपने मद में चूर है ...

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  28. आग सुलगती रहे।

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  29. bahut hi aakrosh batati hui saarthak rachanaa.badhaai sweekaren.



    please visit my blog.thanks

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  30. इस सरकार के निकम्मे पन पर धिक्कार है...

    नीरज

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  31. आपकी पोस्ट चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  32. this govt is by the corrupt.of the corrupt and for the corrupt what.....Renuka ji are yuo aware of the fact? can we expect justice from it?

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आओ रायता फैलाते है

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