:

Monday, May 13, 2013

मामा भाँजा की रेल्वे कमाल : सुपर व्यंग

               कल्लू झाड़ूवाला पप्पू के कहने पर नौकरी के लिए रेल मंत्रालय पहुँचकर रेल्वे मंत्री से मिलने के लिए गया मगर वहाँ देखा तो बिलकुल रेल्वे के डिब्बो के माफिक ही लंबी लाइन लगी हुई थी जैसे देशभर से नौकरी के डिब्बे लेने कतार लगी हो सब के हाथ मे बक्से थे ओर इंतज़ार था .... मामा भाँजे की सुपर हीट जोड़ी से मिलने का ...मगर अंदर कुछ ओर चल रहा था ..... |


* सेमसंग फोनवालो पर कानूनी केस करो

            भाँजे ,ये सेमसंग पर मस्त केस ठोक देते है बंसल जी ने कहा तो भाँजा बोला मगर क्यू ,उससे हमे क्या फायदा ? .... भाँजे ,ये सेमसंगवाले आजकल बहुत ही पैसा कमा रहे है वो भी हमारे ही रेल्वे कोच के नंबर चुराकर .... हर महीने S1,S2,S3, ओर अब तो सुना है की S4 भी आ गया है ... ये नहीं चलेगा भाँजे,क्यू की s की प्रॉपर्टी तो भारत सरकार की है याने हमारी ...तू तैयारी कर रे .. वकील को बुलाओ ... मगर मामा केस करने से क्या फायदा होगा ? ... ही ही ही .... तू बस्स देखता जा

                   तभी ऑफिस के दरवाजे पर लगा ओटोमेटिक रेकॉर्डर बजने लगा जो आज खराब हो गया था ना कहनेवाली बात भी वो कहेता था...आप भी सुनिए 

रेल परिवार मे आपका स्वागत है ..... कृपया यात्री ध्यान दे जेब कतरो से सावधान रहे

लगता है कोई बकरा आया है भाँजे ...चल काम पर लग जा 

एक आदमी अंदर आया कुछ नौकरी की बात हुई ओर रेल मंत्री बोले

* AC मे बैठना है ओर किराया जनरल डिब्बे का ?

       सालाना 50 लाख तो मुझे रेल्वे मे चाय बेचनेवाले देते है ,ओर तुझे 50 लाख मे टीकट चेक करनेवाला बनना है ? ”…. बंसल जी ने कहा ,{ अब ये मत पुछना की आपने जी क्यू लगाया ? भाई इस देश मे घोटालेबाजो को भी जी ओर आदरणीय कहेना पड़ता है ,क्या करे कानून ही कुछ ऐसा है | } ...बंसल जी बोल रहे थे क्या रे 1 करोड़ बोला तो तू 50 लाख की बात करता है ? ...ये तो ऐसा हुवा की फस्ट क्लास AC मे बैठना है ओर किराया जनरल डिब्बे का ...ये नहीं चलेगा भाई |”

* ईटों के भट्टे से मंत्री तक महेनत की है भाई

               सर मै बहुत ही छोटा आदमी हु नौकरी के लिए आए लड़के ने कहा उस पर भाँजा बोला अबे ,छोटे तो हम भी थे ,आज से 15 साल पहले ईटों का भट्ठा था ओर किराए के मकान मे रहते थे हम भी मगर रात दिन की महेनत ने करोड़ो के मालिक बनाया हमे .... खैर...ये सब छोड़ो बंसल जी बोले तू एक कम कर तुझे मै 50 लाख मे रेल समपार पर नौकरी देता हु ..... वो क्या है आई हुई लक्ष्मी को ठुकराना नहीं चाहिए ..तू 50 लाख रखकर जा भाई .... ये ले तेरा अपोइंटमेंट लेटर | कहेकर उसके हाथ से 50 लाख लेकर नौकरी का लेटर थमा दिया

फिर से केसेट बजी यात्री ध्यान दे ......

* फटी चड्डी के खींचे हुवे इलायस्टिक :
 

             कल्लू झाड़ूवाला हाथ मे झाड़ू लेकर अंदर आया ...सर ट्रेन के डिब्बे साफ करने की नौकरी चाहिए थी .... पैसे है क्या ? मामा जी बोले है न ,ये सब रख लो सर पुरे 10 लाख है मगर नौकरी ...... बिचमे ही मामा जी बोले अबे तुझे क्या हम मुंबई की फुटपाथ पर बैठे ठेलेवाले नजर आते है क्या ...या फिर चाँदनी चौक के भीख मंगे ?  जो तू 10 लाख लेकर चला आया ...अबे फटी हुई चड्डी के खींचे हुवे इलाइस्टिक पता है ये झाड़ू मारने की नौकरी कितनी कीमती है .... शीला दीक्षित का भाई 60 लाख रुपये कोच मे भूल गया था ...याद है ना ?...” सर मुझे नौकरी की सख्त जरूरत है “...” तुझे नौकरी की जरूरत है ओर मुझे पैसो की जरूरत है क्या ? चल अब जा नीकल यहाँ से ..... मै आपकी सिकायत करूंगा लड़का गुस्से मे बोला अबे कहाँ करेगा सिकायत ?जहां करनी हो वहाँ कर ले ...मै किसी से डरता नहीं हु बंसल जी बोले तो लड़के ने कहा प्रधानमंत्री से ही करूंगा सिकायत मै

* मन्नू भाई खुद कोयले से काले है

             उस पर बंसल जी हँस पड़े ओर बोले बिन बाती के दिये ,तुझे पता नहीं है क्या वो गूंगा महाराज खुद ही कोयले से अपना मुंह ओर हाथ काले करके बैठा है ...जा बेटा जा “…” तुम सब चोर ही हो ....ये दरवाजा खुलने पर जो केसेट बज रही है ना .... जो कहेती है की जेब कतरो से सावधान रहे .... वो बिलकुल सही कहे रही है ,तुम जैसे जेब कतरे को एक दिन कोई ...यही झाड़ू { हाथ मे रही झाड़ू दिखाकर }से साफ करेगा तभी जाकर इस देश का आमआदमी सुखी होगा...वो ये कहे रहा था की सिक्युरिटीवाले अंदर आए ओर उस गरीब झाड़ूवाले को खींचकर चांटे लगाए ...ओर बंसल जी को सलाम मारकर घसीटते हुवे एक गरीब को ले गए |”
 

* पप्पू की सलाह :

बाहर पप्पू खड़ा था उसने कल्लू को अपने पास बीठाया ओर बोला

                            “ आम के सीजन मे आम आते है ,संतरे के सीजन मे संतरे आते है ...फिलहाल घोटालो का सीजन चल रहा है दोस्त , तो घोटाले ही आएंगे न पप्पू ने उस गरीब को कहा |

* मामा डरे क्यू ?

           तभी बंसल की सेक्रेटरी का फोन आया ..... बंसल ने उठाया ओर क्या हुवा पता नहीं चला ...बंसल सीधे अपने टेबल के नीचे घुस गए ओर चिल्लाने लगे उसे कहो की मै ऑफिस मे नहीं हु ............टेंसन मत लो भाई सेक्रेटरी ने सिर्फ इतना ही कहा था की सर ,मोदी मिलने आ रहे है |”   

 

* COMING SOON :  

              मोदी की महाभारत

चित्र : गूगल से साभार
:::

::

2 comments:

Stop Terrorism and be a human

Note: Only a member of this blog may post a comment.