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Thursday, September 6, 2012

(वीडियो देखिये) सबसे बड़े घोटाले के अंदर भी घोटाला : कोयला घोटाला


काँग्रेस की केंद्र सरकार ने भारत की जनता को कितनी गहरी चपत लगायी है, धोखा दिया है देश को, देशवासियों को ....!!!
                " ०४-०९-२०१२ के एन.डी.टी.वी. के प्राइम टाइम रवीश के साथ रात ९ बजे का ये वीडियो है .... इसमें देखे की कल संसद में केंद्र सरकार के मंत्री ने एक सवाल के जबाब में क्या कहा था "

                " कोयला घोटाले की जिस "सी. ऐ. जी". की रिपोर्ट आई है २००४-२००९ के बीच हुए कोयला आवंटन को लेकर, उसमे केंद्र सरकार ने देश की कोयला खदानों को कोडियों के बाव बेंच डाला अपने कांग्रेसी रिश्तेदारों को एवं कोयला निकला भी नहीं क्यूंकि खदानों के बाजारू भाव बढ़ने का इन्तेजार किया जा रहा था और मित्रो, दूसरी ओर केंद्र सरकार ने चुपचाप से दक्षिण अफ्रीका सरकार से भारत की निजी कंपनियों के लिया कोयला आयात करने की अनुसंशा की गयी , वो भी भारत के बाजारू भाव से सीधे-सीधे १०० गुना दाम पर , वो भी देश में कोयले की कमी को आधार बना कर....!!!!

              " संसद मे आज कोयला मंत्रालय ने कहा की " मंत्री मडल के अनुमोदन से कई कंपनी खास तोर पर "कॉल इंडिया"उनको विदेशो मे कोयले के लिए बोली बोलनी पड़ी क्यू की देश मे मांग की आपूर्ति के लिए ये कदम उठाना जरूरी था " अब यहाँ गौर करे दोस्तो "अपने लेखित बयान मे मंत्रालय ने कहा है की "दक्षिण आफ्रिका के मोज्म्बिक "से जो चीज जो कोयला भारत की बाजार मे 10 रुपये मिलता है वही कोयला 100 गुना ज्यादा दाम देकर मंगवाया गया था "

       * संसद मे आखिर क्या पूछा गया ?
               " संसद मे उठे सवालो पर काँग्रेस ने "झीरों लॉस " बताया और कहा की कोयला नीकला ही नहीं है " जिसका साफ मतलब होता है की कोयले की होल्डिंग हुई है और आज की गयी कोयले की होल्डिंग कल भारत के कोयला बाजार मे होल्डिंग करनेवाली कंपनिया महेंगे दाम मे बेचेगी जिनहोने सस्ते दाम मे खरीदा है "कोयला खदान "

                " आगे काँग्रेस की सरकार ने बताया की मांग आपूर्ति के बढ़ते अंतर को पूरा करने के लिए और देश की ऊर्जा स्वेछा बढ़ाने के लिए उसको मुद्दे नजर रखते हुवे कॉल इंडिया ने विदेश मे कोयला संसाधनो के अधिग्रहण का निर्णय लिया और इसी द्रष्टि से "सी आई एल "मोज़ाम्बिक "सरकार द्वारा संचालित खदान बोली प्रक्रिया मे सफल बोली करता के रूप मे सामने आई थी और मोज़ाम्बिक के टोरंटो मे प्राप्त हुवा 224 वर्गकीलों मीटर का क्षेत्र |"

* अब ये समजो जरा :  
                  " मित्रो, वर्ष २००४ से लगातार मनमाने दाम पर कोयला अफ्रीका से आयात हो रहा है देश में , और देश का कोयला उपयोग नहीं हो रहा...सिर्फ दबा हुआ है....!!!!! जब कॉंग्रेस के संसद "विजय दर्डा "ने कहा की सारे आरोप निरधार है तब संसद मे ये सवाल उठा था | "

* एक बात और :
                " आप इस वीडियो मे देख सकते है की मुख्तार अब्बास नक़वी के हाथ मे एक कागज है जो संसद मे उठाए गए सवाल का है जिस पर काँग्रेस की सरकार ने लेखित जवाब दिया हुवा है अगर मित्रो देश के कोने कोने से एक एक "आर टी आई " दाखिल करके वो प्रश्न और जवाब मिल सके तो और भी फस सकती है काँग्रेस सरकार ॥तो आज ही दाखिल करो वो वीडियो मे दिख रहे कागज के लिए एक एक "आर टी आई " अगर आप अपने भारत देश को चाहते हो ...देखो काही देर न हो जाए इस तरहा से अगर आप चुप रहेंगे तो कल देश भी बेच देंगी ये काँग्रेस सरकार ॥तो आओ दाखिल करे एक एक "आर टी आई " जो हम "आम आदमियो" का जनता का हक है  और खोल दे वो पोल जिसके सहारे कर रही काँग्रेस देश वासियो को गुमराह |"


* ये भी कुछ और ही दर्शाता है
                    " भारत की अपार कोयला संपति काँग्रेस सरकार कोयला माफिया और अपने रिश्तेदारों को सस्ते दाम मे बेचकर देश का कोयला सुरक्शित कर लिया ताकि वक़्त आने पर महेंगे दाम मे ये लोग बेच सके और चूस सके भारतवासियों को यहाँ पर भी काँग्रेस सरकार का घोटाला था और दूसरी तरफ देश मे चल रहे कोयले के दाम से भी 100 गुना ज्यादा दाम देकर विदेश से कोयला मंगवाया जाता है ..........तो सवाल ये उठता है की ये 100 गुना ज्यादा दाम क्यू भाई ? ये भी घोटाला ही है दोस्त | "

* याद रहे :
                  " सस्ते दाम मे कोयले की खदाने बेच दी अपने ही चहितों को अगर आपको विश्वास न आए तो ये रहा वो खत जिसे "सुबोधकान्त सहाय " ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को लिखा था और सिफ़ारिश की थी की इन लोगो को खदान मिले और दूसरे ही दिन खत मे जिन लोगो की सिफ़ारिश की थी उनको मिल गयी थी खदान और दूसरी तरफ विदेशो से महेंगे दाम मे कोयला लाया जा रहा था वो भी 100 गुना महेंगे दाम मे याने डबल धोखा देशवासियों के साथ  सोचो सरकार किसके साथ है देश के "आम आदमी" के साथ या फिर "कोयला माफिया " के साथ ...
जागो दोस्तो अब भी वक़्त है और दाखिल करो "आर टी आई " वरना आपको कल के लिए रोना पड़ेगा |"

*  बहुत ही जल्द "केग "फोड़ेगा एक नया रिपोर्ट बॉम्ब 
                " जी हाँ दोस्तो क्यू की केग दावा कर सकता है की प्राइवेट कंपनियो को दिये गए ब्लॉक की विवादास्पद वेलयु 1:85 हजार करोड़ से भी 10 गुना ज्यादा है क्यू की रिपोर्ट ये भी कहेता है की "एनटीपीसी" के 2009 के रिपोर्ट के तहत इंपोर्टेड कॉल की लेंडेड कीमत थी 2874 रुपये प्रति टन  तो अब इंतज़ार है केग के इस रिपोर्ट का |"
     
ये रहा वो वीडियो मित्रो जरा ध्यान से देखिएगा, वो कागज भी देखिएगा 




इस ब्लॉग मे पढ़ने लायक और भी है
गुजरात मे गेस महेंगी क्यू ? केंद्र की कॉंग्रेस सरकार का अन्याय
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