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Saturday, August 25, 2012

मनमोहन सिंह का इंटरव्यू (अजीबसिंह के अजीब जवाब)- व्यंग

हसना मना है .....मगर हसना सेहत के लिए अच्छा भी है 
" जैसे ही "टीवी" चालू किया वैसे हीदेखा तो टीवी पर "महामहिम मनमोहन" जी का इंटरवीयू आ रहा था अब देखिये उनके साथ क्या बात हुई | "

रिपोर्टर : दोस्तो आपके सामने है हमारे देश के महामहीम श्री मनमोहन सिंह जी आइये आज जानते है उनसे उनकी दिल की  बात , नमस्ते  मनमोहन सिंह जी आपका स्वागत है हमारे स्टुडियो मे
( मनमोहन सिंह ने बिना मुस्कुराए अपनी आदत के मुताबिक हाथ जोड़े )

रिपोर्टर : मनमोहन जी ,सबसे पहले तो देश ये जानना चाहता है की आपको कैसा लगता है जब आपको इस देश की जनता और विश्व का सबसे विश्वसनीय मेगेजीन " टाइम " आपको निकम्मा और बेकार प्रधान मंत्री कहती है ?
मनमोहन : बड़ा ही अच्छा लगता है एक तरहा से मैंने भी देश का नाम ऊंचा ही किया है ( और मनमोहन रुक गए )

रिपोर्टर : हाँ हाँ बोलिए आप जनता आपकी आवाज़ सुनने को बेताब है ताकि जनता जान सके की आप गूंगे नहीं हो आप बोलिए
मनमोहन : बोल तो देता मगर वो क्या है मै मेडम से पुछकर नहीं आया हु

रिपोर्टर : अच्छा तो ये बात है ?
मनमोहन : जी हाँ वैसे मै कभी मेडम से डरता नहीं हु मगर उनकी इज्जत बहुत करता हु

रिपोर्टर : आपने कभी महामहिम बनने के बाद बिना डरके दिन निकले है क्या ?
मनमोहन : हाँ

रिपोर्टर : कब ? वो बड़े यादगार दिन होंगे ना ? क्या किया था उस दिन ?
मनमोहन : जब मेडम अपने इलाज के लिए अमेरिका गयी हुई थी तब मैंने दिन भर अपने कंप्यूटर पर गेम खेला और मेरे प्रिय गीत पर मै खूब नाचा था

रिपोर्टर : अच्छा ? वो कौन सा था गाना ?
मनमोहन : तेनु घोड़ी किसने चड़ाया भुतनी के 

रिपोर्टर : आप प्रगति किसे कहते है ?
मनमोहन : अब देखो पहले देश मे बेकारी कम थी हमने बढ़ा दी
                * पहले देश मे भुखमरा कम था हमने बढ़ा दिया
;               * पहले देश मे बिजली बहुत थी हमने आधे भारत को अंधेरे मे रखा
                * पहले भारत मे कोई जानता नहीं था करोड़ से आगे कितनी 
                  रक्कम होती है हमने वो जानकारी दी
                * पहले भारत मे घोटाले कम होते थे हमने घोटाले की नदिया बहा दी
                * पहले भारत मे  कानून काम करता था हमने निकम्मा बना दिया
                 भारत मे संविधान को कोई जानता नहीं मगर हमने संविधान का डर बैठा
                 दिया
                * पहले भारत मे पढे लिखे लोगो को नौकरी मिलती थी हमने नौकरी ही खत्म
                 कर दी
                * भारत मे पढे लिखे लोग चपरासी बनते है और 10 वी पास रेल मंत्री बनता है
                * पहले हजारो के घोटाले होते थे अब आप गिन भी नहीं सकते की घोटाले का 
                 अंक कितना था
         ये सब तरक्की नहीं तो और क्या है भाई ?

रिपोर्टर : सही कहा आपकी नजर से ये तरक्की है या फिर मेडम की नजर से ?
मनमोहन : अजी मै कहाँ अपनी नजर से देखता हु ? मै तो सुनता भी मेडम के कानो से हु

रिपोर्टर : अब आपकी आगे की क्या योजना है ?
मनमोहन : देखिये 2 जी घोटाला हमारा कल था ,,, वर्तमान कोयला घोटाला है

रिपोर्टर : तो भविष्य काल ?
मनमोहन : पूरा देश बेच देंगे और क्या ?

रिपोर्टर : महेंगाइ की मार खा रही जनता को आप क्या कहेना चाहेंगे ?
मनमोहन : ( इस बात पर मनमोहन ने मुस्कुरा दिया )

रिपोर्टर : आप मुस्कुराए क्यू ?
मनमोहन : ये बात मै मेडम से पुछकर नहीं आया ? तो हसने के अलावा और क्या करू ?

रिपोर्टर : ठीक है तो ये बताए की "कसाब ,अफजल " जैसे लोगो को सरकार महेंगे महेमान बनाकर क्यू बीठा रही है ?
मनमोहन " अतिथि देवो भव " हमारे देश मे आए थे तो इस देश के हर नागरिक का कर्तव्य है की अतिथि का अपमान नहीं होना चाहिए और अतिथि का अच्छी तरहा से खयाल रखना ही चाहिए बस हम वही कर रहे है |

रिपोर्टर : तो क्या आजीवन "कसाब और अफजल " भारत के हर नागरिक के लिए बोज बनकर रहेंगे ?
मनमोहन : नहीं नहीं वक़्त आने पर उन्हे भी बाइज्जत बरी किया जाएगा पूरे सन्मान के साथ क्यू की इस देश मे घोटाले करनेवाले और आतंकियो का खयाल रखने के लिए सरकार कटिबद्ध है भाई

रिपोर्टर : क्या मेडम के पास आपका जो रिमोट है उस मे कभी सेल खत्म नहीं होते है जिसके सहारे आपको आदेश पर आदेश देती है ?
मनमोहन : भाई वो रिमोट इस रोबोट का है ( मुस्कुराकर ) वो एक हैरत अंगेज़ टेक्नोलोजी के सहारे बना है जिस से उस मे इस्तेमाल होनेवाले सेल कभी डाऊन नहीं होते है ............ही ही ही
रिपोर्टर : आपको मुसकुराते हौवे देखकर बहुत ही अच्छा लगा लगता है की मेडम ने मुसकुराहटवाला बटन दबाया है ?
मनमोहन : ही ही ही

रिपोर्टर : देश का सबसे बड़े घोटाले मे आपका नाम आ रहा है तो इस पर आप क्या कहेना चाहेंगे ?
मनमोहन : सो सुनार की एक लुहार की ................ही ही ही

रिपोर्टर: क्या आपको नहीं लगता है की अब आपको " गंगा स्नान " करना चाहिए ?
मनमोहन : कौन सी गंगा ? जो देश मे बहे रही है वो या फिर हमने बहाई है वो  ? 
रिपोर्टर : आपने कौन सी बहाई है ? 
मनमोहन : ही ही ही ही  भ्रस्टाचार  की गंगा हमने तो बहाई है भाई  

रिपोर्टर : धन्यवाद मनमोहन साहब अब हम देखते है की आपका ये इंटरवियु देखकर लोगो ने कैसे कैसे "एस एम एस " किए है ....( कहेकर रिपोर्टर ने बटन दबाया तो स्क्रीन पर 100 प्रतिशत लोगो ने प्रधानमंत्री को बकवास कहा )
              ओह ये क्या ?
मनमोहन : भैया इसे भी तरक्की ही कहते है पहले 80 प्रतिशत लोग मुझे बकवास कहते थे अब 100 प्रतिशत लोग बकवास कहे रहे है ...................हीही ही
रिपोर्टर : जी भगवान से मै प्राथना करता हु की ऊपरवाला आपको सदबुद्धी दे ..........मगर सवाल ये उठता है की क्या आपके पास दिमाग है ?
मनमोहन : रोबोट के पास दिमाग नहीं " माइक्रो चिप" होती है .................ही ही ही ही

कहते कहते मनमोहन ने विदाय ली और रिपोर्टर ने चैन की सांस ली ...............आप क्या लोगे ? दिमाग की बत्ती जलाओ
और सोचो की इस सरकार ने आपको क्या दिया है वरना "क्लोरमिंट " खाओ मेरे दोस्त

नोट : ये इंटरव्यू काल्पनिक है और सिर्फ लोगो को हसाने के लिए ही है कोई भी इसे दिल पर न ले


इस ब्लॉग मे पढ़ने लायक और भी है
          मै कहेता था न की सरकार और फेसबूक कडक बने है और लोगो को ब्लॉक कर रहे है तो मेरी कोई सुनता नहीं था
तीन दिन से चिल्ला रहा था मै ....................आपने वो पोस्ट पढ़ी क्या ?
फ़ेसबूकियो सावधान रहेना क्यू की ( ये पोस्ट अवश्य पढे )
इस पोस्ट मे बताया गया है की हर फेस्बूकिए के साथ क्या होगा ? और फेस्बूकिए को क्या करना चाहिए ?

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8 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
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    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (26-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  2. " चर्चा मंच " पर किसी भी पोस्ट का आना गौरव की बात है और ये अवसर आपने मुझे दिया है आपका तहे दिल से शुक्रिया शास्त्री जी "

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  3. रिपोर्टर :रिपोर्टर ने इंटर व्यू समाप्त होने पर आगे हाथ बढ़ाया राष्ट्रीय रोबोट से हाथ मिलाने को !

    प्रधान मंत्री :न! न! भाई साहब आपके हाथ काले हो जायेंगे .देश के किसी भी नागरिक के हाथ हमारे रहते काले हों ये हम कभी नहीं चाहेंगे ,जै हो !जै हो ! बढ़िया हास परिहास है यह सरकार इसी लायक है जितना उड़ा सकते हो मज़ाक उडाओ इसका ,रिमोटिया सरकार का .कृपया यहाँ भी पधारे -
    ram ram bhai
    शनिवार, 25 अगस्त 2012
    काइरोप्रेक्टिक में भी है समाधान साइटिका का ,दर्दे -ए -टांग का

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    1. हा हा हा वीरेंद्र भाई ...आपने बिलकुल सही लिखा है अगर मै ये टोपिक लिखता तो चार चाँद लग जाते :)

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  4. बहुत अच्छा और सच्चा व्यंग्य बधाई!मेरा ब्लॉग भी देखें लिंक दे रहा हूँ
    http://krantmlverma.blogspot.in/

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    1. शुक्रिया और जरूर भाई आपके ब्लॉग पर भी मै जरूर आऊँगा

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  5. हा हा बहुत बढ़िया ।

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    1. आपकी हँसी मेरा अवार्ड है तहे दिल से शुक्रिया भाई

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