:

Monday, August 20, 2012

"मनमोहन सींह गेट वेल सून" विडिओ के साथ ( व्यंग )

                               
 

" अपरिचित के हीरो ने सायद प्रधानमंत्री मनमोहन जी से ही प्रेरणा ली थी क्यों की प्रधानमंत्री मनमोहन को भी पता नहीं है की उनका असली रूप क्या है ? ...उनका एक रूप बड़ी बड़ी योजनाये देश की जनता के सामने रखता है और दूसरा रूप वही योजना को भूल जाता है सायद प्रधानमंत्री जी अपने आप को टटोलने का वक़्त आ गया है आपका ? अरे भाई अपनी किसी एक बात पर तो कायम रहो ..क्यों गिरगिट की तरह बार बार रंग बदलते हो भाई ? "

* अंधेर नगरी और चोपट राजा
                            " देश के १९ राज्यों में बिजली नहीं थी और ६० करोड़ लोग बिना बिजली के १५ से ज्यादा दिन रहे और तरक्की की बात करते हो ...सायद आपका एक रूप बात कर रहा होगा ...मगर सच्चाई ये है की अंधेर नगरी और चोपट राजा .. अरे पहले देश को भ्रस्टाचार के अँधेरे में धकेल दिया और अब देशवासियों के जीवन से रोशनी क्यों गायब कर रहे हो आप ? ओह ! मै भूल गया कही आप बुलंद भारत का निर्माण कर रहे होंगे " यूनिसेफ का रिपोर्ट बता रहा है की देश में भूख मरी बढ़ रही है और आप उन भूखे लोगो को मोबाईल देने की बात कर रहे थे ...ये भी आपकी एक मस्त पर्सनालिटी है.... | "
 * मम्मी के इशारो पर ना चले                     
                              

" देशवासियों को अब लग रहा है की आपकी कांग्रेस सरकार जनता को किसी फनवल्ड के एक टोरा टोरा में बिठाकर घुमा रही है , यार पहले अपनी इस डबल पर्सनालिटी का इलाज करवाओ और अपने फैसले खुद ही लेना सीखो भाई क्यों की अब आप बच्चे नहीं है जो मम्मी के इशारो पर चले ...और ताश के पत्तो का गुलाम मत बने आपकी गुलामी ने देश को बर्बाद कर दिया है ...ओह मै भी ना ...सायद ये भी आपकी दूसरी पर्सनालिटी ही है क्यों ? वर्ना देश का सबसे बेहतरीन अर्थशास्त्री आज गुलाम नहीं होता ? "

* या गद्दी छोड़ो या फिर अपनी अपरिचित पर्सनालिटी



" आपकी ये अपरिचित पर्सनालिटी भी कमाल की है आपको परिचित हुवे भी अपरिचित बना दिया, हाय रे नसीब ... मगर आप चिंता ना करे और अपनी दूसरी पर्सनालिटी को बहार निकाले और अपने फैसले खुद ले वर्ना अब तो ये पक्का ही है की देश की जनता आपको बहार निकालेगी क्यों की दंगो में मरनेवालो के लिए आपके पास श्रधांजलि भरे दो अल्फाज़ के सिवा कुछ नहीं है क्यों की अब ये दंगे आपके कांग्रेस शासित प्रदेशो में जो हो रहे है सायद आपकी पर्सनालिटी का ये सच भी जनता जान चुकी है अब ....भैया गद्दी छोड़ने का खतरा आप पर मंडरा रहा है ..या तो गद्दी छोड़ो या फिर अपनी अपरिचित पर्सनालिटी छोड़ो | "




* होता है बुढ़ापे में ऐसा ही होता है
                              

     " बुढ़ापे में हर किसीकी याददास्त कमजोर हो जाती है मगर अपने "पी ए" से कहो की वो आपको आपके द्वारा देशवासियों को किये हुवे वादे तो याद दिलाये और ये क्या हमें तो लगा की अब लालकिले पर भी आप पाकिस्तान का झंडा ही लहेरायेंगे ..क्यों की देश में खुले आम पाकिस्तान का झंडा जो लहेरा रहा है और आप चुप बैठे है बस इसीलिए ही हमारे दिल में ख्याल आया था ...क्यों की आप पाकिस्तान का झंडा लहेरानेवालो पर राष्ट्रद्रोह का आरोप भी जो नहीं लगा रहे है ...ओह मै फिर से भूल गया की ये भी आपकी डबल पर्सनालिटी की ही देन है भाई | "


*  गेट वेल सून प्रधानमंत्री जी
                                        " भगवान करे आपको जल्द ही आपकी इस डबल पर्सनालिटी से छुटकारा मिल जाये और आप स्वस्थ हो जाये ..यही हमारी प्राथना है ...तो गेट वेल सून प्रधानमंत्री जी | "
* भारतवासीयो से एक प्राथना  
                                               " जो भी ये आलेख पढ़ रहा है उन सभी से भी ये अनुरोध है की आप भी प्राथना करे की हमारे प्रधानमंत्री अपनी डबल पर्सनालिटी की बीमारी से जल्दी ठीक हो जाये ऐसी आप भी प्राथना करे .....और कहे ...." गेट वेल सून प्रधानमंत्री जी "

इस ब्लॉग में पढने लायक और भी
ये भगत सींह कौन है बे ?

ये विडिओ आपको हसाएगा जरूर .............सच्चाई बताता हुवा विडिओ

me>

:::
:::
::
:

10 comments:

  1. उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के चर्चा मंच पर ।।

    ReplyDelete
    Replies
    1. रविकर साहब आपका तहे दिल से शुक्रिया भाई :)

      Delete
  2. गेट वैल सून
    और कुछ हमारी
    भी कभी सुन !

    बहुत अच्छा है वाह वाह !

    ReplyDelete
    Replies
    1. सुशील भाई ये बोलता नहीं और सुनता है सिर्फ सोनिया की ही है हा हा हा

      Delete
  3. More such fireworks is needed,the video was superb .The PM HAS THE HONOUR OF BEING DUBBED AS NATIONAL ROBOT.

    ReplyDelete
    Replies
    1. वीरेंद्र भाई जनता ने तो ये अवार्ड दे ही दिया है :)

      Delete
  4. भाई साहब नामकरण करते समय ग्रंथी जी से गलती हो गई राशि तो यही थी लेकिन नाम हो गया मोहन सिंह ,रखा जाना था "मौन सिंह ".

    ReplyDelete
    Replies
    1. " मौनसिंह " हा हा हा सही कहा वीरेंद्र भाई कभी कभी ग्रंथि से भी भूल हो जाती है :)

      Delete
  5. वाह बहुत मजेदार विडियो देखकर तो हंसी बंद ही नहीं हो रही है बहुत सच्चाई दिखाती प्रस्तुति

    ReplyDelete
    Replies
    1. राजेश भाई देखो इस मौनी बाबा को अंधेरे से डर लगता है और काही ज्यादा मत हसिए इस चड्डी वाले बच्चे पर उसकी अम्मी आ जाएगी हा हा हा :)
      आपका तहे दिल से सुखरिया की आपने मेरा हौसला बढ़ाया

      Delete

Stop Terrorism and be a human

Note: Only a member of this blog may post a comment.