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Wednesday, October 26, 2011

ये रोकेट किसका है ? तिहाड़ से आया रॉकेट :व्यंग

" ये महेंगाई का रोकेट था | "प्रणव मुखर्जी ने मनमोहन सिंह को धमाके के साथ आकाश में जाते हुवे रोकेट को दिखाकर कहा तो शरद पवार जोर जोर से हसने लगे और कहा " प्रणव ..तेरे रोकेट में दम नहीं है ..जो आसमान में जाकर धमाका करता है ..अब देख ...ये ....|"कहेकर शरद पवार ने अपने झोले में से कुछ निकाला ..मग़र वो इतनी छोटी चीज थी की पता ही नहीं चलता था की क्या है ..शरद पवार ने पास आते आते कहा " अब देख प्रणव ..क्या होता है | " कहेकर वो मुस्कुराने लगे तो प्रणव बोले " हा हा हा ..मेरे रोकेट में पता है ना कितनी ताकत होती है ..जब भी मेरा रोकेट छूटता है तो देश भर में बच्चो से लेकर बूढ़े भी चिल्लाने लगते है |".." प्रणव सब्र करो मैंने देखा तुम्हारा धमाका अब मेरी बारी है ...|"कहेकर उसने छोटी सी चीज वही पर जलादी ....सु सु सु फूस सुस और एक धमाका हुवा " धड़ाम "...उस धमाके की गूंज इतनी थी की मनमोहन का सिंहासन भी हिल गया और मनमोहन ने आवाज़ लगाई " प्रणव ...ओ प्रणव ..कहा गए तुम ?".. " मै यहाँ हु " मनमोहन ने देखा तो ...प्रणव की हालात किसी कोयले की खान में काम करते मजदूर के जैसी हो गई थी ..मुहं काला हो गया था धोती जगह जगह पर फट गई थी ..कपडे सफ़ेद में से काले हो गए थे ..चश्मे का एक कांच गायब था ..तभी राहुल बाबा वहां पर आये |"

"सिक्युरिटी ..मैंने साफ़ साफ़ कहा था की किसी भी भीख मंगे को अन्दर ना आने देना ..इस को क्यु अन्दर आने दिया है ..बाहर निकालो इस भीखमंगे को |"..." बाबा ..मै आपका प्रणव हु ..मग़र पहलेइस शरद पवार से पुछो आखिर वो क्या चीज थी ..जो दिखाई नहीं दे रही थी मग़र धमाका बहुत बड़ा था |"...जैसे ही राहुल बाबा ने शरद की और देखा " राहुल बाबा ..ये रोकेट दिखाकर कहे रहा था की देखा मेरा रोकेट ..इसका रोकेट सभी को दिखाई देता ही ..मग़र मै जब भी कुछ जलाता हु तो किसी को कुछ पता नहीं चलता है की आखिर हुवा क्या ?..पता है प्रणव ये क्या था ? ..ये "अनाज बोम्ब" था ..जो भारत में फैली गरीबी की तरह दिखाई नहीं देता है ..मग़र जब भी धमाका होता है तो प्रधान मंत्री की कुर्सी तक हिल जाती है ..और प्रणव जैसे भीखमंगे बन जाते है | तभी पटाखों का एक बड़ा सा ट्रक के टायर से भी बड़ा रोल दूर से आते दिखाई दिया |"

" अब ये क्या है ? " मनमोहन सिंह बोले .."जो भी पता चल जायेगा |" कपिल सिबल ने कहा और मिलिटरी के रात्त में भी साफ़ दिखाई देनेवाले दूरबीन से देखने लगे की ये आया कहाँ से ? अचानक वो चिल्लाये " अबे ये कोई मोटा आदमी कई दूर खड़ा है हाथ में क्रेकर लेकर ..ये क्या ये भी अपने चिदंबरम की तरह लुंगी में ही है .. तेरी इस ने पटके के रोल को जलादिया ..आवाज़ आने लगी थी " थोऊस ..तहस ..फट फूट ..धम्दाम .ढूदूम ..अचानक रोकेट उसी दिशा में से आनेलगे ..यहाँ सब के सब की हालात पतली हो गई थी भागने का रास्ता सिक्युरिटी ने बंद कर दिया था ..अब भागे तो कहाँ भागे ..सबके कपडे भी जल रहे थे इतनी तेजी से रोकेट दूसरी और से बरसा रहे थे ..थोड़ी देर के बाद शांति हो गई ..मनमोहन ने आवाज़ लगाई " राहुल बाबा ..आप कहाँ हो ?"..मग़र जैसे ही वो खड़े हुवे उनका पैर पानी में पड़ा..."बाबा आप कहाँ हो ?"..मै यहाँ हु ..आवाज़ जहाँ से आई उस दिशा में वो आगे बढे तो आवाज़ एक बरेल में से आ रही थी शायद बाबा पानी के बरेल के अन्दर छुपे हुवे थे ...|"

" तभी ये तबाही मचानेवाला वो आदमी नजदीक आया और गरजकर बोला "कैसा रहा मेरा अंदाज़ ..ये तो कुछ भी नहीं है ..और मै ये सब करता भी नहीं मग़र क्या करू ..आप सब को मेरी बेटी कनिमोजी की कुछ फ़िक्र ही नहीं है ..आप सब तो इस चिदंबरम को बचाने के चक्कर में है मग़र मेरी बेटी की जमानत भी नहीं करवाते है ...याद रहे ...राजा ने इतनी दौलत स्विस बैंक में रखी है की मै चाहू तो ऐसे धमाके बरसो तक कर सकता हु और आप सबको बर्बाद कर सकता हु ..प्रणव तेरे महेंगाई का रोकेट देशवासियों को रुला सकता है और शरद तेरा बोम्ब प्रणव को और मनमोहन को हिला सकता है ...मग़र मेरे एक छोटे से धमाके से आप सबहिल जाओगे ..आज का तो सिर्फ सेम्पल था ..धमाका अभी बाकी है |तभी एक रोकेट दूर से आते दिखाई दिया जो तिहाड़ जेल की तरफ से आ रहा था|"

" तिहाड़ जेल की तरफ से आनेवाले रोकेट ने आते ही अपना कमाल दिखा दिया और प्रधान मंत्री की कुर्सी के नीचे ऐसा धमाका किया ..की प्रधान मंत्री कई दूर जाकर गिरे ..और अपने हाथ फैलाकर वो कुछ ढूंढ़ रहे थे " ..क्या ढूंढ़ रहे हो ?..." अपना चस्मा ..मुझे बिना चश्मे के कुछ दिखाई नहीं देता है ...|" ..." तभी वेटर के रूप में खड़े पप्पु ने कहा " वैसे भी तुजे कहाँ दिखाई देता था ...आप गूंगे भी हो और अंधे भी और अन्धो को चश्मे की जरूरत नहीं होती है | "


हसना सेहत के लिए अच्छा होता है ..इस ब्लॉग को पढनेवाले मेरे सभी दोस्तों को दीपावली की तहे दिल से शुभकामनाये ...आपको और आपके परिवार को आनेवाला नव वर्ष मंगलमय और प्रगतिमय रहे ...और भगवन करे की आनेवाले वर्ष में " महेंगाई कम हो जाये ...| "..." २६ और ३२ रुपये के अमीरों मजे करो और सदैव खुश रहो ..और हाँ उस लुंगी वाले से कहेना की जल्द ही कनिमोजी भी बाहर आएगी ...क्यु की अमरसिंह भी आ गया है ..जो भी इस सरकार को नुकसान पहुंचाएगा उसको जेल से बाहर ये सरकार जरूर निकालेगी ...तो भला कानी कैसे रहे सकती है अन्दर ...| "

" आप सब ने मुझे और इस ब्लॉग को बहुत ही प्यार दिया है ..कही भी कभी भी मुझसे कोई भी गलती हुई हो और मैंने आपका दिल दुखाया हो तो मुझे माफ़ करना दोस्तों ॥|"

हैप्पी दीपावली :)

Thursday, October 20, 2011

गांधारी गई मग़र पट्टी छोड़ गयी : मीडिया की सच्चाई

" अन्याय को न्याय" में परिवर्तित करता है मीडिया मग़र जिस तरह से इस देश में फिलहाल हो रहा है उसे देख कर लग रहा है की "न्याय को अन्याय "में परिवर्तित करता है मीडिया ..आज देश की इस चौथी जागीर को बाजारू स्वरुप दे दिया गया है और उस स्वरुप को कहते है "टी आर पी " ..मग़र इस "टी आर पी" के साथ भी कुछ और ऐसे तत्व जुड़े हुवे है, जो तत्व देश की जनता को असलियत क्या है उसे बखूबी छुपाते है और इस कार्य में उनका अद्भूत साथ देती है हमारी इस देश की "चौथी जागीर "...। "

" आज मीडिया का केमेरा से लेकर जब कलम भी बिकी हुई है तभी देश की ये दुर्दशा है,जिसे आप.. मै ..और देश की जनता भली भांति जानती है दरअसल देखा जाये तो जितने गुनेहगार हमारे नेता है उस से कई गुना ज्यादा गुनेहगार ये मीडिया भी तो है ,क्यु अगर वक़्त वक़्त पर वो असलियत जनता को बता देती तो आज देश की ये हालात ना होती और नहीं संविधान के रखवाले कानून से लेकर मीडिया का दुरुपयोग करते ..बचपन में मैंने कठपुतलियों का खेल देखा था और उसे एक खेल समजकर भूल भी गया था मै मग़र आज बचपन में देखि कठपुतलियों में मुझे मीडिया नजर आता है जिसकी डोर बंधी हुई है कई बड़े बड़े नेता के हाथो में |"

" राजस्थान में सरे आम क़त्ल हो रहा था और बिकाऊ मीडिया नरेन्द्र मोदी के पीछे पड़ा था ..क्यु भाई ? क्या मीडिया की नजर में आज भी लोगों की जान से नरेन्द्र मोदी अहेम है ? या फिर मीडिया के आकाओं ने कहा था की "वो कत्ले आम मत दिखाना ? " ..अगर मीडिया वो दंगा फसाद दिखाती तो कुछ तो जाने जरूर बचती मग़र मीडिया के आका नहीं चाहते थे की कांग्रेस की सरकार पर ये कलंक लगे ...मीडिया ने जिस तरह से वो वारदात को नजर अंदाज किया उसीसे तो ये लगता है की ऐसा ही कहा होगा ..किसी एक पक्ष की सरकार को बचने के लिए लोगो की जाने दाव पर लगा देते है ,क्या मीडिया का फर्ज सिर्फ सरकार को बचाना ही है ? ...नरेन्द्र मोदी टोपी ना पहने तो बड़ा न्यूज़ बन जाता है मग़र जहाँ लोगो को सरेआम काटा जाता है उसकी भनक तक नहीं पहुँचने देते है ...क्या बात है ..शायद टोपी बड़ी होती है और लोगों की जान की कीमत छोटी होती है ..ऐसा ही ना ? "

" अन्ना हजारे के आन्दोलन के वक़्त जब आमिर खान ने गाँधी टोपी नहीं पहेनी तब कहाँ गए थे ये मीडियावाले जो आज इतने उछल रहे है ? धर्म के नाम पर लड़वाने का बंद करो और सच्चाई का दर्शन जनता को करवाओ ,आज जो भी इस देश में हो रहा है उसके जिम्मेदार ये "मीडिया और कानून" है ..माना की कानून के आँख पर पट्टी होती है मग़र मीडिया की आँख भी खुली है और केमेरा भी ..फिर भी उनको वो नज़ारे नहीं दिखाई देते है जहाँ पर धर्म के नाम पर लड़ाई होती है और फिर भी इस देश के बुद्धिजीवी मीडिया के इस करतूत को नहीं देखते है और कहते है नरेन्द्र मोदी ने टोपी नहीं पहेनी..नहीं पहेनी तो बुराई क्या है भाई ..आमिर खान ने भी तो यही किया था ...भारत के उपराष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी जी ने भी तो यही किया था याद हैना "दशेरा "का दिन ..भाई जिसका जैसा मजहब ..क्यु टोपी को मजहब से जोड़कर लोगों के दिल में मजहब की गहेराई बढा रहे हो ? "

" अब तो कोर्ट ने भी कहा है की मिडिया स्टिंग ओपरेशन कर सकती है ..तो फिर दम है तो करो किसी बड़े नेता के काले करतूत का पर्दाफाश ..ये मजहब के नाम पर लडवाना बंद करो वैसे भी मीडिया के बदोलत ही जनता आज महेंगाई और भ्रस्टाचार का सामना कर रही है क्यु की उनको सच्चाई पता ही नहीं चलती है की हमारे द्वारा चुने हुवे नेता हमारे साथ क्या खेल खेल रहे है , जनता को गुमराह क्यु कर रहा है ये मीडिया ? कालेधन के मुद्दे को सभी ने दबा दिया मग़र "रशिया और चीन" ने अपनी जनता को लिखित में दिया की पैसा वापस लायेंगे और उसे " बाबा रामदेव इफेक्ट"भी बताया है ..स्विस बैंक से अरबो रुपये बाबा रामदेव के आन्दोलन बाद ट्रांसफर हुवे और स्विस सरकार ने भी कहा की " बाबा रामदेव से हमारी इकोनोमी को खतरा है " ..मग़र इस देश की जनता का नसीब तो देखो यहाँ की मीडिया ही जनता को सपोर्ट नहीं कर रही है |"

" स्वित्ज़र्लेंद के एक मेगेजिन ने तस्वीरों के साथ ये बात कही की राजीव गाँधी का कला धन स्विस बैंक में मौजूद है फिर भी किसी भारतीय मीडिया ने इस खबर को लोगो तक पहुँचाया ..नहीं ..क्यु ? क्यु की शायद ये मीडिया बिकी हुई है जो सच्चाई को छुपा देती है और जनता का ध्यान दूसरी जगह बटोर देती है अगर यही मीडिया सही जगह पर अपना ध्यान रखे और जनता को हर वो सच बात से अवगत कराये तो किसी की मजाल नहीं की इस देश में घोटाले हो ॥|"

" मै जनता हु की मेरा ये आलेख पढ़कर कई बुद्धिजीवी लोग आयेंगे और सलाह देंगे की मीडिया का दोष नहीं ...सरकार का दोष नहीं ...तो फिर दोष किसका था ? ...राजस्थान के दंगो में मारे जानेवाले उन गरीबों का ? ..गांधारी जैसी अपनी आँखों पर पट्टी मत बांधो ..मेरे भारतवासियों और देखो ..सोचो की आपके साथ कौनसा खेल खेला जा रहा है ..मत बैठो "गांधारी" जैसे पट्टी बांधे, नहीं तो शायद बड़ी महाभारत आपका ,मेरा हम सब का इंतज़ार करती होगी ..ये तय है ॥|"

" मैंने वही कहा है जो मुझे दिखा है शायद आपको भी यही दिखा होगा फिर चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान इस लिए सभी बुद्धिजीवी मेरे भाई बहेनो को मै गुजारिश करता हु की कुछ भी कहने से पहले आप महेरबानी करके आपकी आँखों पर जो "गांधारी पटी "बंधी हुई है उसे उतारे और फिर सलाह दे ..आपकी हर सलाह मेरे लिए भी कीमती बनेगी और देश के लिए भी ..एक बार आँख पर से पट्टी उतार के तो देखो | "

पढ़िए मेरा इसी विषय पर पुराना आलेख :
" मीडिया : कलम जहाँ बिकती है "

Saturday, October 15, 2011

शील को अश्लील बना दिया ,पुनम पांडे तुने क्या किया ?विडियो के साथ


" पुनम पांडे तुने क्या किया चंद पैसो के लिए देश की संस्कृति की धज्जीया उडा दी ? इस देश की संस्कृति जिस के लिए जानी जाती है वो शर्म को भरे बाजार में लीलाम करने पर तुली है ये पुनम पांडे पहले हुई थी सेमी न्यूड ..अब दिखाएगी "लाइव स्नान" ..कुछ दिन पूर्व ही लडकियों ने बनाया था "एम एम एश" और आज हो रही है पुनम पांडे के हुस्न की लिलामी के साथ साथ देश की आबरू पर लग रहा है कलंक |"

* क्या ऐसी घटनाओ का विरोध नहीं हो सकता ? "
" सच पुछो तो ऐसी घटनाओ का विरोध नारी संघठन को ही करना चाहिए और ऐसी गिरी हुई हरकत करनेवाली लड़की को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए क्यु की ऐसी घटनाओ से नहीं सिर्फ भारतीय नारी का नाम बदनाम होता है मग़र बदनामी का दाग हर एक भारतवासी पर भी लगता है .. पुनम पांडे का विडियो इतना अश्लील हरकतों से भरा हुवा है की खुद "यू ट्यूब वालो ने इसे अश्लील श्रेणी में रखा है याने ये विडियो सिर्फ और सिर्फ १८ + वाले ही देख सकते है " सोचो अगर विदेशी कंपनी वाले भी ऐसे विडियो को १८+ की श्रेणी में रखने लगे है तो वो विडियो कैसा होगा और क्या असर होगा हमारे देश की संस्कृति पर इस घटना का |"

* नारी संगठन की निष्क्रियता :
" नारी संगठन सिर्फ नाम का ही रहे गया है कुछ दिन पूर्व मंदिर बेदी ने एक विदेशी पत्रिका के लिए दिए थे सेमी न्यूड फोटो और उसके बाद में अन्ना हजारे के सप्पोर्ट में एक मराठी अभिनेत्री "योगिता " ने भी दिखाई थी अश्लीलता भरी हरकत जब इन घटना का विरोध सही तरीके से नहीं कर सका नारी संगठन तभी आज देश पर कलंक के समान " पुनम पांडे " का ये विडियो लाइव देखेगी दुनिया ..और पुनम पांडे ने ये एलान भी किया है की उसके फेन २४ घंटे उसके स्नान का ये विडियो देख सकते है और ये विडियो लगातार अपडेट होता ही रहेगा क्या इस एलान को रोक सकेगी नारी संगठन ? "

* फेशन के नाम पर हो रहा है जिस्म दिखाने का धंधा |
" क्या ऐसी होती है फेशन ?जिसे देखकर देश की संस्कृति का अपमान हो जाये अगर ऐसा ही है तो फिर उन लडको का क्या दोष जो ऐसी लडकियों को छेड़ते है ? पहले ऐसी नारी पर रोक लगाने की जरूरत ज्यादा है जो पासो की खातिर और सस्ती पब्लिसिटी के खातिर अपने जिस्म तक को बेच देती है ..ये दोष सिर्फ पुनम पांडे का ही नहीं है मग़र दोष तो पुनम पांडे के माता पिता का भी है क्यु की वो भी ये सब जानते ही होंगे मग़र फिर भी चुप बैठे है ..और आज पुनम पांडे के माता पिता के संस्कार ही बोल रहे है पुनम पांडे के रूप में | "


* कहाँ गए ये सब जिन्हें देश की चिंता रहेती है ?
" अरुंधती रॉय , मेघा पाटकर ,और भी है ऐसे लोग जो देश में किसी पर भी अन्याय होता है तो अपना मंतव्य पेश करते है मीडिया के सामने ..आज इनकी बोलती क्यु है बंद ऐसी घटनाओं के बारे में ..क्या वे अनजान है ऐसी घटना से ? ..या फिर ऐसी घटना का विरोध करने से उन्हें नहीं मिलेगा मीडिया का कवरेज ? ..हो सकता है की विरोध करने से उनकी संस्था को कुछ फायदा भी ना हो ..नर्मदा डेम के वक़्त मेघा पाटकर बहुत बोलती थी मग़र उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा था की जहाँ गुजरात की जनता बिना पानी से मार रही है वो इस डेम के बनने से कम से कम पानी तो पी सकेगी ..और आज देखो कितना फायदा हुवा है गुजरात को इस डेम की वजह से ..हलाकि कुछ जमीने पडोसी राज्य की गई मग़र जमीनों से भी ज्यादा कीमती होती है लोगो की जाने नहीं ...कहा गई मेघा पाटकर और अरुंधती रॉय अरे दम है तो करो इस बात का विरोध शायद यही कहेलाएगी सच्चे अर्थ में देश सेवा क्यु की आज नारी कर रही सरे बाजार अपने चरित्र का प्रदशन ..देश की संस्कृति के खिलाफ होनेवाला ये प्रदशन क्या इन समाज सेविकाओं को दिखाई नहीं दे रहा है क्या ? ..करो इस बात का विरोध और कड़ी से कड़ी सजा दिलवाओ ऐसी नारी को जो देश की आबरू पर कलंक लगा रही है ..ये कहके मत चलो की सस्ती पब्लिसिटी के खातिर कर रही है ..|"


पूनम पांडे का पुरा विडियो यहाँ पर है
: पूनम पांडे .॥इस साईट पर आप जाओ और कोई भी लिंक खोलो




निमंत्रण :मीडिया से परेशान ..यहाँ जाये |


" इस रंग बदलती दुनिया में मीडिया भी बार बार रंग बदलती आपको नजर आती है ,जिसका ज्यादा पैसा उसीके गुण गानेवाली इस मीडिया से है हर भारतवासी परेशान ,ये मीडिया ने कभी भी सच्चे दिल से अपना धर्म नहीं निभाया है इस बात के सबूत देने की मुझे आवश्यकता नहीं है क्यु की शायद मुझसे भी ज्यादा सबूत आपके पास होंगे ..जहाँ खून खराबा हो रहा है उस जगह को शांत बता सकती है मीडिया ,और जहाँ शांति है उस जगह को कौमी हुल्लड़ में बता सकती है मीडिया ..ऐसा क्यु ? "

" हर कोई परेशान है मीडिया जिस तेजी से अपने रंग बदलती है उसे देखकर ...शायद इनकी कलम अब बिना धार की बन गई है भ्रस्ताचारीयों का साथ देते देते ..लगता है की इनका जमीर मर गया है ..तब मुझे एक आइडिया आया मैंने खुद की एक ऐसी वेब साईट बनायीं है जिसमे देश विदेश के समाचार आयेंगे ...और खासकर वो बाते जो मीडिया जनता को बताता नहीं है ...याने "एकसच्चाई" की "सच्चाई" से भरी खबर |"

" आप सब ब्लॉगर भाई और फेसबुक के मेरे दोस्तों को अनुरोध है की अगर आपके पास कोई भी ऐसी घटना है जिस पर मीडिया रोशनी नहीं कर रहा है तो इस वेब साईट में भेजिए ...आपके नाम के साथ ही इसे प्रस्तुत किया जायेगा ,अगर आपके पास कोई ऐसा विडियो है जिस से "करप्शनवालो की पोल" खुल सकती है तो बेजिजक इस साईट में भेजिए ..वो विडियो प्रसारित होगा और उसका परिणाम भी आएगा ..ये वादा रहा | "

" सभी ब्लॉगर और फेसबुक भाईयोँ से अनुरोध है की इस वेब साईट की मुलाकात एक बार जरूर ले ..ये कल ही लौंच हुई है और ढेर सारे " मेल " आये है खबरों से भरे ..जिसको एक के बाद एक अपडेट करेंगे ...इस साईट में अगर आप अच्छा लिखते है तो आपको जगह मिलेगी जैसे की .."ब्लॉग जगत "के अंतर्गत ..या फिर न्यूज़ के अंतर्गत ..क्यु की बहुत ही जल्द ये साईट "एक अख़बार" के रूप में आपके सामने आनेवाली है ...तो क्या सोचते है आप ...उठाओ कलम और खोल दो उन भ्रस्ताचारीयों की पोल और दिखा दो जो कहते है फेसबुक और ब्लॉग जगत याने टाइम पास है | "


ये रही वेब साईट की लिंक : यहाँ जाये यहाँ क्लिक करे

Wednesday, October 12, 2011

अन्ना के साथी प्रशांत भूषण की धुलाई ( विडियो देखिये )



" मशहूर वकील और अन्ना हजारे के साथी " प्रशांत भूषण " को युवक ने पीटा | "

" कश्मीर पर किये विवादित बयान को लेकर नाराज युवक ने उठाया ये कदम .."ऐसी प्रतिक्रिया प्रशन भूषण ने दी है और इन युवको के खिलाफ पुलिश कम्प्लेन कर दी है , प्रशांत भूषण को बहुत ही बुरी तरह पिटते हुवे युवको को आप इस विडियो में देख सकते है| "



आपको ये बता दू की इन युवको के पास से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुवे है ..मग़र जिस तरह से वो प्रशांत भूषण की पिटाई कर रहे थे उसे देखकर लोगो में फैले आक्रोश को आप भी महसूश कर सकते है |

सुक्रिया गूगल बाबा :

Monday, October 10, 2011

"व्यंग : ताजा अमीर हु मै |"


" कन्नु भिखारी और रामु भिखारी आज बड़े ही खुश थे,क्यु की अब उनकी भी गिनती सरकार के आशीर्वाद से देश के अमीरों में होने लगी थी जो ..गेटवे ऑफ़ इंडिया के सामनेवाली सड़क पार कर के वो "होटल ताज "की तरफ जा रहे थे ..वही फटे और मस्त बदबूदार कपड़ो के साथ ..अपने हाथ में "अपनी दूकान याने कटोरा "लिए ..बढ़ी हुई दाढ़ी, चकाचक पीले दांत और बात करते वक़्त मुहं से आती हुई बेहोश करनेवाली बदबू के साथ के अचानक कन्नु भिखारी की नजर रस्ते पर पड़ी आधी पीकर फेंकी हुई सिगरेट पर पड़ी ..उसने वो उठाली तो रामु भिखारी बोला " रख दे ..बाद में पियेंगे पहले कुछ चाय पीते है | "...कहेकर वो "होटल ताज" की और बढे तो कन्नु भिखारी बोला " अबे ,रामु ये तो अमीरों का होटल है |"...." तो क्या हुवा हम भी तो अमीर है ..तु चल ना, आज तो चाय इसीच होटल की पीनी है |"...." अरे मग़र रामु ,ये लम्बी टोपीवाला क्या हमे अन्दर जाने देगा क्या ? "..."कायको , अरे बाबा तु टेंशन मत ले ?मेरे पास पैसे है और अब तो हमे कोई रोक नहीं सकता ..और तु इस लम्बी टोपीवाले से डरता है क्या ?..अरे वो भी आपुन के माफिक भिखारी ही है ..देख जितने भी लोग बाहर निकलते है वो झुक कर सलाम मारता है तो लोग उन्हें हसकर पैसा देता है ..है ना ? फिर ..टेंशन नको रे बाबा |"

" कन्नु और रामु अब "ताज होटल" के अन्दर दाखिल हो रहे थे की दरवान ने उन्हें रोका और पुछा "क्या है ? "..."ले बोल इसको ये भी पता नहीं की ये होटल ..हम से ही पुछ रहा है |"हस्ते हुवे कन्नु बोला मग़र मुह से आती हुई खुशबु की वजह से दरवान अपनी नाक पकड़कर बोला " ये तो मुझे भी पता है |".."पता था तो पुछा क्यु ?" रामु भिखारी बोला ..."आप लोग जाओ यहाँ से ..|"दरवान के कहने पर "चले जायेंगे पहले चाय तो पीने दे |"..." ओये मैंने कहा ना जाओ यहाँ से ये अमीरों का होटल है ..तुम जैसे फटे ,बेहाल ,गरीब और भिखारी का नहीं है ...|"...."ए टोपी ,बस हो गया हाँ ..तु गरीब किसको बोला रे ? ..बताना ..किसको बोला ?"..." अबे तुझको बोला मै गरीब भिखारी ..कहाँ से आ जाते है बदबूदार |"..तभी एक आदमी अन्दर से बाहर निकला और दरवान ने झुककर उसे सलाम किया तो उस आदमी ने दरवान को ५० का नोट दिया तो तुरंत ही कन्नु भिखारी बोला " ओये ,हम रास्तो पर भीख मांगते है और तु दरवज्जे पर है तो तु भी हमारी ही कौम का ..चल अब दरवज्जा खोल और हमे अन्दर जाने दे |"...ऐसा कहने पर दरवान को गुस्सा आया और उसने रामु भिखारी को धक्का दे दिया ..तो शोर शराबा सुनकर होटल का मेनेजर बाहर आया और बोला "क्या हुवा ?"..." लगता है ये अँधा है ...इसके लिए चर्चगेट की जगह ठीक रहेगी |" रामु भिखारी बोला ..."तु देखता नहीं है क्या ..कपडे तो अच्छे पहने है |"

"दरवान ने तुरंत सलाम मारी और बोला "सर,ये लोग सामने रोज भीख मांगते है और आज यहाँ पर आकर कहते है की अन्दर जाने दो चाय पीनी है ..मैंने इनको बहुत समजाया मग़र ये मानते ही नहीं है |"..." आपको चाय पीनी है |"..मेनेजर बोला तो तुरंत ही दोनों भिखारी ने अपना सर हिलाया कहा "हां ".."ठीक है ..मग़र याद रहे ये होटल अमीरों का ही है यहाँ चाय भी बहुत ही महेंगी मिलती है ..सोच लो|".."पैसे का टेंशन नहीं है अपने को और इस टोपी वाले को बोल की औरो की तरह हमे भी सलाम मारे | ".....जिसे ही मेनेजर ने दरवान की तरफ देखा दरवान ने तुरंत ही दोनों भिखारीयों को सलाम मारी .."दरअसल ये होटल अमीरों का है ..इस लिए ..."..." अबे तु बार बार ये अमीर अमीर क्या बोल रहा है ...हम भी तो अमीर है ...|"..."अच्छा तो आप अमीर है ..मै जन सकता हु की आपका धंधा क्या है और कौन सी जगह पर है ...|"......"इतनाच ना ?...तो सुन अपुन का धंधा भीख मांगने का है और "बोरीवली से लेकर मुंबई सेन्ट्रल" तक अपना धंधा फैला हुवा है ..किसी को पुछ की "कन्नु और रामु भिखारी" कहाँ है तो कोई भी बताएगा यकीं ना आये तो ये देख हमारा विसिटिंग कार्ड |"..कहेकर रामु भिखारी ने अपने मस्त बदबूदार थैले में से "अपनी दुकान कटोरा "निकाला |.....

" ये सब यहाँ नहीं चलेगा मैंने पहले ही बोला है की ये होटल ...|"..." अमीरों का है ..ऐसाच ना ? बार बार क्या अमीरों का अमीरों का लगा रखा है ..हम वाकई में अमीर है अगर यकीन ना आये तो लगा फ़ोन |"..." किसको लगाऊ फोन" ..मेनेजर बोला..."अबे खुजली की दुकान ...फोन लगा देश के माननीय प्रधान मंत्रीजी को और पुछ ..क्या हम देश के ताजा अमीर है की नहीं ?ताजा बोले तो पता है ना ..२६ और ३२ वाले क्या ..उन में से हम ३२ वाले ताजा एक दम ताजा अमीर है ..तु लगाना फोन ..कौन है रे अपना प्रधान मंत्री ..क्या रे धंधे में इतना बीजी रहेता हु ना की प्रधान मंत्री का नाम भी याद नहीं है ..बहुत मस्त आदमी है ये प्रधान मंत्री ..अरे हमको तो पता ही नहीं था की हम इतने अमीर है ...देख अब तुजे पता था क्या ?...नहीं ना ?...फिर ...चल अब चाय लेकर आ ..मस्त हाँ ..एक दम मलाई बिलाई मारके लेकर आना और हाँ तु फ़ोन तो करना ही ..इस प्रधानमंत्री ने तो हमे एक ही रात में अमीर बना दिया यार ..नाम क्या है रे ?..."...तो कन्नु भिखारी बोला "आदरणीय ,माननीय , मनमोहन सिंह जी ..क्यु सही ना ?... "..हाँ वहिच ..बड़ा दिमाग वाला आदमी है ये गरीबी को मिटा डाला एक जटके में और कर दिया सबको एक ही रात में अमीर ..जादूगर बोलते है इसको ,,देखना एक दिन अमेरिकावाले भी इसकी आइडिया का इस्तेमाल करेंगे ..कोई गरीबच नहीं रहेगा सब अमीर ..एय कन्नु ,तु भी एक स्विस बैंक में खाता खुलवा लेना भाई वक़्त आनेपर जरूरत पड़ेगी ..ना जाने कब हम अमीर से अरबपति बनजाये अगर ये जादूगर माननीय प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह रहे तो एक ना एक दिन हम अरबपति भी बन जायेंगे... क्यु सही बोला ना ? "...वो तो ठीक है मग़र सर यहाँ एक चाय का १०० रुपये दाम है ..कितनी लाऊ चाय ...|"

" अबे बैठने तो दे ...|" कहते एक मस्त टेबल पर दोनों जा बैठे और आराम से अपने थैले को बगल में रखा ..मग़र कटोरा नीचे गिरा तो "अबे संभाल अपनी दुकान जिसने अपने को अमीर बनाया है |"कहेकर हसने लगा कन्नु "रामु ,यार यहाँ तो १०० रुपये की चाय है |"..सभी "वी आई पी" देख रहे थे और हस रहे थे ..देश के ताजा अमीर पर ..कन्नु और रामु चुप हो गए टेबल पर पड़ा ठन्डे पानी का गिलास उठाया और पानी पिया ..तभी एक आदमी होटल के मेनेजर के पास गया और कहने लगा की इन भिखारियों को बाहर निकालो ..बदबू आ रही है ..तो उसके समर्थन में सभी लोग कहने लगे की बाहर निकालो ....मेनेजर ने दो हट्टे कट्टे पहलवानों की और देखा ..पहलवान आये और "कन्नु और रामु " को उठाकर बाहर ले गए और रस्ते पर फेंक कर चले गए ..थोड़ी देर में उनकी बेग और उनकी दुकान भी रस्ते पर फेंक दी गई ...तो दरवान बोला "क्यु कैसा रहा ?...देश के ताजा अमीरों |"...

"कन्नु ने रस्ते में पड़ा अपना कटोरा उठाया ..और बडबड़ाया "लगता है माननीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने हमारा मजाक उड़ाया है |...और भीड़ की और बढ़ते हुवे कहने लगा "माई कुछ दे दो ...बाप कुछ दे दो ...अल्लाह के ना पर दे दो ..राम के नाम पर कुछ दे दो ..भगवान तुम्हारा भला करेगा ..इस गरीब को कुछ दे दो ..कुछ देना हो तो ही देना मग़र झूठे सपने मत दिखाना ..माई ..बाप ..कुछ दे दो |"

तभी कटोरे में किसीने १ रुपये का सिक्का डाला ..शायद वो सिक्के की खनक ..दिल्ली संसद में बैठे इस देश के माननीय ..आदरणीय ...प्रधानमंत्री और सांसदों के कानो तक कभी नहीं पहुंचेगी ..और यूँही गरीबी सिर्फ कागजों पर कम होती रहेगी असल में बढ़ती ही रहेगी ..ये अमीर होते रहेंगे कागज पर वो अमीर होते रहेंगे स्विस बैंक के अकाउंट में ..गरीब आटा बनता जायेगा और महेंगाई की चक्की यूँही चलती जाएगी ...गरीबों का आटा बनानेवाले भी यही है ..महेंगाई बढ़ानेवाले भी यही है ....गरीबों को एक रात में २६ और ३२ के चक्कर में अमीर बनेवाले भी यही है ..ये बदलते जायेंगे ...मग़र गरीब कभी नहीं बदलेगा ..अगर ऐसा ही चलता रहा तो गरीब की गरीबी और गरीब बढ़ते ही जायेंगे ...काश वो सिक्के की खनक ..उन सोये हुवे ...माननीय और आदरणीय लोगो तक पहुंचे जो लीन है भ्रस्टाचार की गंगा में....|"


जय हिंद
जय हिंद
जय हिंद


सुक्रिया गूगल :