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Sunday, April 18, 2010

"बंजर ख्वाबो की दुनिया में ,फूलों की सेज सजा रहा हु"

" बंजर ख़्वाबों की दुनिया में ,फूलों की सेज सजा रहा हु ,
जिन्दगी के आईने पर पड़ी धुल ,साफ़ करने की कोशिश कर रहा हु ,
मौत आने से पहले ए - बेवफा ,
बहते अश्क में, तुजे ढूंढने की कोशिश कर रहा हु "

9 comments:

  1. अच्छी तस्वीर और अच्छी रचना....

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  2. bahut khub



    shekhar kumawat


    http://kavyawani.blogspot.com

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  3. थोड़ा पर गहरा लिखते हैं आप

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  4. वाह वाह! शानदार और लाजवाब पंक्तियाँ! बहुत बढ़िया लगा!

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Stop Terrorism and be a human

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