:

Saturday, May 31, 2014

धारा 370 : कश्मीर का गुलाम हिंदुस्तान... जानो धारा 370

कौन कहेता है कश्मीरीयों पर अन्याय करता है भारत 
 धारा 370 को देखो जरा 
आज भी कश्मीर का बाप हिंदुस्तान 
सीर्फ  एक गुलाम नजर आ रहा है
 इस पोस्ट मे पढ़ीए 
* आइये जानते है धारा 370 को 
* कैसे बनी धारा 370 ? आइये जानते है धारा 370 की कहानी को
* धारा 370 में किए गए कुछ बदलाव
अब विस्तार से 
* भारत वीरोधी कानून धारा 370 को जानो 
                           ' धारा 370 भारत वीरोधी है क्यू की कश्मीर मे मरते है भारत के जवान और 370 के तहत कश्मीर पाकीस्तान का लग रहा है क्यू भाई जब भारत का हिस्सा है कश्मीर तो उस पर भारतीय कानून क्यू लागू नही होते है ? क्यू कश्मीर के नागरीको को दोहरी नागरीकता ? और अगर पाकिस्तानी आतंकवादी को हरत पर हमला करना है और भारत का नागरिकत्व चाहीये है तो वो कश्मीर की लड़की से शादी कर के भारतीय नागरीकत्व प्राप्त भी कर सकता है .... ये कैसा कानून भाई ?

           '  मरे तो भारतीय जवान ... मरे तो कश्मीरी पंडीत मगर जम्मू कश्मीर सलामत क्यू ? ना पंचायत है और ना ही भारत के उच्चतम न्यायालय के अधीकार क्या बात है ...अजीब सा है भारत वीरोधी धारा 370 '

कहते है भारत मे लोकतन्त्र है मगर क्या लोकतंत्र ऐसा होता है जहां उंच नीच का भेदभाव हो ? कश्मीर की हर सडको पर बहे वीर भारतीय जवानो के खून के साथ ये अन्याय है धारा 370 

आइये जानते है धारा 370 को
* दो झंडे ..... दो संवीधान

* जमु कश्मीर के लोगो के पास दोहरी नागरीकता होती है

* जम्मू कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है

* जम्मू कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है जब की भारत के अन्य राज्यो की विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है

* जम्मूकश्मीर के अंदर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्र प्रतीको का अपमान अपराध नही होता है

* भारत के उच्च नयायालय के आदेश जम्मू कश्मीर के अंदर मान्य नही होते है

* भारत की संसद जम्मू कश्मीर के संबंध मे अत्यंत सीमीत क्षेत्र मे कानून बना सकती है

* जम्मू कश्मीर की कोई महीला यदी भारत के कीसी अन्य राज्य के व्यक्ती से वीवाह कर ले तो उस महिला की जम्मू कश्मीर की नागरीकता समाप्त हो जाती है इस के वीपरीत यदी वो महिला पाकिस्तान के कीसी व्यक्ती से विवाह कर ले तो उस व्यक्ती को जम्मू कश्मीर के साथ साथ भारत की नागरीकता भी मील जाएगी

* धारा 370 की वजह से कश्मीर मे RTI लागू नही है और ना ही CAG और RTE लागू होता है ,यहाँ तक की भारत का कोई कानून लागू नही होता

* कश्मीर मे महिलाओ पर शरीया कानून लागू होता है

* कश्मीर मे पंचायत के अधीकर नही है

* कश्मीर मे चपरासी को 2500 रुपये मीलते है

* कश्मीर के अल्पसंख्यक (हिन्दू और शीख ) को 16% आरक्षण नही मीलता

* धारा 370 की वजह से पाकीस्तानीयों को भी भारतीय नागरीकता मील जाती है उसके लीये पाकीस्तानी पुरुष को केवल कश्मीरी लड़की से शादी करनी पड़ती है

* धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।

* इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती

* इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है।

* 1976 का शहरी भूमि क़ानून जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता।

* 1976 का शहरी भूमि क़ानून तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि ख़रीदने का अधिकार है यानी भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते

* भारतीय संविधान की धारा 360 जिसमें देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होती

* भारतीय संविधान में अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबन्ध सम्बन्धी भाग २१ का अनुच्छेद ३७० जवाहरलाल नेहरू के विशेष हस्तक्षेप से तैयार किया गया था। स्वतन्त्र भारत के लिये कश्मीर का मुद्दा आज तक समस्या बना हुआ है

* जम्मू-कश्मीर में दूसरे राज्य के नागरिक सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर सकते हैं.

* 370 के कारण जम्मू और कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती. इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है.

* धारा 370 की वजह से ही जम्मू कश्मीर का अपना अलग झंडा और प्रतीक चिन्ह भी है. धारा 370 के तहत देश के सभी राज्यों में लागू होने वाला कानून यहां लागू नहीं होता है.

* कैसे बनी धारा 370 ? आइये जानते है धारा 370 की कहानी को
             " भारत आज़ाद हुवा मगर जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं था, ऐसे में जम्मू-कश्मीर के पास दो ही विकल्प थे या तो वह भारत में शामिल हो जाए या फिर पाकिस्तान का हिस्सा बने. जम्मू कश्मीर के राजा हरिसिंह का हिंदू होने के नाते भारत की ओर झुकाव था मगर वहां की जनता अधिकतर मुस्लिम थी जो पाक में शामिल होना चाहती थी मगर राजा हरिसिंह ने भारत में विलय करने का ऐलान किया और 'इंस्ट्रमेंट ऑफ एक्सेशन' नाम के दस्तावेज पर साइन किए, जिसका खाका मौजूद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के दादा शेख अब्दुल्ला ने तैयार किया | '

                " इसके बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया और उमर अब्दुल्ला के दादा शेख अब्दुल्ला को हरि सिंह और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर का प्रधानमंत्री बना दिया. हालाकी 1965 तक जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल की जगह सदर-ए-रियासत और मुख्यमंत्री की जगह प्रधानमंत्री हुआ करता था.

* धारा 370 में किए गए कुछ बदलाव
हालांकि कुछ विरोध के कारण धारा 370 में कुछ बदलाव भी किए गए. जैसे सदर-ए-रियासत और प्रधानमंत्री को बदलकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री कर दिया गया इसके अलावा पहले जम्मू-कश्मीर में देश के बाकी हिस्सों से जाने वाले लोगों को अपना पहचान पत्र साथ रखना जरूरी था, जिसका बाद में विरोध होने पर इस प्रावधान को भी हटा दिया गया.

* आखीर मे
        " कहते है भारत मे लोकतन्त्र है मगर क्या लोकतंत्र ऐसा होता है जहां उंच नीच का भेदभाव हो ? कश्मीर की हर सडको पर बहे वीर भारतीय जवानो के खून के साथ ये अन्याय है धारा 370  "

         " क्यू की जहां भारत के कानून को कोई स्थान नही वहाँ पर भारतीय जवान को क्या बली के बकरे के माफीक क्यू भेजा जा रहा है ? क्या भारत मे एक कानून नही होना चाहीये ? अगर कोई प्रदेश पर भारत का कानून लागू नही होता हो और उस प्रदेश पर भारतीय उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपती भी अपना अंकुश नही रख सकते है तो हटाओ इस धारा 370 को "

        " जो कहते है की कश्मीरीयों पर अन्याय हो रहा है उन्हे ये कानून देखकर ऐसा कहने को जी करता है की 
 कौन कहेता है कश्मीरीयों पर अन्याय करता है भारत 
  धारा 370 को देखो जरा 
आज भी कश्मीर का बाप हिंदुस्तान 
सीर्फ  एक गुलाम नजर आ रहा है  "

पाठको आपका क्या कहेना है ?
धारा 370 हटानी चाहीये या नही ?

कुछ बाते यहाँ पढे

धारा 370 की कुछ खबर यहाँ है
दो संवीधान - दो झंडे
हिन्दू मंदीरों की कॉंग्रेस द्वारा लूट  
सोनिया गांधी की चोरी " THE RED SAARI " भारत मे प्रतिबंधीत कीताब 

;;:;
:;:

.

Thursday, May 29, 2014

रायता फैला है आपका स्वागत है ... हा हा हा ( व्यंग )

                 ' आओ रायता फैलाते है .... और हो जाओ हँसने के लीये तैयार , यहाँ फैलाया रायता पढ़ीए ओर हस्ते रहीये ...यार मुझे तो समज मे आ गया की जीवन मे हास्य के साथ साथ रायता भी जरूरी है शायद आपको भी ये रायता भरी पोस्ट पसंद आए '
इस पोस्ट मे पढ़ीए 
 * रायता AAP का  
 * केजरीवाल का रायता
 * मोदी का रायता 
 * दिग्विजय का रायता 
 * राखी सावंत का रायता
 * राहुल बाबा का रायता
 * शाजीया का रायता 
* योगेंद्र यादव का रायता 
 * मनमोहन रायता 
 * मुलायम का रायता  
 * खबरीया चेनल का रायता 
* मायावती का रायता 
 * कॉंग्रेस का रायता 

* रायता AAP का 
* कौन कहेता है रायता फैलाने का काम औरते करती है
      आजकल टोपी पहेंनकर मुछों वाले भी रायता फैलाते है

* aap कार्यकर्ता देश मे रायता फैला रहे है
     ओर केजरीवाल तीहाड़ जेल मे रायता फैला रहा है

* धीरे धीरे AAP मे रायता फ़ेल रहा है

* केजरीवाल का रायता 
* केजरी जी ने अपनी सूझ बुझ से 10000 रू बचा लिया और
   14 दिन तक के लिए फ्री का खाना का इंतज़ाम भी कर लिया
   इसे कहते है दिमाग....

* एक दुकान के बाहर विज्ञापन मेँ लिखा था ''#धोखेबाजोँ_से_सावधान''..
   इतना देख एक मफलरधारी ने खोँ खोँ करते हुऐ अपना रास्ता बदल लिया..

* इस बीच तिहाड़ जेल से खबर आ रही हैं कि लंच में रायता ना दिए जाने से नाराज़ केजरी
     तिहाड़ के बावर्ची को हटाए जाने कीमांग लेकर धरने पर बैठ गए हैं

* इसी बीच मैं यह नहीं समझ पा रही हूँ की.......
     पागलखाने भेजे जाने वाले इन्सान को कोर्ट ने जेल क्यों भेजा ?

* मैं तो कहता हूँ के केजरीवाल जी को बाल सुधार गृह भेजना चाहिए
      क्यूंकि वे बहुत छोटे आदमी हैं

* केजरीवाल का D.N.A.टेस्ट करबाओ कही यह परगृही तो नही ?

* युगांडा मे झाड़ू की लोकप्रीयता देखकर केजरीवाल 
      युगांडा से लड़ सकते है चुनाव 
* धन्यवाद वाराणसी मै 500 रुपये लेकर आया था 
    और घर वापस जा रहा हु विमान से #kejariwal 
 
* वो रायता फैलाने आए थे
     जनता ने ही फैला दीया उनका रायता
     अब क्या करेंगे वो ?
     चलो धरणे पर बैठते है

* #kejariwal ने बाबाजी का ठूलू दिल्ली को दीया था
     देश ने बाबाजी का ठूलू केजरीवाल को दीया

* शाजीया के पार्टी छोड़कर जाने पर
     केजरीवाल भोंपू लेकर चिल्लाएगा
    " दील के टुकड़े टुकड़े करके मुस्कुराकर चल दीये "

* शाजीया का रायता
* दरअसल शाज़िया भौजी इसलिए नाराज़ थी कि
   कजरू ने उन्हें आम औरत की जगह आम आदमी की टोपी पहना दी थी

* कान खोलकर सुन लो
     शाजिया अब 'आप' की नही रही...

* छोड़ के अपने सलीम की गली, अनारकली डिस्को चली …....
   अब ये मत पूछना की सलीम कौन और अनारकली कौन

* राखी सावंत का रायता
* अभी खबर आई है कि
     राखी सावत को वोट देने वालो को कोर्ट ने "कारण बताओ नोटिस" जारी किया है

* योगेंद्र यादव का रायता 
* योगेन्द्र यादव ने 5000 हजार का बॉण्ड भरकर खुद तो जमानत ले ली|
     ये योगेन्द्र यादव ने केजरीवाल को धोखा क्यो दिया ?????
      धोखा वो भी पलटू पुरुष केजरी को ?
      वाह सलीम

* मनमोहन रायता
* मनमोहन ने मोदी को कहा धन्यवाद
    रोबोट से वापस आदमी बनाने के लीये

* 16 तारीख को मनमोहन सबसे ज्यादा खुश होंगे
     यार रोबोट से वापस आदमी जो बन रहे है

* मनमोहन ने लीखी " मौन भाषा मे कीताब "
     पहले पन्ने से आखरी पन्ने मे सीर्फ " ............. ........ ....... " यही मौन लीखा था
 अधीक रायता के लीये  " एकसच्चाई " से जुडीये

* मोदी का रायता

* BREAKING REQUEST 
   शपथ समारोह मे खाने की व्यवस्था के साथ साथ #narendramodi जी हो सके तो
    एक बच्चे के लीये टोफ़्फ़ी की व्यवस्था भी करना

* आज मोदी जी के दुर्लभ चीत्र हिंदुस्तान देख रहा है
     एक दीन
     गांधी परिवार के दुर्लभ चीत्र भी हिंदुस्तान देखेगा

* लोकप्रीयता प्राप्त करने के दो तरीके
     या तो मोदी जी जैसा बनो
     या फ़ीर केजरीवाल जैसा बनो
     फैसला तुम्हारा

* नरेंद्र मोदी के शपथ लेने के पहले ही सभी आतंकी संगढ़ने मोदी जी को टारगेट बनाया है तो
     फिर पिछली सरकार को क्यों नही टारगेट बनाई ? कुछ तो राज़ है

* आजतक मैंने हिंदुस्तान के किसी भी PM को गंगा आरती करते नहीं देखा
   हा पर कुछ को
   मजार पर चादर चड़ाते जरूर देखा है #narendramodi

* दिग्विजय का रायता

* दिग्विजय सिंह ने सारे कांग्रेसी नेतायों को फोन करके बोल दिया है कि
     "अब बिजी होने का कोई बहाना नही चलेगा,सबको मेरी बारात में चलना है!

* दिग्गी को इश्क़ ने कर दीया निकम्मा वरना आदमी टंच माल ओर बड़बोला था

* कॉंग्रेस कमीटी मे दीग्गी की राय पूछने पर दिग्गी ने कहा 
      मै अपनी राय (अमृता )किसी को नही दूंगा

* आज पता चला दिग्गी बार बार किस राय की बात कर रहे थे

* मुलायम का रायता 

मुलायम सिंह यादव को एक फिक्र सता रही है कि लोकसभा में मोदी को कौन रोकेगा।
 "एक काम करो नेताजी आप ही लाठी लेकर खडे हो जाओ !

* खबरीया चेनल का रायता
न्यूज़ चेनल खुशी मे चिल्ला चिल्ला कर खबर दे रहे है की
नवाज़ शरीफ भारत आ रहे है,
ऐसे खुश हो रहे है जैसे इनके ससुर आ रहा हो.

* राहुल बाबा का रायता 

* राहुल ने कीया विकास
   गुब्बारे से टॉफी तक पहुंचा बच्चा
   क्या ये विकास नही ??

* वो चांदी का चमच लेकर जन्मा था
   क्या करे पर दीमाग जो उसका खाली था

* राहुल को नहीं पता, प्याज़ ज़मीन के ऊपर उगता है या अंदर!

* हाँ मैंने घड़ी की बात की थी
     मगर घड़ी (watch ) की नही
     घड़ी डिटरजंट पावडर की
    " पहले इस्तेमाल करे फ़ीर विश्वास करे "

* मायावती का रायता 
उत्तर प्रदेश मे हाथी ने अंडा देने पर डिस्कवरी चेनल करेगी खोज

* कॉंग्रेस का रायता 
* कॉंग्रेस ने महीला सुरक्षा के लीये बनाई कमीटी
   मदेराना , संघवी , तीवारी , कांडा करेंगे कमीटी का नेतृत्व


दोस्तो " रायता " अच्छा लगा हो तो फोलोव कीजीए " eksacchai " 

:::;
;;:
::;








Saturday, May 24, 2014

जेल-बेल का खेल छोड़ें केजरी: शाजिया

 शाजिया ने कहा ..... जेल-बेल की राजनीति में लगी है पार्टी
लगातार धरना-प्रदर्शन ठीक नहीं है - शाजिया
* शाजीया ने  सवाल किया कि क्या यह काफी है कि हम बार-बार कुछ कॉर्पोरेट हाउस और नेता का नाम उछालते रहें?

आप की फाउंडर मेंबर रहीं शाजिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। शाजिया पार्टी की प्रवक्ता और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य थीं।

 शाजिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुखी मन के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि जिस आंदोलन और पार्टी के साथ मैं शुरू से जुड़ी थी, उससे नाता तोड़ रही हूं। उन्होंने कहा, 'स्वराज की बात करने वाली पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र नहीं हैं, कुछ लोग पार्टी को जकड़े हुए हैं और सारे फैसले वे लोग ही ले रहे हैं। पार्टी में मेरी प्रासंगकिता नहीं रह गई थी, इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।'

 'आप' की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शाजिया ने कहा कि सनसनी से पार्टी को शुरू में कुछ फायदा हुआ होगा, लेकिन लगातार धरना-प्रदर्शन ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह काफी है कि हम बार-बार कुछ कॉर्पोरेट हाउस और नेता का नाम उछालते रहें? शाजिया ने कहा कि पार्टी दिशाहीन हो गई है और जेल-बेल की राजनीति में लग गई है।

  'आप' के संयोजक अरिवंद केजरीवाल के बेल बॉन्ड न भरने से असहमति जताते हुए कहा कि जेल में आत्मचिंतन करने के बजाय उन्हें चौकड़ी से मुक्त होकर लोगों के बीच में जाना चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए

 शाजिया के अलावा और किस-किस ने किया आम आदमी पार्टी से किनारा?

आम आदमी पार्टी और बगावत का यह सिलसिला विनोद कुमार बिन्नी के साथ ही शुरू हुआ था। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 28 विधायकों की जीत और सरकार गठन के वक्त से ही बिन्नी-केजरीवाल के बीच ठन गई थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद मामला कभी बनता तो कभी बिगड़ता दिखाई दिया। अंततः बिन्नी ने भी पार्टी का विरोध करते हुए अपना रास्ता अलग कर लिया...

'आप' की सरकार के दौरान दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के आधी रात को विदेशी महिलाओं पर छापेमारी के मुद्दे पर विरोध करने वाली मधु भादुड़ी की नाराजगी इसी साल फरवरी महीने में सामने आई। आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले के बाद भादुड़ी ने भी पार्टी से किनारा कर लिया...

उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि जिस विचारधारा को लेकर आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था और जिससे आकर्षित होकर तमाम लोग पार्टी से जुड़े थे, वह कहीं खो गई है और आम आदमी खुद को ठगा महसूस कर रहा है।

इससे पहले इसी साल अप्रैल के आखिरी हफ्ते में आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रीय परिषद के नुमाइंदे अश्विनी उपाध्याय और 2400 अन्य लोगों ने पार्टी छोड़ दी थी।

आम आदमी पार्टी छोड़ने वालों की सूची में दूसरा नाम कैप्टन गोपीनाथ का है। गोपीनाथ ने भी शनिवार को ही पार्टी छोड़ दी।

शाजिया ने पार्टी के अंदर लोकतंत्र के अभाव का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शाजिया ने आरोप लगाया कि पार्टी जिस स्वराज की बात करती है, वह स्वराज पार्टी के अंदर ही लागू नहीं हो पाया है। शाजिया ने अरविंद की जेल और बेल की राजनीति पर भी हमला बोला...

आम आदमी पार्टी को छोड़ने वाले साथियों में सबसे ताजा नाम जुड़ गया है शाजिया इल्मी का। शाजिया पार्टी की संस्थापक सदस्य रही हैं और बावजूद इसके लगातार खुद को नजर अंदाज किए जाने से आहत होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी...

अमेठी से चुनाव लड़ चुके कुमार विश्वास भी पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं।

केजरीवाल के कुछ घोटाले एवं कारनामे यहा है 
वो कौन थी ?  
दिल्ली को तहरीर चौक बनाना चाहता था केजरीवाल
बेटी ने उतारा केजरी का नकाब 
केजरीवाल के 3 महा घोटाले    
;;;




Monday, May 5, 2014

सबसे बड़ा खुलासा : भगत सिंह बेगुनाह ,83 साल बाद मीला न्याय

सैंडर्स हत्याकांड की एफआईआर लाहौर के अनारकली थाने में 17 दिसंबर 1928 को शाम 4.30 बजे दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी, इसमें भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का नाम नहीं था



 लाहौर/अमृतसर - 1928 में लाहौर में एक ब्रिटिश पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर में पाकिस्तान पुलिस को शहीद-ए-आजम भगत सिंह का नाम नहीं मिला है। भगत सिंह को फांसी दिए जाने के 83 साल बाद इस महान स्वतंत्रता सेनानी की बेगुनाही को साबित करने के लिए यह बड़ा खुलासा है।


राशिद कुरैशी ने दायर की थी याचिका

भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी ने याचिका दायर की थी। इसमें भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के खिलाफ तत्कालीन एसएसपी जॉन पी. सैंडर्स की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर की सत्यापित कॉपी मांगी गई थी।
कोर्ट के आदेश पर छानबीन

लाहौर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अनारकली थाने के रिकॉर्ड की गहन छानबीन की और सैंडर्स हत्याकांड की एफआईआर ढूंढऩे में कामयाब रहे। उर्दू में लिखी यह एफआईआर अनारकली थाने में 17 दिसंबर 1928 को शाम 4.30 बजे दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी। इसी थाने का एक पुलिस अधिकारी इस मामले में शिकायतकर्ता था। चश्मदीद के तौर पर उसने कहा कि जिस व्यक्ति का उसने पीछा किया, वह 5 फुट 5 इंच लंबा था, हिंदू चेहरा, छोटी मूंछें और दुबली पतली और मजबूत काया थी। वह सफेद रंग का पायजामा और भूरे रंग की कमीज और काले रंग की छोटी क्रिस्टी जैसी टोपी पहने था।
केस दोबारा खोलने की मांग

कुरैशी ने लाहौर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की है, जिसमें भगत सिंह मामले को दोबारा खोलने की मांग की गई है। उन्होंने कहा, मैं सैंडर्स मामले में भगत सिंह की बेगुनाही को स्थापित करना चाहता हूं। लाहौर उच्च न्यायालय ने मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा है, ताकि सुनवाई के लिए बड़ी बेंच गठित की जा सके। भगत सिंह को सैंडर्स की हत्या के आरोप में 1931 में लाहौर के शादमान चौक पर फांसी दी गई थी।
450 गवाहों की भी नहीं सुनी थी

कॉपी मिलने के बाद याचिकाकर्ता ने कहा कि भगत सिंह के मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधिकरण के विशेष न्यायाधीशों ने मामले के 450 गवाहों को सुने बिना तीनों को मौत की सजा सुना दी। भगत सिंह के वकीलों को जिरह का अवसर नहीं दिया गया।



मगर कॉंग्रेस की नजर से भगत सिंह क्या था और क्या है ये यहाँ पढे 

शुशील जी ने कहा था : 

तरीका बदल गया है

भगत सिंह तेरे देश काहर सलीका बदल गया है ! 
..........................................................

रवीकर साहब ने कहा था : 

अबे भगत सिंह कौन है, आर टी आई मौन ।
हर शहीद गांधी मिला, शेष सभी हैं गौण |

शेष सभी हैं गौण, गुरु अफजल को जाने |
है कसाब मेहमान, आज के बड़े सयाने |

कर जमीन का दान, बांग्ला देश मुकम्मल |
भारत में घुसपैठ, बनाये ढाका मलमल ||

भगतसींह को शहीद मानने से हिचक रही है सरकार एक "आर टी आई" ने खोली पोल 

ये भगतसींह कौन है बे ? ..ऐसा है सरकार का रवैया ..चौंक गए ना मगर ये सच्चाई है की भगतसींह को सरकार शहीद का दर्जा नहीं देती है मगर मानो कहे रही हो की कसाब हमको जान से प्यारा है कमाल की है ये सरकार और उसके उसूल |"

" देश के लिए जान न्योछावर करनेवाले शहीद भगत सींह और उनके साथियो को स्वतंत्रता संग्राम के शहीद मानने से सरकार हिचक रही है ..क्या आप सो रहे है ? जागो वर्ना ये 

सरकार सिर्फ गाँधी परिवार को ही शहीदी का दर्जा देगी वैसे भी देश को "गाँधीस्तान" बना ही दिया है इस कमीनी कांग्रेस सरकार ने आपको यकीन ना आये तो ये लिंक " गाँधीस्तान " पर क्लिक करे हर जगह है "नकली गाँधी परिवार" का ही नाम ..ऐसा हो रहा है क्यों की हम सो रहे है ? " 
आखीर मे रशीद कुरेशी साहब को हृदय से धन्यवाद