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Tuesday, February 25, 2014

केजरीवाल जी कौन थी " वो " ? CIA या ISI एजंट ( वीडियो देखो )

केजरीवाल जी कौन थी " वो " ? CIA या ISI एजंट
यह विडियो अवश्य देखें! यह आपकी आँखें खोल देगा!

* क्या केजरीवाल का कोई दूसरा चेहरा भी है?

* केजरीवाल के NGO कबीर में शिमरित ली 4 महीने काम कर चुकी है

* सिमरत ली के रिपोर्ट को लेकर चले केजरीवाल

* 2007 से 2010 के बीच सीआईए की सहकर्मी फोर्ड फाउंडेशन और 86 लाख

* शिमरित ली केजरीवाल से मीली और 4 महीने मे आंदोलन हुवा

* शिमरित ली के रिसर्च पेपर इंटरनेट पर बहुत हैं



                       " डॉ हर्ष वर्धन का केजरीवाल पर CIA का एजेंट होने का संगीन आरोप! CIA की एजेंट "शिमरित ली" केजरीवाल के NGO 'कबीर' के लिए काम कर रही थी! वह कई महीने भारत आ कर रही! केजरीवाल की चंदे से मदद कर रही फोर्ड फाउंडेशन का सम्बन्ध भी अमरीकी जासूसी संस्था CIA से है! यह बातें इस ओर इशारा करती हैं कि क्या केजरीवाल का कोई दूसरा चेहरा भी है? "
* केजरीवाल के NGO कबीर में शिमरित ली 4 महीने काम कर चुकी है

                " सन 2010 शिमरित ली नाम की CIA एजेंट केजरीवाल के NGO कबीर में 4 महीने बतौर रिसर्चेर काम कर चुकी है! जिसकी रिसर्च का सीधा सम्बन्ध राजनीतिक परिवर्तन से है! उनकी रिसर्च का टाइटल था "Public Power: India and other democracies " …जिसमे यह लिखा था कि भारत में जनता की ताक़त कितनी है और उसे किस तरह से उभारा जा सकता है! शिमरित ली ने भारत छोड़ने से पहले अपने रिपोर्ट केजरीवाल को सौंपी जिसमे कि भारत में राजनैतिक अस्थिरता लाने की पृष्टभूमि रची गयी थी! अगस्त 2010 में शिमरित ली भारत से गयी और इसके ठीक एक साल बाद केजरीवाल ने अन्ना के साथ मिल कर जनलोकपाल आंदोलन छेड़ दिया ! शिमरित ली पहले भी कई देशो में यह काम कर चुकी है और इत्तेफ़ाक़ से वहाँ भी हाल ही में जनांदोलन और बड़ी राजनैतिक उथल पुथल हुयी है, अराजकता फैली है! "
* सिमरत ली के रिपोर्ट को लेकर चले केजरीवाल

                 " शिमरित ली की रिपोर्ट में भी स्वराज और मोहल्ला सभा जैसे तथ्यों का ज़िक्र है! शिमरित ने भी अपनी रिपोर्ट में बेहतरीन व्यवस्था का हवाला देते हुए अमरीका, ब्राज़ील और स्विटरलैंड जैसे देशों की तारीफ की है जिनका कि हवाला केजरीवाल भी देते रहते हैं! " 
* 2007 से 2010 के बीच सीआईए की सहकर्मी फोर्ड फाउंडेशन और 86 लाख

                 " यह कैसा इत्तेफ़ाक़ है कि सीआईए की सहकर्मी फोर्ड फाउंडेशन ने केजरीवाल के NGO कबीर को 2007 se 2010 के बीच 86 लाख से अधिक की धन राशि चंदे के तौर पर दी! किस लिए दी गयी लेकरीवाल के NGO को इतनी बड़ी धनराशि? फोर्ड फाउंडेशन पहले भी कई देशों में राजनैतिक अस्थिरता लाने के लिए काम कर चुकी है! अब केजरीवाल को फोर्ड फाउंडेशन भारत में राजनैतिक अस्थिरता लाने के लिए फंडिंग दे रही है! बीजेपी का आरोप है कि केजरीवाल भारत में अस्थिरता फैलाना चाह रहे हैं और वह CIA की कठपुतली से ज़यादा कुछ भी नहीं हैं! और CIA और फोर्ड फाउंडेशन के पैसे से ही केजरीवाल अपना आंदोलन चला रहे हैं जिसकी स्क्रिप्ट CIA के आल्हा अफसरों ने लिखी है!

                        " CIA अमरीकी जासूसी संस्था है जिसका कि बस यही काम है कि किसी भी प्रकार वह अमरीका के वर्चस्व को दुनिया में बनाये रहे! क्योंकि इसी तरह से अमरीका की दूकान चलती है! CIA पर और उसके एजेंटों पर अमरीका धुआंधार पैसा खर्च करती है! CIA अपने एजेंट्स को दुनिया भर में फैलाये हुए है! इनका उपयोग दुसरे देशो को कमज़ोर बनाये रखने के लिए किया जाता है!

* शिमरित ली केजरीवाल से मीली और 4 महीने मे आंदोलन हुवा
               " शिमरित ली का पूरा का पूरा व्यक्तित्व रहस्यमयी था! वह अमरीका से भारत आयी तो सीधे केजरीवाल के NGO के लिए और एक दिन बड़ी सफाई से गायब हो गयी! मात्र 4 महीने में उसके द्वारा लिखी गयी रिपोर्ट के आधार पर केजरीवाल ने आंदोलन छेड़ दिया! शिमरित ली का अतीत भी इस्लामिक देशों में बीता है जहां कि राजनीती में अमरीका की गेहरी दिलचस्पी रही है! "
* शिमरित ली के रिसर्च पेपर इंटरनेट पर बहुत हैं

             " शिमरित ली भी बाकि CIA के एजेंट की तरह अपनी पहचान छिपा कर रहीं! सिमरित ली वैसे तो अमरीकी यूनिवर्सिटी के लिए रिसर्च करती है पर हर बार उनकी रिसर्च का दायरा बदल जाता है! ऐसा इतनी जल्दी जल्दी होना किसी भी विद्यार्थी के लिए सम्भव नहीं है! ऐसा तो कोई मंजा हुआ रिसर्चेर CIA के आदेशों पर ही कर सकता है! शिमरित ली के रिसर्च पेपर इंटरनेट पर बहुत हैं परन्तु शिमरित ली की खुद के बारे में सूचना बहुत कम ही उपलब्ध है! सामान्यतः CIA एजेंट अपने बारे में जानकारी गुप्त ही रखते हैं!
 



 
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2 comments:

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

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  2. चिड़ियाघर कायल हुआ, बदल गया अंदाज ।
    मोदनीय वातावरण, बाजीगर सर-ताज ।

    बाजीगर सर-ताज, बाज गलती से आये ।
    लेकिन गिद्ध समाज, बाज को गलत बताये ।

    कौआ इक चालाक, बाँट-ईमानी पुड़िया ।
    मिस-मैनेज कर काम, रोज भड़काए चिड़िया ॥

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