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Monday, December 12, 2011

अलकायदा और लिट्टे की चाहत सुब्रमण्यम स्वामी की मौत ... मेरी राय



वीना मलिक की विवादित तस्वीरे देखने के लिए FHM पत्रिका उठाई तो देखा पढते पढते एक आलेख पर नजर गई |

उस आलेख पर नजर जाने के बाद दिमाग से वीना मालिक तो पूरी तरह से निकल गई और दिमाग मे दूसरी बातों ने जगह कर ली, वो पूरा आलेख पढ़ा और एक नया आलेख लिखने बैठ गया |


उस आलेख के शीर्षक मे लिखा था "अलकायदा और लिट्टे उनकी मौत चाहता है" | इस एक पंक्ति से मेरे दिमाग मे कई सवाल आना शुरू हो गये हैं जो की मै आप के सामने रख रहा हूँ |

सुब्रमण्यम स्वामी के दुश्मन अगर कोई हो तो वो होना चाहिए भारत के भ्रष्ट राजनेता जिनके पीछे सुब्रमण्यम स्वामी नहा धो कर पड़े हुए हैं, पर यहाँ तो लिट्टे और अल कायदा जैसे आतंकी संस्थान इनकी जान के दुश्मन बने हुए हैं | उन्होंने सभी आतंकवादी संगठनो को आड़े हाथो लिया है फिर सिर्फ अल कायदा ही क्यों उन्हें धमकी दे रहा है | लिट्टे से भी धमकी मिल रही है , जबकि लिट्टे ये अच्छा से जानता है की स्वामी के कुछ कहने से उसका कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं हो जायेगा वही हाल अलकायदा का भी होगा, पर फिर भी इन दो संगठनों ने ही धमकी क्यों दी |

स्वामी का कहना है की सोनिया गाँधी के लिट्टे से सम्बन्ध हैं, उनके पास इस बात के सबूत भी है, तो लिट्टे की धमकी का मतलब ये लगाया जाये की हाँ सोनिया गांधी और लिट्टे के बीच संबंध हैं और राजीव गाँधी की मौत के बाद भी उनके हत्यारों को कांग्रेस द्वारा माफ़ी देने की शिफारिश का शायद यही मतलब निकल सकता है |

मेरा दूसरा सवाल ये है की अलकायदा को स्वामी से क्या समस्या है, यही बात स्वामी जी से पूँछी तो उनका कहना था की वो आतंकवाद के खिलाफ बोलते हैं शायद इस लिए पर उनका जवाब मेरे गले नहीं उतर रहा जितना स्वामी बोलते हैं आतंकवाद के खिलाफ उतना तो कई दुसरे लोग भी बोलते हैं पर उनको धमकी क्यों नहीं मिल रही | या सिर्फ अलकायदा से ही धमकी क्यों मिली , क्या इस लिए की वो सब आतंकवाद के खिलाफ तो बोलते हैं पर भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं | स्वामी जी ने लिट्टे के साथ सोनिया गाँधी के सम्बन्ध है ऐसा कहा है लेकिन अल कायदा के साथ ये बात नही कह पाए शायद उसका कोई सबूत उनके पास नहीं है पर मुझे ये कहने के लिए सबूत की नहीं अटकलों की जरूरत है |

अब आप सोचिये की अगर अल कायदा सिर्फ स्वामी के भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों के कारण उनका दुश्मन बना है तो इसका क्या मतलब है, मेरी सोच इस बात की तरफ इशारा करती है की अल कायदा जैसे संगठन को इससे क्या लेना देना | सीधा जवाब है जितना बड़ा घोटाला हुआ है उतने पैसे किसी ऐसे हवाला के माध्यम से ही देश के बाहर भेजे जा सकते हैं जिसका नेटवर्क पूरी दुनिया मे फैला हुआ हो और ऐसा नेटवर्क अलकायदा से बेहतर किसका हो सकता है | मुमकिन है की अगर इसमें अलकायदा का नाम सामने आ गया तो इस वजह से उसकी दुकानदारी बंद हो जायेगी और उसे भारतीय भ्रष्ट नेताओं से मिलने वाला पैसा मिलना बंद हो जायेगा |

अगर मेरी सोच सही है और ऐसा ही हो रहा है तो देश के लिए कितना बड़ा खतरा है वो आप ही सोचिये | हमारे देश का पैसा आतंकवाद को फैलाने के काम आएगा और उस पैसे से गोला बारूद हमारे ही घरों मे चलाया जायेगा | जो कहते हैं की हमारे देश के नेता ऐसा नहीं कर सकते मै उनसे यही पूंछूंगा क्या बोफोर्स मे घोटाला नहीं हुआ, क्या आदर्श सोसायटी मे घोटाला नहीं हुआ और इन सब मे नेता के साथ साथ आर्मी वाले भी शामिल थे तो अगर आर्मी ऐसे जगहों पर घोटाले कर सकती है तो नेता तो उनसे चार नहीं चालीस कदम आगे जा सकते हैं |

और अगर किसी के KGB और लिट्टे के साथ सम्बन्ध हो सकते हैं, हमास ग्रुप से ट्रेनिंग ले सकता है कार्ला ब्रूनी से फ़्रांसीसी विमान खरीदने के लिए रिश्वत की बात कर सकता हैं तो पैसे के लिए अलकायदा का इस्तेमाल हवाला के लिए क्यों नहीं कर सकता |  

सब से बड़ी बात इन सब के बाद भी हमारे देश की निक्कमी व्यस्था स्वामी जी की सुरक्षा का इन्तेजाम तो कर नहीं रहे उल्टा देश के सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित घराने के दामाद के गुंडे उन्हें डराने की कोशीश जरूर करते हैं |

दोस्तों मेरा सिर्फ इतना ही कहना है की हम अन्ना हजारे का साथ दे रहे हैं पर हमें सुब्रमण्यम स्वामी का भी साथ उतनी ही शिद्दत से देना होगा तभी देश इन भ्रष्ट लोगो से मुक्त हो पायेगा |

3 comments:

  1. ये आर्टिकल तो पढना पडेगा.

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  2. sukriya sir , padha to ye bhi bataiye ki kaisa laga ?

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  3. आपकी प्रवि्ष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल उद्देश्य से दी जा रही है!
    शुभकामनाओं सहित!

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आओ रायता फैलाते है

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