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Wednesday, November 28, 2012

कॉंग्रेस महाचोर है सबूत ये रहे (मोदी को बदनाम करने का षड्यंत्र)



कॉंग्रेस महाचोर है सबूत ये रहे मोदी को बदनाम करने का षड्यंत्र 
चोर कॉंग्रेस सरकार के झूठ का पर्दाफाश हुवा आप भी सावधान रहे ये चित्र देखिये साथ मे कहाँ से ये चित्र कॉंग्रेस ने चोरी किए थे मोदी जी को बदनाम करने के लिए वो भी देखिये लिंक दिया हुवा है
चित्र नंबर 1 : अमेरिका की वेब साइट से चुराया हुवा ये चित्र 


गुजरात कांग्रेस ने जिस फोटो को अमेरिका की साईट से लिया है उसका लिंक ये है ... आप इस साईट पर जाकर देखिये http://www.wmbfnews.com/story/19522261/hispanics-may-face-higher-risk-for-type-2-diabetes-study


चित्र नंबर 2 : 
कुपोषित बच्चे का चित्र श्रीलंका के बच्चे का है 
जिसका इस्तेमाल कॉंग्रेस मोदी जी को बदनाम करने के लिए कर रही है 

चित्र नंबर 3 : 
गुजरात मे किसानो के गुम होने की अफवा ऐसे फैलाई गई 
ये चित्र राजस्थान के एक किसान का है  

कॉंग्रेस ने चोरी इस साइट से की थी  
                    ये रहा इस चित्र को कहाँ से चोरी किया था कॉंग्रेस ने उसका लिंक
               गुजरात कांग्रेस के द्वारा नीचता , दोगलापन , मक्कारी और फरेबी की इंतिहास  ... पहले श्रीलंका , फिर राजस्थान, त्रिपुरा के बाद अब नीच कांग्रेस ने अमेरिका का सहारा लिया ..

मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए गुजरात में सहकारी बैंको को बदहाल बताने के लिए नीच कांग्रेस को जब कोई गुजराती नही मिला तब कॉंग्रेस ने एक अमेरिकी को ही गुजराती बनाकर अपने विज्ञापन के दिखा दिया ..
 कांग्रेस का एक और झूठ का पर्दाफाश .. मित्रो सोचिये क्या इस नीच कांग्रेस को वोट देना चाहिए ? जब ये सत्ता पाने के लिए झूठ, फरेब और मक्कारी का सहारा ले रहे है तब ये सत्ता पाने के बाद क्या रंग दिखायेंगे ?

चित्र नंबर 4 : 
पेय जल की कमी दिखने के लिए इस चित्र का इस्तेमाल किया गया


गुजरात में पेयजल की कमी दिखाने के लिए जिस बच्चे का फोटो कांग्रेस ने दिखाया है वो त्रिपुरा का है और वही इसे खीचा गया है ... आप इस लिंक पर जाकर सुबूत देख सकते है

http://www.udayindia.org/content_20october2012/special-report.html


ऐसे मे क्या आप कॉंग्रेस को वोट देंगे जो झूठ पर खड़ी है ?
सोचिए ये आज गुजरात मे गुजराती भाइयो के साथ हो रहा है कल आपके साथ भी हो सकता है 
जागिए ओर ऐसे झूठे लोगो को सबक सिखाईये  सत्ता पाने के लिए अगर ये इतने झूठ बोल सकती है तो सत्ता मे आने के बाद क्या क्या नहीं करेंगे ये कभी सोचो जरा
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Tuesday, November 27, 2012

“ मोदी का कमल कॉंग्रेस के पंजे पर भारी “


* चुनाव पूर्व कॉंग्रेस मे इस्तीफे चालू
* कॉंग्रेस को मोदी के खिलाफ झूठ बोलना महँगा साबित होगा
* कॉंग्रेस के कार्यकरो ने गुजरात कॉंग्रेस प्रमुख का पुतला जलाया
* 20 दिसंबर को गुजरात मनाएगा दिवाली

* कोंग्रेसियों ने जलाया गुजरात कॉंग्रेस प्रमुख का पुतला      
       गुजरात कॉंग्रेस मे चुनाव पूर्व ही मचा है तूफान, चुनाव के पूर्व ही भुज मे गुजरात कॉंग्रेस प्रमुख अर्जुन मोढवाडिया का पुतला कोंग्रेसी कार्यकारों द्वारा ही जलाया गया ये घटना साबित करती है की कार्यकरो को गुजरात के कॉंग्रेस प्रमुख से मनमुटाव है ओर जब प्रमुख से ही मनमुटाव हो तो परिणाम खुद ब खुद ही तय हो जाता है ओर वो है कॉंग्रेस की नैया डूबेगी |
  
  * कॉंग्रेस मे चल रहा है इस्तीफे का दौर
    एक तरफ कोंगी कार्यकर अपने पक्ष के पुतले जला रहे है तो दूसरी तरफ इस्तीफ़ों का दौर भी चालू है भुज,सूरत,राजकोट,भावनगर,सावरकुंडला,जूनागढ़,अहमदाबाद मे कोंग्रेसी कोरपोरेटर ओर कार्यकर अपने अपने इस्तीफे पक्ष प्रमुख को दे रहे है वो भी उस वक़्त जब चुनाव सर पर है ऐसे मे पहले से ही गुजरात मे कमजोर रही कॉंग्रेस क्या भाजपा को टक्कर दे सकेगी ?

* कोंग्रेसी कोरपोरेटर दे रहे है इस्तीफे  
    कोरपोरेटर कक्षा के लोग जब इस्तीफे देने लगे तो बात गंभीर बन जाती है क्यू की लोगो ने उन्हे गत चुनाव मे चुनकर दिया है ओर उनके इस्तीफे का परिणाम लोगो पर भी पड़ सकता है हालाकी इस्तीफे देनेवाले लोग खुद ही कॉंग्रेस के द्वारा यानि उनके पक्ष के द्वारा फैलाये गए झूठ से परेशान है ओर ऐसे ही झूठ से परेशान गांधीनगर कॉंग्रेस के एक मात्र केयर श्री राणा ने कॉंग्रेस प्रमुख को खत भी लिखा था जिसमे उन्होने साफ तौर पे लिखा था की जो कार्य कॉंग्रेस 45 साल के अपने राज के दौरान नहीं कर सकी वो कार्य श्री नरेंद्र मोदी ने मात्र 11 साल के अपने राज मे कर दिखाया फिर भी उनके खिलाफ झूठ क्यू बोला जा रहा है ? ओर ये खत का जवाब कॉंग्रेस प्रमुख की तरफ से ना आने पर मेयर श्री राणा ने इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन किया था |
  
* झूठ की बुनियाद सच्चे विकास के आगे नहीं टिकती है 
      झूठ की बुनियाद कभी सच्चे विकाश के सामने नहीं टीक सकती है ये बात को साबित कर रही है कॉंग्रेस की आंतरिक लड़ाई ओर कोंग्रेसी सभयो द्वारा दिये जानेवाले इस्तीफे ओर आज कॉंग्रेस की ऐसी हालत के लिए जिम्मेदार अगर कोई है तो वो है गुजरात कॉंग्रेस प्रमुख श्री अर्जुन मोढ़वाढिया ,शंकरसिंह वाघेला,शक्तिसिंह गोहील क्यू की इनहोने ही सबसे ज्यादा झूठ नरेंद्र मोदी के खिलाफ फैलाये थे ओर ये तीन लोग ही कॉंग्रेस की नैया चुनाव के पूर्व ही डुबाएंगे ये तय ही है |
  
* मोदी जी को मिल रहा है समर्थन 
       श्री नरेंद्र मोदी जी को मिल रहा अपार समर्थन ओर कॉंग्रेस मे चल रहा इस्तीफे का दौर साबित करता है की लोग याने आम आदमी अब जान चुका है की सच्चा विकास ओर भ्रष्टाचार मे क्या फर्क होता है |
  
       ताझा समाचार के अनुसार राजकोट कॉंग्रेस के अति अहेम अशोक डाँगर, कश्मीराबेन नाथवानी ,मकवाना ने भाजपा जॉइन कर लिया है याने अब गुजरात मे मुक़ाबला कॉंग्रेस ,भाजपा ,पीपीपी के बीच नहीं बल्कि भाजपा ओर पीपीपी के बीच ही कहा जाए तो उचित रहेगा |
  
       जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है वैसे वैसे चित्र साफ नजर आ रहा है की गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पूर्व कहा था की गुजरात 20 दिसंबर को एक बार फिर से दिवाली मनाएगी ये बात सच ही साबित होगी ओर गुजरात ने पूर्ण रूप से तैयारी भी कर ली है दिवाली पुनः एक बार मनाने के लिए |    

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Tuesday, November 20, 2012

कौमी दंगे की ओर बढ़ रहा है भारत : सबूत ये रहा ( वीडियो )


                                                                             “ दंगाई जीतने गुनहगार होते है उससे भी ज्यादा गुनहगार होता है लोगो को दंगा करने के लिए उकसानेवाला, क्यू की वही होता है दंगाइयो का नेतृत्व करनेवाला, उसिकी भाषा से प्रेरित होकर लोग वो गुनाह करने के लिए नीकल
पड़ते है, जिस गुनाह से देश की शांति भंग होती है ओर बिचारे निर्दोष लोग बेमौत मर जाते है मरनेवाले को ये भी पता नहीं होता है की आखिर उसका गुनाह क्या है ? क्या ये देश फिर से एक कौमी दंगे की ओर जा रहा है ?

* पुलिश हटाओ फिर देखो  
                    हैदराबाद के हाल से सभी वाकिफ है जहां कौमी दंगे आम बात हो गई है ,कभी मदिरो की सजावट नहीं करने दी जाती है कभी भगवा झण्डा लहेराने नहीं दिया है मंदिरो पर क्यू की वहाँ अकबरुदीन ओवेसी जैसे सांसद की भाषा ही कुछ ऐसी है ओर ताजूब्ब की बात ये है की इस देश का कानून भी अकबरुदीन का कुछ बीगाड़ नहीं पाता है मगर कुछ समय पूर्व जब वरुण गांधी ने ऐसी भाषा बोली थी तो उस पर मकोका जैसी गंभीर धारा लागू कर दी गई थी तो आज भी वो कानून अकबरुदीन पर लागू नहीं हो सकता है क्या ? जो खुले आम कहे रहा है की पुलिस को हटाओ फिर देखो वो भी इकट्ठा भीड़ के सामने, तो क्या इस देश मे कानून जाती आधारित है ? जो अकबरुदीन  के मामले मे चूप बैठा है कानून | “

*सांसद होकर लोगो को भड़का रहा है 
                      एक सांसद का कर्तव्य क्या यही होता है की अपने मजहब के लोगो को दूसरे मजहब के खिलाफ भड़काओ ओर कौमी एकता की जगह देश मे दंगे फैलाओ क्या आज देश का कानून इस नेता के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेगा ?जो सारे आम लोगो को भड़का रहा है ओर मारने काटने की बात कर रहा है ,अगर ऐसा ही देश का कानून मुक तमाशा बनकर भेदभाव रखेगा तो वो दीन दूर नहीं जब देश एक ओर कौमी दंगे की ओर बढ़े मगर हैरत तो तब होती है जब खुद केंद्रीय सरकार भी ऐसे भड़काऊ भाषण देकर देश को दंगे की ओर ले जानेवाले के खिलाफ कोई कडक कदम नहीं उठा रही है तो क्या यूपीए सरकार भी यही चाहती है की देश एक ओर भयानक दंगे की ओर बढ़े ?

* अब ये सबूत है इंतज़ार फिर भी क्यू ?
                वैसे भी सरकार आसाम,राजस्थान ,मुंबई दंगो पर अब तक चूप ही रही है जहां सरेआम पाकिस्तान के झंडे लहेराए गए थे ये भी तो भड़काऊ बातों का ही नतीजा था ऐसा सरकार का कहेना था ओर ढेर सारी साइट भी सरकार ने बंद कर दी थी मगर अब तो वीडियो है सबूत का की अकबरुदीन लोगो को भड़का रहा है तो क्या इस पर कोई कदम नहीं उठाएगी सरकार ?

* हर मजहब के लिए अलग कानून क्यू ? 
                        मत करो इस देश मे दो कानून अलग अलग मजहब के लिए ऐसे मे तो अकबरुदीन जैसे नेता, लोगो को सरेआम भड़का सकते है अकबरुदीन कहेते है की पुलिश को हटाओ फिर देखो तो एक बात सायद अकबरुदीन भी भूल गए है की एक कौम हथियार उठाएगी तो दूसरी कौम भी हथियार उठाएगी ओर ऐसी भड़काऊ भाषा एक सांसद को शोभा नहीं देती है क्यू सांसद को संविधान के रक्षक कहा जाता है ओर जब यही सांसद संविधान को तोड़ने की बात करे तो ये अच्छी बात नहीं है ये भी एक तरहा से संविधान का अपमान ही हुवा क्यू उस धरती पर लाल खून बहाने की बात करते हो जो तुम्हें रोटी देती हो ?    

* क्या यूपीए सरकार न्याय देगी जनता को या फिर एक ओर कौमी दंगा ?
                      क्या इस देश की यूपीए सरकार देश की जनता को न्याय देगी या फिर एक ओर कौमी दंगा ? ये तो आनेवाला वक़्त ही बताएगा मगर फीलहाल तो अकबरुदीन पर रोक लगानी ही चाहिए अन्यथा नुकसान देश की बेकसूर जनता का ही होगा ,हजारो कफन मे लिपटी पड़ी होगी निर्दोष लोगो की लाशे ओर हजारो निर्दोष की चिताए जल रही होगी किसी समशानघाट पर ,नुकसान तो आखिर निर्दोष लोगो का ही है क्यू की लोगो को भडकानेवाले नेता खुद दंगे के वक़्त सुरक्षा के घेरे मे रहते है फिर चाहे वो किसी भी मजहब का नेता क्यू न हो ? उसे तो बस्स अपने वोट की पड़ी होती है ,अपनी कुर्सी की पड़ी होती है मरनेवाला चाहे बेमौत क्यू न मरे |

* क्यू इंतज़ार है अगले दंगे का सरकार को ? 
                      क्या इस देश की सरकार अगले भयानक कौमी दंगे का इंतज़ार कर रही है ...कश्मीर,आसाम,राजस्थान,मुंबई ओर अब अकबरुदीन ओवेसि तैयारी करवा रहा है अगले दंगे के लिए  ...... ?




* आप क्या चाहते है ? क्या देश एक ओर भयानक दंगे की ओर बढ़े ये सही होगा ? क्या आपको अमन ओर शांति पसंद नहीं है ?

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Wednesday, November 14, 2012

बिजली होगी गायब : कोयले की कमी, खतरा मंडराया



देश के 33 पावर प्लांट के पास सिर्फ 3 दिन चले उतना ही कोयला
देश मे कोयले की कमी
छाएगा फिर से अंधेरा
हो रहा भारत निर्माण 
                
                             “सेंट्रल एलेक्ट्रिक सिटी अथॉरिटी ने बताया की 7 नवंबर से कोयले की कमी महसूस हो रही थी ओर उसकी वजह से देश के 35 पावर प्लांट की स्थिति बहुत ही खराब हो गयी है कोयले पर चलनेवाले 90 पावर प्लांट आज बेकरी की ओर बढ़ रहे है क्यू की उनके पास 7 दिन का ही कोयला बचा है |

                               “ महाराष्ट्र की स्थिति एक दम दयनीय है 10 मे से सिर्फ एक ही पावर प्लांट है जिसके पास 8 दिन का कोयला है बाकी के पास 3 दिन का ही कोयला है,जिसका मतलब साफ हुवा की अगर सरकार ने कदम नहीं उठाए तो देश मे अंधेरा फिर से छाएगा |

                                   “ हर पावर प्लांट के पास 22 दिन तक कोयला चले उतना स्टॉक होना ही चाहिए मगर इस बरस ओक्टोबर नवंबर मे स्थिति खराब हो गयी है अक्तूबर मे 47 पावर प्लांट गंभीर स्थिति मे थे जिसमे से 32 पावर प्लांट की स्थिति काफी खराब हो गयी है ओर गंभीर बात ये है की लेंकोना 1000 मेगावोल्ट ,एनटीपीसी 2980 मेगावोल्ट ,विध्युताचल 3760 मेगावोल्ट,2100 मेगावोल्ट फराक्का स्टेशन के पास सिर्फ 1 दिन चल सके उतना ही कोयला है,लेंकोना पावर प्लांट से जुड़ी हुई कोयले की खदान से अभी तक खुदाई का काम चालू ही नहीं हुवा है ये भी एक संकट है ओर एनटीपीसीके जितना कोयला मिलता है उतना कोयला एक दिन मे ही खर्च हो जाता है फिर भी कॉल इंडिया कहेती है की कोयला की सप्लाय मे 8 % की बढ़ोतरी हुई है अगर बढ़ोतरी हुई है तो फिर ये कमी कैसे ?

                "उतर भारत ओर महाराष्ट्र पर अंधेरे का खतरा फिर से मंडरा रहा है अगर सरकारी संस्था ने कोई कदम नहीं उठाए तो यकीनन ही अंधेरा छा जाएगा अब सवाल ये उठता है की आखिर देश का कोयला गया कहाँ ?क्या अभी तक खदानों मे से खुदाई शुरू नहीं है ? क्यू की देश के लिए कोयला आफ्रिका से मगवाया जाता है ओर वो भी चौगुने दाम देकर ....कमाल की यूपीए सरकार है जो देश को सच मे लालटेन के युग की तरफ ले जा रही है क्या इसिकों विकास कहते है ? क्या इसिकों भारत निर्माण कहते है ? सोचिए इस पर भी जरा | “ 

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Monday, November 12, 2012

आरटीआई : देश मे सबसे अधिक सुखी मुसलमान गुजरात मे

" नरेंद्र मोदी को बदनाम करनेवाली कॉंग्रेस के गाल पर आरटीआई द्वारा एक ओर तमाचा आखिर पड़ ही गया वो कैसे तो पढ़िये ये खबर ये सत्य है की पूरे देश मे सबसे अधिक सुखी मुसलमान आज गुजरात मे है | "

* टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा लगाई लगी आरटीआई ने खोली पोल 
 
" देश के किस राज्य में थानों में सबसे ज्यादा मुस्लिम पुलिसवाले हैं? इस सवाल का जवाब सुनकर आप चौंक सकते हैं। 10 साल पहले हुए दंगों की वजह से गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार की मुस्लिम विरोधी छवि जगजाहिर है, लेकिन इस मामले में उसका रिकॉर्ड सबसे शानदार है। एक आरटीआई से पता चला है कि वहां के थानों में किसी भी राज्य के मुकाबले ज्यादा मुस्लिम पुलिसवाले हैं।"

" हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से दाखिल आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय ने जो जानकारियां दी हैं, उसके मुताबिक गुजरात के पुलिस थानों में पोस्टेड पुलिसकर्मियों में 10.6% मुसलमान हैं। यह अनुपात राज्य में मुस्लिमों की जनसंख्या के मुकाबले ज्यादा है। 2001 की जनगणना के मुताबिक सूबे में मुस्लिम आबादी 9.1% है। गुजरात के 501 पुलिस थानों में पोस्टेड 47,424 पुलिसकर्मियों में से 5021 मुस्लिम समुदाय से हैं। इस लिहाज से देखें तो गुजरात के हर थाने में औसतन 10 मुस्लिम पुलिसकर्मी हैं।"

" गुजरात से अधिक मुस्लिम आबादी अनुपात वाले सूबों में से केरल के 451 थानों में 2210 पुलिसकर्मी मुस्लिम हैं, जबकि लगातार तीन दशक से भी ज्यादा समय तक लेफ्ट पार्टियों द्वारा शासित पश्चिम बंगाल के 525 थानों में केवल 2048 पुलिसवाले ही मुस्लिम हैं। सबसे खराब रिकॉर्ड राजस्थान का है, जहां के 773 थानों में केवल 930 पुलिसकर्मी ही मुस्लिम हैं। झारखंड में भी आंकड़ा कोई खास अच्छा नहीं है। यहां 417 पुलिस थानों में 616 पुलिसकर्मी मुस्लिम समुदाय से हैं।"
 

 " गृह मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े मे 17 राज्यों और 6 केंद्र शासित क्षेत्रों का ब्योरा है। 11 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश ने बार-बार ताकीद किए जाने पर भी आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए। 10 % से अधिक मुस्लिम आबादी वाले राज्यों में से उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश ने अपने आंकड़े नहीं दिए। सच्चर कमिटी ने सिफारिश की थी कि अल्पसंख्यक समुदाय में विश्वास बहाल करने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों में उनकी नियुक्ति को बढ़ावा दिया जाए। जाहिर है, ज्यादातर राज्यों ने कमिटी की इस सिफारिश की ओर ध्यान नहीं दिया।" 

साभार : नवभारत टाइम्स 

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सोसियल मीडिया की लगाम कसेगी सरकार



सोशल मीडिया की लगाम कसने की तैयारी

सरकार ने फैसला किया है कि सोशल नेटवर्क और इंटरनेट पर सूचनाओं व सामग्री का प्रसारण रोकने के लिए वही नियम लागू होंगे जो टीवी और रेडियो के लिए निर्धारित हैं गृह मंत्रालय सहित तमाम एजेंसियां इन नियमों के आधार पर सोशल मीडिया की निगरानी करेंगी और आपत्तिजनक सामग्री को सार्वजनिक करने पर पाबंदी लगाएंगी।

" इंटरनेट पर पाबंदी के तरीकों और नियमों पर सहमति बनने के बाद अब सभी इंटरनेट ऑपरेटरों और सोशल नेटवर्को को हिदायतें जारी करने का निर्देश हो गया है। सरकार एक अंतरमंत्रालयी समन्वय तंत्र भी बनाने जा रही है, जो सोशल मीडिया और इंटरनेट की लगातार निगरानी करेगा। 'दैनिक जागरण' ने 19 सितंबर को पहली बार यह खबर प्रकाशित की थी कि सरकार इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पहरा बिठाने जा रही है।"

" सोशल मीडिया पर निगरानी को लेकर सरकार की मुहिम खासा तेज है। अगस्त के अंत में प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के स्तर पर सोशल मीडिया की निगरानी और सामग्री को प्रतिबंधित (ब्लॉक) करने का फैसला किया गया था। फेसबुक, ट्विटर समेत तमाम सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कंटेंट प्रसारित करने के नियम तय करने के मकसद से केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय की अगुआई में उच्चस्तरीय समिति बनाई थी।"

" इस समिति का मानना है कि प्रसारण माध्यमों की निगरानी के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रावधान प्रभावी रूप से लागू हैं और तरह तरह की कानूनी चुनौतियों के बीच सफल साबित हुए हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए फिलहाल इन्हीं नियमों, निर्देशों और अधिकारों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार सोशल मीडिया पर कंटेंट ब्लॉक करने के लिए कानून व्यवस्था बिगड़ने के खतरे को आधार बनाएगी, जिसके लिए सूचना तकनीक कानून की धारा, 69 (ए) में भी पर्याप्त प्रावधान हैं। "

" हाल में कई इंटरनेट वेबसाइट और सोशल मीडिया नेटवर्क पर विभिन्न तरह के कंटेंट को लेकर सरकार ने आपत्ति जाहिर की थी और गूगल, फेसबुक आदि से जवाब तलब किया था। लेकिन असम हिंसा के दौरान अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बाद सरकार ने सीधी कार्रवाई का निर्णय किया। इसके तहत एक प्रभावी मॉनीटरिंग सिस्टम, कंटेंट ब्लॉक करने की क्षमता और जरूरी कानूनी इंतजाम किए जाएंगे। सोशल मीडिया व इंटरनेट पर निगरानी की यह मुहिम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की देखरेख में चल रही है। सूचना तकनीक, दूरसंचार व गृह मंत्रालय, इंटेलीजेंस ब्यूरो, एनटीआरओ जैसी खुफिया एजेंसियां और डीआरडीओ तकनीकी एजेंसियां इसका हिस्सा हैं। "

साभार : रविश रवि