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Saturday, November 19, 2011

नवमी पनोती क्या होती है ? :पनोती सिंह { व्यंग }


" पनोती ..ये पनोती क्या होती है ? " लल्लन ने पुछा तो अख़बार के पन्नो को समेटते हुवे चाचा चौधरी बोले " लल्लन ,ये पनोती को तु समज नहीं पायेगा |"..गधे को उसके बच्चे के साथ लाते हुवे पप्पु बोला "चाचा ,लल्लन के बस की बात नहीं है की पनोती को समज सके |"..."चुपकर पप्पु ,ये तो हम भी समजते है की पनोती याने शनिदेव का प्रकोप है |"...तो पप्पु हसने लगा और बोला " अबे लल्लन,शनिदेव की पनोती से भी ज्यादा खतरनाक पनोती पता है किसको कहते है ?"...उस पर लल्लन ने अपना सर हीलाकर आश्चर्यभरी निगाहों से ना कहा "हा हा हा ...तब पहले इस खतरनाक पनोती के बारे में जान ले दोस्त जिसे "नोव्वी पनोती" कहते है |"

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लल्लन तु पप्पु की बातों पर ध्यान मत दे |" चाचा चौधरी ने कहा मग़र पप्पु लगातार पुछ रहा था की ये नोव्वी पनोती का मतलब क्या है ?क्यु की आज तक लल्लन के साथ साथ सबने येही सुना और जाना है की पनोती याने "साडासाती" ये ...नोव्वी पनोती को पहली बार सुना जो साडासाती से भी खतरनाक है |" ... "एय पप्पु बताना ...ये नोव्वी पनोती क्या होती है ? " .." तेरेको जानना है ना की नोव्वी पनोती क्या होती है ? तो फिर चल पहले इन गधो की पीठ पर लदा सामान उतारने में मेरी मदद कर |"..पप्पु बोला ..तो थोड़ी ही देर में गधो की पीठ पर लदा सामान खाली कर दिया लल्लन ने |"

" ये क्या है ? "पपू ने गधो की तरफ उंगली उठाकर कहा .."गधे " लल्लन बोला ..."सही कहा ,ये गधे है मग़र जानते हो जब किसी गधे का जन्म होता है तो गधे का बछड़ा बड़ा ही सुन्दर दीखता है लोग पहेचान नहीं पाते है की ये बछड़ा गधे का है या फिर घोड़े का मग़र जैसे जैसे उम्र बढती जाती है इस का असली रूप जनता के सामने जाता है और लोग उस से नफ़रत करते है |"..."तु मुझे गधे की बात मत सुना ,मुझे नोव्वी पनोती के बारे में बता |" लल्लन बोला ...." वही तो कहे रहा हु , जब ये सरकार को हमने चुन कर दिया तो ये सरकार गधे के बछड़े के माफिक खूबसूरत थी मग़र जैसे जैसे इस सरकार की उम्र बढती गई ये सरकार अपने असली रूप में ही गयी ..अब ध्यान से सून ..ये पनोती को और नोव्वी पनोती का मतलब |"

" गधे की लीद को साफ़ करते करते लल्लन बोला " सुन तो रहा हु |"... " जब से ये सरकार आई है देश को पनोती लग गयी है ..वो पनोती जो शनिदेव की साडेसाती से भी घातक है ..घोटाले ही घोटाले ,महेंगाई ही महेंगाई ..अरे शनि देव की साडेसाती किसी एक या दो राशी के लिए होती है ..मग़र ये साडेसाती पुरे १२० करोड़ लोगो के लिए है जो किसी को नहीं बक्षती क्यु की आपका गुनाह है की आप इस देश के नागरिक है और आपने इस सरकार को चुनकर दिया है ..गरीब के घरो में केरोसिन ना होने की वजह से चुला नहीं जलता है मग़र ये सरकार विजय माल्या जैसे उधोगपति के लिए चिंतित होती है ..गरीब ना जी सकता है और ना ही मर सकता है क्यु की मरने के बाद कफ़न भी महँगा जो हो गया है ..घोटाला करो और जेल में मोज करो ...अफज़ल ,कसाब जैसे आतंकी बनो और मोज करो क्यु की ये पनोती सरकार सिर्फ इन लोगो का ही सुनती है |".."हाँ ,अब समजा की पनोती याने ये सरकार और तु सही कहे रहा है मग़र ये बात हुई साडेसाती की ..अभी भी डेढ़ कम है "नौ" होने में ..नोव्वी पनोती |"

" मिडिया ..देश की आधी पनोती है ..जो लोगो को गुमराह कर रही है और सिर्फ सरकार का ही सुनती है जिसे गुजरात के मुख्यमंत्री " नरेन्द्र मोदी के टोपी ना पहनने में इंटेरेस्ट है मग़र देश में हो रहे करोडो के घोटाले में नहीं है और राजस्थान में हुवे मुस्लिम भाईयोँ के नर संहार को तो उन्होंने बखूबी दबा दिया ..और उसके फल स्वरुप इस आधी पनोती को साडेसाती सरकार ने पीटा और उनके कैमरे भी तोड़ दिए याद है ना "भावरीदेवी कांड " ..भला साडेसाती के आगे थोड़े ही आधी पनोती टिक पाती है | ".."साडे सात और आधी याने ये आठ ही हुवे ..नौ में एक कम है अभी भी |"

" अरे ओ २६ रुपये वाले अमीर इंसान ...साडे साती ये सरकार है और आधी पनोती ये मिडिया है तो तु इस देश के प्रधान मंत्री को क्यु भूल रहा है जो पूरी एक पनोती है ...जब से ये प्रधान मंत्री हुवा है देश में महेंगाई ..भूख ,गरीबी ,घोटाले ,आतंकी हमले ,स्विस बैंक चक्कर ,आतंकी कसाब की महेमानगति बढ़ी ही है फिर भी ये प्रामाणिक कहेलाता है ..हाँ ये प्रामाणिक है मग़र जनता के लिए नहीं मग़र उन घोटालेबाज मंत्री और सरकार के लिए क्यु की ये बोलता नहीं है और उनका ये मौन ही देश के लिए पूरी पनोती साबित हुवा है|"... तभी गधा चिल्लाया "देख ये गधा भी दिन में दो तिन बार चिल्लाता है मग़र ये अपने साल में कभी बोला ही नहीं है |"

" ओये पप्पु ,तुम ने तो कमाल कर दिया ....वाकई में ये नोव्वी पनोती खतरनाक है यार जो १२० करोड़ लोगो को एक साथ लपेट में ले लेती है |"..."ठीक है ठीक है ..मग़र याद रख इन गधो की लीद की वजह से सिर्फ ये थोड़ी सी जमीन और तेरे हाथ ख़राब हुवे है मग़र इस सरकार के भ्रस्टाचार से मेरा ..तुम्हारा ..हम सबका भविष्य भी ख़राब हुवा है ..इन गधो की लीद से भी ख़राब है देश में हुवा भ्रस्टाचार और ये .......नवमी पनोती |"



जल्द ही इस ब्लॉग में रही है पोस्ट :

" एक अजगर : सोनिया पावर |"



- चित्र गूगल से साभार

5 comments:

  1. वाकई नोव्वी पनोती...बहुत सटीक और करारा!!

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  2. भाईसाहब
    गज़ब की पोस्ट, गज़ब का व्यंग...
    नवमी पनौती, क्या कहने हैं...

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