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Saturday, March 9, 2013

करे वाघेला ओर भुगते नरेंद्र मोदी ?


              " अदानी को 500 एकर जमीन वाघेला ने दी थी फिर भी कॉंग्रेस मोदी जी पर झूठे इल्ज़ाम लगा रही थी मगर आज सच्चाई सामने आ ही गई ....  "

* शंकरसिंह वाघेला ने उध्योगपति अदानी को 500 एकर जमीन महज 1 रुपये प्रति  
  एकड़ के दाम से दी थी

* 1980-1990 के दशक मे कॉंग्रेस सरकार ने गौ-चर की 93 % जमीन उध्योगपतियों 
  को दी थी
           
             गुजरात विरोधपक्ष के नेता श्री शंकरसिंह वाघेला जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होने क्या किया था, उस फाइल को लेकर आज गुजरात के महेसुल मंत्री आनंदीबेन पटेल विधानसभा मे आई थी उन्होने ये बताते हुवे कहा की 15/4/1997 को किसकी सत्ता थी वो सब जानते है ( मुख्यमंत्री थे शंकरसिंह वाघेला )उस वक़्त अदानी ग्रुप ने 150 एकर जमीन की मांग सरकार से की थी जो जमीन 1 रुपैया प्रति चोरसमीटर के हिसाब से देनी थी मगर फाइल मे नोटिंग कुछ ओर ही हुवा के 150 एकर नहीं बल्कि 300 एकर जमीन दी जाए ,अदानी पोर्ट को 325 एकर जमीन देने के बाद ओर भी 175 एकर जमीन अदानी को दी जाए ऐसा नोटिंग फाइल पर अधिकारियों का था जिसमे कहा गया था की इस से पहले जो शर्त पर जमीन दी गई है उसकी समीक्षा करने पर ही उसे जमीन दी जाए |
            
               आगे बताते हुवे आनंदीबेन पटेल ने कहा की सबसे हैरानीवाली बात ये है की इस फाइल पर उस वक़्त के मुख्यमंत्री ओर आज की विधानसभा के विरोध पक्ष के नेता शंकरसिंह वाघेला ने भी नोटिंग किया हुवा था की नगर नियोजक नक्की करे वही दाम मे जमीन दी जाए | आनंदीबेन ने आगे बताया की इन सभी सरकारो ने जमीन लुटाई थी मगर हमारी सरकार उनके जैसे उध्योगों पर बरसती नहीं है हम भी जमीन देते है मगर नियम के मुताबिक ही |”
           
          आइये आनंदीबेन ने दिये आंकड़ो पर नजर करते है
* 1985 से 1990 मे 10 उध्योगपतियों को महज 5 पैसो से लेकर 20 पैसो के हिसाब
  से जमीन दी गई थी
* 1991 से 1995 मे 18 उध्योगपतियों को 1 रुपये से कम दाम मे जमीन दी गईथी
* 1996 से 2000 मे 10 उध्योगपतियों को 1 रुपये से कम दाम मे जमीन दी गई थी
* 2001 से 2012 मे 2 उधयोगपतियों को 1 रुपये से कम दाम मे जमीन दी गई थी
  बाकी की जमीन 32 रुपये ,350 रुपये से लेकर 1500 के दाम से दी गई है 



              याने नरेंद्र मोदी के शासन मे अदानी को जमीन नहीं दी गई थी बल्कि अदानी को जमीन शंकरसिंह वाघेला ने ही दी थी जो उस वक़्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो सवाल ये उठता है की आखिर क्यू गुजरात कॉंग्रेस नरेंद्र मोदी पर इल्ज़ाम लगा रही है की अदानी परिवार को नरेंद्र मोदी ने ही जमीन दी है ? जब की गुजरात सरकार की फाइल कुछ ओर ही बोलती है जो असल मे गुनहगार है वही आज ज्यादा चिल्ला रहा है की गुजरात सरकार गौ-चर की जमीन उधयोगपतियों को दे रही है मगर आंकड़े बता रहे है की गौ चर की जमीन तो सबसे ज्यादा कॉंग्रेस के शासन मे उध्योगग्रहो को दी गई है |”

              “ नरेंद्र मोदी की सरकार ने 11 साल के शासन मे गौ चर की जमीन तो सिर्फ 4.97 प्रतिशत ही दी है मगर कॉंग्रेस ने जितनी भी जमीन दी उसमे से गौचर की जमीन थी 93% |”    
 
        सरकारी फाइल मे जो लिखा हुवा होता है वो आंकड़े झूठ नहीं बोलते ओर आज जब आनंदीबेन पटेल ये फाइले खोलखोलकर कॉंग्रेस का काला चिट्ठा सामने रख रही थी तब सदन मे पूरा विरोध पक्ष ( कॉंग्रेस ) चुपचाप ये सब सुन रहा था ... सायद उनकी खामोशी ही सब बयान करती है |”


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4 comments:

  1. Replies
    1. शालिनी जी शायद आप सही है मगर ...इलहाल की सच्चाई तो यही है

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  2. Replies
    1. धीरे धीरे राज खुल रहे है :)

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आओ रायता फैलाते है

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