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Sunday, May 20, 2012

जावेद अख्तर का सच जानिए .........

जावेद अख्तर का सच जानिए .........  
"जावेद अख्तर बॉलीवूड की बड़ी हस्ती है साथ मे राज्य सभा से सांसद भी है जावेद अख्तर ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दायर की थी गुजरात में कथित फर्जी मुठभेड़ों में 2003 के बाद से एक के माध्यम से जांच की मांग की और मुठभेड़ों में मारे गए लोगों के रिश्तेदारों के लिए प्रबोधक राहत की मांग की. जावेद अख्तर की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता में बेंच पूर्व सूप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति के 2002 और 2006 से गुजरात में मुठभेड़ हत्याओं में देखने को कहा |"
      " सवाल यह है की जावेद अख्तर को गुजरात से इतना लगाव क्यूँ हो गया है? क्यूँ वो अपना गाना लिखने की बजाय आज तीस्ता जैसे देश द्रोही का साथ दे रहे है और गुजरात और बीजेपी के पीछे पड़े हुए है? जावेद अख्तर पहले एक मुसलमान है बाद मे राज्य सभा सांसद और बाद मे लेखक है इसलिए वो देश के दुश्मन और कट्टरवादियो के हाथ बिक गए है .....               " चलो मान लिया की जावेद अख्तर एक activist और सांसद है तो वो जनता के हित के बात कर रहे है लेकिन जावेद जी कश्मीर मे हिन्दू नरसंहार के बारे मे आपने कुछ नहीं कहा। कश्मीर के लिए कोई याचिका आपने नहीं दायर की 84 के शिख विरोधी दंगे मे आपने क्यू किसी कोंग्रेसी के खिलाफ याचिका दायर नहीं की बांग्लादेश और पाकिस्तान मे अल्प संख्यक हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचार पर आपने संसद मे कभी आवाज़ नहीं उठाईपाकिस्तान मे हो रहे जबरन धर्म परिवर्तन और अल्प संख्यक हिन्दू लड़कियो के अपहरण, बलात्कार और जबरन शादी के बारे मे एक भी शब्द नहीं कहा
यह सब जावेद साब का दोगलापन दिखाता है

अब जरा नीचे दिये गए आंकड़े देखे गुजरात के अलावा बाकी राज्यो मे कितनि मुठभेड़ हुए है और गौर तलब है जावेद साब की नजर मे वह राज्य नहीं आ रहे है क्यूँ की वह मोदीजी का शाशन नहीं है या बीजेपी की सरकार नहीं है जावेद साब को मोदिजी और गुजरात के प्रति खास लगाव क्यूँ है वो समज आता है क्यूँ की वो काँग्रेस और देशद्रोही के इशारे पर काम कर रहे है

"राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग"(National Human Right Commission) पिछले 10 साल की पुलिस मुठभेड़ पर रिपोर्ट यह कहती है
* NHRC की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश मे 716 पुलिस encounters हुए है

* महाराष्ट्र मे 61 पुलिस encounters

* आंध्र प्रदेश मे 73 पुलिस encounters

* गुजरात मे 20 पुलिस encounters जी हा सिर्फ 20 पिछले 10 साल मे फिर भी सूप्रीम कोर्ट मे याचिका दायर करना और कोर्ट का आदेश देना भी भाई चेक करो

* पिछले 20 साल मे उत्तर प्रदेश मे फर्जी मुठभेड़ मे मरने वाले मुस्लिम की संख्या 131है
गुजरात का पूरा लिस्ट 20 का है फिर भी जांच गुजरात की ही क्यूँ ?

<<<<दूसरे राज्य ज़्यादातर UPA ruling मे फर्जी मुठभेड़ की संख्या>>>>

>>आंध्र प्रदेश- 73
>>असम - 11
>>हरयाणा - 18
>>महाराष्ट्र - 61
>>मणिपुर - 18
>>राजस्थान -11
>>तमिलनाडू -24
>>दिल्ली - 22.

और सबसे बड़ा फर्जी मुठभेड़ टार्गेट मर्डर भी कह सकते है रामलीला मैदान मे राजबाला की हत्या
तब कहा थे सब NGO और Sickular ?
 
a post by : jitendra pratap sinh  
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 मामू भ्रष्टाचार का एंटी वायरस बना तो मानु  
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5 comments:

  1. कांग्रेस के पास बेहतरीन ग़ोश्त के टुकड़े हैं जब भी भोंकने वालों की जरूरत होती है उन्हें टुकड़े मुहिया करा दिए जाते हैं भोंकने वाले अपने आप इकट्ठे हो कर और अलग अलग भी बड़ी मुस्तेह्दी से अपना काम अंजाम देते हैं -वे जानते हैं के किसके लिए और कब भोंकना है

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  2. khari khari kah dee saheb........badhaai !

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  3. असलियत मेच्योरिटी पर झलकने लगती है....

    ये तो वो मोकापरस्त लोग हैं.... यदि कोई इस्लामी देश भारत पर हमला कर दे तो ये मन-ही-मन मनाएं कि भारत की हार हो और इन्हें मलाई खाने को मिले...

    खाकर थाली में छेद करने वाले कहीं कौने में नहीं बैठे... उन्हें पहचानने की नज़र चाहिए.

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