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Monday, April 25, 2011

एक्सपायरी डेट के ८७५ इंजेकशन बरामद - जिंदगी या मौत


* * नखत्राना ( भुज) "सामूहिक आरोग्य केंद्र" में से बरामद हुवे ८७५ एक्सपायरी डेट के इंजेकशन |
* एक्सपायरी डेट की दवाइयां का बढ़ता नेटवर्क |
* " सामूहिक आरोग्य केंद्र " तक पहुंचा है  ये खतरनाक खेल |
* मेरी एक पोस्ट में मैंने जताई हुई चिंता अब खतरनाक मोड़ पर |
* ४०० करोड़ का धंधा - एक्सपायरी डेट की दवाइयां ..ये पोस्ट जरूर पढ़े

                " नखत्राना ( कच्छ ) आस पास के छोटे छोटे गाँव का एक बड़ा शहर , मगर यहीं पर हो रहा था लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ ..अन्जान लोगों को इस बात की खबर तब लगी जब जिल्ला आरोग्य की टीम ने " सामूहिक आरोग्य केंद्र" में तपास की दिन था २३-०४-२०११ |" 

                " इस अचानक तपास में मालूम पड़ा की " सामूहिक आरोग्य केंद्र " में बड़ी मात्र में एक्सपायरी डेट की दवाइयां मौजूद थी ..आप खुद ही देख ले वो कौन सी दवाइयां थी .....

         * एट्रोपिन इंजेकशन : ये वो इंजेकशन है, जिसे मरीज को ऑपरेशन के पहले दिया जाता है |
                                                   " हैरत अंगेज़ बात की इस इंजेकशन के ५५० इंजेकशन एक्सपायरी डेट वाले निकले थे और टोटल स्टोक में से २७५ इंजेकशन कम निकले थे तो आखिर वो २७५ इंजेकशन गए कहाँ ये सवाल उठता है   | "

        * पेंटाजोशिन इंजेकशन : ये इंजेकशन मरीज को ऑपरेशन के बाद दिया जाता है |
                                                        " और सबसे खतरनाक बात याने इस इंजेकशन के ३२५ इंजेकशन एक्सपायरी डेटवाले निकले थे ..याने मरीज की जिंदगी के साथ हो रहा था एक खिलवाड़ |

     " सबसे चिंतावाली बात ये थी की यहाँ का रजिस्टर अक्टूबर २०१० से कभी मैनटेन नहीं किया गया था  ..इस बात को लेकर सब हैरान है |"

    आइये देखते है की और कौन से इंजेकशन कम निकले थे ...|

      * फेनारामिन मेलियेत : १२५ इंजेकशन टोटल स्टोक में कम निकले |

      * ग्लुकोस की  ७५० बोतले कम निकली  |
    " इस आरोग्य केंद्र के प्रमुख  डॉ. प्रशाद के कहेने के मुताबिक फार्मशिष्ट को बार बार कहेने के बावजूद भी वो सही तरीके से काम नहीं कर रहा था और अपनी फर्ज  से मुंह मोड़ रहा था इस बात पर फार्मशिष्ट को मेमो भी दिया गया था | "

               ' जान बचानेवाले इंजेकशन मरीज की जान ले भी सकते है अगर वो एक्सपायरी डेट के हो ,यहाँ पर ये बात सामने आती है की क्या सरकारी आरोग्य केंद्र भी अब एक्सपायरी डेट की दवाइयां मरीज को दे रहे है .. या फिर कहीं कुछ और है ..मगर एक बात तो है की इस एक्सपायरी डेट वाली दवाईयों का धंधा बढ़ रहा है जो की हम आम नागरिक के लिए जोखिम भरा हो सकता है क्यों की हम जनता हमेशा अपने दर्दी को बचाने में ये भी देखना भूल जाते है की हमे दी गयी दवाई कहीं एक्सपायरी डेट की तो नहीं है .. और ऐसे हॉस्पिटल या फिर आरोग्य केंद्र में हमे पता भी नहीं होता की दवाई एक्सपायरी डेट की है ..| 

              " जब मैंने ४०० करोड़ का धंधा - एक्सपायरी डेट की दवाइयाँ " लेख में आपति जताई थी तो बहुत सारे लोगों ने इस बात को मामूली समजा था मगर आज नतीजा आपके सामने है   |"

      * आज पकडे गए एक्सपायरी डेट के इंजेकशन : 

                 एट्रोपिन इंजेकशन : ५५० 

            पेंटाजोशिन इंजेकशन : ३२५

  टोटल एक्सपायरी इंजेकशन:  ८७५

          जागो कही ऐसे ही इंजेकशन पर आपके अपनों का नाम न हो    |        

4 comments:

  1. vaah vaah... kyon company aur pharmasists ko nuksaan ho... ye expiry kya hoti hai... bekaar ki cheej...

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  2. भारत मे नकली, एक्सपायरी सब चलता हे , हम सब भगवान के सहरे ही तो जिन्दा हे, वर्ना नकली माल, दवा खा कर, दवा से बनी सब्जियां खा कर नकली ड्रा० ओर नकली दवा ले कर कोन बचा हे आज तक...
    इन ड्रा० ओर सस्थापक को सजाये मोत दे देनी चाहिये जो लोगो की जिन्दगी से खेलते हे.धन्यवाद इस खरतनाक जानकारी देने के लिये

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  3. Ya afsos ki baat hai ... apne desh mein jaan ki keemat nahi hai ... aise logon ko kadi se kadi saja deni chaahiye ...

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  4. एक हमारे परिचित की मृत्यु फंगस वाले ग्लूकोस के बोतल को चढ़ाने से हुई थी. अब तो अस्पताल का नाम सुनते ही डर लगता है. और Doctor मौत का देवता. अगर सही सलामत रहना है तो बस योग करो और स्वस्थ रहो.

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