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Sunday, March 9, 2014

शस्त्र सौदागर और राहुल गांधी की मीटींग ? ( पढ़ीए डॉकयुमेंट )

पढ़ीए डॉकयुमेंट के साथ

* हथीयार बेचनेवाले " डीलर " के साथ राहुल गांधी ने मीटिंग क्यू ओर किस हैसीयत से की थी ?

* दिल्ली मे राहुल गांधी के निवास स्थान पर हुई मीटिंग मे क्या बात हुई थी ?

* राहुल गांधी सिर्फ एक " सांसद " है उनके पास ऐसा राजनैतीक अधिकार नहीं है ओर ना ही कोई होद्दा

* 6 दिसंबर 2011 शाम 3 pm से 4 pm एक घंटे की हुई थी बातचीत ... मगर क्या वो मीटिंग ओफिसियल थी ?

 * ओर अगर थी तो राहुल गांधी किस राज नैतीक अधीकार से उस हथीयार के सौदागर से मिले थे ?

                                ओर
 
अगर ये मीटिंग ओफिशियल नहीं थी तो राहुल का उस सौदागर से मिलना जरूरी क्यू बन गया था ? वो भी 1 घंटे तक ?
 
क्या ये देश " तानाशाह " से चल रहा है ? क्यू की इस देश का हर फैसला देश के प्रधानमंत्री नहीं बल्की "एक परिवार" ले रहा है .... ऐसे मे भला आम आदमी को न्याय कहाँ से मिलेगा ? ?

 बलात्कार, महेंगाई, घोटाले ही बढ़ते जा रहे है इस देश मे ..... यहाँ तक की कोई आतंकवादी देश मे धमाके करता है फिर भी उस आतंकी को आतंकी कहे या ना कहे उस बात का फैसला भी इस देश के अफसर नहीं कर पाते है ...... क्यू की उन्हे 10 जनपथ मे से निकलते फैसले पर यकीन है ...... आम आदमी जाये " तेल " लेने
 


राहुल गांधी जैसा बेवकूफ शायद कोई नहीं होगा ... क्यू की वो देश का इतिहास तो ठीक मगर विश्व का इतिहास भी नहीं जानता है

यकीन नही होता है तो यहाँ जाए ओर वीडियो देखे

फिर भी इस बेवकूफ ओर सबसे बड़े झूठे इन्सान का कहा मान रहे है उसकी ही पार्टी के नेता ...

बाकी जनता तो राहुल गांधी का नाम आते ही उठकर घर चली जाती है

यकीन नहीं है तो ये वीडियो देखो




वो क्या बोलता है उसका खुद राहुल को भी पता नही होता है
एक नजर यहाँ करे
जो देश के स्टूडेंट के सवालों के जवाब नहीं दे सकता है वो शस्त्र के सौदागरो से क्या बात कर सकेगा ?



अब ये वीडियो देखो
और सोचो
राहुल कितना बुद्धिमान है ओर उसकी बुद्धी कितनी है
क्या ऐसे लोग देश के लीये सही फैसले ले सकते है ??



* अब पढ़िये वो डॉकयुमेंट
 

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (10-03-2014) को आज की अभिव्यक्ति; चर्चा मंच 1547 में "अद्यतन लिंक" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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आओ रायता फैलाते है

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