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Tuesday, April 26, 2011

अश्लील हरकते नेताओं के द्वारा ( विडिओ ) |


" इस पोस्ट का विडिओ जरूर देखे |"
       " क्या भारत का राजकारण बहु बेटियों के लिए हितावह है ? , क्या पोलिटिक्स की दुनिया में बहु बेटी की लाज सुरक्षित है ? ये सोचने जैसे सवाल है जिसका जवाब कई लोग " हाँ " में देंगे मगर सच कुछ और है ..आईये अपनी आँखों से देखलो इन सवालों के जवाब को |"

       " जहाँ एक तरफ कहते है की औरत का सच्चा गहेना उसकी "इज्ज़त" होती है वही पर जब कोई सरे आम उसकी इज्ज़त के साथ खिलवाड़ करे तो इसे क्या कहते है ? ...सुरक्षित या असुरक्षित ? ..जब सत्ता के मोह में औरत अपनी इज्ज़त भी बचा नहीं पाती है तो ये शर्मनाक हो सकता है इज्ज़त के सामने सत्ता मिले तो वो सत्ता कीस काम की अरे लानत है ऐसी सत्ता पर | "

       " हमारे ही चुने हुवे नेता कितने साफ़ चरित्र के होते है इस बात का पता लगाना मुस्किल है, क्यों की जब इस देश में कोई नेता बलात्कार करता है तब उस पर कार्यवाही करने से डरता है कानून और अगर कार्यवाही करता है फिर भी निर्दोष छुट जाते है ऐसे नेता ,क्यों की हम लोग डरते है 
इस देश के कानून से और गन्दी राजनीती से ..मगर जब किसी बेटी की इज्ज़त सरेआम बाजार में लीलाम कर दी जाये और अश्लील हरकत जनता के सामने  किसी नेता के द्वारा की जाये तो आप क्या कहोगे ?"

       " यहाँ पर ताजुब तब होता है जब अश्लील हरकत की शिकार महिलाये भी कुछ प्रतिकार नहीं करती है ... सिर्फ सत्ता पाने के लिए ही ना ? .. इस विडिओ को देखकर आप ही तय करना की आपकी बहु या बेटी को राजनीती के गंदे तालाब में आप भेजना चाहोगे या नहीं ? क्यों की रस्ते पर अगर ऐसी हरकते है तो इनकी ऑफिस में क्या क्या नहीं होता होगा .. |" 

                                http://www.youtube.com/watch?v=3n19qaSRQ2o


             " तेज़ न्यूज़ " के इस विडिओ को जरूर देखे ... हाँ ..हाँ आप भी देख लो भारत और पाकिस्तान के नेता कितने साफ़ सुथरे होते है | "

  

Monday, April 25, 2011

एक्सपायरी डेट के ८७५ इंजेकशन बरामद - जिंदगी या मौत


* * नखत्राना ( भुज) "सामूहिक आरोग्य केंद्र" में से बरामद हुवे ८७५ एक्सपायरी डेट के इंजेकशन |
* एक्सपायरी डेट की दवाइयां का बढ़ता नेटवर्क |
* " सामूहिक आरोग्य केंद्र " तक पहुंचा है  ये खतरनाक खेल |
* मेरी एक पोस्ट में मैंने जताई हुई चिंता अब खतरनाक मोड़ पर |
* ४०० करोड़ का धंधा - एक्सपायरी डेट की दवाइयां ..ये पोस्ट जरूर पढ़े

                " नखत्राना ( कच्छ ) आस पास के छोटे छोटे गाँव का एक बड़ा शहर , मगर यहीं पर हो रहा था लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ ..अन्जान लोगों को इस बात की खबर तब लगी जब जिल्ला आरोग्य की टीम ने " सामूहिक आरोग्य केंद्र" में तपास की दिन था २३-०४-२०११ |" 

                " इस अचानक तपास में मालूम पड़ा की " सामूहिक आरोग्य केंद्र " में बड़ी मात्र में एक्सपायरी डेट की दवाइयां मौजूद थी ..आप खुद ही देख ले वो कौन सी दवाइयां थी .....

         * एट्रोपिन इंजेकशन : ये वो इंजेकशन है, जिसे मरीज को ऑपरेशन के पहले दिया जाता है |
                                                   " हैरत अंगेज़ बात की इस इंजेकशन के ५५० इंजेकशन एक्सपायरी डेट वाले निकले थे और टोटल स्टोक में से २७५ इंजेकशन कम निकले थे तो आखिर वो २७५ इंजेकशन गए कहाँ ये सवाल उठता है   | "

        * पेंटाजोशिन इंजेकशन : ये इंजेकशन मरीज को ऑपरेशन के बाद दिया जाता है |
                                                        " और सबसे खतरनाक बात याने इस इंजेकशन के ३२५ इंजेकशन एक्सपायरी डेटवाले निकले थे ..याने मरीज की जिंदगी के साथ हो रहा था एक खिलवाड़ |

     " सबसे चिंतावाली बात ये थी की यहाँ का रजिस्टर अक्टूबर २०१० से कभी मैनटेन नहीं किया गया था  ..इस बात को लेकर सब हैरान है |"

    आइये देखते है की और कौन से इंजेकशन कम निकले थे ...|

      * फेनारामिन मेलियेत : १२५ इंजेकशन टोटल स्टोक में कम निकले |

      * ग्लुकोस की  ७५० बोतले कम निकली  |
    " इस आरोग्य केंद्र के प्रमुख  डॉ. प्रशाद के कहेने के मुताबिक फार्मशिष्ट को बार बार कहेने के बावजूद भी वो सही तरीके से काम नहीं कर रहा था और अपनी फर्ज  से मुंह मोड़ रहा था इस बात पर फार्मशिष्ट को मेमो भी दिया गया था | "

               ' जान बचानेवाले इंजेकशन मरीज की जान ले भी सकते है अगर वो एक्सपायरी डेट के हो ,यहाँ पर ये बात सामने आती है की क्या सरकारी आरोग्य केंद्र भी अब एक्सपायरी डेट की दवाइयां मरीज को दे रहे है .. या फिर कहीं कुछ और है ..मगर एक बात तो है की इस एक्सपायरी डेट वाली दवाईयों का धंधा बढ़ रहा है जो की हम आम नागरिक के लिए जोखिम भरा हो सकता है क्यों की हम जनता हमेशा अपने दर्दी को बचाने में ये भी देखना भूल जाते है की हमे दी गयी दवाई कहीं एक्सपायरी डेट की तो नहीं है .. और ऐसे हॉस्पिटल या फिर आरोग्य केंद्र में हमे पता भी नहीं होता की दवाई एक्सपायरी डेट की है ..| 

              " जब मैंने ४०० करोड़ का धंधा - एक्सपायरी डेट की दवाइयाँ " लेख में आपति जताई थी तो बहुत सारे लोगों ने इस बात को मामूली समजा था मगर आज नतीजा आपके सामने है   |"

      * आज पकडे गए एक्सपायरी डेट के इंजेकशन : 

                 एट्रोपिन इंजेकशन : ५५० 

            पेंटाजोशिन इंजेकशन : ३२५

  टोटल एक्सपायरी इंजेकशन:  ८७५

          जागो कही ऐसे ही इंजेकशन पर आपके अपनों का नाम न हो    |        

Wednesday, April 6, 2011

मीडिया - कलम जहाँ बिकती है |

" क्या देश की चौथी जागीर मीडिया भी " आम आदमी " की दुश्मन है ? ..या ये "कलम की ताकत" भी भारत के राज नेताओं के हाथ  बीक गयी है ? कलम की ताकत से एक ज़माने में अच्छे अच्छे गुन्हेगार डरते थे आज वही कलम दिल्ही बैठे नेता के हाथ की कठपुतली बनती नजर आ रही है और बन रही है देश के करोडो " आम आदमी " के गुन्हेगारोँ की ताकत, क्यों की कलम को क्या लिखना और क्या केमेरा में कैद करना, ये आज आम आदमी के गुन्हेगार तय करते है |"

                   " अन्ना हजारे जी को आज उपवास पर नहीं बैठना पड़ता अगर मीडिया का काम सही और साफ़ सुथरा होता ,अगर मीडिया ध्यान देती इन भ्रस्ताचारीयों पर तो आज ये दिन नहीं आता और हर भ्रस्टाचारी जेल की हवा खाता होता बहुत से ऐसे राज्य भी होंगे जहाँ की मीडिया अन्ना हजारे जी के इस उपवास का कवरेज नहीं देती होगी या उनके पास इस समाचार के लिए जगह नहीं होगी ..|"

    " छोटी छोटी बात पर "स्टींग ऑपरेशन" करनेवाली हमारी चौथी जागीर मीडिया को देश में हो रहे करोडो के घोटाले के खिलाफ कभी कोई ऑपरेशन क्यों नहीं किया ? ..छोटी छोटी बात को बड़े ही धमाके से पेश करनेवाली मीडिया की नजर में देश में हो रहे करोडो के घोटाले और बड़े बड़े भ्रस्टाचार का महत्त्व क्यों नहीं है ? खरबों रुपयों की सहायता गरीबों के लिए भारत सरकार मंजुर करती है मगर ये सहायता कभी किसी गरीब तक क्यों नहीं पहुंचती, आखिर ये सहायता जाती कहाँ है ? मगर मीडिया ने कभी इस बात को महत्त्व नहीं दिया और न ही जानने की कोशिश  भी की
है | मीडियाभी भ्रष्ट नेताओं की चुंगल में फंसकर खुद भी खड़ा है भ्रस्टाचार के कीचड़ में |"

   " मीडिया में दिखाई जाती कोई भी रिपोर्ट को ले लो "

       " आधे घंटे के रिपोर्ट में आपको एडवरटाईस दिखाई जाती है १२ या १४ मिनट की  और बाकी में दिखाई जाती है रिपोर्ट अगर रिपोर्ट रस्ते या फिर गंगा नदी की गंदगी के उपर है ...फिर खडडा दिखाओ और रस्ते की चिंतनीय हालत पर अफ़सोस व्यक्त करो ...मगर कभी ये नहीं दिखाते की हमारी टीम ने इस के खिलाफ ये ऑपरेशन किया और इस सड़क को बनाते वक़्त हुवे भ्रस्टाचार को हम आपके सामने रख रहे है मगर बिना किसी गुनाहित व्यक्ति को उजागर करे ही कहते है अगले सनीचर को फिर मिलेंगे ... रिपोर्ट ऐसी होती है ? ..रिपोर्ट उसे कहते है जिसमे सच्चाई दिखाई जाये जनता को ...की ये सब कैसे हुवा और इस में इतना भ्रस्टाचार हुवा है जो इस तरह से हुवा है ..पुरे सबूतों के साथ मगर ये सब करेगा कौन ...?"

* येस बॉस  |

      " आज देश की सबसे बड़ी ताकत " चौथी जागीर " याने "मीडिया " , नेताओंके तलवे चाटती नजर आ रही है , और इन भ्रस्टाचारी नेताओं को "येस बॉस" कहेती नजर आ रही है ..कलम गुलाम बन चुकी है सायद इसी लिए ही भ्रस्टाचारी नेताओं के खिलाफ कोई स्टिंग ऑपरेशन नहीं हो रहा मगर किसी आम आदमी के खिलाफ हो रहा है ऐसे शस्त्र का इस्तेमाल .... सत्य का साथ देनेवाली मीडिया आज असत्य की गोद में जो जा बैठी है ..|"

* " मीडिया " के मालिक कौन कौन है इस बात का पता कभी लगाने की कोशिश करो और उन मालिक के रिलेटीव कौन कौन है इस बात का पता लगाओ ..दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा |"

         * ये भी मजबूर है |"

        " जहाँ खबर छापने के भी, और न छापने की भी ..ली जाती है कीमत , वर्त्तमान हालत को देखकर ऐसा साफ़ होता है की "कोठेवाली औरते" और "मीडिया" में फर्क नहीं है..दोनों ही पैसों के लिए नाचते नजर आते है ...माना की कोठेवाली की कोई न कोई मजबूरी होती है मगर मीडिया की क्या है मजबूरी  ? आखिर मीडिया मजबूर क्यु ?"

* देश के आम आदमीयों के सपनो को रोंद्कर ..भ्रस्टाचार भ्रस्टाचार खेलनेवाले मिनिस्टर की वाह वाह करती मीडिया ,देश के ऐसे गद्दार को बचाने में प्रमुख भुमिका निभा रही है सायद कलम से टपकनेवाली सच्चाई को देश के आम आदमी के गुन्हेगार के हाथो बेच दिया है ...अगर नहीं बेचा है तो फिर ये चुप्पी क्यों ?भ्रस्ताचार होता है तो कुछ दिन तक अख़बार और न्यूज़ की सुर्खियों में खबर रहेती है फिर उस खबर को भुला दिया जाता है ..इतने सरे भ्रस्टाचार होते आपने सुना होगा मगर कभी आपने ये सुना की मीडिया ने किसी एक घोटाले के खिलाफ कार्यवाही करके सच्चाई को जनता के सामने उजागर किया है , ..| सायद ये सुनना असंभव है क्यों की मीडिया को देश की और देश के करोडो आम आदमी के दर्द की कोई फ़िक्र नहीं है |" 

  " इन घोटालो में जो शामिल है उनकी तरफदारी और जय जयकार करती नजर आएगी मीडिया मगर इन नेता के द्वारा किये गए भ्रस्टाचार की जन्म कुंडली नहीं निकलेगी ... इस देश में अगर अमिताभ बच्चन को सर्दी  है तो न्यूज़ की सुर्खिया बनती है मगर इन नेताओं के भ्रस्टाचार की वजह से देश में कितने गरीब भूख से तड़पकर मरते है इस बात की इनको पड़ी नहीं |

 * तो फिर यही कहेंगे ना की आज के दौर में मीडिया याने मदारी { नेता } के हाथ का वो बंदर है जिसे नेता कहेता है " चल जम्बूरे नच के दिखा | " 

        
               " आज देश में चारो तरफ घोटाले ही घोटाले नजर आ रहे है, इस बात की  जिम्मेदार बहुत हद तक मीडिया ही है, जिसकी वजह से आज " श्री अन्ना हजारे जी " हमारे बच्चों के भविष्य के वास्ते "जंतर मंतर" पर उपवाश पर बैठे है | ये बिकाऊ मीडिया दर असल बंदर ( जम्बूरे ) से भी गयी गुजरी है ..कम से कम ये बंदर प्रभु श्री राम के काम तो आये थे ..इन मीडिया ने तो बंदर को भी शर्मा दिया |"
 
" इस के आगे पढ़े अगली पोस्ट में ...पढ़ना भूलना नहीं |"