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Wednesday, January 20, 2010

"एय खुदा , तेरी और " माँ " की सिर्फ सूरत मिलती है |"



" खुदा ,तेरी और " माँ " की सिर्फ सूरत मिलती है ,

ढूंढने पर भी नहीं मिलता तू ,मगर " माँ " रोज़ मिलती है ,

पड़ता है मांगना तुझसे , मगर " माँ " बिन मांगे देती है ,

ए खुदा ,तेरी और " माँ " की सिर्फ सूरत मिलती है

बुरे वक़्त में तू देर से आता है,मगर "माँ" दौडकर सीने से लगाती है ,

खुशियों के साथ तु दर्द देता है , मगर " माँ " सिर्फ खुशिया देती है ,

ए खुदा , तेरी और " माँ " की सिर्फ सूरत मिलती है ,

कसौटी भरे ज़ख्म तु देता है ,मगर " माँ "ज़ख्म पर मरहम लगाती है ,

फिर भी जब मैंने कहा " माँ , तु ही खुदा है "

तो " माँ " बोली - " नहीं बेटे , खुद के अंदर ही खुदा है "




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24 comments:

  1. " एय खुदा ,तेरी और " माँ " की सिर्फ सुरत मिलती है ,

    ढूंढने पर भी नहीं मिलता तु,मगर " माँ " रोज़ मिलती है ,

    पड़ता है मांगना तुजसे , मगर " माँ " बिन मांगे देती है ,

    एय खुदा ,तेरी और " माँ " की सिर्फ सुरत मिलती है |
    Wah!

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  2. bahut hi khubsurat....

    ek-ek shabd kai bhaawo ko chhipae hue hain.

    ma ne sach hi kaha hai ki....khud ke andar hi khuda hai.

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  3. आपने तो रुला दिया.... बहुत सुंदर रचना....

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  4. वाह बहुत अच्‍छी रचना है .. सुंदर अभिव्‍यक्ति है !!

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  5. दिल ख़ुश हो गया!
    --
    "सरस्वती माता का सबको वरदान मिले,
    वासंती फूलों-सा सबका मन आज खिले!
    खिलकर सब मुस्काएँ, सब सबके मन भाएँ!"

    --
    क्यों हम सब पूजा करते हैं, सरस्वती माता की?
    लगी झूमने खेतों में, कोहरे में भोर हुई!
    --
    संपादक : सरस पायस

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  6. mera naya blog hai... www.apnapanchoo.blogspot.com

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  7. आपको और आपके परिवार को वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनायें!
    बहुत ख़ूबसूरत, भावपूर्ण और ममताभरी रचना लिखा है आपने! हर एक शब्द दिल को छू गयी! मुझे बेहद पसंद आया आपकी ये शानदार रचना! तस्वीर बहुत अच्छी लगी!

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  8. Bhavanao ki bahut hi khubsurat Abhivyakti hai...

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  9. bahu saari vaat........
    maza aavi gayi

    aabhaar..........

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  10. माँ और खुदा की सूरत मिलती है ...माँ कह कर मुझे भी खुदा बना दिया ...
    बहुत सुन्दर रचना....!!

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  11. बेहद खूबसूरत रचना . माँ और इश्वर की तुलना !!

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  12. आँखे खुली हो तो सब दिखता है
    लेकिन हमने बंद कर रखी है

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  13. " aadarniy dr.mahesh ji humne to aaankhe khuli rakhi hai tabhi to " maa " ki surat me khuda ko paya hai ...arey sir POURANIK GRANTH me bhi saaf baat ho jati hai ki bhagwan ko bhi "maa" se kitana pyar tha ."

    "AAPKI COMMENT HUME BAHUT PASAND AAYI .AABHAR AAPKA "

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  14. बहुत सुन्दर शुभकामनायें

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  15. yah mamta kewal Ma ke paas hi nahin hoti Pita ke paas bhi hoti hai.Jis bhi wyakti ke andar mamtv ki bhavna hoti hai wah sari duniya ko apni santan samjhta hai....

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  16. This comment has been removed by the author.

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  17. main kewal itna kanoga ki
    "Jin mat pita ki ki sewak, wo kashi dham gaye na gaye............"
    Ma ka warnan bahut hi khubsurat laga.

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