:

Friday, April 27, 2012

" ये गधा है मगर, " सचिन " नहीं ।"- ( व्यंग )



" गधे जैसे गधे को भी पता होता है की उसको जी जान से ज्यादा चाहनेवाले कुंभार के साथ कभी धोखा नहीं करना चाहिए जब की वो अपने मालिक के घर के हालात से अच्छी तरह वाकिफ होता है ।" पप्पु बोल रहा था गधे की तरफ उंगली उठाकर पप्पु बोला " ये जानता है की ..अगर राजा के सैनिक या खुद राजा भी उसे राजमहेल में लेकर जाये और शाही घोड़ो के साथ उसे रखे तो भी एक बात तो तय है की राजा उसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ महेनत के काम में ही करेगा ...क्यों की मेरा गधा जानता है की वो गधा है घोडा नहीं ।"..गाँव के मुखिया जी पप्पु की बात सुन रहे थे और रामलाल पप्पु की मार की वजह से दर्द से तड़प रहा था ।" 

" ये सब तो सही है मगर पप्पु तुने रामलाल को मारा क्यों ? और वैसे भी गधे को सचिन कहने से क्या फर्क पड़ता है ।"...मुखिया जी ने कहा तो पप्पु उस पर तुरंत ही बोला " फर्क पड़ता है मुखिया जी ..बहुत फर्क पड़ता है क्यों की ये गधा है सचिन नहीं और मेरे गधे को पता है की अपने मालिक के प्रति वफादार रहेना चाहिए ...देश के गरीबो को चुस्नेवालो का साथ सिर्फ सचिन ही दे सकता है मुखिया जी ..और सचिन ही उन गरीबो के साथ धोखा कर सकता है जो उसकी सफलता के लिए मन्नत रखा करते थे ....मगर आज सचिन ने देश के गरीबो के सामने घोटाले और भ्रष्टाचार की लम्बी लिस्ट रखनेवालो के साथ हाथ मिलकर उसने ये साबित कर दिया की उसकी नजर से देश के गरीबो की कोई अहेमियत नहीं है और वो भी उन में से एक है जो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकते है जिनका ईमान नहीं होता है ...सायद वैसे लोग ही सचिन कहेलाते है मगर मेरे गधे का ईमान मजबूत है ..और सचिन ने ये भी तो साबित कर दिया की अपने फायदे के लिए वो देशवासियों से भी धोखा कर सकता है ...मगर एक गधा कभी भी अपने फायदे की बात नहीं सोचता है   ...और सचिन तो गधे से भी गयागुजरा निकला ..।" 

" अब आप ही बताये की अगर मेरे गधे का कोई अपमान करे तो क्या मै सहेन करू ? कैसे करू भाई ..क्यों की गधा हमेशा गरीबो का ही साथ देता है ..गरीबो के खून चुस्नेवालो का नहीं ..सचिन ने साथ दिया तो भी किसका उन लोगो का जिसने गरीबो का ये हाल बनाया "...कहेकर पप्पु अपनी फटी चड्डी दिखाने लगा " लो जी ये हाल बनाया है उन लोगो ने गरीबो का ...कर लो गरीबी के दर्शन तुम भी भाई ।"...फिर पप्पु रामलाल की और बाधा और रामलाल को बोला " आइन्दा मेरे गधे को कभी भी सचिन मत कहेना ..क्यों की गधे कभी भी इतनी बड़ी गद्दारी नहीं किया करते है ....और मैंने क्या कहा ..............।" पप्पु के द्वारा इतना कहते ही सारा गाँव बोला ." ये गधा है मगर सचिन नहीं ..................। "  
:::
::
:
जल्द आ रही है एक सन्नाटेदार ...हसी के गुलाब जामुन की तरह आप सबको हँसाने के लिए .......एक मस्त पोस्ट 

" कैदी नंबर १०० हाजिर हो -( व्यंग ) " ...तब तक पढ़िए ये एक मस्त पोस्ट सायद आपने इसे पढ़ी नहीं है  


::
:

मै गरीबी हु ... मुझसे मत टकरा

" मै गरीबी हु ...मुझे कोई हरा नहीं सकता, मै हर रोज आम आदमी की जिन्दगी के केनवास पर अपनी भयानकता का चित्र बनाती हु ...हा हा हा ..मै गरीबी हु ।" गरीबी जोर जोर से हस रही थी और पप्पु चुपचाप बैठा उसकी बातो को सुन रहा था," देख मेरा साम्राज्य बढ़ रहा है मगर तू तो क्या अब कोई मुझे रोक नहीं सकता है पता है क्यों ? क्यों की तुम लोग "मेरी बहेन महेंगाई" की जाल में फंस चुके हो जिसका चक्र्व्युव बहुत ही भयानक है ..हा हा हा ,मेरी बहेन " महेंगाई " को हटाना इतना आसन नहीं है दोस्त क्यों की उसके जन्म दाता तुम्हारे ही चुने हुवे नेता जो है ..जो खुद आज हवस में लीन है ।"

         " जब पूरा विश्व मुझे हटाने के प्रयाश कर रहा है तब तुम्हारे ही नेता मुझे तेजी से फैलने का आमंत्रण दे रहे है जिसका अंदाजा तू भी तो लगा सकता है पागल ...जब उसने तुझे २८ रुपयों में अमीर बना दिया था ..अपनी आँखे खोल पागल मै कम नहीं हो रही हु मगर बढ़ ही रही हु ...तुम्हे झूठी तसल्ली देकर मेरे नाम पर खरबों रुपयों की सब्सिडी और मदद मंजूर करती है ये सरकार मगर वो मदद आप तक नहीं पहुंचती है तो मै हटू कैसे ? ..ये ..ये चित्र में जो लम्बी कतार दिख रही है न वो कतार है भूख से तड़पनेवालो की ..देख उनके चहेरो को ठीक से देख ..हर चहेरे में मेरा ही दर्द और मेरी ही सूरत नजर आएगी ..हा हा हा ...एक एक नीवाले के लिए फैले हाथ देख ....मै किसीको नहीं बक्षती हु ..चाहे वो बच्चा हो या बुढा ..तुम्हे तो मै बर्बाद करके ही रहूंगी ..क्यों की मेरे आका यही जो चाहते है ....हा हा हा ये कतार यूँही बढती रहेगी और तू भी एक एक निवाले के लिए तडपेगा एक दिन ..क्यों की मेरी ताकत का अंदाज़ा तुझे जो नहीं है ।" 

                      " जरा आँखे खोलकर देख तेरे भारत में ४६,००,००,००० लोग पेट भरकर खाना भी नहीं खा सकते है और २४,००,००,००० लोग भूखे रहते है ..और ये सच ही है "यूनिसेफ " का दावा गलत नहीं है ,की मेरा साम्राज्य भारत में बढ़ रहा है मगर सच ये भी है की तू लोग यूनिसेफ की घोषणा को नजर अंदाज़ कर रहे हो ...अरे ५००० से भी ज्यादा बच्चे अच्छा भोजन न मिलने से रोज मरते है और सुनना चाहोगे की भूख से मरनेवालो का अंक कितना था ?....२१ करोड़ ..जी हाँ २१ करोड़ लोग भूख से तड़प तड़प कर मरे थे ...और यही बात मेरे आका और तेंदुलकर समिति तुमसे छुपा रही है गरीबी का वास्तविक अंक ३७% नहीं मगर ७७% है मेरे दोस्त ..जरा यूनिसेफ की बात को पढ़ना तो सही और फिर कहेना की मेरा साम्राज्य कितना बढ़ा है ।"   
 
                      " आफ्रिका के २६ देश से भी अधिक गरीब भारत के सिर्फ ८ राज्यों में रहते है ..हा हा हा मेरा तांडव देख जहाँ आफ्रिका के २६ देशो में ४१ करोड़ गरीब रहते है वही पर भारत के ८ राज्य में ४२ करोड़ १० लाख गरीब रहते है ...देख आफ्रिका के २६ देश पर मेरी वजह से भारत के ८ राज्य भारी पड़ रहे है ..हा हा हा मैंने कहा था ना की मेरा साम्राज्य बढ़ रहा है ..एक दिन ..एक दिन तेरे इस झोपड़े को भी ले उडूँगी मै फिर रहेना खुले आसमान के निचे ।"

                        " पता है मेरा भाई कौन है ? ...नहीं ना ? ना तुम मुझे हटा सकते और ना ही मेरे जन्म दाता नेता को हटा सकोगे क्यों की मेरा भाई भ्रष्टाचार हर वक़्त जो उन्हें बचा लेता है ...गरीबी हटाने के झूठे आश्वाशन ही देते है ये नेता कभी उनके द्वारा किये गए वादों पर उन्होंने अमल नहीं किया ...क्यों की तुम्हारे आंसू जो गरीबी की दलदल में पीसकर निकलते है वही तो उनकी तिजोरी जो भरते है ...अगर मै हट जाऊ तो उनकी तिजोरी भरेगी कैसे ?और कौन देगा उन्हें १०० और ५०० रुपये के बदले वोट ? ...हा हा हा ..मै जो दबे पाँव आती हु ।"

                         " ना बन्दुक से मरती हु मै , ना तोप के गोलों से क्यों की मुझे मारने में तुम्हारे ही नेता राजी नहीं है मेरे सहारे ही तो वो आपको लुट पाते है ...सोचो तुम्हारे देश में सब कुछ है, एक खेती प्रधान देश आज भूख से तड़प क्यों रहा है ? तुम्हे विदेशी सहायता की जरूरत ही नहीं है ..मगर फिर भी तुम लाचार और बेबश हो ..और ये सब मेरी वजह से ही और मै सुक्रिया अदा करती हु इस देश के नेताओ का जिसने मुझे इतनी बड़ी बनायीं ...हा हा हा ...मै जो दबे पाँव आती हु ।"

                          " जब तक मेरा भाई " भ्रस्टाचार " है तब तक तुम ना ही नेता का बाल बांका कर सकते हो और ना ही मेरी बहेन " महेंगाई " को काबू में रख सकते हो ...अगर मुझे तू भागना ही चाहता है तो मेरे दोस्त पहले मेरे भाई " भ्रस्टाचार,नेता और मेरी बहेन महेंगाई  " पर विजय प्राप्त कर ...मै खुद ब खुद हट जाऊंगी ..ये भयानक गरीबी का वादा रहा मेरे नन्हे सुमन ।".....कहेकर गरीबी ने पप्पु के सर पर हाथ रखा ...पप्पु ने अपने आंसू पोंछे और कहा ................"

                             " सुक्रिया गरीबी ...मुझे एक सही रास्ता दिखलाने के लिए ..मै वादा करता हु की मै तुम्हारे भाई " भ्रस्टाचार " को जरूर मिटाऊंगा ....मै लडूंगा उन भूखे बच्चो के लिए ...उन भूखे लोगो के लिए जो एक एक दाने के लिए मोहताज है ...क्यों की मै जानता हु गरीबी क्या होती है ...भूख क्या होती है ।" इतना कहेकर पप्पु पलटकर बोला " ये आलेख पढनेवाले मेरे मित्रो ..ये आलेख पढ़कर भूल मत जाना की ये सभी की जड़ है देश में फैला भ्रस्टाचार ...मै तो लडूंगा ही भ्रस्टाचार के खिलाफ मगर क्या आप भी है मेरे साथ ? आओ हाथ से हाथ मिलाये ...कंधे से कन्धा मिलाये और मुकाबला करे भ्रस्टाचार का ...मेरे लिए नहीं मगर उन लोगो के लिए जिनके नसीब में एक वक़्त की रोटी भी नहीं है ....उन लोगो के लिए जिनको सरकार २८ रुपये में अमीर बना रही है.....आओ दोस्तों मिलकर बनाये साफ़ सुथरा देश और साफ़ सुथरी सिस्टम ।"


चित्रों के लिए " गूगल बाबा का शुक्रिया " और खास तौर पर शुक्रिया " सुरेन्द्र जी" का


आपने इसे पढ़ा क्या ? 




:::
::
:

Wednesday, April 18, 2012

मरेगा साला ( व्यंग ) ..मग़र कौन ?

" ज्यादा मचमच किया ना तो "ठोकपाल" लागु कर देंगे क्या ? " मानो ये आवाज़ संसद भवन से आ रही है " क्या करेगा रे तु "जन लोकपाल" का ? अबे तु आम आदमी है ,आम आदमी की तरह रहेना सिख ले वर्ना पता है ना हमारे साथ टकरानेवाले का अंजाम क्या होता है ? ....वो डंडे भुल गया क्या ? ४ जून की काली रात ..क्या उखड लिया तुमने हमारा ,भाई बोलते है हम की हमसे मत टकराव जिस कानून के सहारे तु उछल रहा है ना वही कानून के पास हमारे काले धंधे के गुनाहों की ना जाने कितनी फाइल सड रही है मग़र वही कानून हमारा रक्षक बनकर हमें ही सलाम ठोकता है ...तु सुधर जा रे ..मत टकरा और ये सिस्टम बदलने के सपने देखना छोड़ दे ..क्या ? "

" भाई नेतागीरी तो हमारा खानदानी धंधा है और मै इस देश का अजर अमर नेता हु तेरा बेटा बड़ा होकर मजदूर ही बनेगा मग़र मेरा बेटा बड़ा होकर मंत्री ही बनेगा समजा अरे भाई यही तो है सिस्टम ,याद रख तु कुछ भी बोलेगा ना तो हमारा नहीं मग़र संसद भवन का और संविधान का अपमान होगा मग़र हम वही संसद भवन को अपना शयन कक्ष बनाकर बिंदास्त सोते है वो क्या है देश क इतना कुछ खाया है की नींद बहुत आती है ..अबे मै क्या कहे रहा हम समज रहा है ना तु ...तुम लोग खरबूजे की तरह हो और हम नेता छूरी की तरह है क्या ? ..नुकशान तेरा ही होगा ,हमारा क्या हम तो जेल में बैठकर भी चुनाव लड़ेंगे और तेरे जैसे मुर्ख लोग हमें जिताएंगे भी ...हम से मत टकरा वर्ना गरीबी की दल दल में इस तरह पिसुंगा की तेरा आटा भी नहीं निकलेगा ..बड़ा आया सिस्टम बदलनेवाला |"

" अबे जब मै वर्ल्ड बेंक के सामने तुम लोगो को सिर्फ २८ रुपये में अमीर बनाकर बेवकूफ बना सकता हु तो तु क्या चीज है रे ...कभी प्याज के नाम पर रुलाता हु तुम्हे तो कभी शक्कर के नाम पर ..तो कभी गेहू के नाम पर और बाकी रहे गया तो पेट्रोल और डीजल के दाम बढाकर तुम लोगो की जिन्दगी में आग लगा देता हु ..देख तेरा संविधान जिसके मुताबिक सब सत्ता तेरे हाथ में होते हुवे भी तु रो रहा है और मै तेरा संविधान के मुताबिक गुलाम होकर भी तुझ पर मनमानी कर रहा हु ..जा रे तु मेरा कुछ बिगाड़ नहीं सकता है |"

" तु सिर्फ हमें गलियाँ देते रहेना ...एक दिन मै तुम्हे जरूर गालियों के बदले गोलियां दूंगा ..देख कसाब ने सेंकडो को मारा फिर भी वो हमारे सहारे जिन्दा है और हम उसकी हर फरमाइश पूरी भी करते है मग़र तु अगर गलती से भी किसी एक को मारेगा ना तो डायरेक्ट फांशी , क्या ? जब जब तु चिल्लाएगा की सिस्टम को बदलो हम सब नेता भी चिल्लायेंगे की संविधान का अपमान हो रहा है ...अरे जब हम सुप्रीम कोर्ट की नहीं सुनते है तो तेरी क्या सुनेंगे रे ? ..तु हमारे घोटालो के बारे में चुप चाप अखबारों में पढता रहे ..मच मच नको ...क्यु की आज तक कानून के इतिहाश में कभी भी किसी भी भारतीय नेता को सजा नहीं हुई है ...हा हा हा |"

" पता है सिस्टम कब बदलेगी ...देख जब भी हमारे किसी भी दल के नेता पर कोई भी घोटाले का इल्जाम लगता है तो हम सब नेता मिलकर उसे बचा लेते है क्या ऐसी भाईचारा भरी भावना तुम्हारे अन्दर है ...नहीं ना ? फिर जा बच्चे आपस में लड़ते रहेना क्यु की तुम लोगो का आपस में लड़ना ही तो हमारी ताकत है ...जा ..जा जिस दिन तुम लोग हिन्दू ..मुसलमान मिटकर सिर्फ और सिर्फ सच्चे भारतीय बन जाओ उस दिन ये सिस्टम बदलने आना ..तब तक हमारे झूठे वादों को चिंगम की तरह साल तक चबाते रहो ..मग़र ये सिस्टम नहीं बदलेगा |"

:::
::
: