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Monday, February 20, 2012

हिंद के लिए शरिया कानून : मुस्लिमों की मांग या आतंकवादीयों की चाल ?

दोस्तों फेसबुक पर कई बार कुछ भी लिख दिया जाता है और उसे हम जैसे कई फेसबुक के कीड़े बिना सोचे समझे आगे बढाने में लग जाते हैं|

ऐसे ही कुछ उदाहरणों में एक है १४ फरवरी को भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव जी की शहादत का दिन बना दिया किसी ने कहा की इस दिन उन्हें सजा सुनाई गई थी जबकि दोनों में से कुछ भी सच नहीं था |

ऐसे ही एक नई बात जो अभी सामने आ रही है वो है हिंद के लिए शरिया कानून लागू करने की बात का जो की ऐसे फ़ैल रहा है जैसे जंगल में आग |

इसके साथ ही लोग नफरत भरी बाते भी लिखते जा रहे हैं, पर सोचने वाली बात ये है की इसमें कितनी सच्चाई है|

मेरा ये मानना है की ये भारत में सिर्फ और सिर्फ धर्म के नाम पर नफरत फैलाने के लिए की जाने वाली एक और कोशिश है जो की पूरी तरह से कामयाब होते हुए दिख रही है|

मुझे अजीब ये भी लग रहा है की लोग बिना सोचे समझे उन आतंकवादी लोगो की चलो का शिकार हो रहे हैं और बिलकुल वही कर रहे हैं जो ये आतंकवादी करवाना चाह रहे हैं, उनकी घटिया सोच का प्रचार |

कुछ तथ्य और कुछ बाते मै आप के सामने रखता हूँ आप खुद समझदार हैं |

१) इस षड्यंत्र की जो वेबसाइट है उसमे कही भी हरा रंग इस्तेमाल नहीं हुआ है जबकि अगर कोई इस्लामिक संगठन सिर्फ इस्लाम की बात कर रहा होता तो उसमे पूरी तरह से हरा रंग होता |
२) वेबसाइट को भगवा रंग दिया गया है, उसका कारण ये हो सकता है की अगर कोई भी खून खराबा होता है तो उसे भगवा संगठनों पर डाला जा सके जो की पक्के तौर पर होगा अगर इसी तरह से बात आगे बढती रही तो |
३) इस षड्यंत्र में जो रूपरेखा तैयार की गई है उसकी पृष्ठ भूमि इंग्लेंड है किसी ऐसे देश की नहीं जहाँ पर शरिया क़ानून लागू हो तो ये सोचने वाली बात है |
४) कोई भी भारतीय इस्लामिक संगठन अभी तक खुल कर इस विषय में सामने नहीं आया है और जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक ये सिर्फ एक विदेशी षड्यंत्र ही है और कुछ नहीं |
५) जिन लोगो को इस षड्यंत्र का करता धर्ता बताया जा रहा है वो कौन है ..वो आतंकवादी है पक्के अतंकवादी और उनकी कही बातों से हम हमारे देश का अमन चैन बर्बाद करे वो सही होगा क्या |
अन्जेम चौधरी और ओमर बकरी मुहम्मद के बारे में आप यहाँ से जान सकते हैं और खुद सोचिये की आप आतंकवादीयों की बातों को संजीदा तौर पर लेंगे क्या|
http://en.wikipedia.org/wiki/Anjem_Choudary
http://en.wikipedia.org/wiki/Omar_Bakri_Muhammad
   
ये सिर्फ और सिर्फ अफवाहे हैं चंद आतंकवादीयों के द्वारा हमारे शांत देश में नफरत की आग लगाने के लिए |

दूसरा ये की जिन देशो में भी शरिया कानून है वहाँ के लोग खुद ऐसा कानून चाहते हैं जो की अमन की बात करता है |

देश के मुस्लिम खुद नहीं चाहेंगे की उनकी हालत चंद लोगो के हाथो में जा कर ऐसी हो जाये की उनकी सारी आजादी भी छीन जाये और मजबूर भी हो जाये |

तो दोस्तों कुछ आतंकवादियों की बाते सुन कर बहकावे में मत आओ और देश को आग में मत जलाओ |

Friday, February 10, 2012

कांग्रेस बहुत ही अच्छी है : तमाचा है ये पोस्ट

" वोट के लिए नौटंकी करना कोई कांग्रेस से सीखे ..वोट के लिए जी हाँ सिर्फ वोट के लिए अपना जमीर और यहाँ तक की अपने बाप का नाम भी बदल सकती है कांग्रेस ...गिन्होनी कांग्रेस आखिर अपने आप को समजती है क्या ?आज आज़मगढ़ में सलमान खुर्शीद का बयान साबित करता है की कांग्रेस नहीं चाहती है की इस देश में हिन्दू और मुसलमान शांति से रहे और कांग्रेस खुद ऐसा करती है और भाजपा पर आरोप लगाती है की वो हिन्दू मुसलमान के बिच दुरिया बढा रही है ..नौटंकी ...और इस देश की बड़ी नौटंकी बाज सोनिया के आंसू ... "


कसाब की मौत पर भी सोनिया रो सकती है :

" बटाला हॉउस में पड़ी लाशो को देखकर सोनिया गाँधी की आँख से आंसू निकल आये वो लाशे जो आतंकी की थी उन्हें देखकर रोना मतलब ? ...साफ़ है की वो लाशे मुस्लिम आतंकियों की थी और मुस्लिम समुदाय के वोट के खातिर आज फिर झूठ बोला जा रहा है मग़र हैरत उस बात की होती है की कल अगर कसाब की मौत हो जाये तो क्या सोनिया की आँख में आंसू आयेंगे ? ...अगर आतंकीयो की लाश को देखकर आप रोते है तो इसका मतलब है की आपका आतंकी से कोई ना कोई रिश्ता जरूर है वैसे भी ओसामा बिन लादेन जैसे विश्व प्रसिद्द आतंकी को आप ओसामाजी कहेकर बुलाते है ...क्यु क्या वही से भी आपको वोट मिलनेवाले था या नोट मिल रहे थे ? "


सोनिया जी से चंद सवाल

* मुंबई ब्लास्ट में मारे गए लोगो के लिए आपकी आँख में कभी आंसू आये थे क्या ?

* सरहद पर शहीद सैनिक के लिए कभी आपकी आँख में आंसू आये की नहीं ?

* देश में भूख से तड़पकर मरनेवालो के लिए कभी आँख में आंसू आये की नहीं ?


" अरे तु क्या ऐसी बात पर रोएगी ...तु सिर्फ अपने स्वार्थ के खातिर रो सकती है और देश की जनता को रुला सकती है ... "
" कभी देश के शहीदों के लिए भी रोकर देख ...कभी देश की जनता के लिए रोकर देख ,मग़र तु तो आतंकी के लिए रो रही है वो आतंकी जो इस देश के लोगो को बेरहमी से मारते है ....कांग्रेस का और आतंकियों का रिश्ता भी पुराना है शायद ..तभी तो आज भी तुने अफज़ल और हजारो लोगो को मारनेवाले कसाब को अपने सर पे बिठाकर रखा है "


* हिन्दू की लाश भी थी और मुसलमान की भी


मित्रो ...इस ब्लॉग को पढ़नेवालो ...फिर चाहे वो मुसलमान हो या फिर हिन्दू ..याद रखना ये कांग्रेस ही हमारी शांति को सदा भंग करती आ रही है और वो नहीं चाहती है की इस देश में हिन्दू मुसलमान ..भाई भाई की तरह शांति पूर्वक रहे सके ...बटवारा करके वोट हासिल करना इनका धर्म बन गया है ...आज वो आतंकी के आंसू के लिए रो रही है ...मग़र कल जब तुम्हे यही आतंकी मार देंगे तो आपकी लाश की और देखना भी मुनासिब नहीं मानेगी ...क्यु की आज तक आतंकी को कभी सजा हुई है क्या ...? हजारो लोगो को मारकर जेल में बैठना और मौज करना ये सजा नहीं है मग़र उन्हें भी उसी तरह मारो जिस तरह से उन्होंने हमले में देशवासी मारे थे ..जिसमे हिन्दू की लाश भी थी और मुसलमान की भी "


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मदेराना तो अश्लील फिल्म के नायक थे |

* ब्लु फिल्म में किरदार पर माफ़ी नहीं मांगी

"मदेराना की तो अश्लील फिल्म बनी थी मग़र कांग्रेस ने इस बात के लिए जनता से कभी माफ़ी नहीं मांगी थी और आज शोर मचा रही है कांग्रेस ..क्या सिर्फ विधानसभा में ब्लू फिल्म देखना गुनाह है ? या फिर, ब्लू फिल्म में किरदार निभाकर उस में दिखाई दे रही औरत को मौत के घाट उतार देना गुनाह है ? और किरदार निभाकर औरत को मौत के घाट उतार देने वाले कांग्रेस के इस मंत्री महोदय की तरफ से कांग्रेस ने तो कभी माफ़ी नहीं मांगी है आज तक शायद उस मंत्री महोदय का गुनाह, कांग्रेस की नजर में गुनाह नहीं है ...क्या कांग्रेस ने अपने घर में झांक कर देखा है कभी ? "


* गुनेहगार कौन ?

" मै ये नहीं कहेता की भाजपा साफ़ सुथरी है मग़र जिस तरह से कांग्रेस शोर मचा रही है उसको देखते हुवे ऐसा प्रतीत होता है की किसी अबला की इज्ज़त लुटकर उसकी अश्लील फिल्म बनाकर बाद में उसे जान से मार देना गुनाह नहीं है मग़र अश्लील फिल्म संसद में बैठकर देखना गुनाह है ..संसद भवन की गरिमा तो पिछले १० साल से कम ही हो चुकी है क्यु की आज इस देश में बार बार टूट रहा है इस देश का संविधान ऐसे में भला किसी नारी की इज्ज़त को क्या बक्षेंगे ये नेता ? "


* दुल्हन और संविधान

" नारी को एक रात की दुल्हन बनाकर मौत के घाट उतार देनेवाले नेता साफ़ सुथरे है और वो माफ़ी नहीं भी मांगे तो चलता है मग़र अश्लील फिल्म देखनेवाले नेता को इस देश के लोगो की माफ़ी मांगनी ही पड़ेगी क्यु की उन्हें वास्ता दिया जा रहा है इस देश के संविधान का ..जिस संविधान को भंग करने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस को ही है क्यु की जब कांग्रेस संविधान का भंग करती है तो संसद ,मंदिर नहीं रहेता है और अगर दूसरी कोई पार्टी भंग करे तो संसद मंदिर बन जाता है ...क्या अजब माया है ...वो कहते है ना "जिसकी लाठी उसकी भेंस " "


* अश्लील फिल्म के नायक

" मदेराना के केस में अश्लीलता का नंगा नाच था और साथ में जनता के विश्वाश के साथ धोखा भी छुपा हुवा था ...तो अश्लील फिल्म देखनेवाले नेता के केस में अश्लीलता थी ..मग़र नंगा नाच नहीं था जिसे दुनिया देख सके ,गुनेहगार तो दोनों ही थे मदेराना और अश्लील फिल्म देखनेवाले ..मग़र जब माफ़ी कांग्रेस ने नहीं मांगी तो भला भाजपा क्यु मांगे ? क्यु की मदेराना तो अश्लील फिल्म के नायक थे "


" अगर देखा जाये तो दोनों ही पक्षों ने भारत की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए मग़र वो दिन भारतवासी के नसीब में कहाँ है की उनके द्वारा चुने गए उन्ही के नेता उनके द्वारा होती गलतियों की माफ़ी जनता से मांगे "


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Thursday, February 9, 2012

मोदी बेक़सूर : "एस आई टी" की रिपोर्ट




" स्पेसियल इन्वेस्टिगेशन टीम " (एस आई टी) के रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुवे दंगो में मोदी बेकसूर साबित हुवे है ...रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ "एस आई टी" को गोधरा कांड के तुरंद बाद ही गुजरात में हुवे दंगो में नरेन्द्र मोदी के द्वारा " किसी भी तरह की मदद करने के और उकसाने के सबूत नहीं मीले है "


" एस आई टी ..दंगो के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद अहेसान जाफरी की पत्नी जफिया जाफरी की सिकायत पर ये जांच कर रही थी और जफिया ने इस सिकायत में ये मांग की थी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य ६२ लोगो के खिलाफ ये मुक़दमा चलाया जाये "


" किसी भी तरह के उकसाने और मदद ना करने के रिपोर्ट ने मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को और भी मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है आपको याद दिला दू की नरेन्द्र मोदी के विरोधी उन पर ये लगातार आरोप लगा रहे थे की नरेन्द्र मोदी की मीठी नजरो तले ये दंगे हुवे थे जब की आज "एस आई टी" की रिपोर्ट ने ये साबित कर दिया है की नरेन्द्र मोदी बेकसूर है ,"


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Monday, February 6, 2012

गायब है कश्मीर राहुल गाँधी की वेब साईट से ( विडिओ के साथ)


" जी हाँ राहुल गाँधी की वेब साईट में दिए भारत देश के नक़्शे में "कश्मीर" कही दिखाई नहीं दे रहा है, राहुल गाँधी जिसे कांग्रेस भारत देश का अगला प्रधानमंत्री जी बता रही है क्या उन्हें ये पता नहीं है की भारत देश का अभिन्न अंग है कश्मीर ? क्या ऐसा हो सकता है भारत देश का अगला प्रधानमंत्री जिसे देश के नक़्शे के बारे में भी पता नहीं है ? "

" ये वेब साईट के नीचे २००६ कोपी राईट का चिन्ह बता रहा है की ये साईट २००६ से कार्यरत है जिसे " राज बहादुर चौहान" संभाल रहे है ..ये साईट "नॅशनल कमीशन बेकवार्ड क्लास "के तहत " कांग्रेस इन फेवर ऑफ़ ओबी सी " के रूप में चलाई जा रही है और इस साईट में राहुल गाँधी के विवरण के साथ साथ उनको भारत का अगला प्रधानमंत्री के रूप में भी दिखाया गया है "

ठेश पहुंची भारतवासी के दिल को :
" गौर किये जाने वाली बात ये है की "राज बहादुर जी " ने बी ए ( होन ) जर्नालिसम के साथ "एल एल बी" भी किया है और जब एक पढ़े लिखे आदमी से ऐसी गंभीर भूल हो जाये तो उसे क्या समजना चाहिए ? इस साईट से वो क्या दर्शाना चाहते है ये तो पता नहीं है मग़र करोडो भारतवासी के दिल को ठेश पहुंची है बिना कश्मीर का भारत का नक्षा देख कर "

कश्मीर में दो झंडे तो है :
" कश्मीर वैसे भी विवादों से भरा हुवा ही रहा है और वहां पर इस देश का झंडा "तिरंगा "एक ही होते हुवे भी वहां के मुख्यमंत्री जी दो झंडे लगाकर घूम रहे है जिस पर आज भी कांग्रेस चुप है और तभी ये बिना कश्मीर के भारत का नक्षा ..तो क्या भारत देश में दो झंडे और दो संविधान भी मौजूद है ?

इस विडियो को जरूर देखिएगा :
http://youtu।be/zaVy0LIW-Lg
" दर्द होता है जब एक पार्टी किसीको इस देश का प्रंतप्रधान बताती है और उसी की तस्वीर जब देश के टुकड़े करनेवाले नक़्शे के साथ किसी वेब साईट पर पाई जाती है ...क्या हो रहा है ये ? ...क्या कश्मीर भारत का अंग नहीं है ? ऐसे अनेक सवाल खड़े करती है ये तस्वीर ..............
ये विडियो जरूर देखिये ..और ये साईट के बारे में जानिए



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Thursday, February 2, 2012

मोदी की पनाह में कश्मीरी मुस्लिम ,कांग्रेसवालो देखो


नवभारत टाइम्स की ये खबर जरूर पढ़े ,
कांग्रेस ने चारो तरफ फैलाये झूठ को उजागर करती ये खबर शायद कांग्रेस के मुंह पर और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोधियो के मुंह पर एक करारा तमाचा साबित होगी ...ये रही वो खबर

अहमदाबाद ।।
और कश्मीरी पंडितों के बारे में क्या ? गुजरात में 2002 के दंगों के बाद अक्सर दंगों और मुस्लिम समुदाय पर उसके असर की बात करने पर यही सवाल पूछा जाता रहा है मगर , अब गुजरात दंगों के 10 साल बाद कश्मीर घाटी के डरे हुए मुस्लिम उसी राज्य में पनाह ले रहे हैं जिसे हिंदुत्व की प्रयोगशाला का नाम दिया जाता रहा है।

कश्मीर के आतंकवाद से पीड़ित बारामुला जिले से आए करीब 50 परिवार कालूपुर रेलवे स्टेशन के पास टेंटों में रह रहे हैं। यह धरती पर स्वर्ग तो नहीं है , लेकिन ये परिवार वापस बारामुला जाने को तैयार नहीं क्योंकि वहां सुरक्षा बल और आतंकवाद के दो चाकों में पिसना इससे भी खतरनाक है।

इनमें से एक ने बताया , ' गुजरात में दंगों के बाद मुस्लिमों की जो हालत थी , उससे भी बदतर स्थिति थी कश्मीर में हमारी। ' यहां रह रहे लोग बात तो करते हैं लेकिन कैमरे का सामना करने को तैयार नहीं। इनका कहना है कि अगर बारामुला में इनके रिश्तेदारों को पता चला कि इन लोगों ने अहमदाबाद में शरण ली है तो उनकी स्थिति और असुविधाजनक हो जाएगी।

शुरू में वह बारामुला से भागकर श्रीनगर आए थे , लेकिन कड़ाके की ठंड और ठहरने की जगह तथा खाने के सामान की कमी के चलते उन्हें वहां से भी निकलना पड़ा। यहां भी काम मिलना मुश्किल साबित हो रहा है।

इसी ग्रुप का एक सदस्य परवेज अहमद खान कहता है , हमें बताया गया था कि अहमदाबाद में काम मिल जाएगा। कुछ एनजीओ इनकी मदद को आगे भी आए हैं। लेकिन , कुछेक को ही काम मिला है , क्योंकि ' कोई भी कश्मीरी मुस्लिम को काम पर रख कर रिस्क नहीं लेना चाहता। ' कुल मिला कर यह कश्मीर से बेहतर जगह लग रही है ? शहजाद खान का जवाब है , ' पता नहीं अभी तो हमारे सामने अपने परिवार की महिलाओं और बच्चों को खिलाने-पिलाने की समस्या ही नहीं सुलझ रही है। '


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Wednesday, February 1, 2012

नेता जी को शर्म नहीं आती


पिछले दिनों नेता जी से मुलाकात हुई
देश की गरीबी के बारे में उनसे बात हुई

मेरी बाते सुन कर नेता जी गुस्सा दिखाने लगे
उनके दिल का गुबार फिर गुस्से में सुनाने लगे

नेता जी कहने लगे
तुम बेकार आम आदमी, बहुत बवाल करने लगे हो
हम नेताओं से हर बात पर सवाल करने लगे हो

कभी हम नेताओं की सम्पत्ति पर सवाल करते हो
कभी हमारे अवैध रिश्तों से हमारा बुरा हाल करते हो

कभी संसद के सस्ते खाने पर अपनी नजरे गडाते हो
कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ सडको पर उतर आते हो

मै उन्हें चुप कराता रहा,
नेता जी गुस्से में जाने कब तक सुनाते रहे
उनकी हर पीड़ा का दोष
मुझ जैसे आम इंसान पर ही लगाते रहे

जब उनके गुस्से का ज्वार थोडा सा नीचे आया
मैंने बड़ी शांति से मेरी बात को उन्हें समझाया

मै बोला नेता जी मैंने तो बस गरीबी की बात की है
आप इतनी सी बात पर ऐसे क्यों भडक रहे हैं |
मेरी एक छोटी सी बात को सुन कर
आप क्यों जैसे जल बिन मछली तडप रहे हैं |

नेता जी फिर तडप कर बोले जल्दी अपना सवाल बताओ
अपने सचिव से इशारों में बोले इससे हमारा पीछा छुडवाओ

मैंने बस उनसे एक सवाल किया
आप संसद में जब सस्ता. स्वादिष्ट और स्वस्थ खाना खाते हैं,
तब क्या आप खुद को कभी गरीब भूखों के लिए शर्मिंदा नहीं पाते हैं ?

उनके जवाब के पहले नेता जी का सचिव बोला
ये देखो आम इंसान ने फिर से मुह है खोला

अब उनका सचिव ऐसे सवाल न करूँ ये समझा रहा था
नेता जी दिल के मरीज है ये बात वो मुझे बता रहा था

जब तक मै सचिव महोदय से पीछा छुड़ाता नेताजी जा चुके थे
उन्हें कभी शर्म नहीं आती मेरे प्रश्न का उत्तर मुझे बता चुके थे

उन्हें कभी शर्म नहीं आती मेरे प्रश्न का उत्तर मुझे बता चुके थे