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Wednesday, August 31, 2011

"मनमोहन झुके क्यों ? पप्पु ने खोली पोल (विडियो के साथ )



" एय टुटे हुवे तम्बुरे के तार ..अगर मै ये कदम नहीं उठाता तो जनता हमे राजस्थान के रेगिस्तान में दौड़ा दौड़ा कर मारती |"महामहिम चिल्लाकर बोले " और ऊपर से ये अन्ना हजारे का लोकपाल | "...उस पर एक कांग्रेसी ने कहा " क्या है ये अन्ना हजारे उसको भी हम बाबारामदेव की तरह निपट लेते मग़र तुम झुके क्यों ? "..उस बात पर महामहिम मुस्कुराकर बोले " अरे आज जब बच्चा जन्म लेता है तो वो बच्चा " माँ " नहीं कहेता है मग़र यही कहेता है की " कांग्रेस हटाओ देश बचाओ ..भ्रस्टाचारी कांग्रेस हटाओ और यही नहीं बल्कि जोरो से कहेता है की " मै भी अन्ना हजारे हु और रही बात ये जन लोकपाल की तो एक बात साफ़ कर दु की ये जन लोकपाल कानून के जरिये जनता कभी भी हमारे पायजामे का नाडा खिंच सकती है ..समजा के नहीं ? "

"इतना सब पता था तो पहले अन्ना को समजाना चाहिए था ना ? " एक कांग्रेसी बोला " मैंने बहुत समजाया था उनको और मेट ने भी समजाया था उनको ...मग़र उनका जवाब ही ऐसा आया की आज तक माता बीमारी के बहाने विदेश में बैठी है ..और ऊपर से " अन्ना हमारे " ये फेसबुक का ग्रुप ..कमाल का ग्रुप है ये बड़ा ही जबरदस्त सपोर्ट करते है अन्ना हजारे जी को ..बोलो ऐसे में हम क्या करे ?..विश्वाश नहीं आता है ना मुझ पर की मैंने अन्ना हजारे जी को मनाया था की नहीं ..रुको थोड़ी ही देर में वो रिपोर्ट भी आ जाएगी |" ..तभी ...

" पप्पु ने दरवाजा खोला " अरे वाह ! यहाँ तो सब हाजिर है ..चलो अच्छा हुवा ..और " पप्पु ने महामहिम की और देखकर कहा " आपने जो काम "एफ बी आई, सी बी आई , और मिडियावालों को सोपा था उनकी रिपोर्ट आये ना आये तब तक ये रिपोर्ट तो देख लो बहुत ही अच्छा प्रयाश था आपका " अन्ना हजारे जी " को मनाने का मग़र क्या करे उनका जवाब ही इतना जबरदस्त था की पुछो ना ? " कहेकर एक "सी डी"..महामहिम के हाथ में थमा दी " एक दम झक्कास तरीके से और खुफिये तरीके से बनाया है इसे वो क्या कहते है "स्टिंग ओपरेशन "..मस्त हां | "कहेकर पप्पु अपनी चड्डी सँभालते हुवे निकल गया मग़र एक अखबार देता गया जिसमे थी खबर " अन्ना हमारे" ग्रुप की ...जिसकी तस्वीर आप अखबार "दैनिक जनसंदेश" में २७/०८/२०११ के अंक पेज नंबर ६ पर देख सकते है |"

" बनानेवाले ने भी क्या मस्त विडियो बनाया है जो नहीं देखेगा वो पछतायेगा और देखेगा वो ठहाके लगायेगा |"



तो आप क्या सोच रहे है भाई ..तनिक यहाँ जाके इस ग्रुप को भी देखिये ..और आप भी कहिये हमारे साथ ...पुरे देश के साथ ... देश की जनता के साथ

" अन्ना हमारे "
जरा देखिये हुजुर ..लिंक पर क्लिक करके ..यक़ीनन आप भी इस ग्रुप से जुड़ना चाहेंगे ही ....




सुक्रिया : tv9





Saturday, August 27, 2011

व्यंग - मनमोहन बने सिंग्हम (विडियो के साथ)



" एय "मनमोहन सिंह की दहाड़ सुनकर सभी कांग्रेसी चुप हो गए " बहुत हो गया ..अब बस्स ! और नहीं ..नाही तर माझी सटकेल " ... सभी कांग्रेसी एक दुसरे का मुहं ताक रहे थे और सोच रहे थे की ये अचानक " गूंगी गुडिया " से " एंग्री ओल्ड मेन " कैसे बन गया ?..की एक कांग्रेसी बोला " इतना गुस्सा अच्छा नहीं है "..." तु सिखाएगा मुझको "मनमोहन के ऐसे कहने पर " ए , इज्ज़त से बात कर ..जनता है मेरी ताकत को ..और मेरी औकात को |"..." दो टके का मामूली भ्रस्टाचारी है तु , जिसकी कोई इज्ज़त नहीं होती है |"

* वांधे हो जायेंगे ..वांधे |
" ये, मामूली भ्रस्टाचारी किसको बोला ? "..उस पर दुसरे कांग्रेसी ने कहा " आपको सर "...." एय , समजा ..समजा इसको मै कौन हु ? मेरी ताकत क्या है ? "..." तु तो गुंडा है जो आज सांसद बनकर बैठा है ..जिस पर लगे दर्जनों केस की फाइल आज भी कई पुलिश स्टशन में सड रही है..बड़ा आया मुझे औकात बतानेवाला | " ...उस पर " एय , समजा ..समजा इस "ओल्ड मेन" को वर्ना कुर्सी बचाने के भी वांधे हो जायेंगे | " ...चल रे तुजसे कौन डरता है , आज से मै अन्ना हजारे को समर्थन दे रहा हु और भ्रस्टाचार के खिलाफ कड़क कानून लाकर ही रहूँगा ..समजा | "मनमोहन बोले

* अभी के अभी ... एक शेर ही काफी है |
" बहुत अकड़ है ना " अन्ना हजारे के आन्दोलन" पर ? मै चाहू तो ये आन्दोलन कुचल सकता हु ..अभी के अभी ..एक फ़ोन पर दिल्ली की पुलिश खड़ी कर सकता हु ..अभी के अभी ...तुझे पता भी नहीं चलेगा की कब आन्दोलनकारियों पर लाठियां चलाकर और अश्रु गोले फेंककर चली जाएगी पुलिश ...अभी के अभी |"...कांग्रेसी के कहने पर ..... " ओ कभी कभी ...एक बात सुन ले तेरे एक फ़ोन पर पुलिश आएगी और मेरे एक फ़ोन पर १२० करोड़ जनता आएगी ..मग़र कुत्तों का शिकार करने के लिए ..ये ...मनमोहन सिंग्हम ..एक शेर ही काफी है .....आता माझी सटकली आहे रे | "

* आली रे आली आता तुझी बारी आली

" आता दाखवतोय मी तुम्हाला तुमची औकात " कहेकर मनमोहन ने एक फाइल निकाली " ये , ये देख ..ये जो फाइल है उस में बंद है सबके काले कारनामो का सबूत ..इस में बंद है तुम सबने किये a टु z घोटाले ..जो मै आज जनता के सामने पेश करने जा रहा हु ..किसका पैसा स्विस बैंक में है ? और कौन कौन है घोटालेबाज ये सब नाम के साथ लिखा है इस फाइल में ... आली रे आली आता तुझी बारी आली | " कहेकर मनमोहन दरवाजे की तरफ बढे और अचानक ही पीछे मुड़कर बोले ...." तु लूट गया रे गोट्या |"

काश :
" ऐसा होता हमारा प्रधान मंत्री ..तो आज देश के हालात ऐसे ना होते और ना ही बुजुर्ग " अन्ना हजारे जी " को "भूखे "बैठना पड़ता ..और ना ही इस तरह a टु z घोटाले में पूरी "ए बी सी डी " ख़त्म होती |"

अगर ऐसी फिल्म होती तो इस फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर को अपनी एक अलग ही बैंक बनानी पड़ती..भाईआखिर ये फिल्म सुपर हीट का भी बाप होती और बॉक्स ऑफिस तोड़कर पैसा बाहर निकलता ...ही ही ही ...और वो क्या कहेता है इस फिल्म में ...... वेलकम टु गोवा ..की जगह मनमोहन हर भ्रस्टाचारी को कहते " वेलकम टु तिहाड़ ".....
"जिसमे नहीं है दम ..तो फ़क्त .....मनमोहन सिंग्हम "

जल्द ही आपके नजदीकी सिनेमाघरों में धूम मचाएगी ये फिल्म " मनमोहन सिंग्हम "
इस फिल्म को देखना ना भूलिएगा ऐसे मौके बार बार नहीं आते ..




*** बनानेवाले ने भी क्या मस्त विडियो बनाया है

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व्यंग : मनमोहन तु झुका क्यों ? ( अन्ना के विडियो के साथ )

इस ब्लॉग में पढने लायक पोस्ट :

" व्यंग : पप्पू से पंगा ( विडियो के साथ ) "

" व्यंग - जंडू बाम ,सरकार और च्विंगम "





Friday, August 26, 2011

शर्म बेचकर अश्लीलता का दामन पकड़ा (विडियो के साथ) :फिल्म स्टार "योगिता"


" अन्ना हजारे जी को सपोर्ट के बहाने टोपलेश होनेवाली अभिनेत्री "योगिता" के कदम को कितना जायज माना जाना चाहिए ? और कहाँ गई वो " नारी संघटन " जो हर बार नारी पर होते अत्याचार की ही बात करती है ? क्या इसे अश्लीलता भरा अंगप्रदशन कहा जाये या फिर अन्ना हजारे के नाम पर भारत की आन,बान,शान "तिरंगे " का अपमान ..या फिर सस्ती पब्लिसिटी कहा जाये ..बात चाहे जो भी हो मग़र एक बात साफ़ होती है की " नारी संघटन "को "पूनम पांडे "के न्यूड होने पर या फिर " मन्दिरा बेदी "के न्यूड होने के साथ साथ अपने सरीर पर "ॐ" लगवाकर तस्वीरे खिंचवाने पर भी " अश्लीलता दिखाई नहीं दे रही है ?... क्या आज नारी संघटन अँधा हो गया है ? या फिर सिर्फ नाम का रहे गया है " नारी संघटन " ? "

" भारत सरकार अश्लील विज्ञापन पर जब रोक लगा रही है उसी वक़्त " भारत की नारी " जिस संस्कृति के लिए जानी जा रही है ..उस " लाज , शर्म " को सरेआम बाजार में लीलाम कर रही है | " ...नारी संघटन को नारी पर होते अत्याचार दिख रहे है मग़र नारी के द्वारा दिखाई जाती अश्लीलता नहीं ..आज अगर ऐसा ही कार्य किसी पुरुष ने किया होता तो ..नारी संघटन जमकर विरोध के साथ कड़ी कार्यवाही की मांग भी करती मग़र आज ..वही नारी संघटन "किसी नारी के द्वारा अपने खुले जिस्म पर "तिरंगा " लगाकर तस्वीरे खिंचवाने पर चुप है | "

" बात यहाँ सिर्फ अंगप्रदशन की ही नहीं है मग़र आज "नारी संघटन" को फिर से सोचना पड़ेगा की " आखिर ऐसी क्या बात है ..जिसकी वजह से भारत की नारी अपना सच्चा गहेना " अपना जिस्म " दिखाने को राजी हो जाती है ? ...एक नारी के द्वारा ऐसी हरकत पर नारी संघटन को ठोस कदम उठाने ही चाहिए ..कही ऐसा ना हो की " नारी संघटन" की चुप्पी ये साबित ना कर दे की "आज की नारी खुद खिलौना बन गई है ? ..अब वक़्त आ गया है की ऐसे नारी संघटन फिर से एक बार सोचे की आखिर देश की इज्ज़त और नारी के सच्चे गहने को कैसे बचाया जाये ? "

" आप खुद ही देख ले "मन्दिरा बेदी" को जिसकी तस्वीर उप्पर है "

और ये विडियो जरूर देखे ..ये विडियो "अभिनेत्री" योगिता का है जो ..हिंदी फिल्म में और मराठी फिल्म में काम करती है ..ऐसी नारी का क्या करना चाहिए ये अब " नारी संघटन" ही तय करे |"




इस अभिनेत्री का कहेना है की :

"संसद में जनलोकपाल बिल पास हो जाने के बाद वह टॉपलेस होकर दौड़ भी लगाएंगी| दूसरी मॉडलों ने सिर्फ पब्लिसिटी बटोरने मात्र ही कहा था | योगिता ने न्यूड होने के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि अन्ना के आंदोलन के आड़ में कई नई अभिनेत्रियां न्यूड होने की बात कर सस्ती लोकप्रियता तो बटोर रही है मगर किसी में ऐसा करने की हिम्मत नजर नहीं आई| मैं ऐसा कर यह संदेश देना चाहती हूं कि मैं सच में अन्ना का समर्थन करती हूं और न्यूड होकर सिर्फ पब्लिसिटी बटोरना मेरा इरादा नहीं है|

क्या " नारी संघटन " जन लोकपाल बिल" पास होने के बाद इस अभिनेत्री को "टोपलेस " होकर दौड़ लगाने से रोकसकेगा ?




Wednesday, August 24, 2011

व्यंग -"जंडू बाम, सरकार और च्विंगम "



* जंडू बाम और सरकार

" जंडू बाम वाले दावा करते है की उनके बाम लगाने से हर तरह का दर्द गायब होता है ...भाई क्या आपका जंडू बाम लगाने से ये सरकार गायब हो जाएगी क्या ? ..आज हर कोई यही चाहता है की ये सरकार अब अलविदा कहे तो अच्छा है , मगर ये सरकार भी चिंगम की तरह है जिसे चाहे कितना भी चबाओ ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेती है जनता जनार्दन जाने कितने दिन से इस सरकार को चबा रही है ..फिर भी ये चिंगम की तरह खींचती ही जा रही है ..क्या इस सरकार को भी किसीने फेविक्विक से चिपकाया है क्या ? "

* कुछ दाग अच्छे होते है
" जाने कितने दाग के साथ जी रही है ये सरकार फिर भी इस सरकार का सिरफिरा वफादार दिग्विजय कहेता है की कलमाड़ी बेकसूर है ..जैसे ये किसी कोर्ट का जज हो पूरा देश इस पागल की बाते सुनकर जब थक गया है फिर भी ही सोनिया इसे कहेती है की चुप बैठ और ही मनमोहन ..सायद मनमोहन को सोनिया ने बोलनेसे मना ही किया है या फिर इसे भी कोई चिंगम दी होगी सोनिया ने ..कालाधन , cwg ,2g जाने कितने दाग लगे है इस सरकार पर ...फिर भी ये बात तो तय है की इस सरकार पर लगे दाग कोई भी मिटा नहीं सकता ..चाहे "सर्फ़ एक्स़ल" क्यों हो ?..कुछ दाग अच्छे होते है ..सही ना ? "

* महेंगाई और मेट्रो की स्पीड
" आम आदमी आज तंग है महेंगाई नाम के दानव से और सरकार अपने कालेधन को छुपाने में व्यस्त है ..आज आम आदमी अपना और अपने बच्चों का पेट भरने के लिए रात और दिन एक कर रहा है और दिग्विजय जैसे गद्दार कलमाड़ी जैसे भ्रष्ट को बचाने के लिए व्यस्त है ..जब देश का नाक काट दिया था लाठी चार्ज करके तब राहुल गाँधी जैसे लोग स्वित्ज़रलैंड भागे थे ..देश से ज्यादा ,आम आदमी से भी ज्यादा उनको पड़ी थी सायद अपने धन की जो स्विस बैंक में सड रहा है ..उनको इस देश की जनता की तभी याद आती है जब चुनाव आते है , बाकी तो लुट के कार्यक्रम में व्यस्त रहते है ये लोग इसी लिए ही तो जनता यही चाहती है की उसे अब सोने की जरूरत नहीं है ..उसे अब चांदी की जरूरत नहीं है ..बस ये सरकार जाये और छुटकारा मिले उन्हें ..ताकि इस महेंगाई में वो अपने बच्चों का पेट भर सके और अच्छा शिक्षण दे सके ... क्यों की आज जहाँ भी आम आदमी जाता है उसके पहले ये महेंगाई पहुँच जाती है ..यार इस महेंगाई की स्पीड मेट्रो ट्रेन से भी ज्यादा होती है इस देश में | "

* गरीब की जेब ,सरकार और जुती
" गरीबों की जेब को लुटनेवाले इन नेताओं को सायद ये पता नहीं है की गरीब की जेब लुट सकते हो आप गरीब को कमजोर समजकर ..मगर यही गरीब की उंगली में बड़ी ताकत होती है ...क्यों की ये गरीब की उंगली अच्छो अच्छो को गरीब की जुती के बराबर कर सकती है आज गरीब गल्ली में इस सरकार की चर्चा कर रहा है जिस दिन ये गरीब उसकी चर्चा दिल्ली में करेगा उस दिन भागना भी भारी पड़ेगा इन नेताओं को सायद वो दिन भी अब दूर नहीं है ..मानो गल्ली से दिल्ली तक | "

* आम आदमी , गुटलीयाँ और सरकार
" आम आदमी को अब और ना चूसो ... आम आदमी का आम तो आपने निकल दिया है अब गुटलिया बची है ..जिसका कभी आचार भी नहीं बन सकता है ..इसी लिए आज ये आम आदमी कहे रहा है की ना सोना चाहिए मुझे ...ना चांदी चाहिए मुझे ... मुझे तो इस सरकार से छुटकारा चाहिए |"