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Wednesday, July 13, 2011

ओह मुंबई ..आह मुंबई ( हर भारतवासी आपके साथ है )


* कसाब का जन्मदिन और बोम्ब ब्लास्ट
                           " सरकार ने जिसे सबसे महँगा महेमान बनाकर देश वासियों के सर पे बिठाया है ..उसी " अजमल कसब " के जन्म दिन पर आतंकियों ने दिया है पुरे देश को एक तोहफा .. क्या अब भी सरकार जागेगी या नहीं ..? या फिर यूँही जेलना पड़ेगा अपनो को खो कर .. अपनो को खोने का दर्द क्या होता है ये उनसे पुचो जिन्होंने आज तक के आतंकी हमले में अपने कलेजे के टूकड़ो को खोया है ... | "

 * ना मर्द सरकार के मुंह पर आतंकियों का तमाचा 
                            " मुंबई में आज शाम ६:४५ को हुवे हादसे ने आज पुरे देश को हिला दिया है ..वो दर्द नाक तस्वीरे ..आह ! , सरकार क्यों अभी भी " अजमल कसाब और अफजल गुरु "जैसे आतंकियों पर रहें कर रही है ये जनता में चर्चा का विषय आज भी रहा है ..क्या सरकार की ख़ामोशी का मतलब जनता ये समजे की सरकार भी यही चाहती है की जनता दर्द नाक मौत से मरे और " कसाब "आतंकी जनता के पैसों पर मजे करे ..या फिर इस सरकार का अजमल कसाब दामाद है ? "

 * १३ तारीख और आतंकी हमले का संजोग देखिये 
                         
     तारीख                   हमले का स्थल                 जाने गवाई          जखमी 
   १३ मई २००८           जयपुर ( ९ जगह विस्फोट )    ६४                        २१६ 
   १३ दिसम्बर २००८   दिल्ली ( संसद भवन )             ७ 
   १३ फरवरी २०१०      पुणे ( जर्मन बेकरी )              १७                          ६० 

                            " क्या अजीब तरह का संजोग है देखिये हर बार भारत पर हमले १३ तारीख को ही होते आ रहे है ..फिर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा सकती है ..भारत सरकार को सायद अब भी इन आतंकीयों से लगाव है ..जनता चाहे कितनी भी खून से नहाये ..या मरे .. | "
  
 * काश ! कोई मिनिस्टर का बेटा या बेटी इन हमले में मरता 
                           " ये सरकार उसी वक़्त कोई ठोस कदम उठाएगी जब उनके मंत्री दल के किसी मिनिस्टर का बेटा या बेटी या फिर कोई अपना आतंकी हमले में जान गंवाता  ...फिर उनको पता चलता की अपनो को खोने का दर्द क्या होता है ..और अगर ऐसे हमले में उनके अपने छोड़ कर चले जाते तो कसाब तो क्या उनके आका को भी ये लोग फांसी पर लटका देते ...यूंह इस तरह मेरे मुंबईवासी भाईयोँ और बहेनो को सहेना नहीं पड़ता | "

* मुंबईवासियों को सन्देश 
                          " ये सरकार चाँद अल्फाज़ बोलकर आपके दर्द पर नमक छिडकेगी मगर याद रहे पुरे देश की जनता आपके साथ है और आपके साथ ही रहेगी ... क्यों की अपनो को खोये आपने है और दर्द हर भारतवासी के सिने में हो रहा है ..हम सब साथ है मुंबई ................ | "



* इस ब्लॉग में और भी पढने लायक : 

                        कांग्रेस तो कब की खून से नहा रही है - एक सत्य ( सबूत के साथ ) 

                        व्यंग - संसद ..तिहाड़ जेल और सोनिया गाँधी |"  

कांग्रेस तो कब की खून से नहा रही है : एक सत्य ( सबूत के साथ )

       
                  " जब भी दंगों की बात आती है तब उछलता है एक ही नाम और वो है नरेन्द्र मोदी और गुजरात ..ना जाने कितने नाम नरेन्द्र मोदी को दिए गए इस दंगे के बाद ..मगर कभी किसीने ये नहीं सोचा की क्या इस देश में सिर्फ और सिर्फ गुजरात में ही दंगा फसाद हुवा था या फिर कही और भी ऐसी घटनाये हुई थी .. ? क्या कांग्रेस के शासन में कभी कोई हुल्लड़ नहीं हुवा है ? या जहाँ कांग्रेस की सत्ता है वहां पर जब भी कोई दंगा फसाद होता है तो कांग्रेस उस मामले को दबा देती है ..सायद यही हो रहा है इस देश में ..आप खुद ही देख लो .. की किस तरह कांग्रेस ने आज तक हम लोगों की आँख में धुल जोंकी है और खुद के शासन दरमियान हुवे दंगों के बारे में कभी कोई जिक्र नहीं किया है .... ये रही तवारीख के साथ ... दंगों की लिस्ट ..| "

साल      जगह            लोगों की मौत        सत्ता में                     मुख्यमंत्री 
१९४७    बंगाल             ५०००                   कांग्रेस             प्रफुल्ल चन्द्र घोस 
१९६४   जमशेदपुर        २०००                    कांग्रेस            के .बी .सहाय
१९६७   रांची                 २००                      कांग्रेस             
१९६९   अहमदाबाद       ५१२                     कांग्रेस            हितेंद्र देसाई
१९७०   भिवंडी              ८०                       कांग्रेस             वसंतराव नाइक 
१९७९   जमशेदपुर       १२५                      कांग्रेस            श्री राम सुन्दर दास
१९८०  मोरादाबाद        २०००                      कांग्रेस          विश्वनाथ प्रताप सिंह 
१९८४  भिवंडी              १४६                       कांग्रेस            वसंतदादा पाटिल 
१९८३   आसाम            २०००                     कांग्रेस             हितेश्वर सैकिया
१९८४   दिल्ली            २७३३                     कांग्रेस             राष्ट्रपति शासन
१९८५ अहमदाबाद       ३००                        कांग्रेस            माधवसिंह सोलंकी 
१९८६  अहमदाबाद      ५९                          कांग्रेस             अमरसिंह सोलंकी 
१९८७   मिरत             ८१                           कांग्रेस              वीर बहादुर सिंह 

                        " अब आप ही कहो अगर नरेन्द्र मोदी नर पिशाच है तो कांग्रेस की सरकार को आप क्या कहोगे ? अगर नरेन्द्र मोदी के हाथ खून से रंगे है तो फिर ये लिस्ट देखकर आप क्या कहोगे की कांग्रेस के हाथ ही नहीं मगर पूरी कांग्रेस जनता के खून से रंगी हुई है ...यही ना ?...खुद खून से नहाई हुई है और गुजरात के दंगो पर जोर दे रही है क्यों की कांग्रेस को गुजरात की सत्ता चाहिए और सत्ता और कांग्रेस के बिच आ रहे है "नरेन्द्र मोदी " इस लिए चाहे कोई भी तरीका क्यों ना हो ..नरेन्द्र मोदी को फसाओ ...और गुजरात की सत्ता हासिल करो सायद यही मंत्र है कांग्रेस का ... इस लिस्ट को देखकर तो यही लगता है क्यों की जहाँ ५००० और २००० लोगों की मौत हुई है उस पर भी ऐसी कड़ी कार्यवाही नहीं हुई थी जैसी गुजरात दंगों के केस में हो रही है ...तो फिर इसे क्या कहा जाये " न्याय प्रिय " कांग्रेस ..या फिर " सत्ता प्रिय " कांग्रेस | "

                                " जब तक गुजरात में कांग्रेस थी तब तक गुजरात सबसे पीछे था और नरेन्द्र मोदी के आते ही गुजरात आज पुरे विश्व में मशहूर और देश में अव्वल हो गया है ये है फर्क कांग्रेस और नरेन्द्र मोदी के शासन में .. | "

                              " इस लिस्ट में आपको सभी जगह (१३ जगह ) कांग्रेस का ही नाम दिखेगा ..क्यों की नरेन्द्र मोदी के हाथ सिर्फ खून से सने है ...मगर कांग्रेस तो कब की खून से नहा रही है ..... |"



यहाँ भी जाइयेगा जरूर  :       व्यंग - संसद ..तिहाड़ जेल और सोनिया 





Monday, July 11, 2011

व्यंग - तिहाड़ जेल में खलबली

व्यंग - तिहाड़ जेल में खलबली 

                    " ये हो क्या रहा है ? कौन चिल्ला रहा है इतनी जोरो से ? " जेलर गरजे ,आज वाकई में पुरे तिहाड़ जेल में खलबली मची हुई थी मानो कोई भूकंप आया हो .. " सर , कलमाड़ी , कनिमोजी और राजा आपस में लड़ रहे है | "संत्री ने आते ही कहा .." क्यों ? " .." सर ,आपने एक ही खुर्सी मंगवाई थी सायद ये नतीजा उसीका ही होगा " संत्री ने कहा .." ठीक है ठीक है ..लड़ने दो उन लोगों को ..तुम ध्यान मत देना उस तरफ और हमारे जासूस को कहो की उन पर नजर रखे "

                  " राजा , कलमाड़ी , कनिमोजी के बिच तनाव जारी था , कलमाड़ी ने कहा की " कोमनवेल्थ गेम्स में जब दुनियां के अच्छे अच्छे खिलाडी गोल्ड मेडल के लिए खेल रहे थे खेल के मैदान में तब, मै जनता के विश्वास के मैदान में, विश्वासघात का खेल खेलकर करोडो रुपये खा रहा था बड़े ही आराम से और तो और इस जेल में और मेरे कारनामो के आगे तू बहुत छोटा है रे "राजा " इसलिए जो मै कहु वही तु कर और मुझे सलाम ठोकता जा |" ..इस बात पर कनिमोजी गरज पड़ी " एय , खबरदार जो मेरे राजा को कम समजा तो, अरे तेरी गाडी की हवा तो उस दिन ही निकल गयी थी जब मैदान का एक हिस्सा गिर पड़ा था ..आज जो तेरी गाडी के पहिये बचे है न वो भी तो " सोनिया माते की कृपा " की वजह से बचे है . तु तो कब का बिना स्टेयरिंग का खटारा बन गया होता अगर वक़्त पर "सोनिया माते ने और देशवासियों ने " तेरी लाज न रखी होती | "

                       " मगर कनी, मै कोर्ट में तेरे जैसा रोया नहीं था ..ये बात ध्यान में रख | " कलमाड़ी ने कहा , बात बिगड़ गयी कनिमोजी का गुस्सा अब सातवे आसमान पर था " अबे ..बिना रेस के घोड़े ..मै रोई जरूर थी मगर मैंने तेरे जैसा जूता तो नहीं खाया था | " ..कलमाड़ी लाल धूम हो गए " बंध कर तेरी मनहूस जुबान ,..वो खतरनाक पल क्यों याद दिला रही है मुझे ? ".. 

                      " कलमाड़ी " ..इस आवाज़ से सारा तिहाड़ जेल कम्पने लगा मानो कोई भूकंप आया हो ..ये आवाज़ थी " राजा " की .." क्या समजता है तु अपने आपको ? इस राजा को खरीद सकेगा तु ...अरे "सफेदी की चमकार " तुने जो घोटाले किये है न वो मेरे घोटाले के आगे बहुत ही छोटे है ..तु तो मेरी जुती के बराबर भी नहीं है ..अबे , तेरे घोटाले में लोग आसानी से " जीरो " गिन सकते थे ...मगर मेरे घोटाले में लोग तो क्या खुद जज भी " जीरो " नहीं गिन सका था ..और सुन ये जो तिहाड़ जेल में नए महेमान आनेवाले है न वो भी तो मेरी ही महेरबानी है क्या ? ...समजा क्या ... चल अब एक गिलास पानी पिला मुझे ...... | " 

                     " तभी जेलर की टेबल पर पड़े फ़ोन की घंटी बजने लगी ... जेलर ने फ़ोन उठाया ..सामने से आवाज़ आई ...." हेलो , क्या आप तिहाड़ जेल से बोल रहे है ? ..." जी " .... " आपको एक सन्देश पहुँचाना था " माते " का  ................................................




शेष अगले हफ्ते ........................



                        इस वर्ष का सायद सर्व श्रेष्ट फोटो ..और देश के लिए एक सन्देश भरा दिन 

" कांग्रेस फिर से बनाएगी सरकार | "- एक कडवा सच

 " कांग्रेस फिर से बनाएगी सरकार | "
      
                             " चौंकिए मत ..मगर यही सच है ,अगले चुनाव में कांग्रेस ही बनाएगी सरकार भले ही घोटालो में फसी है आज ये सरकार , भले ही महेंगाई से लेकर आम आदमी के विश्वास के साथ धोखा करती आई है मगर चुनाव फिर से एक बार कांग्रेस ही जीत सकती है, क्यों की ......? "
           
* बस यही वजह से आएगी कांग्रेस फिर से सत्ता पर 
          
              * पढ़े लिखे लोग ही जानते है कांग्रेस के घोटाले  | 
              * देश की मीडिया आज भी कांग्रेस के इशारों पर चलती है | 
              * आम आदमी १०० रुपये के बदले देता है वोट | 
                                                                   " अब यही हाल रहा तो यक़ीनन कांग्रेस का ही दुबारा सत्ता पर आना तय है क्यों की ? जहाँ पढ़े लिखे लोग जानते है कांग्रेस सरकार के कारनामे, मगर गाँव में रहनेवाले लोग आज भी नहीं जानते है की इस सरकार ने किस तरह उनको लुटा है क्यों की उनको तो जितना मीडिया दिखाएगी उतना ही सच लगेगा ये भी सोचनेवाली ही बात है ,आज देश का किशान या कोई भी गाँव जो टी.वी में दिखाया जायेगा उसको ही सच मानेगा और उनके पास और कोई चारा भी नहीं है ..जब की हम पढ़े लिखे लोग अक्शर फेसबुक या और कोई साईंट पर इस सरकार के प्रति अपना गुस्सा उतर रहे है और एक दुसरे को सबूत भी दे रहे है की किस तरह सरकार ने जनता को लुटा है .... मगर क्या ये सबूत और यही बात देश के उन लोगों तक पहुँच पाती है जो गाँव में बसे है ..सायद नहीं  | "
                                                   " उनके पास केवल वही बात पहुंचती है जो मीडिया दिखता है या फिर छापता है ..देश में हो रहे अत्याचारों को न दिखा कर सिर्फ सरकार की वह वही दिखानेवाला मीडिया आज भी सही माईने में देशवासियों को गलत दिशा ही दिखा रहा है ..और "चौथी जागीर" का प्रमाण दे रहा है , चाहे कितने भी पढ़े लिखे लोग कुदे फेसबुक पर जब तक ये मीडिया नहीं सुधरेगा तब तक ..कांग्रेस को कुछ फर्क नहीं पड़ता ,क्यों की आपकी बात फेसबुक पर ज्यादा से ज्यादा १०००० लोग पढेंगे मगर जब मीडिया केमरा चालू करता है या फिर अखबार में कुछ छपता है तो उसकी गूंज पुरे देश में फैलती है ..ये तो एक फर्क है |
     * १०० रुँपये में बिक रहा है जहाँ वोट |           
                     ' आम आदमी अपन दर्द भूल कर १०० रुपये के लिए जब अपना कीमती वोट कांग्रेस को देता है तब आम आदमी यही सोचता है की चलो एक वक़्त की रोटी मिल गयी मगर यही आम आदमी को ये पता नहीं है की ये १०० रुपये लेकर उसने कितनी बड़ी भूल कर दी है ,ये १०० रुपये के पीछे ये नेता वही आम आदमी को चूस कर न जाने कितने जीरो लगायेंगे ..ये आम आदमी आज १०० रुपये लेता क्यों है ? ..क्यों की सायद उसको इस देश की असलियत पता नहीं है की देश को किस तरह से लुटा जा रहा है |"

* जूतों के बदले हार " राहुल गाँधी " को ...कमाल है |
                     " जूतों के बदले जब नेता के गले में हार आम आदमी डाले तब ये बात समज लेनी चाहिए की अब फिर से कांग्रेस का आना तय है क्यों की ये आम आदमी आज भी बहुत कुछ नहीं जानता है इस सरकार के घोटाले के बारे में .. देश पर विपदा आई तो राहुल गाँधी गायब थे और आज स्वित्ज़रलैंड के दौरे से वापसी के बाद उनको अचानक किशानोँ की याद आई ..जब की दिल्ली में आग लगी हुई है " काले धन " और " जन लोकपाल " के मामले को लेकर ..ये सब क्यों हो रहा है ..क्यों की आज भी मीडिया कांग्रेस के इशारों पर चल रहा है सायद वर्ना आज देश का आम आदमी इस सरकार के द्वारा किये गए घोटालों को जान जाती | "




Saturday, July 9, 2011

"व्यंग - संसद ..तिहाड़ जेल, और सोनिया गाँधी | "



                   " सोनिया गाँधी आज कुछ परेशान दिखाई दे रही थी ..एक तो लगातार बज रहे फ़ोन की घंटियों की वजह से सर में दर्द था की अचानक दिग्विजय सिंह दौड़ते दौड़ते आये और कहा " माता सोनिया देवी की जय , माते आपके सभी कांग्रेसी भक्त सांसद आपके घर की और मोर्चा लेकर आ रहे है ..चलो १० जनपथ ..नारा लगाते लगाते |" इस बात पर सोनिया ने कहा " क्यों ? " , तो दिग्विजय ने बड़े ही अदब के साथ जुक कर कहा " माते , उनकी मांगे है कुछ आज कल ज्यादा तर सांसद तिहाड़ जेल में जो है उनको लेकर बचे हवे सांसद आप से कुछ मांग रहे है आप सीघ्र ही उन्हें दर्शन दे और उनकी मनोकामना पूरी करे अन्यथा ..ये नाराज सांसद अनसन पर बैठ जायेंगे और अगर आप उनकी मनोकामनाए पूर्ण नहीं करेंगी तो आपका महिमा कम हो जायेगा क्यों की आपने तो इन सभी सांसदों को बड़े बड़े घोटाले में भी आज तक बचा लिया है ..कुछ करो ,माते | "

                    " ये वार्तालाप हो ही रहा था की सभी सांसद मोर्चा लेकर सोनिया के घर पहुँच गए .." सोनिया देवी की जय " ..कहे कर दंडवंत प्रणाम एक एक सांसद करने लगे ..सोनिया ने अपना दया हाथ उप्पर उठाया की सभी लोग शांत हो गए " हे भक्त जन , आखिर ऐसी क्या मुसीबत आई की आप सब इतने परेशान हो ? "..तभी सभी सांसदों के मुखिया " कपिल सिम्बल " आगे आये और बोले , "माते , ये अन्ना हजारे और बाबा रामदेव ने हमारी नींद हराम कर दी है , आज जहाँ भी जाते है लोग यही कहते है की ..स्विस बैंक के मालिक जा रहे है | "
                   " वत्स , चिंता न करो " सोनिया ने कहा , " माते , हमारी एक प्राथना है की " संसद भवन के पास में ही तिहाड़ जेल की एक ब्रांच खोल दी जाये ,ताकि संसदों को आने जाने में दिक्कत न उठानी पड़े वैसे तिहाड़ में उनको पूरी सुविधाए मिल रही है अभी अभी कलमाड़ी और राजा का फ़ोन आया था और उन्होंने कहा है की वो काफी खुश है ..इस नए "राज महल " में | " ...इस बात पर सोनिया ने कहा " ये आप की कैसी मांग है वत्स ? " इस बात का उत्तेर देते हुवे कपिल सिम्बल बोले " माते ... कलमाड़ी , राजा , कनिमोजी ,तिहर जेल में है और अब चिदंबरम , मारन ,भी तो इसी "तिहाड़ राज महल" में जाने के लिए तैयार हुवे है..और फिर न जाने कितने लोगों को तिहाड़ राज महल में जाना पड़े ..ये सब देख ते हुवे ही आप से एक बिनती ही माते की संसद भवन के पास ही एक तिहाड़ राजमहल जेल की एक ब्रांच खोल दी जाये | "

                "  ओह , सही कहा आपने ..मगर ये "मनमोहन " कहा है " सभी संसद मनमोहन को ढूंडने लगे मगर मनमोहन सिंह , कही दिखाई नहीं दिए ..सोनिया गुस्से से लाल हो गयी थी तभी " शरद पवार " की आवाज़ आई , " माते , ये यहाँ बैठा है .." सोनिया ने जब गुस्से में मनमोहन को पुचा की कब से मै चिल्ला रही थी की मनमोहन कहा है ...आप ने जवाब क्यों नहीं दिया ? क्या आपको सुने नहीं दे रहा था ?बोलो जवाब दो  " ..मनमोहन ने दो हाथ जोड़कर कहा " प्रणाम माते ,..आपके हर अल्फाज़ को मै सुन रहा था और मैंने अपना हाथ भी उप्पर उठाया था मगर ...."..मगर क्या ? सोनिया गरजी ," हाथ उप्पर उठाया मगर बोल नहीं सकते थे क्या ? .." मगर , आपने सिर्फ कहा था कहाँ है ? आपने मुझे कहाँ कहा था की जहाँ भी हो आवाज़ दो और कुछ बोलो " मनमोहन ने कहा ...सोनिया मनमोहन के इस जवाब पर बहुत ही खुश हुई और ढेरो आशीर्वाद भी दिए मनमोहन सिंह जी को... और कहा की आप एक पेपर पर दस्तखत करो और संसद भवन  के सामने ही " तिहाड़ जेल की एक और ब्रांच खोलने के लिए एक प्रस्ताव संसद भवन में पास करो  | " 

                        " " ये सुनते ही १० जनपथ में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी ..सभी सांसद " सोनिया ..माते की जय ,जय हो सोनिया माते ...कहेकर दंडवंत प्रणाम करने लगे आज उनके चहेरे पर एक अनोखी ख़ुशी थी ..तभी दिग्विजय सिंह ने माइक में अनाउंस किया " जय माते सोनिया देवी ...भाइयो मै कहेता था न की सोनिया देवी बड़ी ही दयालु है ...अब आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और कोशिश करूँगा की अगला " मानसून सत्र भी " तिहार जेल के नए खोले जानेवाले ब्रांच में ही हो ...सभी सांसदों से नम्र बिनती की मेरे साथ जोर से नारा लगाये " बोलो कस्टभंजन , करुनामई ,सोनिया देवी की जय  | " सारा हॉल इस नारे से गूंज उठा मगर देश इस नारे से परेशान हो गया | " 


इस देश में आज के हालात ध्यान में रखकर ये व्यंग लिखा है ..सायद आपको पसंद आये 

Friday, July 8, 2011

" कालाधन , बेवकूफ और स्विस बैंक | "

 पढ़िए सोचिये और फिर कहिये |
        " सरकार की नीतियों पर आज कल बहुत सारे सवाल जहाँ खड़े हो रहे है वाही पर दिग्विजय सिंह और कपिल सिम्बल के निवेदन और कूट चाल पर भी विवाद खड़े हो रहे है ,कही कही लगता है की कांग्रेस सरकार देश के अहेम मुद्दे याने “जन लोकपाल” और “काला धन ” के मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है ..क्यों की सरकार ऐसा कोई भी कदम नहीं उठा रही है जिस से “कालाधन” वापस आये उल्टा बाबा रामदेव की संपत्ति और अन्ना हजारे जी पर सरकार छापे मार रही हैऔर सरकार के इस कदम से लोगों का ध्यान बाबा रामदेव की सम्पति और अन्ना हजारे जी की ट्रस्ट पर जाता है और काफी हद तक कांग्रेस लोगों का ध्यान बाबा रामदेव की सम्पति और अन्ना हजारे जी की ट्रस्ट पर लगाने में और देश के अहेम मुद्दे ” जन लोकपाल” और “काले धन ” को भुला ने में कामयाब भी हो रही है | ”
* कालाधन किसे कहेंगे आप ?
” देश की जनता को अँधेरे में रखकर ,देश की जनता के साथ विश्वासघात करके कोई भी सौदे में करोड़ों रुपयों का घोटाला करके जो पैसे मिलते है और पैसों को विदेशों की बैंक में जमा किया गया हो ..उन रुपयों को या फिर उन रुपयों को जो जनता सामने से मंदिर , मस्जिद ,दरगाह , साधु संत को दे रही है ..या फिर उन रुपयों को जो आयुर्वेदिक दवाये बाबा रामदेव के द्वारा बनायीं जाती है उसे जनता द्वारा ख़रीदा जाता है उन रुपयों को ?..अगर बाबा रामदेव के पैसों की और सत्य साईं बाबा के पैसों की जांच सरकार कर सकती है तो ..देश के करोड़ों लोगों को चूसकर हजारो करोड़ों के घोटाले से इक्कट्ठा किये और स्विस बैंक में जमा किये गए पैसों की सरकार क्यों जांच नहीं कर सकती है ..असली देश का काला धन तो स्विस बैंक के लोकरोँ में बंध है ..इस की जांच करो |”
* मंदिरों का पैसा कालाधन है
” कल अगर यही सरकार कहे की शिर्डी के मंदिर का और तिरुपति बालाजी के मंदिर का पैसा कालाधन है तो क्या आप मान लेंगे ? सरकार तो आज कल असली “काले धन के मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने के लिए यही कर रही है और निशाना बना रही है धार्मिक स्थलों को …..जिसका हाल ही का एक नमूना है सत्य साईं बाबा का … सत्य साईं बाबा जिन्दा थे तो यही नेता वहां जाकर जुकते थे और आज यही नेता उनके कमरे से मिले धन को लेकर जांच करवा रहे है ..खुद के काले धन की जांच को लोगों के दिमाग से निकालने के लिए सरकार गिरती ही जा रही है | ”
* दो सवाल आप सब के लिए
१ ) क्या लोगों के द्वारा किसी मंदिर ,मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थल पर दिए गए पैसे को काला धन कहते है ?
२ ) देश की जनता को अँधेरे में रखकर जनता को चूसकर खरबों रुपये स्विस बैंक में पड़े है उसे कहेंगे आप ” काला धन ” ?
फैसला आपके हाथ में है अब |