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Tuesday, June 28, 2011

शहीद की आत्मा जब रोती है : सुनाये गम की किसे कहानी |"

   " सुनाये गम की किसे कहानी ,

     हमें तो अपने सता रहे है

     हमेशा सुबह हो शाम दिलपर

     सितम के खंजर चला रहे है ,

     सुनाये गम की किसे कहानी ...| " ......
              " ये अल्फाज़ मेरे नहीं है मगर देश के लिए कुर्बान होने वाले एक सच्चे देश भक्त के है ..और आज भी
वही किस्सा हर रोज दोहराया जा रहा है भारत देश में ..क्यों की हम कुछ भूल रहे है और आज देश के नाम पर शहीद होनेवालो के नाम को भी बदनाम कर रहे है.. देश के लिए ..देश की आज़ादी के लिए शहीद होने वाले उन शहीदोँ की आत्मा आज शायद रो रही होगी ..सोचते होंगे वो भी कि क्या ये सब देखने के लिए ही हमने देश की खातिर और देशवासियों के खातिर अपनी जान लगाई थी ..वो फांसी का फंदा जो हमने हँसते हँसते अपने गले में फूलों की माला समझकर डाला था..क्या यही देखने के लिए डाला था ? हमने तो कभी किसी क्रांतिकारी को कभी उसके मजहब के बारे में नहीं पुछा था और एक साथ मिलकर लडे थे देश को आज़ाद करने के लिए ..क्यों की देश पर मुसीबत थी "अंग्रेज "नाम की ....आज भी तो देश पर मुसीबत आई है और लोग लड़ भी रहे है ..मगर फर्क यही है की हम मजहब को भूल कर एक साथ मिलकर लडे थे और आज भारतवासी मजहब को याद रखकर अलग अलग हो कर लड़ रहे है ..और यही वजह है की उनकी आवाज़ बुलंद नहीं हो पा रही है | "

* आपसी टकराव बंद करो ..मिलकर लड़ो |
          " जब आज देश को जरूरत है एकता की उसी वक़्त मै देख रहा हूँ की हर सोशल साईट पर आज भी लोग हिन्दू , मुसलमान के नाम से लड़ रहे है , लड़ो भाई ..खूब लड़ो मगर एक बात बताओ की आपकी आपसी लड़ाई
में फायदा किसका हो रहा है ?..तो उनका ही जो आपको आपस में लड़वाकर कुर्सी पर बैठे आप पर राज कर रहे है और आपको क्या मिलता है .." भय , भूख , भ्रस्टाचार " शायद इसके आलावा आपको कुछ हासिल भी नहीं हुआ है और अगर इसी तरह लड़ते रहोगे तो शायद हासिल भी नहीं होगा | "

* इन्होने तो नहीं पूछा था की आपका मजहब कौनसा है ?

                          " न "सुभाषचन्द्र बोस" ने अपनी फ़ौज में भर्ती करते वक़्त किसी से पूछा था की तू हिन्दू है या मुसलमान ?"वीर भगत सिंह" ने कभी किसी से पूछा था की तू हिन्दू है या मुसलमान ? और न ही
"अब्दुल कलाम" ने किसी से कभी पूछा की तू हिन्दू है या मुसलमान ? फिर भी हम एक दुसरे को पूछते है की तू हिन्दू है या मुसलमान ..पूछते रहो ..ऐसे ही एक दुसरे को पूछते रहो मगर याद रखना ऐसे ही पूछने में १९४७ में लाशों से भरी ट्रेन आई थी ..वो भी सियासी दावपेच था और आज जो देश में हो रहा है वो भी एक सियासी दावपेच ही है ... आज भी हमारे ही चुने हुवे नेता सियासी दावपेच खेलकर खुद अपराधी होते हुए भी निर्दोष लोगों पर लाठिया बरसा रहे है वजह तो सिर्फ इतनी है की हम अलग अलग हो कर लड़ रहे है ..| "

* भ्रस्टाचार भी कभी पूछता नहीं की तू ...... |
       " देश में फैला भ्रस्टाचार जितना हिन्दू को परेशान करेगा उतना ही मुसलमान को भी परेशान तो करेगा ही क्यों की भूख और भ्रस्टाचार भी कहाँ पूछते है की तू हिन्दू है या मुसलमान ?..जितना भ्रस्टाचार बढेगा और जितना "काला धन" स्विस बैंक में जायेगा उतने ही ज्यादा "टैक्स " भी तो हमे ही भरने पड़ेंगे और मेरे ख्याल से " टेक्स " भरते वक़्त भी ये नहीं पुछा जाता है की तू हिन्दू है या मुसलमान ...फिर आप एक दुसरे को क्यों पुछ रहे है ? "

* स्विस बैंक से जब "काला धन" वापस आएगा तो वो किसका होगा ?
          " बाबा रामदेव जी जब काले धन का मुद्दा लेकर बैठे है ..अन्ना हजारे भी उनका साथ दे रहे है तब हमें भी मिलकर साथ देना चाहिए क्यों की जब ये काला धन इस देश में वापस आएगा तो वो न ही किसी
हिन्दू समाज का होगा और न ही किसी मुस्लिम समाज का होगा ,वो होगा तो इस देश का होगा ...हम सब का होगा | "

* किसकी है हिम्मत के हमे " ना " कहे |
       " १३० करोड़ की आबादी अगर एक साथ एक ही नारा लगाये की काला धन वापस लाओ , भ्रष्टाचार मिटाओ ,..तो ये सरकार तो क्या किसी के बाप की इतनी हिम्मत नहीं है की वो " ना " कहे ..एक दिन में
नहीं मगर एक ही सेकण्ड में सरकार जनता के कदमों में होगी ..मगर हमारे में ही कमी है की हम कभी मिलकर नारा नहीं लगा सकते है | "

* मरने मारने वाले भी हम ही होगे |
           " याद करो वो जलियाँवाला बाग़ १३ अप्रैल १९१९ का वो दिन जिसमे मरनेवाले भारतवासी थे तो मारनेवालों में भी कई भारतवासी भी थे ..फर्क इतना सा था की शहीद होनेवाले देश की खातिर शहीद
हो रहे थे और उन्हें परवाह थी तो सिर्फ अपने देश की और इन पर गोलिया चलानेवालों को परवाह थी तो सिर्फ अपनी और इस में भी फायदा किसका हुआ ? तो सिर्फ अंग्रेजों का ही ..हमने तो अपने २०००० भाई बहन को खो दिए थे..और १६०० राऊंड गोलिया चलानेवाले सैनिक में भी इसी देश के वासी तो थे ..जो सिर्फ अपने लिए जी रहे थे अर्थात मरने वाले भी हम मारने वाले भी हम ..और भविष्य में भी अगर यूँही चलता रहा तो "मारने वाले भी हम ही होंगे और मारने वाले भी हम ही होंगे" ..क्योंकि हमारे में ही कमी है " एकता " की और यही कमी की वजह से फायदा हो रहा है उन भ्रष्टाचारी नेताओं का और बड़े ही आराम से इस देश की जनता के खून पसीने की कमाई को चूसते रहते है फिर चाहे वो सरकार किसी भी पार्टी का क्यों न हो ..हमे मिलकर उसके खिलाफ
आवाज़ उठानी ही चाहिए ..अगर हमे वाकई में इस देश से भ्रस्टाचार को मिटाना है | "

* धन्यवाद् " अनुराग "

                                 " इस पोस्ट में दिया गया ये विडियो दरअसल " अनुराग जी " का है..और इसी विडियो ने मेरी आँख को अश्कों से भर दिया था ..ये विडियो देखने के बाद २४ घंटे तक मेरे दिमाग में सिर्फ और
सिर्फ एक ही बात गूंजती थी ..
                            " सुनाये किसे गम की कहानी
                              हमें तो अपने सता रहे है , "

* इसे जरूर पढियेगा और फिर देखिएगा विडियो |"
               " अमर शहीद अश्फाकउल्ला खाँ को मृत्यु दण्ड का कोई भय ना था वे तो अक्सर गनगुनाया करते थे "हे मेरी मातृभूमि सेवा तेरी करूँगा फाँसी मिले मुझे या हो जन्मकैद मेरी बेडी बजा बजाकर तेरा भजन करूँगा" उन्हें थी तो सिर्फ एक शिकायत उनकी विरूद्ध गवाही देकर देशद्रोह का कार्य करने वाले स्वयं उनके साथी भारतवासी ही थे इस पीडा को उन्होंने इस कविता के माध्यम से दर्शाया भी है | "

आज देश में जो हो रहा है उसके चित्रों के साथ बना ये विडियो आज भी मुझे रुला रहा है ..


             " इसी श्रंखला की अगली पोस्ट जरूर पढियेगा कुछ ऐसी बाते बताऊंगा की आप भी चौंक जाओगे की किस तरह ये नेता सियासती दाव हम पर खेलते है .. कुछ सबूतों के साथ आऊंगा | " 


Thursday, June 23, 2011

फटे पायजामे का नाडा,भेंस और सरकार : व्यंग



* भेंस अच्छी मगर ये सरकार नहीं :
               " भेंस जब भी पुंछ उठाती है तब वो गाना नहीं गाती है ..गोबर ही करती है ,और ये कांग्रेस सरकार भी जब भी आती है तब ईमानदारी नहीं मगर भ्रस्टाचार और सरकारी अफसरों का दुरुपयोग ही करती है ..मगर भेंस फिर भी अच्छी ...मगर ये सरकार नहीं ...क्यों की भेंस कम से कम अपने मालिक को दूध तो देती है ..लेकिन ये सरकार उसके मालिक को देती है डंडे और जब भी ये " हाथ "चुनाव जीत कर आता है तब, करारा तमाचा यही हाथ "आम आदमी" के मुंह पर मारता है | " 

 * भेंस काम की मगर ये सरकार .... | 
                 " भेंस का दूध आम आदमी के बच्चों को काम आता है भेंस का "गोबर" भी आम आदमी के चूल्हों में आग लगाकर आम आदमी के लिए रोटियाँ बनाकर देने में काम आता है मगर ये सरकार सिर्फ काम आती है स्विट्जर्लैंड की सरकार को और स्विस बैंक को ..भेंस को लकड़ी के डंडे से मारने पर भी वो दूध तो देती ही है ,मगर ये सरकार को पुछने पर भी जनता को डंडे मारती है मानो जैसे सरकार करे वो लीला और जनता करे वो पाप, भैया देखना एक दिन सोनिया का रसोइया जो हैना वो भी हमारा राष्ट्रपति बनकर आएगा और ...जनता का मस्त फ्राय करके खायेगा ..क्यों की कांग्रेस अपने चापलूसों को हमारे सर पर बिठाती है फिर चाहे वो जनता को फ्राय करे या फिर सेंडविच बनाकर बिना सोस के खाए | "

 * दिमाग नहीं है इसके पास ..फिर भी सलाह देता है |
                 " दिग्विजय सिंह ,याने फटे पायजामे का वो नाडा है जिसे लगता है की मै कांग्रेस सरकार की इज्ज़त बचा लूँगा मगर इस नाड़े को ये पता नहीं है की सुरक्षा में बैठा है तब तक तु बोल सकता है जिस दिन सत्ता से बहार हो जाओगे न ..तब न सुरक्षा होगी और न ही कोई आपकी रक्षा कर पायेगा क्यों की जनता जानती है नाड़े का दूसरा इस्तेमाल अरे कपडे सुखायेगी और दोनों तरफ खिंच कर बांध देगी,.. कोई भी मामले में ये पहुँच जाता है अपनी टांग अड़ाने फिर चाहे वो "जन लोकपाल" हो या "काले धन" का मुद्दा ..जनता को क्या गोबी के फूल समज रहे हो दिग्विजय ? ..अरे ये पब्लिक है ये सब जानती है और याद रहे १३० करोड़ की जनता है और २६० करोड़ जुते रहते है इनके पैर में  ..ये बात मत भुलाना कभी ..अरे दाया ..बाया पैर मिलाकर हुवे न २६० करोड़ बस फिर इसका इस्तेमाल जनता करे इसके पहले सुधर जाओ और चुप चाप बैठो, घर में जाकर उप्परवाले  का नाम लो ..अरे उप्परवाला मतलब ..भगवान .., सोनिया नहीं | "

 * राहुल बाबा आप कहाँ है :
                             " देश में अभी कुछ ही महीनो पहले राहुल गाँधी ने कहा था की "मै इस देश में हो रहे भ्रस्टाचार के खिलाफ हु और भ्रस्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी ही चाहिए | " मगर जब देश में अन्ना हजारे और बाबा रामदेव ने भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई तो उसमे राहुल ने इंटेरेस्ट भी नहीं दिखाया ..और जब बाबा रामदेव पर डंडे बरसाए गए उसके कुछ ही दिनों में राहुल ,सोनिया ,प्रियंका ...स्विट्जर्लैंड गए भैया आपको इसी वक़्त ये स्विस क्यों याद आया ? आपतो देश में हो रहे भ्रस्टाचार के खिलाफ हो न तो फिर आपको सायद "बाबा रामदेव" और "अन्ना हजारे जी" के साथ होना चाहिए ..मगर आपतो लापता है , किशानो के लिए आप दौड़े थे वे किशान एक ही राज्य के थे, मगर " काले धन " के मुद्दे को लेकर जो धरना दे रहे थे वो जनता एक राज्य की नहीं थी मगर पुरे देश की थी और पुरे देश के हित की बात को लेकर बैठी थी जब उन पर आपकी सरकार ने लाठिया बरसाई तब आप कहाँ खो गए ? आपको तो देश की जनता के साथ भ्रस्टाचार को मिटाने के लिए साथ देना चाहिए ..अरे आपके दिग्विजय सिंह तो कहते है की आप भावी "प्रधान मंत्री" है मगर आप ऐसा ही करते रहोगे तो क्या अगला चुनाव जीत पाओगे ? क्यों की आप तो जनता को मुसीबत के वक़्त अकेली छोड़कर भाग गए है | " 

* जनता को पता है : 
                               " जिस दिन स्विस बैंक में पड़े काले धन की सूचि बहार आएगी उस दिन उस सूचि में कही पर भी आपका और आपकी सरकार के किसी भी मंत्री का नाम शामिल नहीं होगा इस बात को जनता जानती है की अब कौन सी बात पर उन्हें बेवकूफ बनाया जायेगा ...और जनता इस सरकार को सुक्रिया जरूर कहेना चाहेगी क्यों की इन दो साल में जितना कानून और अपने हक़ क्या क्या होते है ये पता चला है तो सिर्फ यही सरकार के काले और मस्त दमदार कारनामे की वजह से इस लिए तो जनता इस सरकार को सुक्रिया कहे रही है की अगर ये सरकार इतने अच्छे और तगड़े घोटाले एक साथ नहीं करती तो जनता सायद अब भी सोई हुई ही रहेती ..जनता को जागरूक करने के लिए इस सरकार का बहुत बहुत सुक्रिया ...| "

* अंडरवर्ल्ड के डोन से भी आगे निकल गयी ये सरकार : 
                                " अंडरवर्ल्ड के डोन भारत में न रहेकर, याने पीछे से वार करते है मगर ये सरकार की हिम्मत देखो सामने से करती है वार ..साबास ..और अगले चुनाव में तो जनता आपको आपके खुबसूरत कारनामो के लिए मेडल भी देंगी इस बात में भी कोई शक नहीं है ..लगे रहो ...लगे रहो ..यूँही देश की जनता को लुटते रहो, मगर याद रहे २६० करोड़वाली बात ... | "


नोट :  " ये व्यंग आप सभी को सायद पसंद आये या न भी आये ,मैंने तो देश हित के लिए ये लिखा है ..मेरी नजर से आप देखो तो इस सरकार से भेंस अच्छी है ..मगर मुझे पता नहीं है की आपकी नजर से भेंस अच्छी है या फिर ये सरकार या फिर किसी फटे पायजामे का नाडा | "


भैया इस पर भी एक नजर करियेगा जरूर : 



Saturday, June 18, 2011

नरेन्द्र मोदी का जवाब उन विरोधियों के नाम


* गुजरात फिर से नंबर १    
* ध असोसिअट चेंबर ऑफ़ कोमर्स एंड इंडसट्रीज इन इण्डिया के सर्वे के मुताबिक |
* देश में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट में गुजरात के बाद कर्णाटक |
* यूनाइटेड नेशन  २३ जून २०१० के अवार्ड के बाद ये है दूसरी सफलता :

                  " नरेन्द्र मोदी के गुजरात आने से गुजरात को वाकई में बहुत ही फायदा हुवा है जिस तेजी से गुजरात प्रगति कर रहा है वो काबिले तारीफ है ,आज गुजरात देश में हर बात में अव्वल है उसकी वजह सिर्फ और सिर्फ नरेन्द्र मोदी ही है क्यों की नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले कोई गुजरात को जानता तक नहीं था आज गुजरात के चर्चे हो रहे है देश विदेश में फिल हाल ही एक अवार्ड गुजरात को मिला था और अब देश में सभी राज्यों में इन्वेस्टमेंट में नम्बर १ बना गुजरात |"

              " ये सर्वे की जानकारी के मुताबिक ये जानने को मिला है की " फिल हाल गुजरात १३.३५ लाख करोड़ के १४५५ प्रोजेक्ट के साथ देश में सबसे आगे है और वही पर कर्णाटक दुसरे नंबर पर याने ९.१ लाख करोड़ के १५२८ प्रोजेक्ट के साथ है यहाँ पर गौर किया जाये की गुजरात अब ऑटो इंडसट्रीज हब बनता जा रहा है जैसे की नेनो के बाद मारुती,अतुल ऑटो ,फोर्ड जैसी कम्पनियां आ रही है वो भी करोड़ों के इन्वेस्टमेंट के साथ ..|"

         * यूनाइटेड नेशन  २३ जून २०१० के अवार्ड के बाद ये है दूसरी सफलता : 
                                     " गुजरात को फिल हाल ही में मिला है " यूनाईटेड नेशन का " improving transparency ,accountability and responsive " के तले अवार्ड यहाँ गुजरात २ पायदान पर था और ये अवार्ड भारत देश में सिर्फ और सिर्फ गुजरात राज्य को ही मिला है " better manangment और better public service के लिए , और आज गुजरात इन्वेस्टमेंट भी नंबर १ बना पुरे देश में | "

                           " नरेन्द्र मोदी ने वाकई में आते ही गुजरात की शकल ही बदल दी है और यही है आज का सबसे चर्चा का विषय जहाँ तक गुजरात की जनता कहे रही है की ये नरेन्द्र मोदी और गुजरात के बारे में गलत अफवाए फ़ैलाने वालों के लिए एक सनसनित जवाब है की देखो ये है गुजरात ..और ये है नरेन्द्र मोदी का काम |"


 

  
 

Friday, June 17, 2011

पुलिस को लुटा लुटेरों ने : उलटी गंगा

         " गुजरात जेतपुर के पास के गाँव की घटना | 
         * लुटेरों ने लुटा जनता के रक्षक { पुलिस ) को |
         * पुलिस की जीप और मोबाईल लेकर लुटेरे फरार |
         * ये वारदात सुबह में ३ बजे हुई थी |
         
 अब विस्तार से : 
                            " नाइट पेट्रोलिंग के लिए निकले दो पुलिस कर्मी बलवंत जडेजा और जीप का ड्राइवर महेंद्र भाई जब जेतपुर के पास के गाँव मेवासा पहुंचे ..तो उनको सामने से आनेवाली रिक्शा पर शक हुवा और उन्होंने रिक्सा  को रोका मगर रिक्सा में बैठे लोगों में से पुलिस जब पूछताछ  कर रही थी तब पुलिस कुछ समजे इसके पहले ही लाठी लेकर टूट पड़े और महेंद्र भाई को पीटकर उनकी गाडी और उनका मोबाइल छिनकर फरार हो गए थे | "
                           " ये मामले की बात जब पुलिस ठाणे पर हुई तो पुलिस ने चारो तरफ नका बंदी कर दी थी मगर लुटी हुई पुलिस की जीप बहुत ही छान बिन के बाद सुबह में ७ बजे नजदीक के एक गाँव के पास से मिली जिसके कांच भी फोड़ दिए थे , पुलिस का कहेना है की रिक्सा में देसी दारू भरी हुई थी तो कुछ पुलिस का कहेना है की लोखंड की प्लेट भरी हुई थी ..आखिर सच क्या था ये तो अब लुटेरों के पकडे जाने के बाद ही पते चलेगा फिल हाल जखमी पुलिस में को अस्पताल में भर्ती किया गया है और लुटेरों को जल्द से जल्द पकड़ने के आदेश दिए गए है , इस बात की खबर लगते ही की पुलिस की जीप को लुटा गया है ..आस पास के गाँव के लोग भी परेशां हो गए है की जनता के रक्षक को भी जब लुटेरे नहीं छोड़ रहे है तो जनता की रक्षा पुलिस कैसे करेगी जब की पुलिस खुद की रक्षा करने में असमर्थ है ? 
                          " ये लिखने तक वो ५ या ६ लुटेरों का कोई सुराग पुलिस लगा नहीं पाई है ..और पुलिस के तापस में ये मालूम पड़ा है की रिक्शा चोरी की थी और उसमे भरी हुई लोखंड की प्लेट भी चोरी की हुई थी , जनता ये सोच रही है की रात को जब पेट्रोलिंग कर रहे थे अकेले दो पुलिस में ही जीप में क्यों थे ..आखिर क्या है ये राज़ ?



"राईट टु रिकोल " - एक जादुई छड़ी ,जानो इसे |

" क्या है ये "राईट टु रिकोल" कानुन ? "

" आज़ादी मिलने के इतने सालों बाद क्यों आज जरूरत है इस कानुन की ?

" क्या ये कानुन के आने से आएगा राजनीती में बदलाव ?

             * आज की स्थिति :
                                             " चुनाव के वक़्त हम हमारे नेता जी के भाषण सुनते है और उनके प्रलोभनोमे उनके द्वारा दिए गए वादों में हम आ जाते है और चुनाव ख़त्म होते ही हमारे नेता के पास वक़्त नहीं होता है जनता को दिए गए वादे निभाने का और हो जाते है नेता के द्वारा जनता को चुनाव के पूर्व दिए गए वादे हवा में विलीन ..याने जनता बनती है अगले पांच साल की सबसे बड़ी बेवकूफ ..यही तो है आज की स्थिति |"
  
             * ये जानते है : 
                                          " ये जानते है की चुनाव के वक़्त जनता को जो भी पार्टी सबसे अच्छा वादा करेगी जनता उसीको चुनती है और वही पार्टी बनाती है सरकार ..फिर बिना रोकटोक के जनता को अगले ५ साल तक बड़े ही इत्मिनान से चूसते रहते है क्यों की जनता इनका ५ साल तक कुछ बिगड़ नहीं सकती ,उन्हें सत्ता से बहार कोई भी नहीं कर सकता फिर चाहे उन्हें वोट देने वाली जनता ही क्यों न हो ? क्यों की जनता के पास वो कानुन नहीं है की जनता जिसका इस्तेमाल कर सके और इन भ्रस्ट नेता को या सरकार को झुका सके ? "

            * क्या आज़ादी के इतने सालो बाद जरूरत पड़ी इस कानुन की ?
                                         " मेरे कुछ दोस्त सोचेंगे की भाई देश आज़ाद हुवा उसको कई साल बीत गए फिर ये कानुन आज क्यों ? क्यों आज जरूरत है " राईट टु रिकोल " कानुन की ?..तो आपको बता दू की इस कानुन की जरूरत आज से पहले भी थी और आपको बता दू की इस कानुन की मांग "जय प्रकाश नारायण "ने ४ नवेम्बर १९७४" में इंदिरा गाँधी सरकार से की थी ..उसका क्या हुवा ये बाद में कभी बताऊंगा ...मगर अगर ये कानुन आज से पहले इस देश में आ जाता तो एक बात तय थी की हमे " बोफोर्ष , २ जी , तेलगी ,सुखराम ,चारा घोटाला ,सी.डब्लू.जी.... लिस्ट बहुत लम्बी है ऐसे घोटालों को झेलना न पड़ता और न ही ऐसे घोटाले करके आज जनता का खून हमारे ही द्वारा चुने हमारे ही नेता चूस सकते ..और न ही स्विस बैंक में "काला धन" होता | "
  
   * जानो "राईट टु रिकोल " कानुन क्या है ?
                                        " राईट टु रिकोल, कानुन जनता जनार्दन को ये हक़ देता है की वो किसी भी भ्रस्ट नेता को दरखास्त कर सकती है और चुनाव के वक़्त अगर किसी नेता ने जनता को दिए अपने वादे पुरे नहीं किये हुवे हो तो जनता इस कानुन का इस्तेमाल करके उस भ्रस्ट नेता को दिखा सकती है घर का रास्ता याने उसको अपने अधिकार खोने पड़ते है और फिर से आम आदमी बनना पड़ता है याने किसी भी बड़े नेता को जो भ्रस्ट है उसे " आम आदमी" बना सकती है जनता |"
                                       " ५ साल में एक बार दिखने वाले यही नेता आपके घर का दरवाजा इस कानुन के आते ही रोज खट खटाएंगे अब और अब तक जो जनता इन नेता की ताकत से डरती थी अब वही नेता जनता की ताकत से डरेंगे क्यों की जनता के पास होगा " राईट टु रिकोल " कानुन याने इस कानुन के आते ही जो आपको जुठे वादे देकर आपको सरे आम चुसते थे वे नेता अब आपको ५ साल तक हैरान नहीं कर पाएंगे और आप से डरेंगे जरूर , इस कानुन से आप भ्रस्ट लोगों से याने भ्रस्ट अधिकारियों से भी छुटकारा पा सकते है |"
      
* नेता की ताकत से जनता परेशान थी, मगर इस कानुन की ताकत से अब नेता परेशान होंगे |
                                      " आज नेता की ताकत से सब परिचित है और डरते भी है ..अभी अभी हमने इनकी ताकत का नमूना "रामलीला मैदान" में देखा है , मगर इस कानुन के आते ही कोई भी सरकार जनता पर जुल्म करने से पूर्व १०० बार सोचेगी ..क्या आप ऐसा नहीं चाहते है ? नहीं चाहते है की इन नेताओं पर भी कोई पाबन्दी हो ? क्या आप नहीं चाहते है की हमारे द्वार चुने हमारे ही नेता हमारी पगार खाकर ५ साल तक हमे चूसे नहीं ?..या फिर यूँही नेता के गुलाम बनाना कहेंगे आप जैसे की आज है ? "

* आपकी चीख और आपके आँसु से अब डरेंगे नेता :
                                     " आज आपकी चीख , आपके आँसु ना ही किसी नेता को सुने दे रही है और ना ही दिखाई दे रहे है और ना ही आपकी चीख और आपके आँसु ,नेता की कुर्शी को हिला पा रहे है , ना ही सरकार पर आपकी चीख का असर हो रहा है मगर इस कानुन के आते ही " सरकार , भ्रस्ट नेता , और भ्रस्ट अधिकारी आपको कहेंगे " जी हुजूर " और डरेंगे आप से क्यों की अब आपके पास चीख नहीं मगर " राईट टु रिकोल " कानुन है जिसका इस्तेमाल करके आप निकल सकते है किसी भी भ्रस्ट नेता , या अधिकारियों को ...या फिर सरकार को ....है ना ये जादूई छड़ी " राईट टु रिकोल " | "

* मै जुड़ा हुवा हु यहाँ  :
                                     ' इस कानुन को लेन के लिए हमने और कई सारे लोगों ने कमर कसी है आज ,और चल रही है एक साफ़ सुथरी बहस ..इस कानुन में क्या क्या सुविधाए होनी चाहिए इस बात को लेकर आपको पढ़नी है वो बहश तो कृपया यहाँ आये और हिस्सा ले देश के लिए एक नए कानुन लाने की इस मुहीम में |"

इस लिंक पर क्लिक जरूर करे ..आओ मिलकर देश बनाये ..एक नया कानून लाये 

                                   Right To Recall


तस्वीर गूगल से ली गयी है  :

Wednesday, June 15, 2011

" बकरा बड़ा तगड़ा है : मीडिया और सरकार | "


 " भैया, ढाई साल तो इस भ्रस्ट सरकार को हमे जेलनी ही पड़ेगी ? क्यों की यहाँ कोई ऐसा कानून नहीं है की जनता उसका इस्तेमाल कर सके और सरकार को वापस अपने घर भेज सके..ये लूट रहे है आम आदमी को बड़े ही इत्मनान से बिना कोई डर रखे ..न ही इन्हें गरीबों की चीखों की पड़ी है और न ही देशवासियों की परेशानियों की |"
            
                 " मिडिया का इस्तेमाल अब वो जनता का ब्रेन वाश करने में कर रहे है और सोनिया गाँधी अपने परिवार के साथ स्विट्जरलैंड में अपना काला धन जो स्विस बैंक में पड़ा है उसे सही जगह पे कोई मह्फूस जगह ढूंढ कर रखने गयी है क्या गजब का इतेफाक है जब देश में " बाबा रामदेव " और "अन्ना हजारे " ने काले धन का मुद्दा उठाया और जब देश आज इस मुद्दे को लेकर तकलीफ में है ..तभी सोनिया को स्विट्जरलैंड याद आया ..भैया आग होती है धुवा वही से निकलता है सोनिया का स्विट्जरलैंड दौरा ही साबित कर रहा है की "कालेधन" से जुड़े है गाँधी परिवार के तार ..बाबा सही थे और अब तो सोनिया के इस दौरे से जनता भी जान गयी है |"

                 " मेरे फेसबुक के एक मित्र ने बहुत ही अच्छा कहा था और किस तरह से हमारा धन सरकार अपने प्रचार के लिए कर रही है इस्तेमाल ये साफ़ भी किया था ..आपको देखना है ..हमारे ब्रेन वाश के लिए सरकार कितना धन बर्बाद कर रही है ..तो देखो ये रहा 

क्या आप जानते है मात्र एक चैनल पर सरकार खुद के विज्ञापन का कितना खर्चा करती है ?
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2,25,000.00 x 10 = 22,50,000.००

सोचो ये रकम एक दिन की है हैना कमाल और जनता के पैसों से जनता का ब्रेन वाश और खुद की पार्टी का प्रचार ...तो सोचो दोस्तों क्यों भला टी.वी वाले उनकी बात न माने जो रोज इतने रुपये उनको देता हो ..इसे कहते है " बकरा " .भैया ऐसे रोज के मस्त मोटे बकरे को कोई नाराज करता है क्या ? तो भला इनका क्या जाता है अगर इतने रुपये मिल रहे हो " बाबा रामदेव जी " और " अन्ना हजारे जी " को गलत बताने में | "

   " अगर आपको कोई इतनी मोटी रकम रोज मिले तो आप मेरा कहेना मानोगे या फिर उस मोटी रकम देनेवाले का ...जाहिर है पैसा बड़ी चीज है ..जब तक इन मीडिया का जनता कुछ नहीं कर सकती ये ऐसे ही होता रहेगा ..मैंने अपने पिछले एक आलेख में भी लिखा था आपको याद है वो आलेख " कलम जहाँ बिकती है ".. याद हैना  | " 

        " अगर ये आंकड़े सही है तो फिर देखो आज देश को किस तरह से लुटाकर हमे बेवकूफ बना रही है सरकार 

इस ब्लॉग में ज्यादा पढ़े गए आलेख :
           * " मीडिया , कलम जहाँ बिकती है | "                                                                                                  
              http://eksacchai.blogspot.com/2011/04/blog-post.html 

           * रिश्वत .रिश्वत और बस्स रिश्वत |"  
             http://eksacchai.blogspot.com/2011/03/blog-post_16.html


Monday, June 13, 2011

" एक डंडा "भाजपा" के नाम करो यारो "


 * सोनिया , राहुल , वढेरा कहा है आज , ये बताओ भाजपा ?
दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इम्मीग्रेशन विभाग के सूत्रों ने कहा है कि गत 8 जून 2011 को सोनिया गांधी,राहुल गांधी , सुमन दुबे [राजीव गाँधी फाउंडेशन ] विसेंट जार्ज, राबर्ट बडेरा , और लगभग 12 अन्य लोग जिन्होंने इम्मीग्रेशन में अपना पेशा वित्त सलाहाकार बताया है एक निजी जेट से ज्युरिच  [स्विट्जरलैंड ] गए .. क्या ये बात नहीं जानता है भाजपा और अगर जानता है तो जब देश में काले धन के खिलाफ जन आन्दोलन चल रहा है और कांग्रेस जब फस चुकी है ...बाबा रामदेव जी को झूठा साबित करने की कांग्रेस कोशिश कर रही और बाबा रामदेव जी के द्वारा " काले धन " के मुद्दे को उठाने के तुरंत ही इन सभी को स्विट्जरलेंड क्यों याद आया ? "
                  ' और जाना हुवा तो भी नीजी जेट से ..आखिर माजरा क्या है भाई ? क्या ये बताएगा जनता को भाजपा ... या फिर "काले धन" को ठिकाने लगाने गए है ये सब चोर एक साथ ...इस बात पर भी चुप क्यों है भाजपा ? "

" भ्रस्टाचार का जिम्मेदार भाजपा भी है :
                                                         " आज देश में चारो तरफ एक ही चर्चा है और वो है भ्रस्टाचार और कालेधन की ,माना की हमारे देश को भ्रस्टाचार खोकला कर रहा है मगर क्या इस भ्रस्टाचार के लिए अकेली कांग्रेस सरकार ही गुनेहगार है ? इस सवाल के जवाब को अगर आप ढूंढ़ने बैठेंगे तो इस सवाल की जड़े जाती है भाजपा के कमजोर नेतृत्व की और और हाँ ये सही भी है क्यों की आज तक भारत में जितने भी भ्रस्टाचार हुवे है वो सब भाजपा की आंखों के सामने ही हुवे है मगर फिर भी न ही इन भ्रस्टाचार के खिलाफ भाजपा ने कोई कार्यवाही की कभी मांग की और न ही जनता के सामने रखने की कोशिश कभी की ,उनकी चुप्पी ही देश को लुटने में मदद कर रही थी और जनता अनजान थी इतने बड़े बड़े घोटालों से ... न ही भाजपा ने कभी जनता को ये बताने की कोशिश की और न ही सही थांग से इन घटनाओं का विरोध भी किया अगर वो समय समय पर विरोध करते तो आज "अन्ना हजारे जी " को "लोक पाल " कानून के लिए न ही अनसन करना पड़ता और ना ही " बाबा रामदेव जी " को ' काले धन " के मुद्दे पर डंडे खाने पड़ते |"
                                                   " राम लीला मैदान में खेले गए तांडव का भी क्या भाजपा ने सही तरीके से विरोध किया है ? घेर लेनी चाहिए थी संसद को ..और संसद को बदनाम करनेवालों को ..आज उनके पास तो कई ऐसे मुद्दे है जिनके सहारे वो जनता की आवाज को बुलंद कर सकते है ..मगर सायद ये भी इन भ्रस्टाचार की लीला में कहिन कही शामिल जरूर है वर्ना इस कदर इनकी चुप्पी ना होती ..सरे आम जनता को लुटा जा रहा है और भाजपा सिर्फ तमाशा देख रही है ..एक या दो दिन के विरोध करने से क्या विरोध पक्ष की भूमिका निभाई जाती है ...अरे विरोध पक्ष उसे कहा जाता है जो एक बार अगर किसी मुद्दे का विरोध करना चालू करे तो सरकार को उनकी बात को मान ना ही पड़े ...|" 

 * बढ़ते दाम , महेंगाई :
                                 " महेंगाई की चक्की में जब आम आदमी का सरकार किसी गन्ने की तरह जुश निकल रही है फिर भी चुप है भाजपा , हजारों तन अनाज को सडाया गया फिर भी कोई ठोश तरीका नहीं था विरोध करने का भाजपा के पास क्या कोई सरकश का खेल देख रही है क्या भाजपा ? जब भी सरकर कोई गलत कदम उठाये तो उस बात का याने सरकार के गलत कदमों का विरोध करके जन हित में सरकार के कदम उठाये जाये यही तो है विरोध पक्ष का काम, मगर ...ये बात अब भाजपा को कौन शिखाये ?"

 * संसद में बैठना है तो गलत कदमो का विरोध करना सीखो |"
                                " कसाब पर कोई निर्णय न लेकर जनता पर टेक्स डालकर उसे जिन्दा रखनेवाली सरकार का सही तरीके से विरोध होना ही चाहिए ..जनता आपकी जागीर नहीं है आप जनता के नौकर है ..और अगर मालिक चाहे तो आप को नौकरी से नीकाल भी सकता है ये बात को समज ले भाजपा तो सायद भाजपा के लिए अब ठीक ही रहेगा क्यों की आज देश में जो क्रांति की चिंगारी भड़क रही है कही उस चिंगारी की वजह से लगनेवाली आग में जलकर भाजपा भी ख़त्म न हो जाये |"

* जनता के पास जुते तो है ही मगर एक डंडा आपके लिए भी है :
                                  " भाजपा अब भी वक़्त है की जानता के सुर में और उनकी मांग में साथ दे क्यों की जानता की " जन लोकपाल ", " काला धन " ये दोनों मांगे आज के दौर में सही है ..अगर भाजपा यूँही मौन बैठा रहा और उनका मौन ही इन भ्रस्ताचारियोँ को जो खुला मैदान दे रहा है ..कही ये मैदान में जनता जनार्दन जब हिसाब करने उतारे तो भाजपा को भी दो चार डंडे खाने न पड़े ..याद रहे जानता के पास जुते तो है ही ...मगर डंडे भी है | "

जय हिंद
 जय हिंद
जय हिंद

Saturday, June 11, 2011

" डंडे का फंडा : बेवकूफ कौन ,बन्दर या हम ? "

* ओह ये बन्दर ...!
                    " गाँधीजी तो गए मगर अपने वफादार बंदरों को छोड़ गए की देश का ध्यान रखना और इन बंदरों ने बखूबी ध्यान रखा इस देश का और बदल दिया दुनिया के सबसे बड़े " लोकतंत्र " को "तानाशाही" में , ये बन्दर न ही किसी की सुनते है और न ही कुछ बोलते है सिर्फ उनके खिलाफ बोलनेवालों को कुचलते है, इनकी ताकत तो देखो " दुनिया के सब से बड़े " लोकतंत्र " पर सरे आम लाठियां आधी रात में बरसा रहे है ...ओह ये बन्दर ...! "

 * गोरे और काले का भेद :
                   " गोरे अंग्रेजों ने इस देश को लुटा और खुद के देश को मजबूत किया ,मगर इन काले अंग्रेजों ने अपने ही देश को लुटा और स्विट्जर्लैंड को मजबूत किया , हैना कमाल ... स्विस बैंक में अपना खाता मजबूत करने के लिए इन बंदरों ने सभी रास्ते अख्तियार किये और देश को दिए " भय , भूख ..और भ्रस्ताचार "..यही तो है इनकी देन इस देश को ..याने मेरे लिए, आपके लिए ..और इस देश के आनेवाले भविष्य के लिए | मुद्दा चाहे जो भी हो चाहे वो " जनलोकपाल " का हो या फिर " काले धन "का ये लोग बखूबी उसे दबाना जानते है | "

* इनकी चाल को समजो : 
                   " मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ये लोग हर वक़्त नया रास्ता अपनाते है जैसे c.w.g के गफ्ले के वक़्त इन्होने देश को " मोदी " की तरफ मोड़ दिया था और आज जब " जन लोकपाल " और "काले धन " का मुद्दा देशवासियों के सामने है तो इन्होने ' दिग्विजय " नमक वफादार को अनाप सनाप बोल कर जनता का ध्यान मुद्दे से हटे इस लिए खड़ा कर दिया है ..जब की "अन्ना हजारे जी" जैसे लोग भी कह रहे है की इसे पागल खाने भेज दो मगर कुछ असर पड़ा सरकार पर ...नहीं न अरे इसको अगर चुप कर देगी सर्कार तो जनता का ध्यान वापस " जन लोकपाल " और " काले धन " की तरफ जायेगा और सरकार की मुश्किले और भी बढ़ेगी और सरकार ऐसा कतई नहीं चाहेगी और हमारा ध्यान इस " दिग्विजय " की अनाप सनाप बातों पर ही लगा रहता है ..भैया असली मुद्दे से आपकी नजर हटाई जा रही है और हम सभी दिग्विजय की बातों में ही उल्जे रहते है और उस पर टिपण्णी करते ही रहते है कोई ...f.i.r दर्ज करवा रहा है तो कोई देश द्रोह का आरोप लगा रहा है ..भैया इस से इनको कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है क्यों की चाहे कितनी भी f .i .र दर्ज करवाओ ..कानून का गलत इस्तेमाल कैसे करना चाहिए ये इनको आता है ..इसलिए असली मुद्दे को मत भूलो " जन लोकपाल" और "काला धन " ये यही चाहते है की आप असली मुद्दे को भूल जाये |"

 * दर्द की बात :
                      " दर्द की बात तो ये है दोस्तों की जब भारत ने क्रिकेट का वर्ल्ड कप जीता तो सारे भारतीय सडकों पर उतर आये थे मगर जब देश हित की बात आती है तो अपने घरों में बैठे है ,क्या भारत का क्रिकेट में बादशाह होना देश के भ्रस्ताचारियोँ के खिलाफ लड़ने से भी ज्यादा महत्व पूर्ण है ? अरे जागो दोस्तों वर्ना इस कदर ये लोग हमे चूसेंगे की हम न ही क्रिकेट देखने के काबिल रहेंगे और न ही विरोध करने के काबिल क्यों की विरोध करने का नतीजा सरकार ने हमे दिखा ही दिया है ...अब वक़्त है की आम जनता इस के खिलाफ आवाज़ उठाये वर्ना आपका पैसा यूँही जाता रहेगा "स्विस बैंक" में ..मैंने तो आवाज़ उठाने का शुरू कर दिया है अब बारी आपकी है ......| "

   " बोलो कैसा रहा डंडे का फंडा ..ये बंदरों को कम न समजो ये भारत को लंका और स्विट्जर्लैंड को अपना देश समज रहे है तभी तो सभी हमे लूटकर स्विस बैंक को मजबूत कर रहे है |"

आओ इस सिस्टम को बदले ..मिलकर करे प्रयाश ............ 




 

Wednesday, June 8, 2011

" कसाब को बिरयानी ,बाबा को डंडा, ये है नेता का फंडा |"

" कसाब को बिरयानी ,बाबा को डंडा, ये है नेता का फंडा |"

                                           " अगर आपको एके ४७ चलाना नहीं आता है ..अगर आपको बेगुनाह की जान लेना नहीं आता है और सिर्फ भ्रस्ताचार के खिलाफ बोलना ही आपको आता है तो सावधान ये सरकार आपके उप्पर भी बरसायेगी डंडे, रामलीला मैदान इस बात का सबूत है आपके सामने और दूसरा सबूत है " अजमल कसाब " जिसे चलानी आती है "एके ४७ " और आता है हजारों बेगुनाहों को मारना ,सबूत है मुंबई और आज भ्रस्ताचार के खिलाफ बोलनेवाले " बाबा रामदेव जी " पर आधी रात को लाठियां बरसानेवाली सरकार कई बेगुनाह को  मारनेवाले "अजमल कसाब "को इस देश का जमाईराजा बनाकर उसे खिला रही है " बिरयानी " याने देश का सबसे महँगा महेमान बनाकर रखा है |"  

                                " सरकार भूल रही है की जब जनता जनार्दन न्याय करने पर तुलेगी तो सरकार " मिस्त्र " की क्रांति को भी भूल जाएगी ऐसी क्रांति होगी और फटे जूतों से होगा इन हरामी नेताओं का स्वागत हर गली ...हर नुक्कड़ पर| बहुत बेवकूफ बनाया सरकार ने जनता को, अब बारी आई है जनता की, ये उस देश की जनता है जिस देश की मिटटी में जन्म लिया था " सुभाष चन्द्र बोस , भगत सिंह , शिवाजी महाराज और झाँसी की रानी ने " ..भूलो मत आज भी अगर वक़्त का तकाजा कहेगा तो हर घर से एक झाँसी की रानी आएगी और एक भगत सिंह | "

* बिरयानी ..डंडा और काला धन |
                                " कितने दिन तक आप सच्चाई को जनता से छुपा कर रखेंगे ? आपके हर एक घोटाले से पब्लिक वाकेफ है और आपकी झूठ बोलने की आदत से परेशान भी है चिंता मत करो ...कसाब को जो आप रोज " बिरयानी " खिला रहे हो न, ये भी सब को पता है और जो खेल आपने रामलीला मैदान में खेला है " डंडे " का तो वो भी जनता को पता है ..मगर ये डंडा सरकार ने सिर्फ अनसन पर आये हुवे लोगों पर ही नहीं इस्तेमाल किया है मगर देश की जनता पर हुवा है इस्तेमाल, क्या दोष था उनका ? तो यही न की आप सब भ्रस्त नेता का काला धन विदेशों में पड़ा है उसे वापस लेन की मांग कर रहे थे ये लोग | "

 * काले धन के मुद्दे को दबाया डंडे से " वाह रे सरकार " |
                               " ये मुद्दा गलत नहीं था और न ही है , और न रहेगा .. गलत तो ये सरकार थी, जो गुंडा गर्दी पर उतर आई है जिसे " लोकशाही " नहीं मगर " तानाशाही " कहते है ,क्या अपने आप को हिटलर समजती है सरकार ? अगर समजती है तो फिर ये पता होना चाहिए की उसने भी की थी आत्महत्या और सरकार का " डंडे वाला " कदम भी साबित होगा "सरकार की आत्महत्या" के बराबर |"

* "अन्ना हजारे जी" और "बाबा रामदेव जी " गलत नहीं है |
                              " क्यों की जनता जानती है की ये दोनों हमारे लिए ..इस देश के लिए लड़ रहे है " जन लोकपाल" का मुद्दा भी सही था और " सही था " काले धन " का मुद्दा ..गलत थी और है सरकार , दिग्विजय सिंह , कपिल सिम्बल , मनमोहन जी आपको पता नहीं है की जनता का गुस्सा फिलहाल कितना है जिस दिन सत्ता से दूर हो जाओ गे और आम आदमी बनोगे उस दिन ये जनता तुम्हे गल्ली में और दिल्ली में .. जूतों से मारेगी ये बात तो तय है ..आपको जीतनी भी बिरयानी " कसाब " को खिलानी हो खिलाइए मगर कभी " बाबा रामदेव " और " अन्ना हजारे जी " पर डंडे का प्रयोग भूलकर भी न करना वर्ना ये जनता आप पर "डंडे" के बदले सड़े हुवे "अंडे " और सड़े हुवे "जूतों " का प्रयोग करेगी |"

 

Tuesday, June 7, 2011

" गब्बर अच्छा मगर ये सरकार नहीं |"

                                      
 " चुनाव ..चंदा ..कालाधन ... और कसाब |"
                                          " करोड़ों का चुनाव चंदा लेकर आम आदमियों के खून चूसना अगर गुनाह नहीं है तो फिर देश का काला धन वापसलाने के लिए लड़नेवाले "बाबा रामदेव जी" अगर चंदा लेते है तो वो गुनाह क्यों ? कम से कम "बाबा रामदेवजी " देश के आम आदमियों का खून चूस कर विदेशों की बैंक में जमा किये गए काले धन को भारत में वापसलाने के लिए लड़ तो रहे है ...न ही किसी नेता की तरह गरीबों का खून चूसने का काम कर रहे है, पिछले ६५ साल का इतिहाश गवाह है की इस सरकार ने हमारे साथ क्या किया है ..और पिछले दो साल में तो ये सरकार ने तमाम हदे पर कर दी है और उसकी हैवानियत भी देखों की इस सरकार ने सत्याग्रह कर रही महिलाओं को भी नहीं छोड़ा | क्या भ्रस्ताचार करनेवालों के खिलाफ बोलना भी मना है ? अगर ये गुनाह है तो फिर अजमल कसब , अफ़ज़ल गुरु जैसे आतंकीयों को पालना भी तो सरकार का गुनाह है |"


                       " दिगविजय सिंह को क्या कहा जाये गुनेहगार या बेगुनाह ? "
                                  " देश की गरिमा को लांछन लगानेवाले और अनाप सनाप बोलनेवाले दिग्विजय सिंह अगर सरकार की नजर में बेगुनाह है तो फिर आम आदमियों के लिए लड़नेवाले बाबा रामदेव गुनेहगार क्यों ? अगर सरकार कहेती है की बाबा रामदेव उत्तेजक भाषण दे रहे थे इस लिए कार्यवाही की गयी तो फिर सरकार के दिग्विजय सिंह जब उत्तेजक बात करते है तब उनके खिलाफ क्यों कोई एक्शन नहीं और सुन ले सरकार की बाबा रामदेव जी उत्तेजक बात नहीं कर रहे थे मगर वो सच्चाई बता रहे थे की "वो जो काला धन विदेशों की बैंक में पड़ा है वो सब आप का याने भारतवासियों का है " और ये सच्चाई सिर्फ आपको याने सरकार को ही कडवी क्यों लगती है ? दिग्विजय सिंह पर आप काबू नहीं रख पते है और बात कर रहे है बाबा रामदेव जी की कल को दिग्विजय सिंह कहे की अजमल कसब जी , अफ़ज़ल गुरु जी  तो सोचो जब इन आतंकियों के हमले में जिन भारतीय भाई बहेनोँ ने अपना बाप , अपनी माँ, अपना बेटा गवाया होगा उसके दिल पर क्या बीतेगी |"

          * आज भी भारत में नारी पर होता है जुल्म | 
                                                      " सरकार एक तरफ बेटी बचाओ योजना चला रही है तो दूसरी तरफ रात के अँधेरे में सोई हुई बहु बेटियों पर लाठियां बरसा रही है ये सरकार , सरकार को अगर ये आन्दोलन कुचलना ही था तो आन्दोलन की पूर्व रात्री ही क्यों चुनी ? कीया ये कार्यवाही वो दिन में नहीं कर सकते थे ..कहाँ गए वो सब नारी संघठन , और कहाँ गया " मानव अधिकार पंच " आपके सामने ही तो सरकार ने ये गुनाह किया है औरतों को भी पीटा गया है और आधी रात में सोये हुवे लोगों पर किया है लाठी चार्ज ,क्या ये गुनाह नहीं है क्या ?

         
                  * जनरल डायर का दूसरा रूप है ये सरकार |
                                                                            " सही है ये क्यों की डायर ने भी ऐसा ही किया था , जो आज सरकार ने किया है फर्क इतना है की डायर अंग्रेज था और हिंदुस्तानियों को बनाया था निशाना ...और ..ये सरकार हिंदुस्तान की है और हिंदुस्तानियों को बना रही है निशाना ,इसी लिए तो कहेता हु की गब्बर अच्छा मगर ये सरकार नहीं |"

                   
चित्र गूगल से लिए गए है
 

Monday, June 6, 2011

एक रचना : एक अलख लगाते जायेंगे


दोस्तों अब एक अलख लगाते जायेंगे
जो भी है सोये हुए, उनको जगाते जायेंगे

रिश्वत, और भ्रष्टाचार है अपराध बड़े
इन अपराधों से टकराते जायेंगे

मिल कर के घूंस खोरो
और भ्रष्टाचारियों को मिटाते जायेंगे

दोस्तों अब एक अलख लगाते जायेंगे
जो भी है सोये हुए, उनको जगाते जायेंगे

झूठ और लालच का है लाक्षग्रह बना
सच की आंच से मिल कर इसे जलाएंगे

फिर से न बनने देंगे इस नरक को
बनने पहले ही इसे मिटाते जायेंगे

दोस्तों अब एक अलख लगाते जायेंगे
जो भी है सोये हुए, उनको जगाते जायेंगे

जो भी अब आएगा उन्नति की राहों मे
उसे मिल के मिटाते जायेंगे

आज के जयचन्दो को उनकी
औकात याद दिलाते जायेंगे

दोस्तों अब एक अलख लगाते जायेंगे
जो भी है सोये हुए, उनको जगाते जायेंगे

जो देशप्रेम है हमारे भीतर भरा
उस सैलाब को बाहर लायेंगे

हर गद्दार को उस सैलाब
मे अब बहाते ही जायेंगे

दोस्तों अब एक अलख लगाते जायेंगे
जो भी है सोये हुए, उनको जगाते जायेंगे

*******************************************

                            " ये अल्फाज़ थे इस शानदार गीत के रचनाकार " मै कुंदन " के ..नाम की नहीं मगर देश में फैले भ्रस्ताचार के प्रति जो दिल में आग लगी है उसीका चित्रण यहाँ पर उन्होंने किया है इस रचना की हर कड़ी आपके दिल पर सिद्धा दस्तक देती है ..दिल पर दस्तक देनेवाली इस रचना को और इस के रचयिता " मै कुंदन " को सलाम , देश प्रेम से छलकती इस रचना को आप भी पसंद करेंगे इस में कोई शक नहीं है ...|"
                           " मेरा भाई " मै कुंदन " एक अच्छा कवी तो है ही मगर एक अच्छा इंसान भी है ...इन से मिलना चाहेंगे आप ...

इन्हें यहाँ मिले : " इस दिल से " 
                          चाचा ग़ालिब  
                          http://antarawaj.blogspot.com/

                       http://www.facebook.com/maikundan

 चलो अब जोर से कहो तो सही :

दोस्तों अब एक अलख लगाते जायेंगे
जो भी है सोये हुए, उनको जगाते जायेंगे



 

Saturday, June 4, 2011

"आह से आह्हा तक .. भ्रस्टाचार "

                        " देश की जनता को मै ये सन्देश देना चाहता था " ये बयां था सुरेश कलमाड़ी पर चप्पल का प्रहार करनेवाले युवक का | आखिरकार ऐसी नौबत क्यों आई जनता के सामने ? क्यों अपने ही चुने हुवे नेता को चप्पल से मारना चाहती है जनता ? "
                        " शर्मनाक बात " 
                                                      " देश के एक युवक द्वारा सुरेश कलमाड़ी पर चप्पल का प्रहार और उसका बयां सायद बरसो से सो रही जनता को समाज में आये तो अच्छा क्यों की आज तक आम आदमी चुप बैठा है ,तभी तो देश में पिछले कुछ सालों से घोटाले हो रहे है अन्यथा क्या मजाल है देश के भ्रस्ट नेता की और सरकार की , की भ्रस्टाचार करने के बाद भी वो सत्ता में रहे सके |"
                                                    " प्रजा तंत्र में विश्वाश रखनेवाली भारत की जनता को आज अपने ही द्वारा चुने हुवे नेता परेशान कर रहे है आज भारत देश का ये हाल है की भ्रस्ताचारी नेता जब मौज मन रहे है तब भारत का आम आदमी अपना और अपने बच्चों का पेट भरने के लिए जुन्ज रहा है ... महेंगाई , भ्रस्टाचार ,और कई विवादों भारत में आग लगी हुई है और सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार "फिडल" बजा रही है ..कभी पेट्रोल के दाम ..तो कभी प्याज ..कभी अनाज का सड़ना ... कोर्ट का भी नहीं मानना ये सब क्या है भाई ?"

 * देश भर में आज तक जितने भी घोटाले हुवे है उन पर एक नजर डालो |
                                                      " अगर हम देश आजाद हुवा तब से लेकर आज तक जितने भी घोटाले हुवे है उन पर एक नजर डालेंगे तो पता चलेगा की जनता का गुस्सा जायज है या नहीं है ? आज तक हुवे घोटाले में सभी जगह कांग्रेस और उनका सहयोगी दल ही नजर आएगा ..आओ नजर करते है 
            कॉमनवेल्थ गेम्स 
            चारा घोटाला 
            आदर्श सोसायटी 
           २ जी घोटाला
           बोफोर्ष घोटाला  .......... लिस्ट बहुत लम्बी है ..सायद यहाँ जगह कम पड़ेगी ...आप खुद ही ट्राय करना जरूर |"
  
 * कांग्रेस की फितरत क्या सही है ? 
                                                       " देश में अगर कुछ होता है तो कांग्रेस फ़ौरन वहां के मुख्यमंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर करती है या फिर " राष्ट्रपति शाशन " की मांग करती है मगर जब खुद के ही मंत्री दल ने इतने सारे घोटाले किये है तब ना सत्ता छोड़ रही है ना ही दे रही है न्याय ..हजारों करोड़ों के घोटाले के बावजूद भी सत्ता पर चिपक कर बैठी हुई कांग्रेस की सरकार ना ही घोटाले की जिम्मेदारियां ले रही और ना ही सत्ता छोड़ रही है इसे हम क्या कहे बेशर्मी , बेशर्मी की हद होती है या नहीं ?   "

* जन लोकपाल और कांग्रेस का डर ..|"
                                   " जन लोकपाल कानून को लेकर सारा देश उत्तेजित है वही पर कांग्रेस के भ्रस्ट नेता में मचा है तहेलका ..क्यों मनाने जा रहे है कभी "बाबा रामदेव "को तो कभी "अन्ना हजारे जी "को ..तो सिद्धि बात है की यही लोग जो चोर है और ये लोग नहीं चाहते है की ऐसा कोई कानून आये और उनकी भ्रस्टाचार की दुकान बंध हो जाये और वो भी कानून के दायरे में आये फिल हाल ही कांग्रेस ने कहा था की " देश के प्रधान मंत्री जैसे गरिमा पूर्ण पद को जन लोकपाल के दायरे में ना लिया जाये " क्यों भाई ..इस वक़्त जब देश के प्रधान मंत्री मनमोहन को सब पता है फिर भी वो भ्रस्टाचार के खिलाफ कुछ बोल नहीं रहे है तो फिर क्यों इस पद को भी इस दायरे में ना लिया जाये ..उनका मौन ही देश के लिए सबसे बड़ा खतरा जो है अगर वो सच्चाई बयां कर देते तो देश के करोडो रुपये बच जाते और भ्रस्टाचारी नेता को मिलती सजा , "
                                  " आज तक सत्ता का दुरुपयोग करके भ्रस्टाचार करनेवाली सबसे निक्कमी सरकार है कांग्रेस , अरे ये तो दिग्विजय जैसे लोगों को भी चुप रहेने का आदेश नहीं दे पा रही है ..बड़े होसियार है ये दिग्विजय जिनकी नजर में " ओसामा " .." ओसामाजी " जो है ..वो भला देश के बारे में क्या अच्छा सोच और बोल सकते है |"
* कांग्रेस अब देश को लूटना बंध करो 
                                 " महेंगाई पर महेंगाई आम आदमी को देने वाली ये सरकार खुश कर सकती है सिर्फ और सिर्फ उधोगपतियों को क्यों की इस सरकार को आम आदमी के दर्द की कुछ पड़ी ही नहीं है ..आपको देखनी है सच्चाई की क्या हालत है देश के गरीब लोगों के  तो फिर यहाँ जाओ और पढो .. " एक रोटी चाहिए मुझे ..एक सच्ची घटना | "|" 
             "मगर इस से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा सरकार को क्यों की ये सरकार ना सुनती है ...ना देखती है ..और ना ही बोलती है ये सिर्फ देश की जनता को लूटना और भ्रस्टाचार करना ही जानती है ..कभी ifpri की वेब साईट पर भी जाना जरूर भारत की असलियत का पता चल जायेगा |"  

इस शानदार कार्टून के लिए दीपक जी मै आपका आभारी हु