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Tuesday, May 31, 2011

कौवा बिरयानी सरकार ..जन लोकपाल बिल लोचे में पड़ा

" क्या सरकार जन लोकपाल बिल पास होने देगी  ? ..ये तो आनेवाला वक़्त ही बताएगा न मगर अगर सोचा जाये और जिस तरह से सरकार अपना पक्ष साफ़ कर रही उस हिसाब से सायद अन्ना हजारे जी को अब फिर से सायद सोचना पड़ेगा इन हरामी नेताओं को सीधे करने के लिए .. |" 
               
 * सरकार क्या कहेती है समिति की बैठक में :                                                                                    
                समिति की बैठकों में सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि लोकपाल के दायरे में प्रधाननमंत्री को नहीं लाया जा सकता, न्यायपालिका के ऊपरी हिस्से को नहीं लाया जा सकता, सांसदों को नहीं लाया जा सकता और नौकरशाही में भी जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के नीचे के अधिकारियों को इसके दायरे में नहीं लाया जा सकता। ' उनका कहना था कि अगर इन सबको लोकपाल के दायरे से बाहर रखा जाना है तो फिर लोकपाल बिल का मतलब ही क्या रह जाएगा ?..लो भाई इसको क्या कहे हम की उल्टा चोर कोतवाल को डांटे ...हैना ये सरकार उस कुत्ते की दम की तरह जो कभी सीधी नहीं होती | "


* अन्ना हजारे जी अब कुछ और सोचो : 
                                                            " आपके अहिन्षा के शस्त्र का असर इन कमीनो पर नहीं हुवा है और न ही होगा ये लोग वो कमीने है जो सिर्फ भगत सिंह ..सरदार पटेल , शुभास चन्द्र बोस की भाषा ही जानते है ..क्यों की कानून को कभी अपने हाथ से ये लोग जाना नहीं देंगे क्यों की कानून जब तक इनके हाथ की कठपुतली है तब तक इनके लिए क्या सजा ...और क्या जेल है ..\"


* इन चोरों को समिति में लेकर ही आपने गलत किया है सायद 


                                                            " क्यों की , जब जन लोक पाल बिल पास होगा तब तक ये लोग जन लोक पाल बिल में अपनी मनमानी कर चुके होंगे ..वो सब रास्तों का इन्तेजाम हो जायेगा जहाँ से भ्रस्टाचार करके भागा जाये ..और वो रस्ते ढूंढने के लिए तो ये सब खेल खेल रही है सरकार क्यों की सरकार जानती है की इस सरकार में चोर कौन नहीं है ये बताना मुश्किल हो गया है इस लिए सब मिलकर बचने के रस्ते बना रहे है और जन लोक पाल बिल अपने पक्ष में करने की चाल चल रहे है ... | 
              " क्यों की ये सरकार " कौवा बिरयानी " जो है | "
 

Sunday, May 22, 2011

"मजहब..क्या है मजहब ?"

" मजहब ..क्या है मजहब का मतलब ? क्या आप जानते है मजहब का मतलब ,आज कल मजहब की बात करना फैशन हो गया है .मगर क्या वाकई में आप मजहब के बारे में जानते है ये भी तो एक गहेराई भरा प्रश्न है ,कभी अपने दिल से पुछो की आप जो भी बात मजहब के बारे में करते है वो बात सही है या गलत ..मै हिन्दू या इस्लाम धर्म की ही बात नहीं कर रहा हु ,मगर आज कल जिस तरह से इन्टरनेट पर या फिर गली के किसी नुक्कड़ पर रही पान की दुकान पर आप देख सकते है और सुन भी सकते है मजहब की चर्चा ,कभी आपने सोचा की क्या इन्टरनेट पर या नुक्कड़ पर मजहब की चर्चा करने वाले लोग वाकई में मजहब के बारे में जानते है या नहीं ? "
" एक चर्चा मजहब पर हो रही थी उसकी बात करता हु आपसे |

" एक जगह एक हिन्दू भाई और एक मुसलमान भाई अपने अपने मजहब की बात कर रहे थे ..मगर बात यहाँ तक पहुँच गयी की अब बात जगड़े की आ पहुंची थी मै ये सब देख रहा था आखिर मैंने उन दोनों को एक एक सवाल पुछा ... जो मजहब से जुड़ा हुवा था ..जानते है आप ..उस सवाल का जवाब देते वक़्त उनकी जबान लड़खड़ाने लगी थी क्यों की उन लोगों के पास नहीं था जवाब , |"

" वो सवाल कौनसे थे ? "
" मैंने हिन्दू भाई से सवाल पुछा था की .....
" क्या भागवत गीता के पहले कोई ग्रन्थ नहीं था और अगर था तो फिर हम भागवत गीता को ही अपना धर्म ग्रन्थ क्यों मानते है ? और कौन कौन से थे धर्म ग्रन्थ ? हम शिव पुराण को क्यों नहीं मानते है धर्म ग्रन्थ ?

" मुसलमान भाई से पुछा था ये सवाल ....
" क्या महमद पैगम्बर साहब के पहले कोई पयगम्बर नहीं हुवे थे ? और हुवे थे तो कितने और उनके नाम क्या थे ? "

" हिन्दू भाई भगवान शिव जी को मानते है ..मगर कितने लोगों ने शिव पुराण पढ़ा है ? और जिन लोगों ने पढ़ा होगा उनसे अगर पुछा जाये की शिव पुराण की बजे हमारा धर्म ग्रन्थ गीता क्यों ? ...जबकि शिव पुराण तो देवा धी देव महादेव जी का है ..शक्षत शिव जी का ग्रन्थ शिव पुराण फिर भी हिन्दू भाई यों का धर्म ग्रन्थ गीता है ..भाई ऐसा क्यों ? सोचो ..ये सोचने वाली बात है | "
" बिलकुल वैसा ही किसी मुसलमान भाई से उप्पर पुछा गया सवाल पुछा जाये तो उनके पास भी नहीं होगा जवाब .. न हिन्दू जानते है मजहब का मतलब ...न मुसलमान जानते है मजहब का मतलब ... बस मजहब के नाम पर एक दुसरे के सर फोड़ देते है |"

"ना राम ने कभी मना किया ..ना रहीम ने कभी मना किया | "
" मंदिर में रखी पत्थर की मूरत में बसे राम के पास अगर कोई मुसलमान भाई मांगता है कुछ तो उसे मिल जाता है ठीक उसी तरह दरगाह में चादर ओढ़े सोये ओलिया के पास जब कोई हिन्दू भाई मांगता है तो उसकी भी जोली भर जाती है ...न राम देखते है सामनेवाले का मजहब ..न रहीम देखते है सामनेवाले का मजहब ...मगर फिर भी हम इंसान देखते है एक दुसरे का मजहब ..न राम ने पुछा कभी की तू हिन्दू है या मुसलमान ..न रहीम ने पुछा की तू हिन्दू है या मुसलमान ? फिर भी हम एक दुसरे को पूछते है की आपका मजहब कौनसा है ?
सायद अब ..इंसान ..राम रहीम से भी बड़ा बन गया है |"

मेरी नजर से मजहब का मतलब ..बस यही है :

: मन के अन्दर
: जन { इंसान } जन के अन्दर
: हर दिल में बसे
: बसनेवाले परम तत्व परमात्मा को पहेचानना

" और जो परम तत्व परमात्मा को पहेचान जाता है जान जाता है ..वो कभी " मजहब " नाम की व्यर्थ चर्चा में पड़ता नहीं है क्यों की मजहब कभी आपस में बैर करना सिखाता नहीं है ..पर हम लोग ही देते है मजहब को एक अलग सा रंग ..कौन सा है मजहब का रंग तो ..जो इंसानियत का रंग है वही मजहब का रंग है |"

इकरार : सच कहू तो इन सवालों के जवाब तो मेरे पास भी नहीं है मगर एक कोशिश कर रहा हु उन लोगों तक ये बात पहुँचाने की जो इन सवालों के जवाब जानते नहीं है और मजहब की बात करते है ..मानो कोई बड़े पंडित हो ..और मुझे इन सवालों के जवाब जानने भी नहीं है क्यों की मै इंसानियत को ही अपना मजहब मानता हु .. मांगने पर राम भी मेरी झोली भरते है तो ...रहीम भी मेरी झोली भरते है ..बस्स इंसानियत को चाहता हु |

आप भी खुद देख लीजिये मजहब के नाम पर हम लड़ते है और फायदा सियासी लोगों का ही होता है हमारे नसीब में तो सिर्फ और सिर्फ ..चन्द बूंद आंसू के ही आते है ...........


याद रहे : मै किसी का दिल दुखाना नहीं चाहता हु ..मग़र यही शायद सच है की इंसानियत ही सबसे बड़ा मजहब है ..मेरे इस आलेख से अगर किसी के दिल को ठेंस पहुंची हो तो मै माफ़ी चाहता हु मग़र मेरा मकसद किसी का दिल दुखाना नहीं था और मै " गीता "को चाहता हु उतना ही "शिवपुराण" को भी चाहता ..मै सिर्फ यही कहेना चाहता हु की ये मजहब के चक्कर में मत पडो ..इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं है | "






Friday, May 20, 2011

" कलमाड़ी की गाड़ी ..ढेंन टे न न { विडियो }"

" भारत देश के महान भ्रस्टाचारी और जूता खाउ ..होनहार नेता कलमाड़ी की गाड़ी को और उनकी रफ़्तार को आप खुद ही देख लो .. ये जूते खाने के बाद भी मुस्कुराते ही रहते है ..जैसे बोर्डर पर कोई इन्हों ने पराक्रम किया हो.. भाई आखिर नेता का काम ही सदा मुस्कुराते रहेना ही होता है ..रोती तो जनता है  .... | "

*  कलमाड़ी की महेनत पर मुस्कुराये नहीं

                   " इस विडियो को देखकर कृपया आप मत मुस्कुराना ..भाई नेता है हमारे,, कितनी महेनत से इन्होने देश को करोडो रुपयों का चुना जो लगाया है ...इनकी भारतवासियों को करोडो का चुना लगाने में जो रात और दिन की महेनत हुई है उसे ध्यान में रखकर सभी भारतवासियों से नम्र बिनती है की इस विडियो को देखकर मुस्कराए नहीं ....| "



              तहे दिल से सुक्रिया bigtimeplayer09 जो आप ने ये सच्चाई भरा विडियो दिखाया ,,,सुक्रिया दोस्त


Wednesday, May 11, 2011

राम जेठमलानी - व्यक्ति एक रूप अनेक, क्या सच, क्या झूठ ? [विडिओ के साथ ]

                  राम जेठमलानी - व्यक्ति एक रूप अनेक, क्या सच, क्या झूठ ? [विडिओ के साथ ]
 * देश का छोटा बच्चा भी जानता है ८३ बरस के इस नामी वकील को |
 * श्री अन्ना हजारेजी को साथ देने वाले " राम जेठमलानी  " |
 * "२ जी घोटाले" के एक आरोपी का केस लड़ने वाले " राम जेठमलानी " |

         ** भ्रस्टाचार के खिलाफ लड़नेवाले "राम जेठमलानी" ने दिया था "श्री अन्ना हजारे जी" को साथ और देश का काल धन जो "स्विस बैंक" में पड़ा है उसे वापस लाने की मांग भी की थी ..स्वामी जी के साथ भ्रस्टाचार मिटाने की बात करने वाले रामजेठमलानी सायद ये बात भूल गए की पिछले कुछ महीनो पहले उन्होंने क्या कहा था और देश की जनता के सामने जो भ्रस्टाचार मिटाने की बात कही थी शायद ये भी भूल गए है राम जेठमलानी |"

                      तो फिर ये क्या है :  
** "भ्रस्टाचार के खिलाफ जनलोक पाल बिल" के लिए श्री अन्ना हजारे जी का साथ देने वाले " राम जेठमलानी " आज देश के सबसे बड़े घोटाले के एक आरोपी " कनीमोजी " को बचाने के लिए मैदान में आये है , मै उसी "२ जी" घोटाले की बात कर रहा हु जिसकी रकम और अंक देखकर " न्यायमूर्ति श्री संधवी और गांगुली " ने कहा था की " किसी अंक के पीछे इतने जीरो आज मै अपनी जिन्दगी में पहली बार देख रहा हु | "तो फिर यहाँ सवाल ये उठता है की इतने बड़े घोटाले के एक आरोपी को बचाने के लिए " भ्रस्टाचार" के खिलाफ " जन लोकपाल कानून " लाने की लड़ाई लड़ने वाले ही मैदान में आये है ..जो आज बचाना चाहते है "भ्रस्टाचारी" को |"

                    कही आप उल्लू तो नहीं बन रहे है, इनका तो ये धंधा है |

" श्री अन्ना हजारे जी के साथ रहेकर ..अन्ना हजारे की नीतियों के खिलाफ ये बात हुई ..इस से तो यही साबित है होता है , या फिर करोडो भारतवासीयों को राम जेठमलानी उल्लू बना रहे है ,या फिर यु कहे की इनका तो ये  धंधा है " आम आदमियों " को कुचलनेवाले घोटालेबाजों को बचाना .. आपको याद होगा " हर्षद महेता " क्यु ?"
             
                   सोचनेवाली बात :

    " अगर राम जेठमलानी जैसे लोग भ्रस्टाचार के खिलाफ " जन लोकपाल बिल " लाने के लिए श्री अन्ना हजारे जी का देंगे साथ तो ये " जन लोकपाल बिल " किसके पक्ष में रहेगा ? जनता के ..या फिर इन भ्रस्टाचारीयों के ?क्यु की ऐसे लोग "जन लोकपाल बिल" बनायेंगे और बिल में ऐसे रस्ते भी रखेंगे जहाँ से ,भ्रस्टाचारी नेता को कहे सके भाग बेटे इस रास्ते से ... श्री अन्ना हजारे जी की बात नहीं हो रही यहाँ ..यहाँ बात हो रही है अन्ना का साथ देकर भ्रस्टाचारी को बचाने वाले की |
                         
                       * राम जेठमलानी ने भरी सभा में कहा था  :
 "एक जगह पर राम जेठमलानी ने कहा था की "अब मुझे कोई ख्वाइश नहीं रही है ..और न ही कोई पैसों की कमी है ..बस भारत माता का कर्ज उतारना चाहता हु" तो क्या वो "कनिमोजी जैसी भ्रस्टाचारी" को बचाकर देश का कर्ज उतारना चाहते है ..सच्च्चे अर्थ में देश का उनपर जो कर्ज है वो तब उतरता जब वो "कनिमोजी" जैसे भ्रस्टाचारी को सजा दिलवाते ..ये जो विडियो है न उसे आप ध्यान से देखना "आखरी ३ मिनट" में राम जेठमलानी क्या क्या बोलते है | "

             दो रूप आदमी एक :
                                               " राम जेठमलानी जी अगर आपको ऐसा ही करना था तो फिर भला क्यों "भ्रस्टाचार विरोधी रेलियोँ" में हिस्सा ले रहे थे आप ? .. क्यों देश की जनता को गुमराह करते है आप ?.. मत दिखाओ जनता को वो फल ,जो कभी जनता खा नहीं सकती .. आपने ही कहा था की " मै पाकिस्तान से जब भारत आया तब मेरी जेब में सिर्फ १० रुपये ही थे ..आज जो भी दिया है इस देश ने दिया है " ..साथ में ये भी कहा था की "आप मेरी शक्ति से आपकी शक्ति मिलाओ फिर देखो स्विस बैंक का काला धन कैसे वापस आता है और कैसे गिडगिडाते है ये चोर नेता आपके दरवाजे पर |"
   
काला धन आये न आये मगर ऐसे भ्रस्टाचारी को तो मत बचाओ :
                                        " स्विस बैंक में पड़ा काला धन आये न आये मगर यहाँ पर जो धन "कनिमोजी और राजा" जैसे लोग खा जाते है उन्हें तो मत बचाओ .. ये भ्रस्टाचार का पैसा तो भारतवासीयों को वापस दिलाओ पहले ..मगर आप तो इन चोरों को ही बचाने चले है ..आपका भी पेट है ये सब जानते है ..मगर कभी जनता को भरी सभा में ,वो भी भ्रस्टाचार विरोध की सभा हो ..वहां पर कभी झूठे वादे मत करना |"

       * इस विडियो को देखिये इस विडियो में राम जेठमलानी जी क्या कहते है ?
                          * आखिर तक देखना जरूर तभी समाज सकोगे आप "राम जेठमलानी" जी के वादों को |


 ये विडियो "इंडिया अगेंस्ट करप्शन" से लिया गया है |
धन्यवाद् "इंडिया अगेंस्ट करप्शन " 


Saturday, May 7, 2011

"श्री महालक्ष्मी की अश्लील तस्वीर हटाई गयी.. आखिर हार गयी लीसा |"

* लीसा ने हटाई महालक्ष्मी माता की अश्लील तस्वीर |
 * अपने फेसबुक पेज पर अब नहीं रही तस्वीर |
 * इस तस्वीर पर किया खुलासा |
 * करोडो भारतीय के आगे झुकी लीसा |
* "एक्सच्चाई ब्लॉग" की आवाज़ बुलंद करने के लिए तहे दिल से सुक्रिया |
  
                         " फैशन के नाम पर किया था लीसा ने करोडो भारतीय का अपमान ..मेरे इसी ब्लॉग पर मेरी पिचली पोस्ट में मैंने आप सब से किया था जिक्र की इसका विरोध करो और आप सब ने मुझे साथ दिया और मेरी पोस्ट की आवाज़ को बुलंद बनाकर लीसा को श्री महालक्ष्मी जी की तस्वीर अपने फेसबुक पेज पर से हटाने को मजबूर कर दिया इस लिए आप सब का पहले तो मई सुक्रगुजार हु | "

                        " श्री महालक्ष्मी जी की तस्वीर लगाने पर लीसा का कहेना कुछ यु था "
Statement from swimwear label Lisa Blue:

Lisa Blue has been born out of a love of conservation, spirituality and a respect for all people. At no time would we ever have intended that the brand would cause offence. The use of images of Goddess Lakshmi was not in any way a measure of calculated risk taking, simply it was a desire to celebrate different cultures and share that through our brand.
We would like to offer an apology to anyone we may have offended and advise that the image of Goddess Lakshmi will not appear on any piece of Lisa Blue swimwear for the new season, with a halt put on all production of the new range and pieces shown on the runway from last week removed.
                   " आखिर कार लीसा को भारतवासियों की ताकत का अंदाजा आ ही गया और विवादस्पद श्री महालक्ष्मी जी की तस्वीर को हटाना ही पड़ा .. ये एक बात साबित करती है की अगर हम भारतवासी किसी के सामने एक जुट होकर लड़ेंगे तो हमे हराना किसी के बस की बात नहीं और ..नामुमकिन ही है  ..आज हमने मिलकर विरोध किया तो विदेशी सायद दुबारा ऐसा दुशाहस नहीं करेंगे ... मगर यहाँ एक बात और है की अब भी लीसा को कुछ बात समजने की जरूरत है इस लिए मै यही चाहता हु की उसके पेज पर अब भी विरोध ही दर्ज करो ताकि उसकी ये प्रोडक्ट वो मार्केट में ना दे ..|"

              " दिखा दो गोरों को की हम भारतवासी ऐसे है की कोई अगर हमसे मांगे गा तो बेटे दे देंगे ..मगर कोई गद्दारी करेगा तो हम उसका बाप भी छीन लेंगे | लीसा को आज हारना पड़ा मगर इस हार के साथ उसे सबक भी मिलना ही चाहिए की कभी किसी भारतवासी या धर्म के बारे में ऐसा घटिया बर्ताव नहीं करना चाहिए फिर चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान ..ये देश आज भी एकता पर ही चलता है चलता रहेगा | "

             " मेरी पोस्ट की आवाज़ बुलंद करने के लिए तहे दिल से सुक्रिया दोस्तों ..देखा हमारा सह प्रयाश कामयाब हुवा ... फिर भी लीसा को सबक सिखाओ ताकि वो मार्केट में अपने "स्विम सुइट" बेच ना सके जिस पर "श्री महालक्ष्मी जी" की तस्वीर हो ..आप सब का आभारी हु मै |"

            " फिर भी लड़त चालू ही रखना दोस्तों ...फेसबुक पर से नहीं मगर लीसा के दिमाग से भी ये ख्याल निकल जाना चाहिए और तस्वीर भी |

  * पिछली पोस्ट पर एक शानदार कमेन्ट को पढ़िए मजा आएगा समज भरी है ये कमेन्टजो दिखाती है सच्चे भारतीय का दिल और सच्चा भारतीय क्या होता है |

@honesty project democracy

ये ऐसे दफा करने वाली बात नहीं है ये बात है दुनिया भर मे फैले हुए १३५ करोड से भी ज्यादा भारतियों की और उनके सम्मान की.
ध्यान दीजियेगा मैंने भारतीय कहा है हिंदू नहीं क्योंकि हर सच्चा भारतीय किसी ना किसी तरह से लक्ष्मी माँ का सम्मान करता ही है और कुछ कहेंगे की मुस्लिम नहीं करते तो दुनिया भर के मुसलमानों का तो पता नहीं लेकिन भारत का कोई भी सच्चा मुसलमान भी कभी भी किसी हिंदू भगवान की तस्वीर पर पैर रख कर आगे जाने की हिम्मत नहीं करता. कभी किसी मंदिर की तरफ मूह कर के गलती से कोई मुस्लिम भाई थूक भी रहा होता है तो मैंने उसे थूक को भी गटकते देखा है और वो डर के नहीं सम्मान के कारण करता है ऐसा.

और हमारे देश मे इन देवियों को माता कहते हैं बेटियाँ कहते हैं बहुए कहते हैं बहने कहते हैं आप बताइए भला हम हमारी माँ बहनों के अपमान पर कैसे चुप रह जाएँ.
पत्थर की मूरत आर कागज पर छपी तस्वीर को हम छोड़ दे लेकिन भला अपने परिवार की इन शक्तियों का अपमान कैसे होने दे जो हमारी ताकत है, हमारा सम्मान है, हमारा स्वाभिमान है, हमारी जान है, हमारी जननी है, हमारी पालन करनी है,
हम उन्हें माता कहते हैं
जो ज्ञान दायिनी है सरस्वती है,
जो अन्न दायिनि अन्नपूर्णा है,
जो शक्ति दायिनी दुर्गा है
जो वैभव दायिनी लक्ष्मी है

किसी और के घर का क्या कहूँ मेरे घर मे ही
मेरे दादा जी उनकी माँ को सरस्वती का रूप कहते थे ,
मेरी दादी को लक्ष्मी का रूप कहते थे
मेरी माँ को अन्नपूर्णा का रूप कहते थे
मेरी बहन को उन्होंने शक्ति का रूप कहा था
उसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए मेरे पिता जी ने
मेरी पत्नी को दुर्गा का रूप कहा था

आप बताओ क्यूं हमारा खून ना खोले....क्यों उस नालायक फैशन डिजाइनर को हम माफ कर दे .... क्यों इस मामले को तूल ना दे ..... ये मात्र एक देवी के अपमान का नहीं ये दुनिया भर के भारतियों के अपमान का विषय है


और ये सब मै धर्म या मजहब की की आड मे धर्मान्ध हो कर नहीं कह रहा हूँ मै सब को बता दूं की मै कही धर्म के ठेकेदारों के निशाने पर पहले ही हूँ मेरी विचार धारा के कारण जो उन सब के खिलाफ है

और ये सब इन गोरी चमड़ी वाले लोगो की चाल है जो हमें नीचा दिखा कर हमें हतोसाहित करना चाहते हैं ....

@
अजय भैया आपसे एक ही प्रार्थना है

हमारी नपुंसक सरकार को किन्नर कह कर आप किन्नरों का अपमान मत करिये..... मै किन्नरों के बारे मे एक लेख मे काफी बुरा लिख चूका हूँ और थोडा सा अच्छा भी .... मैंने आज के किन्नरों को गुंडा कहा था उसमे और हमारी मानसिकता को नपुंसक .....लेकिन मै आप को पूरे दावे के साथ कहता हूँ अगर आप सिर्फ ४ किन्नर इस फैशन डिजाइनर के ऊपर छोड़ देंगे ना तो ये तो क्या इस जैसे गन्दी मानसिकता वाले इंसान फैशन डिजाइनिंग छोड़ देंगे ... ये हमारे देश के किन्नरों की ताकत है .... हमारे देश के किन्नर शिखंडी के वंशज है, एक योद्धा के वंशज आप सरकार की उनसे तुलना करके इनका अपमान मत करिये यही प्रार्थना है

        जिन लोगो ने मेरी लास्ट पोस्ट नहीं पढ़ी है उनके लिए

                     http://eksacchai.blogspot.com/2011/05/blog-post_06.html#comments