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Thursday, January 20, 2011

४०० करोड़ का धंधा - एक्सपायरी डेट की दवाइयां, सावधान..

       * सावधान, कही आप और आपके बच्चे तो नहीं हो रहे है इसके शिकार |
       * ४०० करोड़ से भी अधिक का है एक्सपायरी डेट की दवाईयों  का धंधा |
       * नियर एक्सपायरी डेट की दवाई ब्लिस्टर पेक से नीकालकर प्लास्टिक के डीबे में भर देते है |
       * एक्सपायरी डेट को एसीटोन से मिटाकर, नयी एक्सपायरी डेट डाली जाती है |

                                    " ये कोई मजाक नहीं है , मग़र भारतीयलोगों के स्वास्थ के साथ खेलने वाले व्यापारियों की करम कहानी है ...सोचो जहाँ पुरे देश में ७०००० करोड़ से भी ज्यादा उत्पादन दवाईयों का है और इस उत्पादन में से ३०००० करोड़ की दवाई गुजरात में बनती है मग़र देखने की बात ये है की इतने बड़े वोल्यूम में से सिर्फ ६ या ७ % दवाई एक्सपायरी डेट में जाती है याने इतनी ही दवाई एक्सपायर्ड होती है बाकी की दवाई हम भारतवासी खा जाते है और कुछ दवाई एक्सपोर्ट होती है ...तो क्या हम इतने बीमार पड़ते है ? ..हम बीमार नहीं पड़ते है मग़र हमारे साथ खेला जा रहा है, एक " षडयन्त्र "|

                                    " अनजान दर्दी को ये भी पता नहीं की वो जो दवाई ठीक होने के लिए खा रहा है वो एक्सपायरी डेट वाली है या नहीं ...क्यों की दवाई के ब्लिस्टर पेक पर लगाई जाती है नयी फोइल और लिक्विड की बोतल पर लग जाता है नया लेबल ..नयी डेट के साथ..आओ देखते है कुछ ऐसे पकडे गए केस को ..| "

                        * गुजरात में पकडे गए कुछ केस आपके सामने ... |
                                     
                 * गोकुल केमिस्ट E S I S को एक्सपायरी डेट की दवा देते वक़्त पकड़ी गई थी  |
                 * ९ जून २००८ के दिन महेसाणा के डॉ.बाबुभाई नायक ५० लाख की एक्सपायरी डेट की दवाई के साथ पकडे गए थे जिसमे सामिल थी १६४ तरहे की अलग अलग दवाईयां |
                 * अहमदाबाद की पारस मेडिकल भी पकड़ी गई थी जिस पर ३८२/२००९ के तहत मुकदमा चल रहाहै

                                      * यहाँ ध्यान दो इस केस पर |

                              " भावनगर के डॉ.हेमल मेहता के पास जब ५८ लाख की १८४ अलग अलग एक्सपायरी डेट वाली दवाई जब मिली तो पता चला की ये दवाईयां बच्चो के लिए इस्तेमाल की जाती थी ..जो "एन्टी बायोटिक" और "आय ड्रोप्स" थे , ये साहब ,देखो बच्चो की जिन्दगी से खेल रहे थे ..मग़र कैसे ? "

                              " डॉ. हेमल , मामूली "एसीटोन" लगाकर एक्सपायरी डेट आसानी से बदल कर नयी एक्सपायरी डेट डालते थे और नयी एक्सपायरी डेट के साथ एक्सपायर्ड दवा को बाजार में फिर से बेच देते थे जिनका एक्सपायर्ड दवाई का दलाल था माधव मेडिकलवाले संजयभाई |"

                      * एक्सपायरी डेट के माल में होती है वेट की चोरी ..याने सरकार को भी चुना |
                                            " व्यापारी अपने अकाउंट में एक्सपायर्ड डेट की दवा दिखाने की बजाय सिर्फ कंपनी रिटर्न माल ही दिखाता है अगर इस माल को वो एक्सपायर्ड दवा है ऐसा दिखाते तो वेट भरना पड़ता है इसलिए वो रिटर्नमाल दिखाकर .. लेते है नया माल और बेचे हुवे माल का सेट ऑफ़ वेट कचेरी को दे देते है याने एक्सपायरी डेट की दवाई को रिटर्न माल दिखाकर वेट नहीं भरना, क्यों की इसे कहा जाता है "रिप्लेसमेंट" ...ये व्यापर नहीं ..ये तो रिप्लेसमेंट है |"
                                           " ये बात सिर्फ गुजरात की ही नहीं हो रही है मग़र पुरे देश की हो रही है ..मग़र ड्रग कचेरी की मिली भगत की वजह से हमे ही पता नहीं की हम जो दवाई डॉक्टर के भरोसे से खा रहे है वो कही एक्सपायरी डेटवाली ना हो ? क्यों की थर्ड पार्टी के लिए दवाई का उत्पादन करने का जिसके पास लाइसेंस है ऐसी कई कंपनिया सुबह सुबह ब्लिस्टर पे फोइल लगाने का काम करती पाई गई है ऐसा सूत्रों के मुताबिक पता चला है |"
                                           "पहले एक्सपायर्ड दवाई का कट किया हुवा याने १० दवाई में से ३ या ५ दवाई दी हो ऐसा कट्टिंग ब्लिस्टर कंपनी रिटर्न नहीं लेती थी मग़र अब सूत्रों ने बताया की कंपनी ले लेती है ऐसा एक मेडिकलशॉप वाले ने बताया |"
                                          * कानून क्या कहेता है ? सबसे अहेम बात यही है |    
                                 " एक्सपायरी डेट की दवाई का व्यापार करनेवाले को २ बरस जेल की कड़ी सजा है मग़र हम भारतवासीयों का नसीब देखो आज तक किसी भी व्यापारी, या फिर  डॉक्टर, या फिर फोइल लगाने का काम करनेवाले को कड़ी सजा नहीं हुई है |"
                                 " उ.प" और "म.प्रदेश " से भी बहुत ही बड़ा एक्सपायरी डेट की दवाई का धंधा हो रहा है ऐसा यहाँ के एक व्होल्सलेर ने बताया है ...दवाई के इस कालाबाजार में पैसा कमानेवाले ऐसे लोग कभी ये नहीं सोचते की वो किसी की जिन्दगी के साथ खेल रहे है ,दर्द  तो तब होता है जब पता चलता है की हम जिस पर ज्यादा विश्वास करते है ऐसे डॉक्टर भी इस काम में शामिल है |
                                 " सावधान दोस्तों,कही आप या आपका परिवार इस एक्सपायरी डेट की दवाई का शिकार ना बन जाये ...सबसे ज्यादा मुनाफेवाला धंधा आज गंदगी फैला रहा है अरे जो ग्लूकोस की बोतल इन्हें ११ रुपये में मिलती है वो ६५ में बेचते है और जो १४ में मिलती है वो बोतल १०० में या फिर ११० में भी बेचते है ...ये है दवाई का मुनाफा और ऐसा ही कुछ "इनजेकसन"  में भी है ..मोनोपोली है दोस्त उनके कमाने से हम परेशां नहीं है ..हम परेशां है तो उनकी एक्सपायरी डेट वाली दवाई से जो इंसान होकर इंसानियत को मारने चले है |"   

- चित्र गुगल  से साभार
- धन्यवाद् g.s.


Sunday, January 16, 2011

मरीज की जान कीमती है ,या पैसा ?

                   
                      " आओ,मदद करे ग्रामीण विस्तार के गरीबों की अरे,सच्चा सुकून तो इसी में ही है |" विश्वास ग्रुप " अपने इस मंत्र को १४-०१-११ को कर रहा है साकार| ग्रामीण विस्तार में लोगों को बहुत सारी बातोँ में कठिनाई का सामना करना पड़ता है..जैसे कई ऐसे छोटे छोटे गाँव है जहाँ पर अस्पताल नहीं है  ..तो कोई जगह अस्पताल है मग़र अच्छे डॉक्टर नहीं है क्यों की वजह है छोटा गाँव और ऐसे में गाँव के लोगों को जरूरत पड़ती है सहर के किसी अच्छे अस्पताल की और बुलानी पड़ती है सरकारी १०८ अम्बुलंस मग़र ये १०८ भी शहर से ही आती है तो ऐसे में उसे भी थोडा वक़्त ही लगता है आने में और तब तक होता है मरीज का बुरा हाल ...ये परेशानी हर एक गाँव की है |"
             
                    " विश्वास ग्रुप के सदस्यों ने गाँव की इस परेशानी को समजा और गाँव वालों की मदद करने की ठान ली और निश्चय किया की ऐसे छोटे गाँव की वो मदद करेंगे ..ये बात हो रही है उस छोटे गाँव की जहाँ"महाशिवरात्रि" का इस देश का सबसे बड़ा मेला लगता है वो "जूनागढ़" के पास में बसा "भेसान" गाँव,..विश्वास ग्रुप के एक छोटे मग़र अहेम कदम ने गाँव वालों के चहेरे पे ख़ुशी की लहर ला दी, इस ख़ुशी की वजह थी २ ब्रांड न्यू a /c अम्बुलंस वो भी संतों के हाथों |"

                      * मरीज के दर्द पर मरहम जैसा काम |

                               " कहते है की किसी मरीज की सेवा करने में ही भगवान खुश है और इस बात का सबूत उन्हें तब मिला जब दो महान संत इस बात पर अति प्रशन्न हुवे ,"परब धाम "के संत शिरोमणि पूज्य श्री करशनदास जी और " तोरनिया धाम" के संत धर्मभूषण श्री राजेंद्रप्रसाद जी ने इस कार्य की सराहना भी की,और "विश्वास ग्रुप" इन्ही दो महान विभूति के हाथों अम्बुलंस ग्रामीण विस्तार में  कर रहा है सुप्रत |"

                     * भेसान ..जूनागढ़ के पास का एक छोटा सा गाँव |

                                 " जहाँ देश का सबसे बड़ा "महाशिवरात्रि" का मेला लगता है वो जूनागढ़ के पास में ही बसा है ये छोटा सा गाँव जहाँ पर दो अम्बुलंस दो अलग अलग गाँव को दी गई " मकर संक्रांत " के दिन याने १४-०१-२०११ के दिन शाम ४:०० बजे |"

                         * मरीज की जान कीमती या पैसा ..कुछ नेकी करो |

                    " पता नहीं मग़र उस वक़्त दिल कहे रहा था की काश ! ऐसा नेक काम हर कोई करता रहे ....क्यों की जहाँ मरीज की जान से ज्यादा अहेमियत ये पैसे नहीं रखते और यही बात "संत शिरोमणि श्री करशनदास" जी ने भी बताई थी | जो बिलकुल सही है ...मग़र शायद आज का इंसान ...मै ...आप ...हम सब यही बात को भूल रहे है क्यों की हम पैसों के पीछे दौड़ रहे है ...क्या कभी आपने आपके दोस्तों से मिलकर कभी ऐसा कोई कार्य किया है ?  क्यों की जब पैसा काम नहीं आता तब किसी की दुवा काम आती है और दुवा कभी बाज़ार में मिलाती नहीं क्यों की दुवा बिकाऊ नहीं है |"

  

Wednesday, January 5, 2011

ट्रिपल मर्डर : राजकोट में खेली गई खून की होली |

                                               ट्रिपल मर्डर : राजकोट में खेली गई खून की होली

                             " राजकोट के नामचीन पेंगा भरवाड के २ भाई  और गोसाई परिवार के बिच खेली गई खून की होली में ३ लोगों ने जान गवाई, इस लड़ाई का कारन जमीन की दलाली के पैसे थे और दादागिरी थी नामचीन सख्श पेंगा भरवाड के भाईयोँ की |"

                            " दोपहर ३ बजे "आई.टी.आई" के पास ही जान लेवा हथियारों से खेली गई इस घटना में ५ लोग झख्मी हुवे है ..जब की ३ लोगों की मौत हुई है और इस हत्याकांड में नामचीन पेंगा भरवाड के दो भाई "धमो भरवाड [३५ वर्ष] और जीतो भरवाड [२५ वर्ष], और जिग्नेश गोसाई" ने गवाई जान ..और जिग्नेश गोसाई का भाई "करण गोसाई" झुंज रहा है अस्पताल में जिन्दगी के लिए , इस हत्याकांड के बारे में करण गोसाई की माँ "रमाबेन प्रतापभाई गोसाई" ने बताया की," पिछले कुछ दिनों पहले राजकोट के कालावाड रोड की एक जमीन की दलाली में काफी बड़ी रक्कम जिग्नेश को मिली थी इस बात का पता जब नामचीन भरवाड भाईयों को चला तो उन्होंने जिग्नेश से जबरदस्ती करके कुछ पैसे मांगे थे जिसका जिग्नेश ने कुछ दिन पहले ही विरोध किया था मग़र नामचीन पेंगा भरवाड के भाई लगातार धमकियाँ दे रहे थे ,हादसे के कुछ दिन ही पूर्व कालावाड रोड पे भरवाड भाईयोँ ने "जिग्नेश" को छुरा दिखा कर पैसे मांगे थे और आज दोपहर.." धमो और जीतो भरवाड" आये और मेरे बेटोँ पर छुरे से हमला बोल दिया था |"     
                              
                                   " उल्लेखनीय है की इन भरवाड भाई के बड़े भाई पेंगा भरवाड की भी एक हत्या डेढ़ साल पहले ही सहदेव सिंह ने जेतपुर के पास में की थी..जिसके पीछे था लड़की का चक्कर ..आज दुपहर भरवाड भाईयोँ ने जिग्नेश के घर के पास जिग्नेश को बुलाकर पैसे मांगे थे ..और इस पैसों की लें देन का जगड़े ने ले लिया गंभीर रूप की छुरे से एक दुसरे पे टूट पड़े और अंजाम ...३ लोगों की मौत और एक गंभीर जिसका चल रहा है ऑपरेशन ..तस्वीर में आप देख सकते है घटना स्थल और लोगों की जमा भीड़ ... ये घटना राजकोट के थोरला पुलिस ठाणे के करीब ही आज दुपहर ३ बजे हुई है .तस्वीर में आप देख सकते है सेंट्रो कार और बुल्लेट |"
                                  " इस घटना क्रम की पुलिस कर रही है तहेकिकात रमाबेन की फ़रियाद के आधार पर ..अब आनेवाला कल ही बताएगा की इस हादसे के पीछे असली हकीकत क्या थी ? क्या जमीन के दलाली के पैसे थे इस खून की होली के पीछे या फिर और कुछ ...?

{ तस्वीर " अकिला " के सौजन्य से }       
                                       

Tuesday, January 4, 2011

बोध कथा - छोटी सी पोस्ट

                     दोस्तों आज कोई लम्बी पोस्ट नहीं मग़र एक छोटी सी बात कहेना चाहता हु |

                                                               " बोध कथा "

                 " गाँव या सहर की गलियों में जब कोई धारदार छुरा लेकर निकलता है तो उसे गुंडा या मवाली कहा जाता है ..मग़र अगर वही छुरा कोई डॉक्टर के हाथ में आ जाये  तो उसे हम ...भगवान का दर्जा देते है |"
                 " छुरा वही है मग़र हाथों का फर्क है.......... दोस्तों कोई चीज ख़राब नहीं होती है बस उसका इस्तेमाल सही होना चाहिए जैसे डॉक्टर अपने "ओ. टी " में जब हमारे ही सगेवालों का ऑपरेशन करता है तो हम एक दुसरे को सांत्वना देते है की डरो मत ये डॉक्टर बहुत ही अच्छे है अन्दर डॉक्टर के हाथ भी तो चीरते है हमारे अपनों का शरीर... मग़र हमे उनके हाथों पे विश्वाश है ...|"
                 " वही छुरा अगर किसी गुंडे मवाली के हाथ आ जाये तो हम कांपने लगते है की ये किसी की हत्या कर बैठेगा ... ..वही तो हाथ ...हाथ में फर्क है इसी लिए मै कहता हु की कोई चीज ख़राब नहीं है मग़र अगर वो चीज किसी गलत के हाथ में, पड़ जाये तो बहुत ही भयानक परिणाम आ सकता है |"

धन्यवाद्                      

Saturday, January 1, 2011

" आम आदमी का ख़त ...मनमोहन सिंह के नाम |"..सुधर जाओ

आदरणीय मनमोहन सिंह ,
                                       " आपसे नम्र निवेदन है की अब गूंगी गुड़ियाँ की तरह बैठना बंद करें , वर्ना इस देश की सबसे निकम्मी सरकार का और निकम्मे प्रधान मंत्री का गोल्ड मेडल भारतवासी आपही को देंगे इस में कोई सक नहीं ...बिहार और गुजरात के चुनाव परिणाम आपने देखे ही होंगे वहां की जनता ने जैसे आपकी सरकार के द्वारा फैलाये गए झूठ और भ्रस्टाचार को जैसे "जूतों के बक्से" में भर के आपको भेजा है बिलकुल अगले चुनाव में भारत का हर आम आदमी भी यही करेगा ..अब भी समय है ..|"
                     * दुनियां के सबसे अधिक भ्रष्ट देशो में तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत |

                                   " आखिर आपकी और आपके मंत्री दल की महेनत रंग ला ही गई ..हमने तरक्की कर ही दी ..चाहे वो भ्रस्टाचार में क्यों ना हो ? ..धन्यवाद् आपको आपकी इस कामयाबी पर ..अरे भाई, ये भी तो एक अभूतपूर्व और दिन रात की महेनत का परिणाम है ..आपका नेतृत्व वाकई में लाजवाब है ..देखो भारत देश ने कितनी प्रगति कर दी |"

                       * गाँधीजी" गए मग़र ये "गाँधी सरनेम " परिवार ने देश को निचोड़ दिया |

                                  " आपकी सरकार ने दिए "विवाद और भ्रस्टाचार" को जनता कभी भूलेगी नहीं ..अरे असली गाँधी परिवार पोलिटिक्स से दूर रहा है मग़र ये गाँधी सरनेम वालों ने देश को , देश के आम आदमी को धो ही डाला ..हर बात पे, ये गाँधी परिवार का ही जलवा नजर आ रहा है ..जनता को गुमराह करना और अनाप सनाप बकना कोई इनसे ही सीखे |"

                       * असलियत क्यों छुपाते हो ?

                                  " यूनीसेफ " के अनुसार भारत देश दुनियां के सबसे ज्यादा भूखे देश की लिस्ट में तेजी से अव्वल स्थान की और बढ़ रहा है और पिछले  १० साल में भारत ने भूख से मरनेवालों की संख्या में तेजी से प्रगति की है ..अरे करेगा ही ना ..क्यों की यहाँ पे शरद पवार जैसा होनहार नेता आपके मंत्री दल में जो है और उसकी महेनत देखो ...सक्कर का नाम सुनते ही आम आदमी का "डायाबीटीस" बढ़ जाता है , तो प्याज आम आदमी को रुला रही है , पेट्रोल डीज़ल  आम आदमी को जला रहे है ..भाई इस वास्तविकता को भी आप क्यों छुपा रहे हो ...ये भी आपकी और आपके सरकार की एक उपलब्धि है |"

                       * सच बोलना सिख लो |

                       " आप जितने अच्छे "फाइनानस्स मंत्री" थे उस से ज्यादा बेकार आप "प्रधान मंत्री" बन गए है आप से अनुरोध है की किसी अच्छे " टुसन टीचर " से क्लास लेकर सच बोलना पहले सिख ले ताकि शरद पवार , कलमाड़ी , और ऐसे अनेक भ्रष्ट नेताओं को आप कहे सको की इस्तीफा दे दो ..और उनको दिखा दो की उनकी असलियत क्या है ..क्या है इस देश का सन्मान ..और बचालो कांग्रेस को इस देश की सब से अधिक भ्रष्ट पार्टी होने से ..ऐसे नेताओं की वजह से ही आपको और कांग्रेस को गुमाना पड़ा है आम आदमी का दिल |"

                        * राहुल ...दिग्विजय को बताओ की भारत की संस्कृति क्या है ?

                                " अपने मंत्री मंडल और खासकर राहुल और दिग्विजय को कहे दो की अनाप सनाप बकना बंद करे क्यों की " विकीलीकस " ने उनकी और कांग्रेस की असलियत जनता के सामने रख दी है और जनता इतनी बेवकूफ नहीं की अपने देश याने भारत को विश्व में बदनाम होता देख सके याद रखो की आखिर आपको भी जनता की अदालत में आना ही है ..माना की ये भोली जनता आपका कुछ बिगड़ नहीं सकती क्यों की कानून भी आपका है और जेब भी आपकी मग़र ये मत भूलना की यही आम आदमी की उंगली में बहुत ही ताकत होती है |"

                                * अमेरिकी नेताओं को गलत बात बताकर आप साबित क्या करना चाहते हो ?
                        
                                    " अमेरिका को गलत बात बताकर क्या साबित करना चाहते है आप ? अरे जो सच्चाई है इस देश की वो बताओ ..की देखो हमारे देश के मंत्री ..सुरेश कलमाड़ी ..शरद पवार और पेट्रोलियम मंत्री किस तरह देश को लूट रहे है ,बताओ दुनियां को की देखो हमने संसद के हमलावर और कसाब जैसे आतंकी को किस तरह आम आदमी के सर पे महेमान बनाकर बिठाया है ..बताओ की इतने भ्रस्टाचार के बावजूद आपकी सरकार के किसी भी नेता को कभी सजा नहीं हुई है .. |"

                                  * ऐसी कौन सी चीज है जिसके दाम आपकी सरकार ने कम किये है और जिसका फायदा  आम आदमी को हुवा है ? ...

                                   " सोच रहा हु आपकी सरकार को क्या कहे के बुलाऊ , जिसने महेंगाई , भ्रस्टाचार , विवाद दिए है ..राहुल और सोनिया से जरा पूछना की ऐसी कौनसी जीवन जरूरी चीज है जिसके दाम कम हुवे है और उसका फायदा आम आदमी को हुवा है..ab ये तो सोचना पड़ेगा क्यों ? "

                                  * इनको कभी मंत्री मत बनाना ...|

                                    " महाराष्ट्र से चुनाव जितनेवाले हमारे पूर्व गृह मंत्री पाटिल साहेब ..जब देश में धमाके हो रहे थे ..लोगों की लाशे खून में लथ पथ थी तब ये नेता अपने कपडे बदलने में व्यस्त थे इनको देश के आम आदमी के खून से भी ज्यादा अपने कपड़ों की पड़ी थी ..दुसरे अपने आल टाइम ग्रेट शरद पवार "भ्रस्टाचार का बिग बॉस" , "महेंगाई का असली हीरो" जिसने देश के आम आदमी का जीना muskil कर रखा है और कलमाड़ी का क्या कहेना अरे उनकी महेनत ने तो देश का नाम रोशन कर दिया है ..अरे ..ये सब जब अपने महाराष्ट्र का भला नहीं कर सकते तो भला इस देश का क्या भला करेंगे ? इन सब की वजह से देखो आज महाराष्ट्र में हर घर में फिर से "लाल टेन" आ गया है , जब ये लोग महाराष्ट्र के लोगों को बिजली भी नहीं दे सकते है तो आपने उनको क्या देख कर मंत्री बनाया है .|"

                              * महारास्ट्र के लोगों को तहे दिल से सुक्रिया कहो और उनके सब्र का इम्तिहान मत लो ..ये वीर शिवाजी की भूमि है ..आपकी सरकार भ्रष्टाचारी नेता को पनाह दे सकती है ..कानून खरीद सकती है मग़र आम आदमी की उंगली नहीं खरीद सकती..और ये बात आपकी सोनिया को बता देना ..बता देना की आम आदमी को आपने हाथ दिखाया था वाही आम आदमी आपको लात भी दिखा सकता है ..अब भी वक़्त है ..भ्रष्टाचार पे रोक लगाओ और भ्रष्ट नेताओं को सजा करो वर्ना १२५ साल की कांग्रेस को ये दिग्विजय और राहुल के बयां कब्रस्थान में दफ़न कर देंगे ..खड्डा तो आपके होनहार मंत्री और दिग्विजय , राहुल ने खोद ही दिया है |"

                               " याद रखना जैसे गुजरात के बाद बिहार की जनता जागी है वैसे ही एक दिन पुरा भारत देश जागेगा ..."नितीश कुमार" और "नरेन्द्र मोदी" से जरा सिख लो की असली तरक्की किसे कहते है और कैसे की जाती है |"

                             " भाई, मै तो "वन्देमातरम "कहूँगा ...क्या आप कहेंगे ? ...क्यों की यही मंत्र था जिसे होठो पे सजा के हमारे देश भक्त आज़ादी की लड़ाई जीते थे और भगाया था अंग्रेजों को इस देश से " वन्देमातरम " कहते कहते |"
                                                                      धन्यवाद्
 आपका अपना,
 आम आदमी