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Sunday, July 11, 2010

"बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई "

बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई ,
तेरे कांपते होठो पर थिरकती,
बूंद बारिश की मुझे याद आ गई,
मुझे देखकर तू जो शर्मा गई
बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |

बारिश की बूंद को हाथ में समेटकर
तुने कहा था " फिर मिलेंगे "
मै आज भी ढूंढ़ रहा हु तुम्हे ,
बारिश की हर बूंद में,
बूंद बारिश की कुछ याद दिला गई |