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Thursday, July 30, 2009

नाजुक कलाई जब उठाती है बन्दूक

"आतंकवाद" ये शब्द सुनकर बढ़ जाती है धड़कने ....ये सच है |आज कल यही शब्द ने पुरे विश्व को तंग करके रखा है ....."आतंकवाद "मानो कोई स्प्रिंग जैसा है ....जिसे जितना दबाना चाओगे उतने ही जोरसे उछालती है .....पुरा विश्व आतंकवाद को दबाना चाहता है मगर नतीजा क्या है ?...नतीजा हमारे सामने है दोस्तों ...येही की आतंकवाद बढ़ता ही जा रहा है .......|"


"महिला आत्मघाती दल "सक्रीय हो चुका है | तालिबान की जन्गलियत हम सब जानते है,छोटा सा बच्चा भी आज तालिबान को पहेचंता है ....तो सिर्फ़ और सिर्फ़ उसके फैलाये आतंकवाद से ही ...पाकिस्तान के खिलाफ "स्वातघाटी " में ज़ंग हारने के बाद तालिबान ने अखतियार किया एक नया रास्ता जो काफी भयानक है और वो है "महिला आत्मघाती दल" चौंक गए ना दोस्तों ....अब बढेगा पुरे विश्व का सिरदर्द .... क्यों की चुडिया पहनने वाले हाथो में अब रहेंगी बुरखे की आड़ में बन्दूक ........|"


"माना की महिला बोम्बर के किस्से नए नही है ....अरे इसका झटका तो हम भारतीय भुगत चुके है भाइयो .....छोड़ो भी मगर क्या विश्व की इस हालत के पीछे अमेरिका और पाकिस्तान जिम्मेदार नही है ?.....अरे ख़ुद परवेज़ मुसरफ ने कहा था की पाकिस्तान के एक मदरसा में "स्वात " और "वजीरिस्तान " की पठान महिला को आत्मघाती हमले करने की ट्रेनिंग दी गई थी |"


"क्या तालिबान का "महिला आत्मघाती दल "भारत के लिए चिंता का विषय नही है ? चिंता का विषय है सायद ....क्यों की पाकिस्तान में महिला आत्मघाती दल नाम की आग लग चुकी है तो भला भारत में आने से कितनी देर लगेगी ? ..हमारी सुरक्षा अधिकारियो को काफी सतर्क रहेना पड़ेगा ......नही तो फिरसे ....ताज ...गेटवे ऑफ़ इंडिया .....जैसा कांड हमारे न्यूज़ पेपर या फ़िर टी.वी पर देखना पड़ेगा ....देखनी पड़ेगी हमे हमारे अपनों की लाशें ...क्यों की आतंकवाद को धर्म नही होता है ....उनके बन्दूक से निकली गोली धर्म नही पूछती वो करती है तो सिर्फ़ छलनी सीना .....गोली उनकी होती है तो सीना मेरे हिंदू ,मुस्लिम ,सिक्ख भाई का रहता है ......आख़िर खोऊंगा तो मै अपना भाई ....बहेन....उनका क्या उन्होंने तो इस अधर्म को "जेहाद "नाम दे रखा है ...|


"माना की हमारी सुरक्षा एजेन्सी काफी मजबूत है ,होसियार है मगर जरासी भी भूल पुरे देश की नींद उडा सकती है ....क्या करे चुडिया पहननेवाली कलाई ने बन्दूक जो उठा ली है .....और वो भी बुरखे के पीछे ....दोस्तों ये तालिबान अजीब है ....आओ हम सब मिलकर दुवा करे की "हे इश्वर ,....अल्लाह ...मेरे देश को सलामत रखना ....|"


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Sunday, July 26, 2009

क्या इसमे हमारी भलाई है....? या अपराधी की ?

"बड़ी मुस्किलो से हमारी पुलिश आंतकवादी,खुनी और डकैत को पकड़ती है मिडिया वाले पुलिश स्टेशन जाकर अपराधियों की तस्वीर लेकर अपने अखबार या टी.वी चानेल पर प्रदसित करते है ताकि लोगो को पता चले की "अपराधी "पकडे गए है और उनकी पहचान लोगो को हो सके "

" मगर तस्वीर या विडियो क्लिप में दिखाते है पुलिशवालो के साथ काली कपडे की टोपी से पुरा चहेरा ढका हुवा अपराधी नज़र आता है मगर यारो ....... ये जो आप देख रहे हो वो काली टोपी क्यों ? .....सायद यही वजह से मैं और तुम परेशां है ........क्यों की जब अपराधी जेल से छुटता है या फरार होता है बिल्कुल हमारे बगल में बैठकर वो फरार हो रहा है मगर हमने देखि है काली टोपी की तस्वीर,अपराधी का असली चहेरा नही इसी लिए हम कुछ नही कर सकते है ...कम्बखत ये काली टोपी ..."

"क्यों की इन अपराधियों का चहेरा पुलिश जानती है आम आदमी नही ...जनता नही जानती है अपराधी का असली चहेरा फिर कैसे उन्हें पकड़वाने में मदद कर सकती है जनता जरा सोचो आपके पास ही कोई जेल से छुटा या फरार अपराधी बैठा हो तो क्या आप उसे पहचान पाओगे ?...नही न ॥? "

" क्यों की आपने काली टोपी वाले अपराधी का सिर्फ़ अपराध पढ़ा था उसका चहेरा नही देखा था अखबार या टी.वी चानेल पर ...अपराध का पता है मगर अपराधी कौन है?.. कैसा है? उसका पता नही..सिर्फ़ और सिर्फ़ काली टोपी की तस्वीर हम तक पहुचती है ....अपराधी का असली चहेरा नही तो भला आप कैसे पहेचन पाओगे साथ में बैठे खुखर अपराधी को "

"कभी कभी अपराधी जेल से फरार होकर या छूटकर आम आदमी की भीड़ में सामिल होकर फ़िर नया अपराध करता है बिना dare ...और हम देखते रहते है ...अपराध करने के बाद जब उसकी तस्वीर मिडिया में आती है tab तक वो अपराधी राज्य की सीमा laandh चुका raheta है "

" अगर मिडिया में अपराधी की sacchi तस्वीर chape तो पुलिशवालो की mahenat पर इस तरह pani नही phirega ....क्या लगता है आपको ?

} हमे अपराधी का असली चहेरा दिखाना चाहिए ..या नही ?

२} क्या काली topiwali तस्वीर से आपको fayada है ? या nukasan

३} क्या काली टोपी की तस्वीर dekhaker आपके mann में sawal नही उठता की कौन है ये अपराधी ?"

" छोड़ो भी आज kaal तो पकडे गए अपराधी तो thik aantakwadiyon ke chehare भी dhake jate है "

" क्या आप मेरे साथ sahemat है की अपराधी का असली चहेरा samne आना चाहिए ....क्या ये काली टोपी अपराधी का bachav करती है ?.....चलो basssss फ़िर कभी .....फिर मिलेंगे ........."

"wada रहा फिर मिलेंगे हम और तुम बहुत जल्द "एक नए subject के साथ ...tab तक dosto

अलविदा ....

vandemataram


Friday, July 17, 2009

बहु बेटियों पर अत्याचार ....

समाज का कैंसर याने "बहु पर होता अत्याचार " जल्द आ रहा है

इसी जगह पर.... इसी ब्लॉग पर.... "एकसच्चाई" की टीम आप के सामने रखेगी

समाज के कुछ ऐसे रूप रंग जो दर्दनाक है ......गंभीर है ..... जल्द ही आप के सामने

हम रखेंगे समाज का एक और रूप इसी जगह पर ...लेकर आ रही है वापस एक बार हमारी

"एकसच्चाई " की टीम एक गंभीर मसला...... पढ़ते रहिये बहोत जल्द आरहा है

ये टोपिक इसी जगह पर "

धन्यवाद ,
एकसच्चाई की टीम

Thursday, July 16, 2009

पानी रे पानी ....

" पानी रे पानी तेरा रंग कैसा ? ये सवाल सभी को मालूम है ,मगर जब उपरवाला ही रूठ जाए तो क्या कहेंगे हम ? अरे तरस जाते है पानी की एक बूंद के लिए ...चारो तरफ़ barish होती हो और हमारे gaon में पानी ना आता हो तो हम क्या करे ? barish का इंतज़ार सभी को होता है .....मगर हमारे यहाँ सरकार पानी देती है दो दिन में सिर्फ़ एक बार vo भी ३० minut के लिए ..."


" पानी की kimat हम से ज्यादा कौन जान sakata hai ? पानी bahoot kimti है दोस्त .....पानी का bacchav करना sikh लो दोस्त ...kyun की पानी ही हमारा जीवन है .....कभी कभी एक बूंद पानी किसी की जान bacchata है | सोचो बिना पानी का जीवन कैसा होगा ...| "